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वृत्ति (योग)

वृत्ति, योग से सम्बन्धित एक शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ भँवर है। योगसूत्र में ऋषि पतंजलि ने आरम्भ में ही कहा है - योगः चित्तवृत्ति नोरोधः "वृत्ति" शब्द का सामान्य अर्थ होता है-व्यवहार सामान्य रूप से किया गया व्यवहार ही वृत्ति कहलाता है।

                                               

वृश्चिकासन

बैठकर दोनों हाथों को थोड़े अन्तर पर रखते हुए कोहनियों तक जमीन टिका दीजिए। अब शीर्षासन की तरह सिर को हाथों के बीच टिकाकर पैरों को ऊपर ले जायें। पैर ऊपर जाने पर सिर को उठाने का प्रयत्न करें। प्रारंभ में कुछ कठिनाई होती है। प्रयास करने पर सिऔर पैरों ...

                                               

शवासन

शव का अर्थ होता है मृत अर्थात अपने शरीर को शव के समान बना लेने के कारण ही इस आसन को शवासन कहा जाता है। इस आसन का उपयोग प्रायः योगसत्र को समाप्त करने के लिए किया जाता है। यह एक शिथिल करने वाला आसन है और शरीर, मन और आत्मा को नवस्फूर्ति प्रदान करता ...

                                               

शिवसंहिता

शिवसंहिता योग से सम्बन्धित संस्कृत ग्रन्थ है। इसके रचनाकार के नाम के बारे में पता नहीं है। इस ग्रन्थ में शिव जी पार्वती को सम्बोधित करते हुए योग की व्याख्या कर रहे हैं। योग से सम्बन्धित वर्तमान समय में उपलब्ध तीन मुख्य ग्रन्थों में से यह एक है। द ...

                                               

शीर्षासन

सिर के बल किए जाने की वजह से इसे शीर्षासन कहते हैं। शीर्षासन एक ऐसा आसन है जिसके अभ्यास से हम सदैव कई बड़ी-बड़ी बीमारियों से दूर रहते हैं। हालांकि यह आसन काफी मुश्किल है। यह हर व्यक्ति के लिए सहज नहीं है। शीर्षासन से हमारा पाचनतंत्र अच्छा रहता है ...

                                               

षट्कर्म

षट्कर्म हठयोग में बतायी गयी छः क्रियाएँ हैं। षटकर्म द्वारा सम्पूर्ण शरीर की शुद्धि होती है एवं देह निरोग रहता है। ये षटकर्म निम्नलिखित हैं- नेति, धौति, नौलि, बस्ति, कपालभाति, त्राटक नेति: नेति के दो प्रकार होते हैं - 1. जलनेति 2. सूत्रनेति अन्य: ...

                                               

अश्व संचालनासन

अश्व संचालन दो शब्दों से मिलकर बना है। अश्व संचालन। इस मुद्रा में जिस प्रकार घोड़े को दौड़ाया जाता है उस मुद्रा में शरीर को रखकर योग का अभ्यास किया जाता है।

                                               

समाधि

ध्यान की उच्च अवस्था को समाधि कहते हैं। हिन्दू, जैन, बौद्ध तथा योगी आदि सभी धर्मों में इसका महत्व बताया गया है। जब साधक ध्येय वस्तु के ध्यान मे पूरी तरह से डूब जाता है और उसे अपने अस्तित्व का ज्ञान नहीं रहता है तो उसे समाधि कहा जाता है। पतंजलि के ...

                                               

सर्वांगासन

सर्व अंग और आसन अर्थात सर्वांगासन। इस आसन को करने से सभी अंगों को व्यायाम मिलता है इसीलिए इसे सर्वांगासन कहते हैं। सावधानी: कोहनियाँ भूमि पर टिकी हुई हों और पैरों को मिलाकर सीधा रखें। पंजे ऊपर की ओर तने हुए एवं आँखें बंद हों अथवा पैर के अँगूठों प ...

                                               

सिद्धि

सिद्धि का शाब्दिक अर्थ है - पूर्णता, प्राप्ति, सफलता आदि। यह शब्द महाभारत में मिलता है। पंचतंत्र में कोई असामान्य कौशल या क्षमता अर्जित करने को सिद्धि कहा गया है। मनुस्मृति में इसका प्रयोग ऋण चुकता करने के अर्थ में हुआ है। सांख्यकारिका तथा तत्व स ...

                                               

सुखासन

सुखासन करने से साधक या रोगी का चित्त शांत होता है। पद्‍मासन के लिए यह आसन विकल्प‌ हैं। इससे चित्त एकाग्र होता है। चित्त की एकाग्रता से धारणा सिद्ध होती है। सुखासन से पैरों का रक्त-संचार कम हो जाता है और अतिरिक्त रक्त अन्य अंगों की ओर संचारित होने ...

                                               

सुप्तपादांगुष्टासन

नाभि को ठीक करने के लिये यह अभ्यास महत्वपूर्ण है। नाभि के ठीक होने से गैस, पेट दर्द, कब्ज, अतिसार, दुर्बलता एवं आलस्य ये स्वतः ही दूर हो जाते हैं। आमाशय, अग्नाशय एवं आँतों के लिये हितकारी है।

                                               

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाने में समर्थ है। इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। सूर्य नमस्कार स्त्री, पुरुष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लि ...

                                               

सेतुबंधासन

भूमि पर सीधे लेट जाइए। दोनों घुटनों को मोड़कर रखिए। कटिप्रदेश को ऊपर उठा कर दोनों हाथो को कोहनी के बल खड़े करके कमर के नीचे लगाइये। अब कटि को ऊपर स्थिति रखते हुए पैरों को सीधा किजिए। कंधे व सिर भूमि पर टिके रहें। इस स्थिति में 6-8 सेंकण्ड रहें। व ...

                                               

स्वाधिष्ठान चक्र

स्वाधिष्ठान चक्र तंत्और योग साधना की चक्र संकल्पना का दूसरा चक्र है। स्व का अर्थ है आत्मा। यह चक्र त्रिकास्थि के निचले छोर में स्थित होता है। इसका मंत्र वम है।

                                               

हठयोग प्रदीपिका

हठयोगप्रदीपिका हठयोग से सम्बन्धित प्रसिद्ध ग्रन्थ है। इसके रचयिता गुरु गोरखनाथ के शिष्य स्वामी स्वात्माराम थे। यह हठयोग के प्राप्त ग्रन्थों में सर्वाधिक प्रभावशाली ग्रन्थ है। हठयोग के दो अन्य प्रसिद्ध ग्रन्थ हैं - घेरण्ड संहिता तथा शिव संहिता। इस ...

                                               

हास्य योग

बिना किसी वाह्य कारण के, प्रयत्नपूर्वक लम्बे समय तक हंसने की क्रिया को हास्ययोग कहते हैं। हास्ययोग इस विश्वास पर आधारित है कि हास्ययोग से भी वही सारे लाभ होते हैं जो अनायास हंसने से मिलते हैं। हास्ययोग प्रायः समूह में किया जाता है जिसमें एक-दूसरे ...

                                               

चार्ली चैप्लिन

सर चार्ल्स स्पेन्सर चैप्लिन, KBE एक अंग्रेजी हास्य अभिनेता और फिल्म निर्देशक थे। चैप्लिन, सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में से एक होने के अलावा अमेरिकी सिनेमा के क्लासिकल हॉलीवुड युग के प्रारंभिक से मध्य तक एक महत्वपूर्ण फिल्म निर्माता, संगीतकाऔर संगीतज ...

                                               

कमल हासन

कमल हासन एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता, पटकथा लेखक और फ़िल्म निर्माता, भारतीय सिनेमा के प्रमुख, किरदार को जीने वाले अभिनेताओं में से एक माने जाते हैं। कमल हासन, राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्काऔर फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार सहित कई भारतीय फ़िल्म पुरस्कारों के विजेता ...

                                               

ब्रैड पिट

विलियम ब्रैडली "ब्रैड" पिट एक अमेरिकी अभिनेता और फिल्म निर्माता हैं। उन्हें दुनिया के सबसे आकर्षक पुरुषों में से एक के रूप में उद्धृत किया गया है, एक ऐसा ठप्पा, जो मीडिया को उनके परदे से बाहर के जीवन पर रिपोर्ट करने के लिए ललचाता है। पिट को दो अक ...

                                               

ब्रूस विलिस

वाल्टर ब्रूस विलिस, ब्रूस विलिस के नाम से भी मशहूर हैं; एक अमेरिकी अभिनेता, निर्माता और संगीतकार हैं। उन्होंने अपना कैरियर 1980 के दशक में टेलीविजन से शुरू किया व तब से वे टेलीविजन तथा फिल्मों, दोनों में ही काम कर रहे हैं जिनमें हास्य, नाटकीय तथा ...

                                               

मार्क ज़ुकेरबर्ग

मार्क एलियट ज़ुकेरबर्ग एक अमेरिकेन उद्यमी और सामाजिक नेट्वोर्किंग साईट फेसबुक के सह-स्थापना के लिए प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। ज़ुकेरबर्ग ने फेसबुक की सह- स्थापना अपने सह-विद्यार्थियों डस्टिन मोस्कोवित्ज़, एडुँर्दो सवेरिन और क्रिस हुग्हेस के साथ मिलकर ...

                                               

जेम्स रैंडी

जेम्स रैंडी कनाडाई मूल के एक अमेरिकी सेवानिवृत्त मंच जादूगर और संशयवादी हैं जिन्होंने असाधारण दावों और छद्म विज्ञान को बड़े पैमाने पर चुनौती दी है।

                                               

जोसेफ़ स्टालिन

जोज़ेफ विसारिओनोविच स्टालिन सोवियत संघ का १९२२ से १९५३ तक नेता था। स्टालिन का जन्म गोरी जॉर्जिया में हुआ था।

                                               

ज्योति बसु

ज्योति बसु भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जानेमाने राजनेता थे। वे सन् १९७७ से लेकर २००० तक पश्चिम बंगाल राज्य के मुख्यमंत्री रहकर भारत के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का कीर्तिमान स्थापित किए। वे सन् १९६४ से सन् २००८ तक सीपीएम पॉलित ब्यूरो ...

                                               

बिल गेट्स

Bill Gates माइक्रोसॉफ्ट नामक कम्पनी के सह संस्थापक तथा अध्यक्ष है। इनका जन्म 28 अक्टूबर, 1955 को वाशिंगटन के एक उच्च-मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम विलियम एच. गेट्स तथा माता का नाम मेरी मैक्सवैल था। पिता एक प्रतिष्ठित वकील तथा माता ...

                                               

लक्ष्मी सहगल

लक्ष्मी सहगल भारत की स्वतंत्रता संग्राम की सेनानी हैं। वे आजाद हिन्द फौज की अधिकारी तथा आजाद हिन्द सरकार में महिला मामलों की मंत्री थीं। वे व्यवसाय से डॉक्टर थी जो द्वितीय विश्वयुद्ध के समय प्रकाश में आयीं। वे आजाद हिन्द फौज की रानी लक्ष्मी रेजिम ...

                                               

सारा हैदर

सारा हैदर का जन्म पाकिस्तान में शिया मुस्लिम परिवार में हुआ था। उसका परिवार संयुक्त राज्य अमेरिका में चले गए जब वह सात और आठ के बीच थी और ह्यूस्टन, टेक्सास में उठाया गया था। वे समय के साथ नास्तिक बन गए। उसके पिता बाद में नास्तिक भी बन गए हैं। 201 ...

                                               

फालूदा

फालूदा भारतीय उपमहाद्वीप में एक ठंडी मिठाई के रूप में बहुत लोकप्रिय है। परंपरागत रूप से यह गुलाब सिरप, सेवई, मीठी तुलसी के बीज और दूध के साथ जेली के टुकड़ों को मिलाकर बनाया जाता है, जो अक्सर आइसक्रीम के एक स्कूप के साथ सबसे ऊपर रहता है। फालूदा की ...

                                               

हलीम

हलीम एक भारतीय व्यंजन है। हैदराबाद मै हलीम रमज़ान के वक्त बनायीं जाती है। हलीम मांस, मसालों और गेहूं से बनाइ जाती है। हलीम या दलीम मध्य पूर्व में लोकप्रिय है, मध्य एशिया, और भारतीय उपमहाद्वीप में हालांकि डिश में क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न ...

                                               

कुरुष देबू

कुरुष देबू एक भारतीय बॉलीवुड अभिनेता हैं। उन्होंने सर्वप्रथम शाहरुख खान के चरित्र दोस्त का अभिनय कभी हाँ कभी ना में अभिनय करते नजर आये। उन्होंने मुन्ना भाई एम बी बी एस में डॉ॰ रुस्तम पारवी का प्रसिद्ध अभिनय किया।

                                               

दिनशा वाचा

सर दिनशा इडलजी वाचा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में प्रमुख योगदान देनेवाले बंबई के तीन मुख्य पारसी नेताओं में से एक थे। अपने अन्य दोनों साथी पारसी नेताओं, सर फीरोज शाह मेहता तथा दादा भाई नौरोजी के सहयोग से सर दिनशा वाचा ने भारत की गरीबी ...

                                               

दीना वाडिया

दीना वाडिया, मुहम्मद अली जिन्ना की बेटी और एकमात्र सन्तान थीं। उनकी माँ रतनबाई पेटिट मुम्बई के दो सम्भ्रान्त परिवारों की सदस्या थीं। 1938 में उन्होने नवील वाडिया से विवाह किया किन्तु विवाह अधिक दिन नहीं चला और शीघ्र दोनों में सम्बन्ध विच्छेद हो ग ...

                                               

फ्रमजी कोवासजी बानाजी

फ्रमजी कोवासजी बानाजी पारसी समुदाय के नेता तथा मुम्बई के प्रथम जस्टिस ऑफ द पीस थे। वे समृद्ध व्यापारी और जहाजों के अपने समय के सबसे बड़े ठेकेदार थे। जनकल्याणार्थ अनेक संस्थाओं के उत्थान के लिए आपने खुले दिल से सहायता दी। आप ही सर्वप्रथम व्यक्ति थ ...

                                               

साइरस ब्रोचा

साइरस का जन्म ७ अगस्त १९७१ को एक पारसी पिता एवं कैथोलिक माँ के घर में हुआ। उनकी शिक्षा कैथेड्रल एंड जॉन स्कूल, मुम्बई में हुई और स्नातक सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, मुम्बई से पूर्ण की।

                                               

आलिफ़ लैला

आलिफ लैला या की कथाएं मूलतः फारसी भाषा में आलिफ लैला शीर्षक से रची गयी थी। यह संसार की महानतम् रचनाओं में से एक है, विशेषकर बाल-साहित्य के क्षेत्र में। अधिकतर रचनाएं प्राचीन भारत, ईरान तथा अरब देशओं की पौराणिक कथाओं का संग्रह है। कहानियाँ अति कल् ...

                                               

पवित्र उपवन

"पवित्र उपवन यह एक पर्यावरणीय संकल्पना है | इसे अंग्रेजी भाषा में सेक्रेड ग्रोव थी मराठी भाषा में देवराई नामसे जाना जाता है | भारतमें तथा विदेश में भी इस उपवन की संकल्पना है | विदेशमें इसे "चर्च फॉरेस्ट" नामसे जाना जाता है|

                                               

वैजयन्ती

बैजन्ती एक पुष्प का नाम है जिससे वैजयन्ती-माला बनती है। यह माला श्रीकृष्ण और विष्णु को सुशोभित करती है। वैजयन्ती माला का शाब्दिक अर्थ है- विजय दिलाती हुई माला या विजय दिलाने वाली माला । वैजयन्ती माला की शास्त्रों में बड़ी महिमा है। ये श्री कृष्ण ...

                                               

अरहंत

थेरवाद बौद्ध धर्म, में अर्हत "पूर्ण मनुष्य" को कहते हैं जिसने अस्तित्व की यथार्थ प्रकृति का अन्तर्ज्ञान प्राप्त कर लिया हो, और जिसे निर्वाण की प्राप्त हो चुकी हो। अन्य बौद्ध परम्पराओं में इस शब्द का अब तक आत्मज्ञान के रास्ते पर उन्नत लोगों के अर् ...

                                               

आनंद (स्थविर)

आनंद बुद्ध के चेचेर भाई थे जो बुद्ध से दीक्षा लेकर उनके निकटतम शिष्यों में माने जाने लगे थे। वे सदा भगवान्‌ बुद्ध की निजी सेवाओं में तल्लीन रहे। वे अपनी तीव्र स्मृति, बहुश्रुतता तथा देशनाकुशलता के लिए सारे भिक्षुसंघ में अग्रगण्य थे। बुद्ध के जीवन ...

                                               

आम्रपाली

आम्रपाली बौद्ध काल में वैशाली के वृज्जिसंघ की इतिहास प्रसिद्ध लिच्छवि राजनृत्यांगना थी। इनका एक नाम अम्बपाली या अम्बपालिका भी है। आम्रपाली अत्यन्त सुन्दर थी और कहते हैं जो भी उसे एक बार देख लेता वह उसपर मुग्ध हो जाता था। अजातशत्रु उसके प्रेमियों ...

                                               

किसा गौतमी

किसा गौतमी, भगवान बुद्ध की एक शिष्या थीं। इनके संबंध में यह कहा गया है कि उनके एक ही पुत्र था जिसे बाग में खेलते समय साँप ने डँस लिया। एक दिन जब वह मृत पुत्र के शव को लेकर शोकाकुल भटक रही थी तब किसी ने उससे कह दिया कि बुद्ध के पास जाओ, वह तुम्हार ...

                                               

कौण्डिन्य

कौण्डिन्य एक बौद्ध भिक्षु थे जो सबसे पहले अर्हत बने थे। उन्हें अज्ञातकौण्डिन्य भी कहते हैं। उनका जीवनकाल ६ठी शताब्दी में था। उन्होने उन क्षेत्रों में भ्रमण किया जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश और बिहार के अन्तर्गत हैं।

                                               

नागसेन

नागसेन सर्वस्तिवादी बौद्ध भिक्षु थे जिनका जीवनकाल १५० ई॰पूर्व है। वे कश्मीर के निवासी थे। उनके द्वारा रचित पालि ग्रन्थ मिलिन्दपन्हो में भारतीय-यूनानी शासक मिलिन्द द्वारा बौद्ध धर्म के सम्बन्ध में उनसे पूछे गये प्रश्नों का वर्णन है। इस ग्रन्थ का स ...

                                               

महाकाश्यप

महाकाश्यप बुद्ध के प्रमुख शिष्यों में से एक थे। भगवान बुद्ध की मृत्यु के बाद बौद्ध संघ की प्रथम बौद्ध संगीति के लिए सभापति के रूप में महाकाश्यप को चुना गया था। उन्हे बौद्ध धर्म के झेन समुदाय का पहला प्रधान भी माना जाता है। वे बुद्ध के एकमात्र ऐसे ...

                                               

महाप्रजापती गौतमी

महाप्रजापती गौतमी एक महान भिक्खूणी है जिन्होंने अर्हत पद प्राप्त किया है। भिक्खूणी बनने वाली वह पहली महालाओं में से एक है। बुद्ध का गौतम नाम गौतमी के नाम से पडा है ऐसा भी माना जाता है। बौद्ध धर्म के संघ में महिलाओं के लिए प्रवेश वर्जित था, गौतमी ...

                                               

मौद्गल्यायन

मौद्गल्यायन पालि: मोग्गल्लान ये भगवान बुद्ध के समकालीन शिष्य थे। उनके पांडित्य का परिचय इतने से ही मिल जाता है कि स्वयं भगवान बुद्ध कभी-कभी अपने उपदेश को स्वयं पूरा न कर अपने प्रिय मौद्गल्यायन अथवा सारिपुत्र या आनंद को उसे पूरा करने का आदेश दे दे ...

                                               

सारिपुत्त

सारिपुत्त या शारिपुत्र गौतम बुद्ध के दो प्रमुख छात्रों मे से एक थे। वे एक अर्हत थे और अपने ज्ञान के लिये माने जाते थे। उनके एक मित्र महामौदगल्यायन थे। वे दोनो एक ही दिन घर छोड़ कर श्रमण बन गए। पहले वे दोनो संजय नाम के श्रमण के अनुयायी बने और बाद ...

                                               

लोगकुआं मठ (बीजिंग)

बीजि़ंग का लोंगकुआं मठ सुंदर पश्चिम पवर्त की अमरपक्षी पवर्तश्रेणी पर है जहाँ फैले हुए पवर्त से बेजि़ंग शहर देख सकते हैं। मठ लीआउ राजवंश के प्रारंभिक यिं गली साल में सन् ९५७ बनाया गया। इतिहास में अमरपक्षी पवर्तश्रे के और नाम झूबी पवर्त रहस्यमय पवर ...

                                               

श्वेडागोन पगोडा

श्वेडागोन पगोडा बर्मा की राजधानी यांगोन में स्थित एक ९९ मीटर ऊँचा सोने से ढका हुआ पगोडा और स्तूप है। यह कन्डोजी झील से पश्चिम में सिन्गुटरा पहाड़ी पर स्थित है और पूरे यांगोन शहर से ऊँचाई पर है। यह बर्मा का सब से महत्वपूर्ण और शुभ पगोडा माना जाता ...