Blog पृष्ठ 145




                                               

आन्तरिक चिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

ईन्टेन्सिभ केयर चिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

कम्युनिकेबल रोग चिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

काइरोप्रेक्टिक

काइरोप्रैक्टिएक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है जो पेशीकंकाल तंत्र के यांत्रिक विकारों के निवारण, निदान तथा उपचापर बल देता है। इस पद्धति की मान्यता है कि इन विकारों के होने पर तंत्रिका तंत्र के माध्यम से स्वास्थ्य की अन्य समस्याएं जन्म लेतीं हैं।

                                               

कोलाज़ेन इंडक्सन थेरापी

कोलाज़ेन इंडक्सन थेरापी या माइक्रोनिडलिंग एक ऐसी सौंदर्यशास्त्रीय चिकित्सा पद्धति है जिसके तहत त्वचा में जीवाणुहीन किए गये सुई की मदद से छोटे-छोटे छिद्र किए जाते है। इस प्रक्रिया के तहत त्वचा को पहले सुन्न किया जाता है और फिर सुईओं से भरा हुआ यंत ...

                                               

ग्रन्थिशास्त्र

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

चार्मिक शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

चिकित्सा आपात

जब किसी गम्भीर चोट या बीमारी के कारण किसी व्यक्ति की शीघ्र मृत्यु का खतरा मंड़रा रहा हो तो इसे चिकित्सा आपात कहते हैं। ऐसी आपात स्थिति में किसी दूसरे व्यक्ति की सहायता की आवश्यकता होती है जो उस स्थिति से निपटने की योग्यता रखता हो। इसके लिए आपात च ...

                                               

चिकित्सा विकिरणशास्त्र

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

चोट शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

जठरांत्ररोगविज्ञान

जठरांत्ररोगविज्ञान चिकित्सा शास्त्र का वह विभाग है जो पाचन तंत्र तथा उससे सम्बन्धित रोगों पर केंद्रित है। इस शब्द की उत्पत्ति प्राचीन ग्रीक शब्द gastros, enteron एवं logos से हुई है। जठरांत्ररोगविज्ञान पोषण नाल alimentary canal से सम्बन्धित मुख स ...

                                               

जड़ी-बूटी चिकित्सा

जड़ी-बूटी चिकित्सा एक पारम्परिक चिकित्सा पद्धति या लोक चिकित्सापद्धति है जिसमें पौधों एवं उनके रसादि का चिकित्सा के लिये उपयोग किया जाता है।

                                               

धमनी शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

नेत्रशल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

प्रसूति विज्ञान

प्रसूति विज्ञान एक शल्यक विशेषज्ञता है जिसके अंतर्गत एक महिला और उसकी संतान की गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोपरांत काल, के दौरान की जाने वाली देखभाल आती है। एक दाई द्वारा कराया गया प्रसव भी इसका एक गैर चिकित्सीय रूप है। आजकल लगभग सभी प्रसूति विशेषज् ...

                                               

प्राचीन यूनानी चिकित्साविज्ञान

यूनानी चिकित्साविज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हिप्पोक्रेटस था जिसे पाश्चात्य जगत चिकित्साविज्ञान का जनक कहता है। हिप्पोक्रैटस और अन्य लोगों की कृतियों का इस्लामी चिकित्साविज्ञान और मध्यकाल के यूरोपीय चिकित्साविज्ञान पर गहरी छाप पड़ी और अन्ततः ...

                                               

प्लास्टिक शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

भौतिक चिकित्सा और पुनर्स्थापना

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

महिला शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

मूह तथा चेहेरा शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

मृगौलाशास्त्र

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

रक्तशास्त्र

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं। रक्तशास्त्र एक पुस्तक है, इसका संप ...

                                               

रश्मिचिकित्सा

मनुष्य अपने उत्पत्तिकाल से ही सूर्य की उपासना तथा सूर्यकिरणों का रोगों की चिकित्सा के लिए प्रयोग करता आया है। इन किरणों को वैज्ञानिक रूप में प्रयुक्त करने का श्रेय फिनसन्‌ को है। किरणचिकित्सा में कृत्रिम किरणों, विशेषत: कार्बन आर्क प्रयुक्त करने ...

                                               

रस धातु

रस धातु के सामान्‍य विकारों का सारांश 1- भोजन के खानें की इच्‍छा न होना 2- अरूचि, भोजन की इच्‍छा हो पर गले से खाना नीचे न उतरे 3- मुख के रस का विकृत होना 4- मधुर आदि रस का ज्ञान होना 5- हृल्‍लास, जी मिचलाना 6- भारीपन गौरव 7- तन्‍द्रा 8-अंगमर्द 9- ...

                                               

रिउम्याटोलोजी

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

रोगशास्त्र

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

शल्यचिकित्सा

अति प्राचीन काल से ही चिकित्सा के दो प्रमुख विभाग चले आ रहे हैं - कायचिकित्सा एवं शल्यचिकित्सा । इस आधापर चिकित्सकों में भी दो परंपराएँ चलती हैं। एक कायचिकित्सक और दूसरा शल्यचिकित्सक । यद्यपि दोनों में ही औषधो पचार का न्यूनाधिक सामान्यरूपेण महत्व ...

                                               

साधारण चिकित्सक

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

साधारण शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

सामाजिक स्वास्थ्य

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं। Samajik swaasthya me dusro k sath a ...

                                               

सिद्ध चिकित्सा

सिद्ध चिकित्सा भारत के तमिलनाडु की एक पारम्परिक चिकित्सा पद्धति है। भारत में इसके अतिरिक्त आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धतियाँ भी प्रचलित हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि उत्तर भारत में यह पद्धति ९ नाथों एवं ८४ सिद्धों द्वारा विकसित की गयी जबकि ...

                                               

सुगंध चिकित्सा

अरोमाथेरेपी पौधों की सामग्रियों और सुगंधित पौधों के तेलों का उपयोग करती है, जिसमें आवश्यक तेल, और मनोवैज्ञानिक या शारीरिक कल्याण में सुधार के लिए अन्य सुगंध यौगिक शामिल हैं। इसे एक पूरक चिकित्सा या वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में पेश किया जा सकता है ...

                                               

सोवा रिग्पा

सोवा रिग्पा तिब्बत सहित हिमालयी क्षेत्रों में प्रचलित प्राचीन उपचार पद्धति है। भारत के हिमालयी क्षेत्र में तिब्बती या आमचि के नाम से जानी जाने वाली सोवा-रिग्पा विश्व की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धतियों में से एक है। भारत में इस पद्धति का प्रयोग जम् ...

                                               

स्त्री-रोग विज्ञान

स्त्रीरोगविज्ञान, चिकित्साविज्ञान की वह शाखा है जो केवल स्त्रियों से संबंधित विशेष रोगों, अर्थात् उनके विशेष रचना अंगों से संबंधित रोगों एवं उनकी चिकित्सा विषय का समावेश करती है। स्त्री-रोग विज्ञान, एक महिला की प्रजनन प्रणाली के स्वास्थ्य हेतु अर ...

                                               

स्नायुशास्त्र

तंत्रिकाविज्ञान या स्नायुशास्त्र तंत्रिका तंत्र के रोगों से सम्बन्धित चिकित्सकीय विशेषज्ञा का क्षेत्र है। इसके संगत शल्यक्रिया का क्षेत्र स्नायुशल्यक्रिया कहलाती है।

                                               

हाडजोर्नी शल्यचिकित्सा

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

हृदयशास्त्र

यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये हैं, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं।

                                               

परिगलन

नेक्रोसिस या ऊतकक्षय के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं: १ रक्तप्रवाह का अवरोध - इससे अंग को भोजन नहीं प्राप्त होता, जिससे नेक्रोसिस हो जाता है। २ कीटाणुविष - ये विष रक्त द्वारा धमनियों में पहुँच कर अपने कुप्रभाव से क्षति पहुँचाते हैं, जिससे नेक्रोसि ...

                                               

पीलापन क्षण

पीलापन क्षण शब्द एक लेटिन शब्द से लिया गया है, । पेलनेस का अर्थ है, पीला पड़ना। तथा मोरटिस का अर्थ है "मौत का"। पीलापन क्षण मौत का सबसे पहला क्षण होता है। मतलब मरने के बाद शरीर सबसे पहले पीला पड़ना शुरू होता है। उसके बाद अन्य क्षण आते हैं।

                                               

एंजियोप्लास्टी

एंजियोप्लास्टी आमतौपर धमनीकलाकाठिन्य के परिणामस्वरूप संकुचित या बाधित हुई रक्त वाहिका को यांत्रिक रूप से चौड़ा करने की एक शल्य-तकनीक है। इस तकनीक द्वारा एक गाइड वायर के सिरे पर रखकर एक खाली और पचके गुब्बारे को, जिसे बैलून कैथेटर कहा जाता है संकुच ...

                                               

बंध्याकरण

शल्यक्रिया के द्वारा किसी पुरुष, महिला या अन्य किसी पशु को प्रजनन करने के अयोग्य बना देना बंध्याकरण कहलाता है। यह संतति निरोध का स्थाई तरीका है। बन्ध्याकरण की प्रमुख विधियाँ हैं - गर्भाशय को निकाल देना Hysterectomy पुरुष नसबंदी महिला नसबंदी पुरुष ...

                                               

विकलांग शल्यचिकित्सा

विकलांग शल्यचिकित्सा, शल्यकर्म की वह शाखा है जो उन क्षतिग्रस्त या रुग्ण हड्डियों, जोड़ों, पेशियों, तंत्रिकाओं और ऊतकों से संबंधित है, जिनमें विरूपता या क्रिया में शिथिलता उत्पन्न होना संभव हो।

                                               

सुश्रुत संहिता

सुश्रुतसंहिता आयुर्वेद एवं शल्यचिकित्सा का प्राचीन संस्कृत ग्रन्थ है। सुश्रुतसंहिता आयुर्वेद के तीन मूलभूत ग्रन्थों में से एक है। आठवीं शताब्दी में इस ग्रन्थ का अरबी भाषा में किताब-ए-सुस्रुद नाम से अनुवाद हुआ था। सुश्रुतसंहिता में 186 अध्याय हैं ...

                                               

हर्निया सीवन

हर्निया सीवन, हर्निया को ठीक करने की शल्य प्रक्रिया है। हर्निया आंतरिक अंगों या ऊतकों में आए उभार को कहा जाता है, जो मांसपेशीय दीवार में एक असामान्य छिद्र के माध्यम से बाहर की ओर निकला हुआ होता है। हर्निया पेट, कमर और पूर्व में की गई सर्जरी की सा ...

                                               

मृत्युज शीतलन

मृत्युज शीतलन का मतलब होता है मरने के बाद शरीर के तापमान में क्रमश बदलाव आ जाना। यह मौत का दूसरा चरण होता है। मरने के बाद शरीर का तापमान गिरने लगता है और शरीर एकदम ठंडा पढ़ जाता है। किन्तु आसपास का तापमान ३६.९ डीग्री से अधिक हो तो शव का तापमान घट ...

                                               

शवलेपन

शवलेपन विज्ञान कि सहायता से मानव अवशेष कों संरक्षण करने की कला है। यह प्रक्रिया अपघटन का अनुमान लगाने के लिए कि जाती है। इन्हें सम्भालने का उद्देश्य धार्मिक भी हो सकता है या फिर इन्हें किसी वैज्ञानिक या अन्य किसी उद्देश्य से भी संरक्षण किया जाता ...

                                               

समय से पहले दफन

समय से पहले दफन को जिंदा दफ़न भी कहा जाता है। इसका मतलब होता है किसी कों मौत से पहले ही दफन कर दिया जाए। पशु या मनुष्य गलती से या जानबूझकर जिंदा दफन हो सकता है। कभी कभी व्यक्ति को ये सोचकर गलती से दफना दिया जाता है कि वो मर चूका है। जानबूझकर दफन ...

                                               

जैव सूचना विज्ञान

जैवसूचनाविज्ञान जीव विज्ञान की एक शाखा है। बायोइंफॉर्मैटिक्स या जैव सूचना विज्ञान, जीव विज्ञान का एक नया क्षेत्र है, जिसके अन्तर्गत जैव सूचना का अर्जन, भंडारण, संसाधन, विश्लेषण, वितरण, व्याख्याआदि कार्य आते हैं। इस कार्य में जीव विज्ञान, सूचना तक ...

                                               

प्रोटिओमिक्स

प्रोटिओमिक्स जीव-शरीरों की कोशिकाओं में पाए जाने वाले प्रोटीनों के अध्ययन से सम्बन्धी विज्ञान है। इसमें प्रोटीनों का विभिन्न अवस्थाओं में, एक ही समय में, तथातीव्र गति से विश्लेषण किया जाता है। इससे कोशिकाओं में प्रोटीनों की अंतःस्थितियों का मानचि ...

                                               

कोरोनावायरस

कोरोनावायरस कई प्रकार के विषाणुओं प्रकारों का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की से लेकर अति गम्भीर तक हो सकती है। गाय ...