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प्रौद्योगिकी का इतिहास

प्रौद्योगिकी का इतिहास वस्तुत: उपयोगी वस्तुतों का निर्माण करने में प्रयुक्त उपकरणों एवं तकनीकों के खोज का इतिहास है। यह मानवता के इतिहास से कई अर्थों में समान है। प्रौद्योगिकी के इतिहास और विज्ञान के इतिहास में घनिष्ट सम्बन्ध है। प्रौद्योगिकी ने ...

                                               

अंतरराष्ट्रीय विद्युत-तकनीकी प्रदर्शनी,१८९१

सन् १८९१ की अंतरराष्ट्रीय विद्युत-तकनीकी प्रदर्शनी 16 मई से 19 अक्टूबर तक फ्रैंकफुर्त में पूर्व में पश्चिमी रेलवे के तीन स्टेशनों के स्थान पर आयोजित की गयी थी। इस प्रदर्शनी की विशेषता यह थी कि इसमें पहली बार लम्बी दूरी तक तीन-फेजी उच्च विद्युत शक ...

                                               

औद्योगिक क्रांति

अट्ठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध तथा उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में कुछ पश्चिमी देशों के तकनीकी, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्थिति में काफी बड़ा बदलाव आया। इसे ही औद्योगिक क्रान्ति के नाम से जाना जाता है। यह सिलसिला प्रारम्भ होकर पूरे विश् ...

                                               

जहाजरानी का इतिहास

नदियों और समुद्रों में नावों और जहाजों से यात्रा तथा व्यापार का प्रारंभ लिखित इतिहास से पूर्व हो गया था। प्राय: साधारण जहाज ऐसे बनाए जाते थे कि आवश्यकता पड़ने पर उनसे युद्ध का काम भी लिया जा सके, क्योंकि जलदस्युओं का भय बराबर बना रहता था और इनसे ...

                                               

द्वितीय औद्योगिक क्रांति

द्वितीय औद्योगिक क्रांति से आशय उन्नीसवीं शती के उत्तरार्ध से लेकर द्वितीय विश्वयुद्ध तक हुए अपेक्षाकृत वृहद औद्योक विकास से है। प्रायः इसका आरम्भ १८६० में बेसमर इस्पात की स्थापना से माना जाता है। द्वितीय औद्योगिक क्रांति के दौरान पश्चिमी यूरोप त ...

                                               

द्वितीय विश्वयुद्ध काल की प्रौद्योगिकी

प्रौद्योगिकी ने द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणाम को बहुत हद तक प्रभावित और निर्धारित किया। द्वितीय विश्वयुद्ध में बाहर आयी प्रौद्योगिकी का अधिकांश हिस्सा १९२० और १९३० के बीच विकसित किया गया था। लगभग हर प्रकार की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हुआ था जिसमें ...

                                               

भारतीय धातुकर्म का इतिहास

प्राचीन भारत में लोहा इस्‍पात का पूरा उल्‍लेख है। कुछ प्राचीन स्‍मारक जैसे नई दिल्‍ली का प्रसिद्ध लौह स्तम्भ या कोणार्क में सूर्य मंदिर में प्रयोग किया गया ठोस बीम में पर्याप्‍त साक्ष्‍य मिलता है जो प्राचीन भारतीय धातु विज्ञान का प्रौद्योगिकीय उत ...

                                               

विद्युत इंजीनियरी का इतिहास

सत्रहवीं शताब्दी के आरम्भ में विलियम गिलबर्ट ने वर्सोरियम versorium का आविष्कार किया जिसकी सहायता से स्थैतिक विद्युत की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता था। बेंजामिन फ्रंकलिन 1746-52 ने वर्षा और तूफान के समय पतंग उड़ाया। वे यह प्रदर्शित करना चाहते थ ...

                                               

संचार का इतिहास

संचार का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से आरम्भ होता है। संचार के अन्तर्गत तुच्छ विचार-विनिमय से लेकर शास्त्रार्थ एवं जनसंचार सब आते हैं। कोई २००,००० वर्ष पूर्व मानव-वाणी के प्रादुर्भाव के साथ मानव संचार में एक क्रान्ति आयी थी। लगभग ३०,००० वर्ष पूर्व ...

                                               

समय मापन का इतिहास

अति प्राचीन काल में मनुष्य ने सूर्य की विभिन्न अवस्थाओं के आधार प्रात, दोपहर, संध्या एवं रात्रि की कल्पना की। ये समय स्थूल रूप से प्रत्यक्ष हैं। तत्पश्चात् घटी पल की कल्पना की होगी। इसी प्रकार उसने सूर्य की कक्षागतियों से पक्षों, महीनों, ऋतुओं तथ ...

                                               

समय मापन प्रौद्योगिकी की समयरेखा

3000 BC सिन्धु घाटी की सभ्यता में दाशमिक तौल के बाटों का उपयोग होता था। 270 BC - Ctesibius builds a popular water clock, called a clepsydra 46 BC - Julius Caesar and Sosigenes develop a solar calendar with leap years 1000s - Sets of hourglasses w ...

                                               

अनुसंधान एवं विकास

अनुसंधान एवं विकास योजनाबद्ध ढंग से किये गये सृजनात्मक कार्य को कहते हैं। इसका ध्येय मानव की ज्ञान-संपदा की वृद्धि करना होता है। इसमें मानव के बारे में, उसकी संस्कृति के बारे में एवं समाज के बारे में ज्ञान की वृद्धि भी शामिल है। वाणिज्य की दुनिया ...

                                               

स्वचालित गणक मशीन

स्वचालित गणक मशीन को आटोमेटिक बैंकिंग मशीन, कैश पाइंट, होल इन द वॉल, बैंनकोमैट जैसे नामों से यूरोप, अमेरिका व रूस आदि में जाना जाता है। यह मशीन एक ऐसा दूरसंचार नियंत्रित व कंप्यूटरीकृत उपकरण है जो ग्राहकों को वित्तीय हस्तांतरण से जुड़ी सेवाएं उपल ...

                                               

ऑनलाइन बैंकिंग

नेट बैंकिग जिसे ऑनलाइन बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग भी कहते हैं, के माध्यम से बैंक-ग्राहक अपने कंप्यूटर द्वारा अपने बैंक नेटवर्क और वेबसाइट का प्रचालन कर सकते है। इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ है कि कोई भी व्यक्ति घर या कार्यालय या कहीं से भी से बैंक ...

                                               

आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा

आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा की परीक्षा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक स्तर पर प्रवेश के लिये की जाती है। इसमें गणित, भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विषयों के प्रश्नपत्र होते हैं। यह परीक्षा बहुत ही कठिन मानी जाती है एवं इसके लिये तैयारी करा ...

                                               

एच सी वर्मा

हरीश चन्द्र वर्मा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में कार्यरत एक भौतिकविज्ञानी एवं प्राध्यापक हैं। इसके पूर्व उन्होने पटना के विज्ञान महाविद्यालय में अध्यापन किया। उनके कार्य का क्षेत्र नाभिकीय भौतिकी है। उन्होने अनेक पुस्तकों की रचना की है ज ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) वाराणसी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी भारत का विज्ञान एवं अभियान्त्रिकी में शोध तथा स्नातक शिक्षा पर केंद्रित संस्थान है। संक्षिप्त में, यह आई.आई.टी. - बी.एच.यू. के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना सन् १९१९ में उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में ह ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर की स्थापना २००९ में हुई थी। यह मध्य प्रदेश के इन्दौर में स्थित है। आरम्भ में इसकी कक्षाएँ देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंजीनियरी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में लगीं किन्तु २०१६ से इसके अपने कैम्पस में लग रहीं हैं ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर, जो कि आईआईटी कानपुर अथवा आईआईटीके के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है। इसकी स्थापना सन् १९५९ में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में हुई। आईआईटी कानपुर मुख्य रूप से विज्ञान एवं अभिय ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर भारत सरकार द्बारा १९५१ में स्थापित अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी -उन्मुख एक स्वायत्त उच्च शिक्षा संस्थान है। सात आईआईटी में यह सबसे पुरानी है। भारत सरकार ने इसे आधिकारिक तौपर राष्ट्रीय महत्त्व का संस्थान माना ह ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना, बिहार का एकमात्र भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान है जो उन आठ भारतीय प्रौद्योगिक संस्थानों में से एक है, जिसे केंद्र सरकार ने वर्ष 2008- 2009 के मध्य स्थापित किया था। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का परिसर पटना शहर से 2 ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पालक्काड

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पालक्काड केरल के पलक्कड़ में स्थित एक सार्वजनिक स्वायत्त अभियांत्रिकी और अनुसंधान संस्थान है। यह भारत के २०१४ के केंद्रीय बजट में प्रस्तावित पांच नए आईआईटी में से एक है। इसके परिसर का उद्घाटन ३ अगस्त २०१५ को पलक्कड़ मे ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भुवनेश्वर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भुवनेश्वर मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है। संस्थान का पहला सत्र सन २००८ में शरू हुआ। संस्थान ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है। संस्थान अभी अस्थाई कैम्पस में चल रहा है। सन २०१२ तक ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मण्डी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मण्डी मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है। संस्थान का पहला सत्र सन २००९ में शरू हुआ। संस्थान हिमाचल प्रदेश के मण्डी जिले में स्थित है। संस्थान अभी अस्थाई कैम्पस में चल रहा है। सन २०१२ तक सं ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान राजस्थान भारत का प्रौद्योगिकी शिक्षण का संस्थान है। यह राजस्थान के जोधपुर में स्थित है। यह सन् २००८ और २००९ के बीच खुले आठ नये भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है। आईटीआई क्या है

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है। संस्थान का पहला सत्र सन २००८ में शरू हुआ। संस्थान पंजाब के रूपनगर जिले में स्थित है। संस्थान अभी अस्थाई कैम्पस में चल रहा है। सन २०१३ तक संस्थान ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है। संस्थान का पहला सत्र सन २००८ में शरू हुआ। संस्थान तेलंगाना के मेदक जिले में स्थित है। संस्थान अभी अस्थाई कैम्पस में चल रहा है। सन २०१२ तक संस् ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई मुम्बई शहर के उत्तर-पश्चिम में पवई झील के किनारे स्थित भारत का अग्रणी स्वशासी अभियांत्रिकी विश्वविद्यालय है। यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रृंखला का दूसरा सबसे बड़ा परिसर और महाराष्ट्र राज्य का सबसे बड़ा विश ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की भारत का एक सार्वजनिक इंजीनियरी विश्वविद्यालय है। यह उत्तराखण्ड राज्य के रुड़की में स्थित है। पहले इसका नाम रूड़की विश्वविद्यालय तथा इससे भी पहले इसका नाम थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग था। इसकी स्थापना मूलतः ...

                                               

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भारत के 23 तकनीकी शिक्षा संस्थान हैं। ये संस्थान भारत सरकार द्वारा स्थापित किये गये "राष्ट्रीय महत्व के संस्थान" हैं। 2018 तक, सभी 23 आईआईटी में स्नातक कार्यक्रमों के लिए सीटों की कुल संख्या 11.279 है।

                                               

स्नातक अभियांत्रिकी अभिरुचि परीक्षा

स्नातक अभियांत्रिकी अभिरुचि परीक्षा एक अखिल भारतीय परीक्षा है जो मास्टर डिग्री की पढ़ाई के लिए इंजीनियरिंग के सभी विषयों की होती है। इसका आयोजन भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलुरु, भारत की आईआईटी, नेशनल कोर्डिनेसन बोर्ड, गेट डिपार्टमेंट ऑफ़ हायर एजुक ...

                                               

जावा मोटरसाइकिल

जावा मोटरसाइकिल स्वतन्त्र भारत में बनी 250 सीसी क्षमता वाली टू स्ट्रोक रेसिंग मोटरसाइकिल थी। सन् 1960 में मैसूर शहर में फारूक ईरानी द्वारा स्थापित आइडियल जावा लिमिटेड ने इसे चेकोस्लोवाकिया की कम्पनी जावा मोटर्स से लाइसेंस लेकर बनाया था। उस समय 25 ...

                                               

परिवर्तनशील चाल ड्राइव

परिवर्तनीय चाल ड्राइव or variable-speed drive) का आशय ऐसे अवयव से है जो किसी मशीन के घूमने के चाल को आवश्यकतानुसार बदलने एवं किसी एक चाल्पर नियंत्रित करने आदि के काम आता है। मशीनों की चाल के नियंत्रण से उर्जा की बचत होती है एवं इनसे बने उत्पाद की ...

                                               

प्रत्यावर्ती धारा मोटर

प्रेरण मोटर एक-फेजी प्रेरण मोटर Single-phase induction motor पिजरानुमा रोटर प्रेअरण मोटर Squirrel-cage motor: गाड़ियों एवं विद्युत वाहनों में प्रयुक्त तीन-फेजी वुण्ड रोटर प्रेरण मोटर Wound three-phase induction motor तुल्यकालिक मोटर Synchronous m ...

                                               

ब्रुशरहित डीसी मोटर

ब्रुशरहित डीसी मोटर electronically commutated motors) एक प्रकार के तुल्यकालिक मोटर हैं जिसमें कॉम्युटेशन के लिये ब्रुश नहीं होते बल्कि यह कार्य इन्वर्टर या स्विचिंग पॉवर सप्लाई द्वारा किया जाता है। इस मोटर का रोटर पर एक स्थायी चुम्बकीय फिल्ड लगा ...

                                               

रैखिक मोटर

रैखिक मोटर एक विद्युतचुम्बकीय युक्ति है जो सीधे बल उत्पन्न करती है तथा उसके स्थिर तथा चलायमान भागों के बीच सीधे रैखिक गति होती है । रैखिक मोटर के सिरे होते हैं जबकि परम्परागत घूर्णी मोटर एक बन्द लूप होते हैं।

                                               

स्टेपर मोटर

स्टेपर मोटर एक प्रकार का विद्युत मोटर है जिसका घूर्णन कुछ छोटे-छोटे चरणों में होता है। अर्थात इसका रोटर एक निश्चित कोण के गुणक में ही घूम सकता है, उससे कम कोण नहीं। स्टेपर मोटर एक ब्रशरहित मोटर है जिसका उपयोग प्रायः स्थिति-नियन्त्रण के लिए किया ज ...

                                               

इंजन

इंजन या मोटर उस यंत्र या मशीन को कहते हैं जिसकी सहायता से किसी भी प्रकार की ऊर्जा का यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरण होता है। इंजन की इस यांत्रिक ऊर्जा का उपयोग, कार्य करने के लिए किया जाता है। अर्थात् इंजन रासायनिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा, गतिज ऊर्जा य ...

                                               

अन्तर्दहन इंजन

ऐसा इंजन है जिसमें ईंधन एवं आक्सीकारक सभी तरफ से बन्द एक में जलते हैं। दहन की इस क्रिया में प्रायः हवा ही का काम करती है। जिस बन्द कक्ष में दहन होता है उसे दहन कक्ष) कहते हैं। दहन की यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी exothermic reaction होती है जो उच्च ता ...

                                               

जलचालित मशीन

पिस्टनयुक्त अथवा बेलनदार प्रत्यागमनी और धुरे पर लगी पंखुड़ीयुक्त घूमनेवाली उन सब मशीनों को जलचालित मशीनें कहते हैं जो उच्च दाब के जल के माध्यम से बड़ी ही मंद गति से चलती हैं। मंद गति से चलने के कारण इनकी चाल पर बड़ी सरलता से सही सही नियंत्रण रखा ...

                                               

डाइनेमोमीटर

चालनबलमापी या डाइनेमोमीटर एक युक्ति है जो मनुष्य, पशु और यंत्र द्वारा प्रयुक्त बल या शक्ति मापने के काम आती है। इसे संक्षेप में डाइनो भी कहते हैं। बलमापन के लिए प्रयुक्त प्राय: सभी उपकरणों को डाइनेमोमीटर कहते हैं, किंतु विशेष रूप से इसका प्रयोग उ ...

                                               

ढलाई

ढलाई एक प्रकार की विनिर्माण प्रक्रिया है जो प्राचीन काल से प्रचलित है। इस प्रक्रिया में पिघले हुए धातु, मिश्र धातु, प्लास्टिक अथवा किसी जम सकने वाले द्रव को एक साँचे में डाला जाता है ताकि ठंडा हो जाने पर वह साँचे का आकार ले सके। ठंडा हो जाने के ब ...

                                               

तापोपचार

तापोपचार उन प्रक्रमों या विधियों को कहते हैं जो उष्मा के आदान-प्रदान के द्वारा पदार्थों के भौतिक गुणों को बदलने के लिये उपयोग किये जाते हैं। कभी-कभी इनकी सहायता से पदार्थ के रासायनिक गुण भी बदले जाते हैं। इनका धातुकर्म में बहुत उपयोग है। कांच आदि ...

                                               

दाब पात्र

दाब पात्र ऐसे पात्रों को कहते हैं जिनमें वायुमण्डलीय दाब से अधिक दाब या उससे कम दाब पर कोई गैस या द्रव रखा जाता हो। किसी भी पात्र में वायुमण्डलीय दाब से अधिक या कम दाब होना खतरनाक हो सकता है और इतिहास में कई भयावह दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। इसलिये द ...

                                               

धरन

धरन अथवा धरनी, धरणी, या कड़ी, संरचना इंजीनियरी में प्राय: लकड़ी आदि के उस अवयव को कहते हैं जो इमारत में किसी पाट पर छत आदि का कोई भारी बोझ अपनी लंबाई पर धारण करते हुए उसे अपने दोनों सिरों द्वारा सुस्थिर आधारों तक पहुँचता है। लकड़ी के अतिरिक्त अन् ...

                                               

पम्प

पम्प एक यांत्रिक युक्ति है जो गैसों व द्रवों को धकेलकर विस्थापित करने के काम आती है। दूसरे शब्दों में, पम्प तरल को कम दाब के स्थान से अधिक दाब के स्थान पर धकेलने का काम करता है। पंप बहुत प्राचीन काल से ही निम्न धरातल पर भरे हुए, अथवा बहते हुए, पा ...

                                               

प्रत्यागामी इंजन

प्रत्यागामी इंजन को पिस्टन इंजन भी कहा जाता है। प्रत्यागामी इंजन में एक या अधिक पिस्टन होते हैं जो प्रत्यागामी गति करते हैं और इस प्रकार दाब का समुचित ढ़ंग से गति में परिवर्तन करते हैं। पिस्टन की यह प्रत्यागामी गति अन्तत: क्रैंक एवं क्रैंक-शाफ्ट ...

                                               

फोर स्ट्रोक इंजन

वर्तमान युग में कारों, ट्रकों, मोटरसाइकिलों व वायुयानों आदि में प्रयोग होने वाले अन्तर्दहन इंजन प्रायः फोर स्ट्रोक इंजन होते हैं। चार स्ट्रोक का मतलब है कि ईंधन से यांत्रिक उर्जा में परिवर्तन का चक्र कुल चार चरणों में पूरा होता है। इन चरणों या स् ...

                                               

फोर्जिंग

उचित स्थान पर दबाव का उपयोग करते हुए धातु की प्‍लास्टिक अवस्‍था को मनचाहा आकृति देने को गढ़त या फोर्जन या फोर्जिंग कहते हैं। धातु को आकृति देना आधुनिक प्रविधि के द्वारा ग्रेन-ढांचे को परिष्‍कृत करता है; इसकी अंतनिर्हित क्षमता का विकास करता है; या ...

                                               

यांत्रिक इंजीनियरी

यान्त्रिक अभियांत्रिकी तरह-तरह की मशीनों की बनावट, निर्माण, चालन आदि का सैद्धान्तिक और व्यावहारिक ज्ञान है। यान्त्रिक अभियांत्रिकी, अभियांत्रिकी की सबसे पुरानी और विस्तृत शाखाओं में से एक है। यान्त्रिक अभियांत्रिकी १८वीं शताब्दी में यूरोप में औद् ...