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संसदीय विधि

संसदीय विधि संसदीय प्रक्रिया के उन समस्त नियमों का समूह है जो विधायन प्रणाली को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सामान्य रूप से आवश्यक माने जाते हैं। यद्यपि देशकाल के अनुरूप ऐसे नियम कुछ विषयों में अलग हो सकते हैं किंतु संसदीय विधि का मूल स्रोत ...

                                               

सन्धि (समझौता)

अन्तरराष्ट्रीय विधि के अन्तर्गत दो या अधिक देशों या अन्य अन्तरराषट्रीय संगठनों के बीच हुए करार या समझौते को सन्धि कहते हैं। जिनका स्वरूप अनुबंध के समान होता है तथा जिनके अनुसार संबंधित पक्षों के प्रति कुछ में परस्पर विधिवत् अधिकारकर्तव्य के दायित ...

                                               

सफेदपोश अपराध

सफेद कॉलर अपराध आर्थिक रूप से प्रेरित अहिंसक व्यापाऔर सरकार के पेशेवरों द्वारा प्रतिबद्ध अपराध को दर्शाता है।. अपराध के भीतर, यह पहली बार 1939 में समाजशास्त्री एडविन सदरलैंड द्वारा परिभाषित किया गया था कि एक अपराध प्रतिष्ठा और उच्च सामाजिक का एक ...

                                               

समादेश

समादेश या व्यादेश वह आदेश है जिसे न्यायालय अपने समता संबंधी अधिकारों के अंतर्गत किसी पक्ष या निगम के नाम किसी को करने के लिए, किसी काम को करने के लिए, किसी काम को करने से रोकने के लिए वा कोई ऐसा काम करते रहने के लिए जारी करता है जिसे करने या न कर ...

                                               

समान नागरिक संहिता

समान नागरिक संहिता अथवा समान आचार संहिता का अर्थ एक पंथनिरपेक्ष कानून होता है जो सभी पंथ के लोगों के लिये समान रूप से लागू होता है। दूसरे शब्दों में, अलग-अलग पंथों के लिये अलग-अलग सिविल कानून होना ही समान नागरिक संहिता का मूल भावना है। समान नागरि ...

                                               

सांप्रदायिक एवं लक्ष्य केन्द्रित हिंसा निवारण अधिनियम

सांप्रदायिक और लक्ष्यित हिंसा निवारण विधेयक भारत का 2011 में कांग्रेस सरकार द्वारा लाया गया एक विधेयक था जो की पूरी होने की प्रक्रिया में थी। इस अधिनियम का प्रारूप संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी के नेतृत्व वाली राष्ट्री ...

                                               

सांविधिक कानून

सांविधिक विधि या सांविधिक कानून विधायिका द्वारा निर्मित तथा लिखित रूप में मौजूद कानूनों को कहते हैं। संविधिक निकाय वह है जिसे संसद के अधिनियम या राज्य विधान द्वारा गठित किया जाता है। इसकी स्थापना प्रायः विशेष कार्यों को करने के लिए की जाती है जिन ...

                                               

साक्ष्य विधि

साक्ष्य विधि उन कानूनों और सिद्धान्तों का समूह है जो निर्धारित करते हैं कि किसी विधिक कार्यवाही में क्या-क्या तथ्य के प्रमाण के रूप में स्वीकार्य हैं। प्राचीन हिन्दू काल में धर्मशास्त्रों में विभिन्न प्रकार के साक्ष्यों का उल्लेख मिलता है, जैसे – ...

                                               

सामीप्य सिद्धांत

सामीप्य सिद्धांत, साइप्रेस डॉक्ट्रिन का हिन्दी रूपान्तरण है। साइप्रेस डॉक्ट्रिन एक नॉर्मन फ्रेंच शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है - उतना समीप जितना सम्भव हो। यह एक विधिक सिद्धान्त है जो सबसे पहले साम्या न्यायालयों में उठा।

                                               

साम्या

न्यायशास्त्र के सन्दर्भ में साम्या या सुनीति कुछ कानूनी सिद्धान्तों का समुच्चय है जो कानून के कड़े प्रावधानों का पूरक है। साधारण न्याय के अनुसार सब लोगों के साथ निष्पक्ष और समान भाव से किया जानेवाला व्यवहार।

                                               

सैनिक कानून

विशेष परिस्थितियों में जब किसी देश की न्याय व्यवस्था को सेना अपने हाथ में ले लेती है, तब जो नियम प्रभावी होते हैं उन्हें सैनिक कानून या मार्शल लॉ कहा जाता है। कभी-कभी युद्ध के समय अथवा किसी क्षेत्र को जीतने के बाद उस क्षेत्र में मार्शल लॉ लगा दिय ...

                                               

सौदा अभिवाक

भारतीय संसद ने दंड प्रक्रिया संहिता में संशोधन अधिनियम 2/2006 द्वारा एक नया अध्याय 21 प्ली बारगेनिंग नामक शीर्षक जोड़कर दांडिक प्रकरणों को शीघ्रता से निपटाने का एक सराहनीय कदम उठाया है। सौदा अभिवाक अवधारणा के अंतर्गत अभियुक्त, अभियोजन व पीड़ित पक ...

                                               

दयाल सिंह कॉलेज ट्रस्ट सोसाइटी

दयाल सिंह कॉलेज ट्रस्ट सोसाइटी का सृजन जून १८९५ में सरदार दयाल सिंह मजीठिया की वसीयत के द्वारा हुआ। सरदार दयाल सिंह मजीठिया जी की वसीहत के खंड ७ के अनुसार दयाल सिंह कॉलेज ट्रस्ट सोसाइटी ने लाहौर में महाविद्यालय की स्थापना की. तत्पश्चात करनाल एवं ...

                                               

अप्रवास

अप्रवास किसी एक भौगोलिक इकाई से किसी अन्य भौगोलिक इकाई में व्यक्तियों के आ कर बस जाने को कहते हैं। आधुनिक काल में यह आमतौपर किसी एक देश के निवासी के किसी ऐसे दूसरे देश में आ कर वहाँ का निवासी बन जाने को कहते हैं जहाँ की वह नागरिकता न रखता हो। अक् ...

                                               

उत्प्रवास

उत्प्रवास किसी व्यक्ति द्वारा उस भौगोलिक इकाई को छोड़ देने को कहते हैं जिसका वह मूल निवासी होता है। वर्तमानकाल में उत्प्रवासी अपने देश को छोड़ देता है और किसी अन्य देश में जाकर बस जाता है। इसके विपरीत अप्रवास होता है, जिसमें व्यक्ति कहीं और से आक ...

                                               

पहचान की राजनीति

पहचान की राजनीति ऐसी राजनैतिक विचारधाराएँ और तर्क होते हैं जो किसी देश, राज्य या अन्य राजनैतिक इकाई के पूर्ण हित को छोड़कर उन समूहों के हितों और परिप्रेक्ष्यों को बढ़ावा देने पर बल दें जिसके लोग सदस्य हों। यह समूह जाति, धर्म, लिंग, विचारधारा, राष ...

                                               

गरीबी

गरीबी या निर्धनता जीवन जीने के साधनों या इस हेतु धन के अभाव की स्थिति है। Garibi ka mukhya karan India me Jayada population hai. गरीबी उन वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति का अभाव है जो व्यक्ति तथा उसके परिवार के स्वास्थ्य और कुशलता को बनाये रखने में आ ...

                                               

सूखा

सूखा पानी की आपूर्ति में लंबे समय तक की कमी की एक घटना, चाहे वायुमंडलीय पानी हो, सतह का पानी हो या भूजल। सूखा महीनों या वर्षों तक रह सकता है, और इसे 15 दिनों के बाद घोषित किया जा सकता है। यह प्रभावित क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्और कृषि पर काफी प् ...

                                               

भारत में पर्यावरण की समस्या

भारत में पर्यावरण की कई समस्या है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, कचरा, और प्राकृतिक पर्यावरण के प्रदूषण भारत के लिए चुनौतियाँ हैं। पर्यावरण की समस्या की परिस्थिति 1947 से 1995 तक बहुत ही खराब थी। 1995 से २०१० के बीच विश्व बैंक के विशेषज्ञों के अध्ययन ...

                                               

मरुस्थलीकरण

मरुस्थलीकरण ज़मीन का क्षरण है, जो शुष्क और अर्द्ध-नम क्षेत्रों में विभिन्न कारकों की वजह से होता है: जिनमें विविध जलवायु और मानवीय गतिविधियां भी शामिल है। मरुस्थलीकरण मुख्यतः मानव निर्मित गतिविधियों की वजह से संचालित होती हैं। मरुस्थलीकरण का सबसे ...

                                               

लुप्तप्राय प्रजातियां

लुप्तप्राय प्रजातियां, ऐसे जीवों की आबादी है, जिनके लुप्त होने का जोखिम है, क्योंकि वे या तो संख्या में कम है, या बदलते पर्यावरण या परभक्षण मानकों द्वारा संकट में हैं। साथ ही, यह वनों की कटाई के कारण भोजन और/या पानी की कमी को भी द्योतित कर सकता ह ...

                                               

कॉइन ऑप्रेटेड बेबीज़

कॉइन ऑप्रेटेड बेबीज़ उन शिशुओं को कहा जाता है जिन्हें सार्वजनिक लॉकरों में छोड़ दिया जाता है, जो ज़्यादा-तर जापान और चीन में हुआ करता है। इसके पीछे एक धारण यह है कि ऐसे लॉकरों को वहाँ के सेवक/ पदाधिकारी खते रहते हैं और उन बच्चों को जल्द ही ढूंढ ल ...

                                               

पुरुषों का बलात्कार

बलात्कार या अन्य यौन हिंसा की घटनाओं के पीड़ितों का एक महत्वपूर्ण अनुपात पुरुषों का हैं। ऐतिहासिक रूप से, बलात्कार के बारे में ऐसा सोचा और इसे परिभाषित किया जाता था कि यह अपराध केवल महिलाओं के खिलाफ किया जाता है। यह धारणा अभी भी दुनिया के कुछ हिस ...

                                               

सड़क रोष

सड़क रोष का आशय एक वाहन या अन्य मोटर वाहन के चालक के आक्रामक या क्रुद्ध व्यवहार से है। इस तरह के असभ्य व्यवहार में इशारे, मौखिक अपमान, जानबूझ कर एक असुरक्षित ढंग से या धमकी भरी ड्राइविंग, अथवा खतरा पैदा करना शामिल हो सकते है। सड़क पर रोष व्यक्त क ...

                                               

हिंसा

विश्व स्वास्थ्य संगठन की परिभाषा के अनुसार, हिंसा "स्वयं के विरुद्ध, किसी अन्य व्यक्ति या किसी समूह या समुदाय के विरुद्ध शारीरिक बल या शक्ति का साभिप्राय उपयोग है, चाहे धमकीस्वरूप या वास्तविक, जिसका परिणाम या उच्च संभावना है कि जिसका परिणाम चोट, ...

                                               

झुंड की मानसिकता

झुंड मानसिकता, भीड़ मानसिकता और पैक मानसिकता, जिसे गैंग मानसिकता के रूप में भी जाना जाता है, वर्णन करता है कि तर्कसंगत, आधार के बजाय कुछ हद तक भावनात्मक रूप से कुछ व्यवहारों को अपनाने के लिए लोग अपने साथियों से कैसे प्रभावित हो सकते हैं। जब व्यक् ...

                                               

शर्म

शर्म एक कष्टमय, सामाजिक भावना है जो आदर्श सामाजिक मानक के साथ स्वयं की स्थिति की तुलना के संदर्भ में हो सकती है। दोनों तुलना और मानक सामाजीकरण द्वारा सक्षम की जाती है। हालांकि आमतौपर एक भावना मानी जाती है, शर्म या इसके विभिन्न रूप प्रभाव, संज्ञान ...

                                               

अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड

अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड एक पूर्व-कॉलेजिएट छात्रों के लिए वार्षिक छह-प्रशन, 42-बिंदु गणितीय ओलंपियाड हैं, जो की अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलम्पियाड में सबसे पुराना हैं। प्रथम आइएमओ 1959 में रोमानिया में आयोजित किया गया था। इसके पश्चात से इसे, ...

                                               

कालसर्पयोग

भारतीय फलित ज्योतिष के अनुसार कुण्डली में राहु और केतु के संदर्भ में अन्य ग्रहों की स्थितियों के अनुसार व्यक्ति को कालसर्प योग लगता है। कालसर्प योग को अत्यंत अशुभ योग माना गया है। ज्‍योतिष की प्राचीन पुस्‍तकों में कहीं भी कालसर्प योग का उल्‍लेख न ...

                                               

क्रिएशन संग्रहालय

क्रिएशन संग्रहालय अमेरिका के केंटकी नगर में स्थित है। इसे ईसाई धर्मग्रन्थ जेनेसिस के सृजन वर्णन की लिटरल इंटरप्रिटेशन पर आधारित युवा पृथ्वी क्रिएशनिस्म को बढ़ावा देने के लिए चलाया गया है।

                                               

मलंकारा रूढ़िवादी सीरियाई गिरजा

मलंकारा रूढ़िवादी सीरियाई गिर्जा या भारतीय ऑर्थोडॉक्स चर्च, प्राच्य रूढ़िवादी गिरजा यानि ओरिएंटल ऑर्थोडॉक्स चर्च परिवार की एक प्रमुख शाखा है जिसकी नींव संत थोमा ने 52 ईसवी में रखी। उस समय भारत और मध्य-पूर्व के बीच व्यापारी ताल्लुक़ात थे। इन व्याप ...

                                               

युवा पृथ्वी क्रिएशनिस्म

युवा पृथ्वी क्रिएशनिस्म एक धार्मिक मान्यता है कि ब्रह्माण्ड, पृथ्वी और पृथ्वी का सारा जीवन ईश्वर ने छह 24-घण्टे वाले दिनों में 5.700 से 10.000 वर्ष पूर्व बनाया था। इसके मुख्य अनुयायी वे ईसाई और यहूदी हैं जो जेनेसिस ग्रन्थ के सृजन वर्णन की लिटरल इ ...

                                               

योगमाया

योगमाया दैवी शक्ति है जो व्यक्ति पर एक आवरण डाल देता है। जिसको सही तरीक़े से आज तक कोई परिभाषित नहीं कर पाया है इसको जो जितना जान पाया उतना ही बता पाया है

                                               

पिशाच

पिशाच कल्पित प्राणी है जो जीवित प्राणियों के जीवन-सार खाकर जीवित रहते हैं आमतौपर उनका खून पीकर. हालांकि विशिष्ट रूप से इनका वर्णन मरे हुए किन्तु अलौकिक रूप से अनुप्राणित जीवों के रूप में किया गया, कुछ अप्रचलित परम्पराएं विश्वास करती थीं कि पिशाच ...

                                               

भूत-प्रेत का अपसारण

भूत-प्रेत का अपसारण अर्थात एक्सॉसिज़्म किसी ऐसे व्यक्ति अथवा स्थान से भूतों या अन्य आत्मिक तत्त्वों को निकालने की प्रथा है। जिसके बारे में विश्वास किया जाता है कि भूत ने उसे शपथ दिलाकर अपने वश में कर लिया है। यह प्रथा अत्यंत प्राचीन है तथा अनेक स ...

                                               

लुप्त होने वाला सहयात्री

गायब होने वाले सहयात्री की कहानी एक शहरी किंवदंती है, जिसमें वाहन से यात्रा कर रहे लोगों की या तो किसी सवारी करने के इच्छुक से मुलाकात होती है या फिर वे उसके साथ यात्रा करते हैं। बाद में यह व्यक्ति बिना किसी सूचना के और अकसर चलते वाहन से, गायब हो ...

                                               

आवाँ गार्द

आवाँ गार्द एक फ्रान्सीसी शब्द है जो उन व्यक्तियों या कृतियों के लिए प्रयुक्त होता है जो यथास्थितिवाद से हटकर हों या आमूलवादी हों। इन्हें हिन्दी में अग्रगामी या अग्रदल कह सकते हैं। ऐसी कृतियाँ या व्यक्ति पहले अपारम्परिक और अस्वीकार्य लगते हैं।

                                               

प्रभाववादोत्तर (पोस्ट-इम्प्रेशनिज़्म)

प्रभाववादोत्तर मुख्य रूप से एक फ्रांसीसी कला आंदोलन है, जो 1886 और 1905 के बीच आख़िरी प्रभाववाद प्रदर्शनी से लेकर फाउविज्म के जन्म तक लगभग विकसित हुआ था।प्रभाववादी प्रकाश और रंग के प्रकृतिवादी चित्रण के बारे में अत्यधिक चिंता करते थे। प्रभाववादोत ...

                                               

यथार्थवाद (कला)

सामाजिक यथार्थवाद का सम्बंध सामाजिक यथार्थवाद से है। यह एक अंतराष्ट्रीय कला आन्दोलन है। उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में यूरोपीय देशों में चित्रकारों, फोटोग्राफरों तथा फिल्म निर्माताओं ने उसकी शुरुआत की। सन् 1900 के आसपास रॉवर्ट हेनरी के नेतृत् ...

                                               

जाति प्रथा का विनाश

जाति प्रथा का विनाश डॉ॰ भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखे गये श्रेष्ठतम एवं प्रसिद्ध ग्रन्थों में एक है। इसका प्रकाशन वर्ष 1936 में हुआ। इसमें तत्कालीन जाति व्यवस्था का घोर विरोध किया एवं उस समय के धार्मिक नेताओं का भी विरोध किया गया। यह एक ऐसा भाषण है ...

                                               

उत्तर आधुनिकतावाद

उत्तर आधुनिकतावाद २०वीं शताब्दी के दूसरे भाग में दर्शनशास्त्र, कला, वास्तुशास्त्और आलोचना के क्षेत्रों में फैला एक सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने अपने से पहले प्रचलित आधुनिकतावाद को चुनौती दी और सांस्कृतिक वातावरण बदल डाला। इस नई विचारशैली में विचारध ...

                                               

समालोचनात्मक सिद्धांत

समालोचनात्मक सिद्धांत वह वैचारिक सम्प्रदाय है जिसमें समाज शास्त्और मानविकी के अध्ययन से प्राप्त ज्ञान से समाज व संस्कृति की आलोचनात्मक समीक्षा और मूल्यांकन किया जाता है। २०वीं शताब्दी के दार्शनशास्त्री मैक्स होर्कहाइमर के अनुसार "समालोचनात्मक सिद ...

                                               

स्वतन्त्र विचार

स्वतन्त्र विचार या मुक्त विचार से आशय ऐसी विचारधारा से है जो यह मानती है कि किसी भी मुद्दे की सत्यता पर विचार प्रकट करते समय तर्क, प्रमाण और तथ्यों को आधार बनाना चाहिए न कि किसी पद, परम्परा, ईश्वरोक्ति, या हठमत के आधार पर।

                                               

पायल

पायल जिसे पायजेब भी कहते है टखने पर पहनने वाला आभूषण है। भारत में लड़कियों और महिलाओं द्वारा सदियों से पायल और बिछिया पहने जाते हैं। पायल अक्सर चांदी या सोने के होती हैं लेकिन कभी कभार अन्य कम कीमती धातुओं से भी उसे बना सकते हैं। पायल में कुछ छोट ...

                                               

कसौटी

कसौटि एक छोटा, गहरा रंग पत्थर होता है आदि), जो स्वर्ण आदि मूल्यवान धातुओं को परखने के काम आती है। इसका तल अत्यन्त चिकना होता है जिस पर नरम धातुओं को रगड़ने से रेखा या निशाबन जाता है। स्वर्ण की विभिन्न मिश्रधातुएँ कसौटी पर अलग-अलग रंग का निशान बना ...

                                               

कहरुवा

अगर आप संगीत की ताल ढूंढ रहें हैं तो कहरवा का लेख देखिये कहरुवा या तृणमणि वृक्ष की ऐसी गोंद को कहते हैं जो समय के साथ सख़्त होकर पत्थर बन गई हो। दूसरे शब्दों में, यह जीवाश्म रेजिन है। यह देखने में एक कीमती पत्थर की तरह लगता है और प्राचीनकाल से इस ...

                                               

कुरुविंद (कृत्रिम)

कृत्रिम कुरुविंद पहले-पहल 1837 ई. में चूणित और निस्तप्त फिटकरी और पोटेसियम सल्फेट के मिश्रण को ऊँचे ताप पर गरम करने से बना था। पीछे इसके बनाने की अनेक विधियाँ निकली, जिनसे कुरुविंद के अतिरिक्त कृत्रिम माणिक और नीलम भी बनने लगे।

                                               

नीलम

नीलम एक रत्न श्रेणी का खनिज है। यह अल्यूमिनियम भस्म है, जब यह लाल के सिवाय अन्य वर्ण का होता है। नीलम प्रकृति में भी मिलता है, एवं कृत्रिम भी बनाया जाता है। अपनी उल्लेखनीय सख्तता के कारण कई अनुप्रयोगों में प्रयुक्त होता है, जैसे अधोरक्त दृष्टि सम ...

                                               

पन्ना

पन्ना, बेरिल 6) नामक खनिज का एक प्रकार है जो हरे रंग का होता है और जिसे क्रोमियम और कभी-कभी वैनेडियम की मात्रा से पहचाना जाता है। खनिज की कठोरता मापने वाले 10 अंकीय मोहस पैमाने पर बेरिल की कठोरता 7.5 से 8 तक होती है। अधिकांश पन्ने बहुत अधिक अंतर् ...

                                               

पुखराज

पुखराज एक बहुमूल्य रत्न होता है। बृहस्पति ग्रह से संबंधित रत्न, पुखराज को संस्कृत में पुष्पराग, हिन्दी में पुखराज कहा जाता है। चौबीस घंटे तक दूध में रखने पर यदि क्षीणता एवं फीकापन न आए तो असली होता है। पुखराज चिकना, चमकदार, पानीदार, पारदर्शी एवं ...