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बैताल पचीसी

बैताल पचीसी पच्चीस कथाओं से युक्त एक कथा ग्रन्थ है। इसके रचयिता बेताल भट्टराव थे। जो न्याय के लिये प्रसिद्ध राजा विक्रम के नौ रत्नों में से एक थे। ये कथाएं राजा विक्रम की न्याय-शक्ति का बोध कराती हैं। बेताल प्रतिदिन एक कहानी सुनाता है और अन्त में ...

                                               

बौधायन का शुल्बसूत्र

शुल्बसूत्रों में बौधायन का शुल्बसूत्र सबसे प्राचीन माना जाता है। इन शुल्बसूत्रों का रचना समय १२०० से ८०० ईसा पूर्व माना गया है। अपने एक सूत्र में बौधायन ने विकर्ण के वर्ग का नियम दिया है- दीर्घस्याक्षणया रज्जुः पार्श्वमानी तिर्यकं मानी च। यत्पृथग ...

                                               

ब्रिटैनिका विश्वकोष

एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका ब्रिटैनिका कंपनी द्वारा प्रकाशित अंग्रेजी भाषा का विश्वकोष है। कंपनी ने 32 खंडों में प्रकाशित होने वाले इस प्रिंट संस्करण का प्रकाशन बंद कर दिया है और अब डिजिटल संस्करण पर ध्यान दिये जाने की बात कही है। इंसाइक्लोपीडिया ...

                                               

ब्लॉगोत्सव

ब्लॉगोत्सव अंतर्जाल पर हुई साहित्योत्सव की परिकल्पना का मूर्तरूप है। परिकल्पना डॉट कॉम के संचालक-समन्वयक और हिंदी के मुख्य ब्लॉग विश्लेषक लखनऊ निवासी रवीन्द्र प्रभात ने अपने छ: सहयोगियों क्रमश: अविनाश वाचस्‍पति, रश्मि प्रभा, ज़ाक़िर अली रजनीश, रण ...

                                               

भड़ैंती

भड़ैंती का साधारण अर्थ है निम्नकोटि का प्रहसन जिसका उद्देश्य भावभंगी, मुद्रा, अभिनय, परिस्थिति या हँसी विनोद के द्वारा हास्य उत्पन्न करना होता है और जो चरित्र या रीति विषयक प्रहसनों से पूर्णत: पृथक होती है। हास्य नाटकों में तो भड़ैंती फार्स को प् ...

                                               

भारत दर्शन

न्यूज़ीलैंड से प्रकाशित भारत-दर्शन इंटरनेट पर विश्व का पहला हिन्दी प्रकाशन था। इसके पश्चात भारत से दैनिक जागरण और तत्पश्चात वेबदुनिया इंटरनेट पर प्रकाशित हुए। भारत दर्शन हिन्दी की एक ऑनलाइन वेब पत्रिका है। यह न्यूज़ीलैंड से प्रकाशित होने वाली एक ...

                                               

भारतीय छन्दशास्त्र

छन्द शब्द अनेक अर्थों में प्रयुक्त किया जाता है। "छन्दस्" वेद का पर्यायवाची नाम है। सामान्यतः वर्णों और मात्राओं की गेय-व्यवस्था को छन्द कहा जाता है। इसी अर्थ में पद्य शब्द का भी प्रयोग किया जाता है। पद्य अधिक व्यापक अर्थ में प्रयुक्त होता है। भा ...

                                               

भाष्य

संस्कृत साहित्य की परम्परा में उन ग्रन्थों को भाष्य, कहते हैं जो दूसरे ग्रन्थों के अर्थ की वृहद व्याख्या या टीका प्रस्तुत करते हैं। मुख्य रूप से सूत्र ग्रन्थों पर भाष्य लिखे गये हैं। सूत्रार्थो वर्ण्यते यत्र, पदैः सुत्रानुसारिभिः। स्वपदानि च वर्ण ...

                                               

भूखी पीढ़ी

भूखी पीढ़ी) मूलतः अमेरिकी साहित्य से प्रेरित बांग्ला साहित्य में उथलपुथल मचा देनेवाला एक आन्दोलन रहा है। यह साठ के दशक मे बिहार के पटना शहर मे कवि मलय रायचौधुरी के घर पर एकत्र देबी राय, शक्ति चट्टोपाध्याय और समीर रायचौधुरी के मस्तिष्क से उजागर हो ...

                                               

मथुरानाथ तर्कवागीश

मथुरानाथ तर्कवागीश नवद्वीप के विद्वन्मुकुट नैयायिक थे। इनके विशिष्ट पांडित्य के संमान में इन्हें "तर्कवागीश" कहा जाता था, इन्होंने "तत्त्वचिंतामणि" पर "रहस्य" नामक टीका की रचना की है। सचमुच "रहस्य" के बिना तत्वचिंतामणि के अनेक स्थान रहस्य ही रह ज ...

                                               

मध्यम वर्ग

समाज का वर्गीकरण समाजशास्त्र का विषय है। यह वर्गीकरण अधिकतर आर्थिक और शैक्षिक पृष्ठभूमि के आधापर होता है। समाज को उच्च मध्यम और निम्न तीन वर्गों में बाँटा जाता है। देश और काल के आधापर इन वर्गों का लक्षण अलग हो सकते हैं। सत्यजित राय ने जिस मध्यवर् ...

                                               

मराठी साहित्य

मराठी साहित्य की प्रारंभिक रचनाएँ यद्यपि 12वीं शती से उपलब्ध हैं तथापि मराठी भाषा की उत्पत्ति इसके लगभग 300 सौ वर्ष पूर्व अवश्य हो चुकी रही होगी। मैसूर प्रदेश के श्रवणबेलगोला नामक स्थान की गोमटेश्वर प्रतिमा के नीचेवाले भाग पर लिखी हुई "श्री चामुं ...

                                               

मर्गेरित युर्स्नर्

Électre ou la Chute des masques 1954 Mishima ou la vision du vide 1981 Feux 1936 DHadrien à Zénon: correspondance, 1951-1956, 2004 Souvenirs pieux 1974 Comme leau qui coule 1982 Mémoires dHadrien 1951 Alexis ou le Traité du vain combat 1929 Quoi? ...

                                               

महाकाव्य (एपिक)

महाकाव्य विश्व के प्रत्येक प्राचीन देश की सभ्यता-संस्कृति की अभिव्यक्ति का प्रबल माध्यम रहा है। भारत के रामायण’ और महाभारत और उधर यूनानी कवि होमर के ‘इलियड’ और ‘ओडिसी’ इसके उज्जवल प्रमाण हैं। इन महाकाव्यों के कथानक अपने-अपने देश के राष्ट्रीय इतिह ...

                                               

माध्यमिक तंत्र-साहित्य

प्राचीन आगमों या तंत्रों का नामनिर्देश अन्यत्र किया गया है। यहाँ माध्यमिक तंत्र साहित्य के विषय में बताया गया है। तन्त्र का भेदनिरूपण देवताओं के उपासनासंबंध से तंत्र का भेदनिरूपण संक्षेप में कुछ इस प्रकार होगा- 1. काली भैरव; महाकाल के नाना प्रकार ...

                                               

मानयोशू

मानयोशू, जापान का सबसे पुराना काव्य संकलन है, जिसको ७५९ ईसा पूर्व में नारा काल में संग्रहीत किया गया था। इस ग्रन्थ में जापान के कई महान कवियों की रचनाओं का समावेश है।. मानयोशू जिसका शाब्दिक अर्थ है दस हजार पत्तों का संग्रह Collection of Ten Thous ...

                                               

मिथक

नरक के मिथक प्राचीन पुराकथाओं का तत्त्व जो नवीन स्थितियों में नये अर्थ का वहन करे मिथक कहलाता है। मिथकों का जन्म ही इसलिए हुआ था कि वे प्रागैतिहासिक मनुष्य के उस आघात और आतंक को कम कर सकें, जो उसे प्रकृति से सहसा अलग होने पर महसूस हुआ था-और मिथक ...

                                               

मृच्छकटिकम्

मृच्छकटिकम् संस्कृत नाट्य साहित्य में सबसे अधिक लोकप्रिय रूपक है। इसमें 10 अंक है। इसके रचनाकार महाराज शूद्रक हैं। नाटक की पृष्टभूमि पाटलिपुत्र है। भरत के अनुसार दस रूपों में से यह मिश्र प्रकरण का सर्वोत्तम निदर्शन है। मृच्छकटिकम् नाटक इसका प्रमा ...

                                               

मेरा परिवार

मेरा परिवार संस्मरण-संग्रह की रचायिता महादेवी वर्मा हैं। इसमें उन्होंने अपने पालतू पशुओं के संस्मरण लिखे हैं। प्रस्तुत पुस्तक मे महदेवी वर्मा जी ने 9 संस्मरण लिखे हैं।

                                               

यन्त्र (संस्कृत)

यन्त्र शब्द भारतीय साहित्य में उपकरण, मशीन या युक्ति के अर्थ में आया है। ज्योतिष, रसशास्त्र, आयुर्वेद, गणित आदि में इस शब्द का प्रयोग हुआ है। ब्रह्मगुप्त द्वारा रचित ब्रह्मस्फुटसिद्धान्त में यन्त्राध्याय नामक २२वां अध्याय है। संस्कृत साहित्य में ...

                                               

यात्रावृत्तांत

यात्रावृत्तांत किसी स्थान में बाहर से आये व्यक्ति या व्यक्तियों के अनुभवों के बारे में लिखे वृतांत को कहते हैं। इसका प्रयोग पाठक मनोरंजन के लिए या फिर उसी स्थान में स्वयं यात्रा के लिए जानकारी प्राप्त करने के लिए करते हैं।

                                               

राजस्थानी भाषा और साहित्य

राजस्थानी आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं में से एक है, जिसका वास्तविक क्षेत्र वर्तमान राजस्थान प्रांत तक ही सीमित न होकर मध्यप्रदेश के कतिपय पूर्वी तथा दक्षिणी भाग में और पाकिस्तान के वहावलपुर जिले तथा दूसरे पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी सीमा प्रदेशों में भ ...

                                               

अद्भुत रामायण

अद्भुत रामायण संस्कृत भाषा में रचित 27 सर्गों का काव्यविशेष है। कहा जाता है, इस ग्रंथ के प्रणेता बाल्मीकि थे। किंतु इसकी भाषा और रचना से लगता है, किसी बहुत परवर्ती कवि ने इसका प्रणयन किया है।

                                               

रिपोर्ताज

रिपोर्ताज गद्य-लेखन की एक विधा है। रिपोर्ताज फ्रांसीसी भाषा का शब्द है। रिपोर्ट अंग्रेजी भाषा का शब्द है। रिपोर्ट किसी घटना के यथातथ्य वर्णन को कहते हैं। रिपोर्ट सामान्य रूप से समाचारपत्र के लिये लिखी जाती है और उसमें साहित्यिकता नहीं होती है। रि ...

                                               

रुसी भाषा का साहित्य

रूसी साहित्य से आशय रूस में रचित साहित्य के अलावा रूसी भाषा में रचित उन अनेकों देशों के साहित्य से है जो कभी रूसी साम्राज्य या सोवियत संघ के भाग थे। रूसी साहित्य की रचना मध्यकाल में आरम्भ हुई थी जब पुरानी रूसी में महाकाव्य तथा इतिहास की रचना हुई ...

                                               

रेड पैम्फलेट

बंगाल में 1897 में निकाला गया इस्लाम प्रचार साहित्य जो पूर्वी बंगाल के जमिंदाऔर महाजनों के शोषण को उसके हिंदू होने से जोड़कर देखता था। इस तरह के साहित्य ने सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया।

                                               

लघुकथा

हिंदी साहित्य में लघुकथा नवीनतम् विधा है। हिंदी की प्रथम लघुकथा के बारे में विभिन्न विद्वानों के विभिन्न मत हैं। हिंदी के अन्य सभी विधाओं की तुलना में अधिक लघुआकार होने के कारण यह समकालीन पाठकों के ज्यादा करीब है और सिर्फ़ इतना ही नहीं यह अपनी वि ...

                                               

लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स

लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स, कीर्तिमान भारतीयों और भारत सम्बंधित अद्भुत चीजो को रिकार्ड्स दर्ज करने वाली भारतीय मूल की रिकॉर्ड पुस्तक हैं।

                                               

लुसिअ एच्हेबरिअ

El club de las malas madres 2009 Cosmofobia 2007 En brazos de la mujer fetiche 2002 Ya no sufro por amor 2005. Lo verdadero es un momento de lo falso 2010 Actos de amor y placer 2004. Estación de infierno 2001. Nosotras que no somos como las demá ...

                                               

लेख

लेख साहित्य की एक मूलभूत विधा है। जिसमें हम किसी भी विषय को विस्तार से लिखते हैं। इसका आदि अंत और मध्य होता है। अनेक अनुच्छेदों में विषय को विभाजित किया जाता है और विषय से संबंधित जानकारी को रोचक तरीके से समझाने का प्रयत्न किया जाता है। लेख केवल ...

                                               

लौकिक साहित्य

लौकिक साहित्य से अभिप्राय उस साहित्य से है जो लोक संवेदना से उपजकर उसका संवर्धन, संचयन और प्रकटीकरण करता है। इसके साथ ही वह लोक जीवन से अविच्छन्न रहकर लोक का कंठहार बना रहता है। इसके संरक्षण का दायित्व लोक द्वारा ही निभाया जाता है।

                                               

विज्ञान कथा साहित्य

विज्ञान कथा, काल्पनिक साहित्य की ही वह विधा है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के संभावित परिवर्तनों को लेकर उपजी मानवीय प्रतिक्रिया को कथात्मक अभिव्यक्ति देती है। मेरी शेली की द फ्रन्केनस्टआईन पहली विज्ञान कथात्मक कृति मानी जाती है। अमेरिका और ब्रिटे ...

                                               

व्यंग्य

व्यंग्य साहित्य की एक विधा है जिसमें उपहास, मज़ाक और इसी क्रम में आलोचना का प्रभाव रहता है। यूरोप में डिवाइन कॉमेडी, दांते की लैटिन में लिखी किताब को मध्यकालीन व्यंग्य का महत्वपूर्ण कार्य माना जाता है, जिसमें तत्कालीन व्यवस्था का मज़ाक उड़ाया गया ...

                                               

व्यंग्यरचना

व्यंग्यरचना "बरलेस्क" शब्द का प्रयोग इंगलैंड में राजसत्ता की पुन: स्थापना से कुछ वर्ष पूर्व ही हुआ जिसका अर्थ पहले मुक्त विनोद ही था, साहित्यिक पद्धति नहीं। उसके पश्चात् "ड्रोल" के पर्याय के रूप में इसका प्रयोग हुआ जिसका अर्थ था अत्यंत हास्यजनक। ...

                                               

व्येरा लुदीकोवा

व्येरा लुदीकोवा चेक कवि है। उसका जन्म १६ जून १९४३ हुआ। वह आध्यात्मिक काव्य लिखती है। उसकी कविताओं का बहुत-सी भाषाओं में अनुवाद किया गया है। अक्सर कविताओं का एस्पेरांतो भाषा में अनुवाद किया गया है। कुछ उसकी कविताएँ हिंदी में भी उपलब्ध हैं। जिन पुस ...

                                               

काव्यशास्त्र

काव्यशास्त्र काव्य और साहित्य का दर्शन तथा विज्ञान है। यह काव्यकृतियों के विश्लेषण के आधापर समय-समय पर उद्भावित सिद्धान्तों की ज्ञानराशि है। काव्यशास्त्र के लिए पुराने नाम साहित्यशास्त्र तथा अलंकारशास्त्र हैं और साहित्य के व्यापक रचनात्मक वाङ्मय ...

                                               

शिवकुमार मिश्र (आलोचक)

शिवकुमार मिश्र हिन्दी साहित्य के प्रतिबद्ध मार्क्सवादी आलोचक थे। मुख्यतः सैद्धांतिक आलोचना के क्षेत्र में गतिशील रहने के बावजूद व्यावहारिक आलोचना से भी उनका जुड़ाव बना रहा है। गहन विवेचन में भी सहज संप्रेषणीयता उनके लेखन की आद्यन्त विशेषता रही है।

                                               

शीतल वाणी

शीतल वाणी हिंदी भाषा की एक प्रतिष्ठित पत्रिका हैं। डॉ॰ वीरेंद्र आज़म इसके सम्पादक हैं। यह पत्रिका उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से प्रकाशित होती हैं।पत्रिका का प्रकाशन धनोपार्जन के लिए नहीं अपितु हिन्दी के नये और युवा रचनाकारों को मंच उपलब्ध कराना है। ...

                                               

शृंखला की कड़ियाँ

शृंखला की कड़ियाँ महादेवी वर्मा के समस्या मूलक निबंधों का संग्रह है। स्त्री-विमर्श इनमें प्रमुख हैं। डॉ॰ हृदय नारायण उपाध्याय के शब्दों में, "आज स्त्री-विमर्श की चर्चा हर ओर सुनाई पड़ रही है। महादेवी ने इसके लिए पृष्ठभूमि बहुत पहले तैयाकर दी थी। ...

                                               

शृंगारिक साहित्य

शृंगारिक साहित्य वह है जो पाठक में कामोत्तेजना पैदा करे या पैदा करने के निमित्त लिखी गयी हो। ऐसा साहित्य उपन्यास, लघुकथा, काव्य, सत्यकथा, या सेक्स-मैनुअल के रूप में हो सकते हैं। इसमें कल्पना का सहारा लिया जा सकता है या वास्तविक घटनाओ का। काफी पुर ...

                                               

शेषामृत

शेषामृत हिन्दी साहित्य को समर्पित पद्य प्रधान त्रैमासिक पत्रिका है, जो हाथरस, उत्तर प्रदेश से विमल साहित्य संवर्धक संस्था द्वारा वर्ष 2010 से नियमित रूप में प्रकाशित हो रही है। इसके सम्पादक अवशेष कुमार ‘विमल’, प्रबन्ध सम्पादक डॉ॰ एम. पी. ‘विमल’ त ...

                                               

श्रीकृष्णभट्ट कविकलानिधि

श्रीकृष्ण भट्ट कविकलानिधि सवाई जयसिंह के समकालीन, बूंदी और जयपुर के राजदरबारों से सम्मानित, आन्ध्र-तैलंग-भट्ट, संस्कृत और ब्रजभाषा के महाकवि थे। "सवाई जयसिंह द्वितीय 03 नवम्बर 1688 - 21 सितम्बर 1743 ने अपने समय में जिन विद्वत्परिवारों को बाहर से ...

                                               

श्रीहरिगीता

मानव धर्म कार्यालय, नयी दिल्ली के श्री दीनानाथ भार्गव दिनेश कृत, भगवद्गीता का हिन्दी पद्यानुवाद, श्री हरिगीता, कहलाता है। उत्तर भारत में लोग गीता के साथ साथ हरिगीता का पाठ भी करते हैं क्योंकि यह लोकभाषा में होने जल्दी समझ आता है और पद्य रूप में ह ...

                                               

संस्कृत साहित्य

ऋग्वेदकाल से लेकर आज तक संस्कृत भाषा के माध्यम से सभी प्रकार के वाङ्मय का निर्माण होता आ रहा है। हिमालय से लेकर कन्याकुमारी के छोर तक किसी न किसी रूप में संस्कृत का अध्ययन अध्यापन अब तक होता चल रहा है। भारतीय संस्कृति और विचारधारा का माध्यम होकर ...

                                               

संस्मरण

स्मृति के आधापर किसी विषय पर अथवा किसी व्यक्ति पर लिखित आलेख संस्मरण कहलाता है। यात्रा साहित्य भी इसके अन्तर्गत आता है। संस्मरण को साहित्यिक निबन्ध की एक प्रवृत्ति भी माना जा सकता है। ऐसी रचनाओं को संस्मरणात्मक निबंध कहा जा सकता है। व्यापक रूप से ...

                                               

संस्मरण (महादेवी वर्मा की एक रचना)

संस्मरण महादेवी वर्मा के संस्मरणों का संग्रह है। इसका प्रकाशन १९८३ में हुआ। इसमें पथ के साथी से लिगए ११ संस्मरण हैं। भूमिका भी वही है। केवल प्रकाशन तिथि का अंतर है। पुण्य स्मरण महात्मा गांधी संत राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन राजेन्द्रबाबू बाबू राजेन ...

                                               

साहित्य का समाजशास्त्र

साहित्य का समाजशास्त्र साहित्य और समाज के संबंधों का अध्ययन करने वाला शास्त्र है। इसके अंतर्गत शैली अध्ययन भी होने लगा है। इसकी उत्पत्ति अमेरिका मे हुई थी। समाजशास्त्रियों का यह प्रयास रहा है कि मार्क्सवादी समाजशास्त्र को भी इसी में सम्मिलित कर ल ...

                                               

आंग्ल-आयरी साहित्य

अंग्रेजों द्वारा आयरलैंड विजय करने का कार्य हेनरी द्वितीय द्वारा 12वीं शताब्दी में आरंभ हुआ और हेनरी अष्टम द्वारा 16वीं शताब्दी में पूर्ण हुआ। चार सौ वर्षों के संघर्ष के पश्चात् वह 20वीं शताब्दी में स्वतंत्र हुआ। इस दीर्घकाल में अंग्रेजों का प्रय ...

                                               

आंग्ल-नॉरमन साहित्य

रोमन विजय के बहुत पहले आर्यों के कुछ प्रारंभिक कबीले इंग्लैंड के दक्षिण एवं दक्षिण पश्चिम भागों में बस चुके थे। इन कबीलों में पहले तो गॉल तथा ब्राइटन आए, फिर रोमन आए। तत्पश्चात् सैक्सन और डेन आए और अंत में नॉर्मन आए। इतिहास से हमें लोगों के स्थान ...

                                               

कश्मीरी साहित्य

परम्परागत रूप से कश्मीर का साहित्य संस्कृत में था। नीचे काश्मीर के संस्कृत के प्रमुख साहित्यकारों के नाम दिये गये हैं- चरक, c. 300 BC. One of the most important authors in Ayurveda. वटेश्वर, b. 880, author of Vaṭeśvara-siddhānta. वसुगुप्त, 860-92 ...