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सामी भाषाएँ (यूरोप)

सामी भाषाएँ उत्तरी यूरोप में उत्तरी फ़िनलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और सुदूर पश्चिमोत्तरी रूस में बोली जाने वाली यूराली भाषाओं का एक समूह है। अक्सर ग़लती से इन सभी भाषाओं को एक ही भाषा समझा जाता है। इन भाषाओं को सामी लोग बोलते हैं, जिन्हें यूरोप में लैप ...

                                               

स्लावी भाषाएँ

स्लावी भाषाएँ या स्लावोनी भाषाएँ हिन्द-यूरोपीय भाषा परिवार की एक उपशाखा है जो पूर्वी यूरोप, बाल्कन क्षेत्और उत्तरी एशिया के साइबेरिया क्षेत्र में बोली जाती हैं। स्लावी भाषाएँ बोलने वाली मूल जातियों को स्लाव लोग कहा जाता है।

                                               

स्लोवेने भाषा

स्लोवेने या स्लोवेनियाई दुनियाभर में लगभग २४ लाख लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक दक्षिण स्लाव भाषा है, जिसमें से अधिकांश स्लोवेनिया में रहते हैं। स्लोवेने यूरोपीय संघ की 23 आधिकारिक भाषाओं में से एक है।

                                               

उलटा पिरामिड शैली

उलटा पिरामिड शैली एक लेखन शैली है जिसकी मदद से खबरें बुनी जाती है। इसे अंग्रेजी में इन्वर्टेड पिरामिड मैथोड कहा जाता है। यह 19वी सदी के मध्य से शुरु हुआ था।

                                               

संवाद

संवाद दो या दो से अधिक लोगों के बीच एक लिखित या बोले गए वार्तालाप विनिमय है और एक साहित्यिक और नाटकीय रूप है जो इस तरह के लेन-देन को दर्शाता है। संवाद कपोलकल्पना में, दो या दो से अधिक किरदारों के बीच एक मौखिक विनिमय है। साधारण भाषा में जिसे बात क ...

                                               

अंकन (लिपि)

अंकन लिपि, क्यूनिफार्म लिपि या कीलाक्षर विश्व में लिखने की प्राचीनतम विधियों में से एक है। छठी-सातवीं सदी ई.पू. से लगभग एक हजार वर्षों तक ईरान में किसी-न-किसी रूप में इसका प्रचलन रहा। प्राचीन फारसी या अवस्ताई के अलावा मध्ययुगी फारसी या ईरानी भी इ ...

                                               

अक्षरांकन

अक्षरांकन, सुलेख या कैलीग्राफी एक अक्षर कला है। इसकी सहायता से ब्रश/क्रोकिल/विभिन्न तरीके व स्ट्रोक के फाउण्टेन पेन व निब की सहायता से एक विशिष्ट शैली की स्वयं की लिखाई की डिजाइन प्रक्रिया को सीखा व अपनाया जाता हैं। आजकल का अक्षरांकन हस्तनिर्मित ...

                                               

अजटेक लिपि

अजटेक लिपि मेक्सिको के उत्तर पश्चिम एनिमास नदी की घाटी में स्थित रेड इंडियन आदिवासियों की भाषा और लिपि है। अजटेक भाषा और लिपि को स्थानीय भाषा में नहुआ या नहुअतल् कहा जाता है। अंग्रेजी और स्पेनी भाषा के माध्यम से इस भाषा के कतिपय शब्द अंतर्राष्ट्र ...

                                               

अन्तरराष्ट्रीय ध्वन्यात्मक संघ

अन्तरराष्ट्रीय ध्वन्यात्मक संघ एक अन्तरराष्ट्रीय संस्था है जो ध्वनिकी के वैज्ञानिक अध्ययन एवं अन्य व्यावहारिक उपयोगों को बढ़ावा देती है। इस संघ का मुख्य योगदान अंतरराष्ट्रीय ध्वन्यात्मक लिपि है जिसके माध्यम से विश्व की सभी भाषाओं की ध्वनियों का म ...

                                               

अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत लिप्यन्तरण वर्णमाला

अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत लिप्यन्तरण वर्णमाला एक लोकप्रिय लिप्यन्तरण स्कीम है जो कि इण्डिक लिपियों के हानिरहित रोमनकरण हेतु प्रयोग की जाती है। इसमें गैर-आस्की वर्णों का भी प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा छोटे-वर्ण और बड़े-वर्ण दोनो का प्रयोग किया ग ...

                                               

अरबी लिपि

अरबी लिपि में अरबी भाषा सहित कई भाषाएं लिखीजाती हैं। अरबी लिपि दाएँ से बाएँ लिखी जाती है। इसकी कई ध्वनियाँ उर्दू की ध्वनियों से अलग हैं। हर एक स्वर या व्यंजन के लिये जो अरबी भाषा में प्रयुक्त होता है एक और सिर्फ़ एक ही अक्षर है। ह्रस्व स्वरों की ...

                                               

कनाडा की ऐबोरजीनी लिपि

कनाडा के एक परिवार के ऐबोरजीनी स्क्रिप्ट लिखने के लिए इस्तेमाल किया abugidas ऐबोरजीनी कनाडा के कई भाषाओं के Algonquian, Inuit, और के परिवारों के Athabaskan भाषा है। वर्तमान में यह लिखने के लिए इस्तेमाल किया क्री के सभी बोलियों से Naskapi कबेक में ...

                                               

कवि लिपि

अक्षर कवि या कवि लिपि जावा में उत्पन्न एक लिपि है। इस लिपि का उपयोग ८वीं शताब्दी से आरम्भ होकर लगभग १५०० ई तक दक्षिणपूर्व एशिया में होता था। यह पल्लव लिपि से सीधे व्युत्पन्न है जिसे दक्षिण भारत के पल्लव राजवंश के समय व्यापारियों द्वारा जावा में ल ...

                                               

कानजी

कानजी, जापान द्वारा अपनागए शब्द-चिह्निक चीनी अक्षरों जिन्हें आधुनिक जापानी लेखन पद्धति में हिरागाना और काताकाना के साथ उपयोग किया जाता है। जापानी शब्द कानजी के चीनी अक्षरों का शाब्दिक अर्थ है "हान अक्षर" और चीनी शब्द हानज़ी के समान अक्षरों से लिख ...

                                               

किराँत लिपि

नेपाल में गोपाल वंशी, महिषपाल वंशीपछि किराँत वंश का शासन प्रारम्भ होता है। नवीं शताब्दी के बाद किरातवंशी राजा गालीजंगा का पोता शिरिजंगा ने पूर्वी नेपाल के अनेक स्वतन्त्र राजाओं को पराजित कर अपना आधिपत्य कायम किया और नईं लिपि का आविष्काकर किराँतक् ...

                                               

कैथी

कैथी एक ऐतिहासिक लिपि है मैं ममध्यकालीन भारत में प्रमुख रूप से उत्तर-पूर्व और उत्तर भारत में काफी बृहत रूप से प्रयोग किया जाता था। खासकर आज के उत्तर प्रदेश एवं बिहार के क्षेत्रों में इस लिपि में वैधानिक एवं प्रशासनिक कार्य किये जाने के भी प्रमाण ...

                                               

खरोष्ठी

सिंधु घाटी की चित्रलिपि को छोड़ कर, खरोष्ठी भारत की दो प्राचीनतम लिपियों में से एक है। यह दाएँ से बाएँ को लिखी जाती थी। सम्राट अशोक ने शाहबाजगढ़ी और मनसेहरा के अभिलेख खरोष्ठी लिपि में ही लिखवाए हैं। इसके प्रचलन की देश और कालपरक सीमाएँ ब्राह्मी की ...

                                               

खुदाबादी लिपि

खुदाबादी लिपि एक लिपि है जो सिन्धी भाषा को लिखने के लिये उपयोग की जाती है। इसे वानिकी, हटवानिकी या हटकई भी कहते हैं। इस लिपि का आविष्कार खुदाबंद के निवासी सिन्धी स्वर्णकार समुदाय के लोगों ने १५५० में किया था।

                                               

खोजकी

खोजकी एक लिपि है जो सिन्ध आदि दक्षिण एशिया के खोजा समुदाय द्वारा प्रयुक्त होती थी। इस लिपि में मुख्यतः मुस्लिम शिया इस्माइली साहित्य लिखा जाता था।

                                               

चन्द्रबिन्दु

चंद्रबिन्दु एक विशेषक चिह्न है जो देवनागरी, गुजराती, बांग्ला, ओडिया, तेलुगु तथा जावा की लिपि आदि में प्रयुक्त होता है। इसका आकार चन्द्रमा जैसा होने से इसे चन्द्रबिन्दु कहा जाता है। यह अनुनासिक को व्यक्त करता है। उदाहरण: चाँद, দাঁত ।

                                               

चाम लिपि

चाम लिपि ब्राह्मी लिपि से व्युत्पन्न एक लिपि है। यह चाम भाषा को लिखने के लिये प्रयुक्त होती है जो एक आस्ट्रोनेशियायी भाषा है। वियतनाम और कम्बोडिया के लगभग ढाई लाख लोग इसे बोलते हैं। यह लिपि देवनागरी की तरह बायें से दायें लिखी जाती है। चाम लिपि दक ...

                                               

चीनी भावचित्र

हानज़ी अथवा चीनी भावचित्र चीनी भाषा और जापानी भाषा लिखने के लिए इस्तेमाल होने वाले भावचित्र होते हैं। इन्हें चीनी के लिए जब प्रयोग किया जाए तो यह हानज़ी कहलाते हैं और जब जापानी के लिए प्रयोग किया जाए तो कानजी कहलाते हैं। पुराने ज़माने में इनका प् ...

                                               

चीनी लिपि

चीनी लिपि संसार की प्राचीनतम लिपियों में से है। यह चित्रलिपि का ही रूपांतर है और इसमें अक्षरों की बजाए हज़ारों चीनी भावचित्रों के द्वारा लिखा जाता है। इसमें मानव जाति के मस्तिष्क के विकास की अद्भुत् कहानी मिलती है - मानव ने किस प्रकार मछली, वृक्ष ...

                                               

जावाई लिपि

जावाई लिपि या अक्षर जावा या हनाक्षरक एक लिपि है जो इण्डोनेशिया की कैइ भाषाओं को लिखने में प्रयुक्त होती है। यह ब्राह्मी से व्युत्पन्न लिपि है इसलिये दक्षिण एशिया एवं दक्षिणपूर्व एशिया की अनेक आधुनिक लिपियों से इसका घनिष्ट सम्बंध है। यह जावा भाषा, ...

                                               

देवनागरी

देवनागरी एक भारतीय लिपि है जिसमें अनेक भारतीय भाषाएँ तथा कई विदेशी भाषाएँ लिखी जाती हैं। यह बायें से दायें लिखी जाती है। इसकी पहचान एक क्षैतिज रेखा से है जिसे शिरोरेखा कहते हैं। संस्कृत, पालि, हिंदी, मराठी, कोंकणी, सिंधी, कश्मीरी, हरियाणवी डोगरी, ...

                                               

देवनागरी का इतिहास

देवनागरी लिपि की जड़ें प्राचीन ब्राह्मी परिवार में हैं। गुजरात के कुछ शिलालेखों की लिपि, जो प्रथम शताब्दी से चौथी शताब्दी के बीच के हैं, नागरी लिपि से बहुत मेल खाती है। ७वीं शताब्दी और उसके बाद नागरी का प्रयोग लगातार देखा जा सकता है।

                                               

नन्दिनागरी

,m nbvgyhujkkkknb vvbhgjk puto ala लिपि है जो नागरी लिपि और ब्राह्मी से व्युत्पन्न है। नन्दिनागरी, नागरी लिपि की पश्चिमी शैली है। नन्दिनागरी में लिखित शिलालेख और पाण्डुलिपियाँ दक्षिण भारत के कुछ प्रदेशों के पश्चिमी भागों में भी प्राप्त हुए हैं। । ...

                                               

नस्तालीक़

नस्तालीक़, इस्लामी कैलिग्राफ़ी की एक प्रमुख पद्धति है। इसका जन्म इरान में चौदहवीं-पन्द्रहवीं शताब्दी में हुआ। यह इरान, दक्षिणी एशिया एवं तुर्की के क्षेत्रों में बहुतायत में प्रयोग की जाती रही है। कभी कभी इसका प्रयोग अरबी लिखने के लिये भी किया जात ...

                                               

नागरी एवं भारतीय भाषाएँ

विनोबा जी की मान्यता थी कि- - सभी भारतीय भाषाओं के लिए देवनागरी का प्रयोग हो, इससे राष्ट्रीय एकता और अन्तरराष्ट्रीय सद्भाव लाने में सहायता मिलेगी। विनोबा जी राष्ट्र संत थे। वे सभी के अभ्युदय की कामना करते थे। सर्वोदय आंदोलन का उद्देश्य भी यही था। ...

                                               

नारायम

नारायम ; संस्कृत: नाराचः) लेखन का एक प्राचीन उपकरण का नाम है जो भारत, श्री लंका एवं अन्य दक्षिण एशियाई देशों तथा आसपास के अन्य देशों में प्राचीन काल से प्रयुक्त होता आ रहा है। यद्यपि यह स्वरूप एवं कार्य में आजकल के पेन जैसा ही हूता था, किन्तु रंग ...

                                               

नुक़्ता

नुक़्ता देवनागरी, गुरमुखी और अन्य ब्राह्मी परिवार की लिपियों में किसी व्यंजन अक्षर के नीचे लगाए जाने वाले बिन्दु को कहते हैं। इस से उस अक्षर का उच्चारण परिवर्तित होकर किसी अन्य व्यंजन का हो जाता है। मूल रूप से नुक़्ता अरबी भाषा का शब्द है और इसका ...

                                               

नोटो फॉण्ट

नोटो एक फॉण्ट-परिवार है। यह उन सभी लिपियों के लिये फॉण्ट की सुविधा प्रदान करेगा जो यूनिकोड मानक में कोडित हो चुकी हैं । इस फॉण्ट की डिजाइन इस प्रकार की गयी है कि कई लिपियों को मिश्रित करने पर भी वह देखने में सुन्दर और समस्यारहित दिखेगी। । यह फॉण् ...

                                               

पंचमाक्षर

ब्राह्मी लिपि एवं उससे व्युत्पन्न अधिकांश लिपियों की वर्णमाला के प्रत्येक वर्ग के पांचवें वर्णों के समूह को पञ्चमाक्षर या पंचमाक्षर कहते हैं । देवनागरी में ङ, ञ, ण, न तथा म पञ्चमाक्षर हैं। विभिन्न भाषाओं में पञ्चमाक्षरों का प्रयोग होता है। सभी भा ...

                                               

पुरानी तुर्की लिपि

पुरानी तुर्की लिपि, जिसे ओरख़ोन लिपि, ओरख़ोन-येनिसेय लिपि और गोएकतुर्क लिपि भी कहते हैं, गोएकतुर्क और अन्य तुर्की-भाषी ख़ानतों द्वारा पुरानी तुर्की भाषा को लिखने के लिए ८वीं से लेकर १०वीं सदी तक प्रयोग होने वाली एक वर्णमाला थी। इसे कभी-कभी रूनीनु ...

                                               

फ़ारसी-अरबी लिपि

फ़ारसी-अरबी लिपि या सिर्फ़ फ़ारसी लिपि अरबी लिपि पर आधारित एक लिपि है जिसका प्रयोग फ़ारसी, उर्दू, सिन्धी, पंजाबी और अन्य भाषाओँ को लिखने के लिए किया जाता है। इसका इजाद मुख्य रूप से इसलिए हुआ क्योंकि फ़ारसी में कुछ ध्वनियाँ हैं जो अरबी भाषा में नह ...

                                               

ब्राह्मी लिपि

ब्राह्मी लिपि भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है। इसके प्रयोग के प्राचीन उदाहरण अशोक के अभिलेखों के रूप में उपलब्ध हैं। यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती है।

                                               

ब्रेल पद्धति

ब्रेल पद्धति एक तरह की लिपि है, जिसको विश्व भर में नेत्रहीनों को पढ़ने और लिखने में छूकर व्यवहार में लाया जाता है। इस पद्धति का आविष्कार १884 में एक नेत्रहीन फ्रांसीसी लेखक लुई ब्रेल ने किया था। यह अलग-अलग अक्षरों, संख्याओं और विराम चिन्हों को दर ...

                                               

भारती ब्रेल

भारतीय लिपियों को ब्रेल पद्धति से निरूपित करने के लिये विकसित एकसमान व्यवस्था को भारती ब्रेल कहते हैं। सन् 1951 के आसपास भारतीय लिपियों को लिखने की एकीकृत व्यवस्था स्वीकृत कर ली गयी जो श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश ने भी स्वीकाकर लिया है। भारती ब ...

                                               

मंगोल लिपि

मंगोल लिपि, जिसे उईग़ुरजिन भी कहते हैं, मंगोल भाषा को लिखने की सर्वप्रथम लिपि और वर्णमाला थी। यह उईग़ुर भाषा के लिए प्रयोग होने वाली प्राचीन लिपि को लेकर विकसित की गई थी और बहुत अरसे तक मंगोल भाषा लिखने के लिए सब से महत्वपूर्ण लिपि का दर्जा रखती ...

                                               

मांचु लिपि

मांचु लिपि पूर्वोत्तर एशिया में बासनी वाले मांचुओं की मांचु भाषा को लिखने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक वर्णमाला भी है। ठीक ऐसी ही लिपि का प्रयोग सुदूर-पश्चिमी चीन के शिनजियांग प्रान्त में बसने वाले शिबू लोग भी अपनी भाषा के लिए करते हैं। यह ल ...

                                               

मोर्स कोड

मोर्स कोड, सन्देश भेजने की एक पद्धति है। इसकी रचना सैमुएल मोर्स ने १८४० के दशक के आरम्भिक वर्षों में वैद्युत टेलीग्राफ के माध्यम से सन्देश भेजने के लिये की थी। बाद में १८९० के दशक से मोर्स कोड का उपयोग रेडियो संचार के आरम्भिक दिनों में भी हुआ। मो ...

                                               

रूनी लिपि

रूनी वर्णमालाएँ प्राचीनकालीन यूरोप में कुछ जर्मैनी भाषाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली वर्णमालाओं को कहा जाता था जो रून नामक अक्षर प्रयोग करती थीं। समय के साथ जैसे-जैसे यूरोप में ईसाईकरण हुआ और लातिनी भाषा धार्मिक भाषा बन गई तो इन भाषाओं ने रोमन लिप ...

                                               

रोमन लिपि

रोमन लिपि लिखावट का वो तरीका है जिसमें अंग्रेज़ी सहित पश्चिमी और मध्य यूरोप की सारी भाषाएँ लिखी जाती हैं, जैसे जर्मन, फ़्रांसिसी, स्पैनिश, पुर्तगाली, इतालवी, डच, नॉर्वेजियन, स्वीडिश, रोमानियाई, इत्यादि। ये बायें से दायें लिखी और पढ़ी जाती है। अंग ...

                                               

रोमनागरी

रोमनागरी रोमन तथा देवनागरी का मिश्रित शब्द है। यह शब्द हिन्दी चिट्ठाकारों द्वारा प्रतिपादित किया गया था। यह चिट्ठाजगत में एक प्रचलित अपशब्द है। रोमनागरी का आशय है हिन्दी को रोमन लिपि में लिखना। उदाहरण के लिये: mera desh bharat hai. hum sab bharat ...

                                               

लेखन

भारत में लेखन ३३०० ईपू का है। सबसे पहले की लिपि ब्राह्मी लिपि थी, उसके पश्चात सरस्वती लिपि आई। देवनागरी लिपि, गुरुमुखी लिपि, आदि भी प्रसिद्ध लिपियाँ हैं।

                                               

विशेषक चिह्न

किसी वर्ण के मूल चिह्न के ऊपर, नीचे, अलग-बगल लगने वाले चिह्नों को विशेषक चिह्न कहते हैं। विशेषक चिह्न लगाने के बाद मूल वर्ण का उच्चारण/नाम/अर्थ आदि बदल जाते हैं। कुछ विशेषक चिह्न जैसे एक्यूट तथा ग्रेव को प्रायः आघात कहा जाता है। देवनागरी के व्यंज ...

                                               

शब्द-चिह्न

शब्द-चिह्न या लोगोग्राम उस लिपि को कहते हैं जिसमें एक अकेला वर्ण एक पूर्ण शब्द को निरूपित करता है। चीनी भाषा के अधिकांश वर्ण, शब्द-चिह्न हैं। इस लिपि-समूह में कुछ सबसे पुरानी लिपियाँ जैसे चीनी, अफ्रीकाई, मध्य अमेरिकाई आदि आती हैं।

                                               

शब्दांश-माला

शब्दांश-माला लिखित चिह्नों के ऐसे समूह को कहते है जिसका हर एक चिह्न किसी एक की शब्दांश ध्वनि दर्शाता है और जिन्हें जोड़कर शब्द बनाए जाते हैं। शब्दांश-मालाओं और वर्णमालाओं में एक गहरा फ़र्क है कि शब्दांश-मालाओं में एक ही स्वर या व्यंजन शामिल करने ...

                                               

शा वर्णमाला

शा वर्णमाला अंग्रेजी भाषा को लिखने के लिये आविष्कृत एक वैकल्पिक लिपि है। रोमन में अंग्रेजी लिखने के कारण अंग्रेजी एवं अन्य यूरोपीय भाषाओं में वर्तनी की कठिन समस्या है। शा वर्णमाला के उपयोग से अंग्रेजी की स्पेलिंग सरल एवं ध्वन्यात्मक हो जायेगी। जा ...

                                               

शाहमुखी लिपि

शाहमुखी लिपि एक फारसी-अरबी लिपि है जो पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के मुसलमानों द्वारा पंजाबी भाषा लिखने के लिये उपयोग में लायी जाती है। भारतीय पंजाब के हिन्दू और सिख पंजाबी लिखने के लिये गुरुमुखी लिपि का उपयोग करते हैं। शाहमुखी, दायें से बायें लिख ...