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अंग्रेज़

कुछ समय पहले से अंग्रेज़ लोग ग्रेट ब्रिटेन के अन्य भागों में और उत्तरी आयरलैण्ड में बसने लग गये लेकिन उनकी संख्या का अनुमान नहीं लगाया जा सकता क्योंकि ब्रितानी जनगणना में ऐतिहासिक रूप से इस तरह का ध्यान नहीं रखा जाता था। यद्यपि, जनगणना में लिखे ज ...

                                               

अंग्रेजी शब्दकोशों का इतिहास

लातिन की शब्दसूचियों ने आधुनिक कोश-रचना-पद्धति का जिस प्रकार विकास किया, अंग्रेज कोशों के विकास क्रम में उसे देखा जा सकता है। आरंभ में इन शब्दार्थसूचियों का प्रधान विधान था क्लिष्ट लातिन शब्दों का सरल लातिन भाषा में अर्थ सूचित करना। धीरे-धीरे सुव ...

                                               

पैराडाइज लॉस्ट

पैराडाइज लॉस्ट, जॉन मिल्टन नामक आंग्ल कवि का लिखा हुआ एक महाकाव्य है। इस महाकाव्य को लिखने की इच्छा उनके मन में 1639 में ही अंकुरित हुई थी, परंतु लिखने का काम पूरी लगन के साथ सन् 1658 से शुरू हो सका। यह सन् 1663 में समाप्त हुआ। चार साल के बाद यह ...

                                               

अन्तरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस

30 सितंबर अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस के रूप में मनाया जाता है। अनुवाद दिवस बाइबल के अनुवादक सेंट जीरोम की स्मृति में मनाया जाता है। इस वर्ष की विषयवस्तु विषय "द चेंजिंग फेस ऑफ़ ट्रांसलेशन एण्ड इंटरप्रेटिंग" हैं। अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस हर साल 3 ...

                                               

मेरा क़ज़ाख़स्तान

मेरा कज़ाख़िस्तान कज़ाख़िस्तान का वर्तमान राष्टृगान है। इसे ७ जनवरी, २००६ को सन्सद द्वारा स्वीकृत किया गया था। इस देशभक्ति के गीत को सोवियत काल के दौरान लिखा गया था। इस गान के संगीतकार शाम्शी काल्दयाकोव हैं और बोल जुमेकिन नाजिमेदिनोव ने लिखे थे।

                                               

इनुइत भाषाएँ

इनुइत भाषाएँ मूल अमेरिकी भाषाओं का एक समूह है जो मुख्यतः उत्तर अमेरिकी आर्कटिक और उपार्कटिक लैब्राडोर में बोली जाती है। इनसे सम्बन्धित यूपिक भाषाएँ पश्चिमी व दक्षिणी अलास्का और रूस के साइबेरिया क्षेत्र के सुदूर पूर्व के चुकची प्रायद्वीप में बोली ...

                                               

कत्चल भाषा

कत्चल भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। इसके मातृभाषी कत्चल द्वीप पर केन्द्रित हैं। इसके पड़ोसी ट्रिन्केट द्वीप पर इसकी एक उपभाषा बोली जाती है। कत्चल भाषा और ट्रिन्केट भ ...

                                               

कमोर्ता भाषा

कमोर्ता भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। इसके मातृभाषी कमोर्ता द्वीप पर केन्द्रित हैं।

                                               

कार भाषा

कार भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। यह सबसे अधिक बोली जाने वाली निकोबारी भाषा है और कार निकोबार द्वीप पर केन्द्रित है। कार भाषा में अभिश्लेषण देखा जाता है। यह वियतनामी ...

                                               

कोरयाक भाषा

कोरयाक भाषा रूस के साइबेरिया क्षेत्र के सुदूर पूर्वोत्तर के कमचातका क्राय में बसने वाले कोरयाक समुदाय द्वारा बोली जाने वाली एक चुकोत्को-कमचातकी भाषा है। सन् 2010 की जनगणना के अनुसार कोरयाक समुदाय में 8.022 लोग थे जिनमें से केवल 1.665 कोरयाक बोलते ...

                                               

क्वेशुआ भाषाएं

क्वेशुआ दक्षिण अमेरिका के एण्डीज़ पर्वत क्षेत्र के मूल निवासियों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं का एक परिवार है। यह सभी एक विलुप्त आदि-क्वेशुआ भाषा की वंशज हैं और आधुनिक युग में लगभग ९० लाख लोगों द्वारा बोली जाती हैं।

                                               

चुकची भाषा

चुकची भाषा रूस के साइबेरिया क्षेत्र के सुदूर पूर्वोत्तर के चुकची प्रायद्वीप में बसने वाले चुकची समुदाय द्वारा बोली जाते वाली एक चुकोत्को-कमचातकी भाषा है। सन् 2002 की रूसी राष्ट्रीय जनगणना के अनुसार चुकची समुदाय में 15.700 लोग थे जिनमें से केवल 7. ...

                                               

चौरा भाषा

चौरा या तुतेत भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। इसके मातृभाषी चौरा द्वीप पर केन्द्रित हैं।

                                               

टोडा भाषा

टोडा भाषा भारत की एक द्रविड़ भाषा-परिवार की तमिल-कन्नड़ शाखा की भाषा है जो अपने स्वरों में संघर्षी व लुण्ठित व्यंजनों की भरपूर मौजूदगी के लिए जानी जाती है। इसे तमिल नाडु के नीलगिरि क्षेत्र में बसने वाला टोडा समुदाय बोलता है। इसके बोलने वालों की स ...

                                               

तिब्बताई भाषाएँ

तिब्बताई भाषाएँ तिब्बती-बर्मी भाषाओं का एक समूह है जो पूर्वी मध्य एशिया के तिब्बत के पठाऔर भारतीय उपमहाद्वीप के कई उत्तरी क्षेत्रों में तिब्बती लोगों द्वारा बोली जाती हैं। यह चीन द्वारा नियंत्रित तिब्बत, चिंगहई, गान्सू और युन्नान प्रान्तों में, भ ...

                                               

तेरेस्सा भाषा

तेरेस्सा या ताइह-लोंग भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। इसके मातृभाषी तेरेस्सा द्वीप पर केन्द्रित हैं।

                                               

दक्षिण निकोबारी भाषा

दक्षिण निकोबारी भाषा भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। इसके मातृभाषी छोटे निकोबार द्वीप और बड़े निकोबार द्वीप पर केन्द्रित हैं। कोन्डुल और पुलो मिलो द्वीपों के रहने वाले ...

                                               

नन्कोव्री भाषा

नन्कोव्री भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। इसके मातृभाषी नन्कोव्री द्वीप और उसके पास स्थित कुछ द्वीपों पर केन्द्रित हैं।

                                               

ब्राहुई भाषा

ब्राहुई या ब्राहवी एक द्रविड़ भाषा है। यह भाषा पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के ब्राहुई लोगों द्वारा तथा क़तर, संयुक्त अरब अमीरात, इराक़ व ईरान के आप्रवासी समुदायों द्वारा बोली जाती है। यह अपनी निकटतम द्राविड़-भाषी जनसंख्या से १५०० किमी से भी अधिक क ...

                                               

मध्य निकोबारी भाषाएँ

मध्य निकोबारी भाषाएँ भारत के निकोबार द्वीपसमूह में बोली जाने वाली भाषाओं का एक समूह है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की उपशाखा है। इसकी भिन्न भाषाओं को बोलने वाले एक-दूसरे को समझ नहीं सकते। केवल कत्चल और ट्रिन्केट भाषाओं को बोलने बाले ...

                                               

शोम्पेन भाषा

शोम्पेन या शोम पेंग भारत के निकोबार द्वीपसमूह के बड़े निकोबार द्वीप पर बोली जाने वाली एक भाषा है जो ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं की निकोबारी शाखा की सदस्य है। इसकी दो ज्ञात उपभाषाएँ हैं - कलाय और केयेत। शोम्पेन बोलने वाले अधिकांश लोग बड़ा निकोबार जैवमण् ...

                                               

पुरानी अरबी

पुरानी अरबी अरबी भाषा का सबसे पुराना प्रमाणित चरण है, जो 9वीं शताब्दी ईसा पूर्व में व्यक्तिगत नामों के पहले प्रमाणन के साथ शुरू होता है, और 7 वीं शताब्दी ईस्वी में शास्त्रीय अरबी के संहिताकरण में समापन होता है। मूल रूप से सफैतिक और हिस्मैसिक शिला ...

                                               

शास्त्रीय अरबी

शास्त्रीय अरबी 7 वीं शताब्दी ईस्वी से 9वीं शताब्दी ईस्वी तक उमायाद और अब्बासिद साहित्यिक ग्रंथों में उपयोग की जाने वाली अरबी भाषा का रूप है। कुरान की पौराणिक कथाओं को शास्त्रीय अरबी के मानकीकृत रूप के लिए विकसित नहीं किया गया था। आधुनिक मानक अरबी ...

                                               

अवधी दिवस

अवधी भाषा दिवस प्रत्येक वर्ष को रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर मनाई जाती हैं। अवध की संस्कृति, भाषा, साहित्य, लोककला, नृत्य-संगीत व परम्पराओं को फिर से प्रतिष्ठड्ढा दिलाने के उद्ड्ढदेश्य से श्रीरामचरित मानस के रचयिता महाकवि तुलस ...

                                               

आद्या प्रसाद उन्मत्त

आद्या प्रसाद उन्मत्त अवधी भाषा के प्रख्यात साहित्यकार व कवि थेे। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मल्हूपुर गाँव में हुआ था। "माटी अउर महतारी" इनकी अवधी कविताओ का संग्रह हैं। अवधी सम्राट कहे जाने वाले उन्मत्त की रचनाएं अवध विश्वविद्याल ...

                                               

कवि मृगेश

मृगेश का जन्म उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर में 12 जनवरी 1910 को हुआ था। इनके पिता का नाम गुलाब सिंह था। यह क्षत्रिय रैकवार परिवार से थे। अवधी भाषा की कविताओं में उल्लेखनीय योगदान के कारण इन्हें कवि गुरु मृगेश भी कहा जाता है। मृगेश जी क ...

                                               

पढ़ीस

पढ़ीस जी का जन्म १८९८ ई. में उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला में अम्बरपुर गाँव में हुआ था। खड़ी बोली, हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू का ज्ञान होने के बाद भी पढ़ीस जी कविता अपनी मातृभाषा यानी अवधी में ही लिखते थे। पढ़ीस जी ने अपने आदर्शों के अनुसार सरकारी ...

                                               

रफ़ीक़ शादानी

रफ़ीक़ शादानी एक भारतीय कवि थे जो अवधी, हिन्दी व उर्दु भाषाओं में लिखते थे। वे अपने व्यंग्य और कटूपहास के लिये जाने जाते हैं। मध्य उत्तर प्रदेश की लोक-बोली का प्रयोग करने वाले रफ़ीक़ शादानी अपने राजनैतिक व्यंगय के लिये भी जाने जाते हैं। उन्होने व ...

                                               

वंशीधर शुक्ल

वंशीधर शुक्ल Pt. Vanshidhar Shukla एक हिंदी और अवधी भाषा के कवि और स्वतंत्रता सेनानी व राजनेता थे। इनके पिता छेदीलाल शुक्ल भी एक कवि थे। वंशीधर शुक्ल जी महात्मा गाँधी के आन्दोलन से भी भाग लिए। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी विधान सभा से वें विधायक ...

                                               

कचाई-फदांग भाषा

कचाई-फदांग एक भाषा है जो भारत के मणिपुर में कचाई और फदांग और उनके पड़ोसी गांवों में बोली जाती है। यह तांगखुली भाषा समूह में आती है। अतः यह तांगखुल भाषा से काफ़ी मेल खाती है। यह पश्चिम-मध्य उखरुल जिले के कचाई गांव में लगभग 3.000 लोगों द्वारा बोली ...

                                               

कोडा भाषा

कीर भाषा भारत की संकटग्रस्त भाषाओं में से एक है। यह भेद्य है। आईएसओ कोड: name=कीर समाज "> Moseley, Christopher, संपा॰. Atlas of the World’s Languages in Danger. Memory of Peoples. Paris: UNESCO Publishing. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-92-3-104096-2. अभिगम ...

                                               

टोटो भाषा

टोटो एक चीनी-तिब्बती भाषा है जो भारत और भूटान की सीमा पर टोटो आदिवासियों द्वारा टोटोपारा में बोली जाती है। हिमालयाई भाषा परियोजना टोटो के व्याकरण के पहली तस्वीर बनाने का प्रयास कर रही है। टोटो भाषा यूनेस्को द्वारा गंभीर रूप से लुप्तप्राय भाषाओं क ...

                                               

डोटेली भाषा

डोटेली एक हिन्द-आर्य भाषा है जो लगभग 8.00.000 लोगों द्वारा बोली जाती है, जिसमें से अधिकतर नेपाल में रहते हैं। पारम्परिक रूप से इसे नेपाली भाषा की पश्चिमी बोली माना गया था। नेपाल के अन्तरिम संविधान 2063 के भाग 1, अनुभाग 5 के अनुसार इसे आधिकारिक भा ...

                                               

तांगखुली भाषाएँ

तांगखुली और तांगखुल भाषाएं भारत के पूर्वोत्तर मणिपुर में बोली जाने वाली चीन-तिब्बती भाषाओं का एक समूह है। भले ही ये भाषाएँ पारंपरिक रूप से "नागा" के रूप में वर्गीकृत क्यों न हों, किंतु वे स्पष्ट रूप से अन्य नागा भाषाओं से संबंधित नहीं हैं। फ़िलहा ...

                                               

तेतुम भाषा

तेतुम / ˈ t ɛ t ʊ m, जिसे तेतुन नाम से भी जानते हैं, एक ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा है जो कि तिमोर द्वीप पर बोली जाती है। यह इण्डोनेशिया के पश्चिम तिमोर के बेलु रीजेंसी में बोली जाती है तथा पूर्व तिमोर में बोली जाती है जहाँ यह दो आधिकारिक भाषाओं में से ए ...

                                               

हड़ौती भाषा

हड़ौती एक राजस्थानी भाषा है, जो दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के हड़ौती क्षेत्र में लगभग चालीस लाख लोगों द्वारा बोली जाती है, जो जिला कोटा, बूंदी, झालावाड और मध्य प्रदेश के बारां और पड़ोसी इलाकों में बोली जाती है। इसमें एक कर्ता मार्कर ने आता है, जो अन ...

                                               

भाषा वियोजक

भाषा वियोजक ऐसी प्राकृतिक भाषा है जिसका किसी भी अन्य भाषा से कोई जातीय सम्बन्ध न हो, यानि जो अपने भाषा परिवार में बिलकुल अकेली हो और जिसका किसी भी अन्य भाषा के साथ कोई सांझी पूर्वज भाषा न हो। यूरोप की बास्क भाषा और एशिया की कोरियाई भाषा इसके उदाह ...

                                               

निहाली भाषा

निहाली भाषा पश्चिम-मध्य भारत के मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र राज्यों के कुछ छोटे भागों में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह एक भाषा वियोजक है, यानि विश्व की किसी भी अन्य भाषा से कोई ज्ञात जातीय सम्बन्ध नहीं रखती और अपने भाषा-परिवार की एकमात्र ज्ञात भाषा ...

                                               

बुरुशस्की

बुरुशस्की एक भाषा है जो पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र के उत्तरी भागों में बुरुशो समुदाय द्वारा बोली जाती है। यह एक भाषा वियोजक है, यानि विश्व की किसी भी अन्य भाषा से कोई ज्ञात जातीय सम्बन्ध नहीं रखती और अपने भाषा-परिवार की एकमात् ...

                                               

साख़ा भाषा

साख़ा या याकूती रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित साख़ा गणतंत्र में साख़ा लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक तुर्की भाषा है। यह एक अभिश्लेषण और स्वर सहयोग इस्तेमाल करने वाली भाषा है। साख़ा गणतंत्र के पास स्थित तैमिर प्रायद्वीप में बोली जाने वाली दोल ...

                                               

कँगनी

कंगनी या टांगुन मोटे अन्नों में दूसरी सबसे अधिक बोई जाने वाली फसल है, खासतौपर पूर्वी एशिया में। चीन में तो इसे ईसा पूर्व ६००० वर्ष से उगाया जा रहा है, इसे चीनी बाजरा भी कहते हैं। यह एकवर्षीय घास है जिसका पौधा ४ - ७ फीट ऊँचा होता है, बीज बहुत महीन ...

                                               

कुटकी

इसका वैज्ञानिक नाम पनिकम अन्तीदोटेल है। यह मुख्य रूप से पंजाब, गंगा के मैदान तथा हिमालय में पाई जाती है, यह भी पनिकम परिवार की घास है। पंजाब में इसे घिरी या घमूर कहते है

                                               

कूटू

कूटू एक प्रकार का पौधा है जिसकी बहुत सी नस्लें हैं, जिनमें से ज़्यादातर जंगली हैं। इसके बीज को पीसकर एक आटा बनाया जाता है जिसके भारतीय और अन्य क्षेत्रों के खानों में कई इस्तेमाल हैं। मिसाल के तौपर अवधी खाने में कूटू परांठा बनाया जाता है। हालाँकि ...

                                               

गेहूँ

गेहूं, मध्य पूर्व के लेवांत क्षेत्र से आई एक घास है जिसकी खेती दुनिया भर में की जाती है। विश्व भर में, भोजन के लिए उगाई जाने वाली धान्य फसलों मे मक्का के बाद गेहूं दूसरी सबसे ज्यादा उगाई जाने वाले फसल है, धान का स्थान गेहूं के ठीक बाद तीसरे स्थान ...

                                               

चना

चने की ही एक किस्म को काबुली चना या प्रचलित भाषा में छोले भी कहा जाता है। ये हल्के बादामी रंग के काले चने से अपेक्षाकृत बड़े होते हैं। ये अफ्गानिस्तान, दक्षिणी यूरोप, उत्तरी अफ़्रीका और चिली में पाए जाते रहे हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में अट्ठारहवीं ...

                                               

चावल

धान के बीज को चावल कहते हैं। यह धान से ऊपर का छिलका हटाने से प्राप्त होता है। चावल सम्पूर्ण पूर्वी जगत में प्रमुख रूप से खाए जाने वाला अनाज है। भारत में भात, खिचड़ी सहित काफी सारे पकवान बनते हैं। चावल का चलन दक्षिण भारत और पूर्वी-दक्षिणी भारत में ...

                                               

चेना

चेना मोटा अन्न है। इसे पुनर्वा भी कहते है। इसे सबसे पहले कहा उगाया गया, यह ज्ञात नही है, किंतु एक फसल के रूप में यह काकेशिया तथा चीन में ७,००० वर्ष पूर्व से उत्पादित किया जा रहा है। माना जाता है की इसे स्वतंत्र रूप से उगाया जाना सीखा गया होगा। इस ...

                                               

जंगली चावल

इसे प्राय अकाल या अन्नाभाव के समय प्रयोग करते हैं, खास तौपर चाड़ तथासूडान में, राजस्थान में इसके बीजो का प्रयोग चावल के रूप में होता है, इसके भारतीय भाषाओ में अनेक स्थानीय नाम है, संस्कृत में इसे श्रामक कहते हैं, अन्य भाषाओं में भी इसके अनेक नाम ...

                                               

जई

जई एक फसल है। इसका उपयोग अनाज, पशुओं के दाने तथा हरे चारे के लिए होता है। भारत में जई की जातियाँ मुख्यत: ऐवना सटाइवा Avena sativa तथा ऐवना स्टेरिलिस A. sterilis वंश की हैं। यह भारत के उत्तरी भागों में उत्पन्न होती हैं। जई की खेती के लिये शीघ्र पक ...

                                               

जापानी बाजरा

वैज्ञानिक नाम एचिनोच्लोया एस्कुलेंता है, जापान, चीन तथा कोरिया में उगाया जाता है, भोजन तथा चारे के रूप में प्रयोग होता है, प्राय वे क्सेत्र जो चावल उत्पान हेतु बहुत ठंडे होते है में इसे उगाया जाता है