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अवधी दिवस

अवधी भाषा दिवस प्रत्येक वर्ष को रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर मनाई जाती हैं। अवध की संस्कृति, भाषा, साहित्य, लोककला, नृत्य-संगीत व परम्पराओं को फिर से प्रतिष्ठड्ढा दिलाने के उद्ड्ढदेश्य से श्रीरामचरित मानस के रचयिता महाकवि तुलस ...

                                               

आद्या प्रसाद उन्मत्त

आद्या प्रसाद उन्मत्त अवधी भाषा के प्रख्यात साहित्यकार व कवि थेे। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मल्हूपुर गाँव में हुआ था। "माटी अउर महतारी" इनकी अवधी कविताओ का संग्रह हैं। अवधी सम्राट कहे जाने वाले उन्मत्त की रचनाएं अवध विश्वविद्याल ...

                                               

कवि मृगेश

मृगेश का जन्म उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर में 12 जनवरी 1910 को हुआ था। इनके पिता का नाम गुलाब सिंह था। यह क्षत्रिय रैकवार परिवार से थे। अवधी भाषा की कविताओं में उल्लेखनीय योगदान के कारण इन्हें कवि गुरु मृगेश भी कहा जाता है। मृगेश जी क ...

                                               

पढ़ीस

पढ़ीस जी का जन्म १८९८ ई. में उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला में अम्बरपुर गाँव में हुआ था। खड़ी बोली, हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू का ज्ञान होने के बाद भी पढ़ीस जी कविता अपनी मातृभाषा यानी अवधी में ही लिखते थे। पढ़ीस जी ने अपने आदर्शों के अनुसार सरकारी ...

                                               

रफ़ीक़ शादानी

रफ़ीक़ शादानी एक भारतीय कवि थे जो अवधी, हिन्दी व उर्दु भाषाओं में लिखते थे। वे अपने व्यंग्य और कटूपहास के लिये जाने जाते हैं। मध्य उत्तर प्रदेश की लोक-बोली का प्रयोग करने वाले रफ़ीक़ शादानी अपने राजनैतिक व्यंगय के लिये भी जाने जाते हैं। उन्होने व ...

                                               

वंशीधर शुक्ल

वंशीधर शुक्ल Pt. Vanshidhar Shukla एक हिंदी और अवधी भाषा के कवि और स्वतंत्रता सेनानी व राजनेता थे। इनके पिता छेदीलाल शुक्ल भी एक कवि थे। वंशीधर शुक्ल जी महात्मा गाँधी के आन्दोलन से भी भाग लिए। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी विधान सभा से वें विधायक ...

                                               

कचाई-फदांग भाषा

कचाई-फदांग एक भाषा है जो भारत के मणिपुर में कचाई और फदांग और उनके पड़ोसी गांवों में बोली जाती है। यह तांगखुली भाषा समूह में आती है। अतः यह तांगखुल भाषा से काफ़ी मेल खाती है। यह पश्चिम-मध्य उखरुल जिले के कचाई गांव में लगभग 3.000 लोगों द्वारा बोली ...

                                               

कोडा भाषा

कीर भाषा भारत की संकटग्रस्त भाषाओं में से एक है। यह भेद्य है। आईएसओ कोड: name=कीर समाज "> Moseley, Christopher, संपा॰. Atlas of the World’s Languages in Danger. Memory of Peoples. Paris: UNESCO Publishing. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-92-3-104096-2. अभिगम ...

                                               

टोटो भाषा

टोटो एक चीनी-तिब्बती भाषा है जो भारत और भूटान की सीमा पर टोटो आदिवासियों द्वारा टोटोपारा में बोली जाती है। हिमालयाई भाषा परियोजना टोटो के व्याकरण के पहली तस्वीर बनाने का प्रयास कर रही है। टोटो भाषा यूनेस्को द्वारा गंभीर रूप से लुप्तप्राय भाषाओं क ...

                                               

डोटेली भाषा

डोटेली एक हिन्द-आर्य भाषा है जो लगभग 8.00.000 लोगों द्वारा बोली जाती है, जिसमें से अधिकतर नेपाल में रहते हैं। पारम्परिक रूप से इसे नेपाली भाषा की पश्चिमी बोली माना गया था। नेपाल के अन्तरिम संविधान 2063 के भाग 1, अनुभाग 5 के अनुसार इसे आधिकारिक भा ...

                                               

तांगखुली भाषाएँ

तांगखुली और तांगखुल भाषाएं भारत के पूर्वोत्तर मणिपुर में बोली जाने वाली चीन-तिब्बती भाषाओं का एक समूह है। भले ही ये भाषाएँ पारंपरिक रूप से "नागा" के रूप में वर्गीकृत क्यों न हों, किंतु वे स्पष्ट रूप से अन्य नागा भाषाओं से संबंधित नहीं हैं। फ़िलहा ...

                                               

तेतुम भाषा

तेतुम / ˈ t ɛ t ʊ m, जिसे तेतुन नाम से भी जानते हैं, एक ऑस्ट्रोनीशियाई भाषा है जो कि तिमोर द्वीप पर बोली जाती है। यह इण्डोनेशिया के पश्चिम तिमोर के बेलु रीजेंसी में बोली जाती है तथा पूर्व तिमोर में बोली जाती है जहाँ यह दो आधिकारिक भाषाओं में से ए ...

                                               

हड़ौती भाषा

हड़ौती एक राजस्थानी भाषा है, जो दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के हड़ौती क्षेत्र में लगभग चालीस लाख लोगों द्वारा बोली जाती है, जो जिला कोटा, बूंदी, झालावाड और मध्य प्रदेश के बारां और पड़ोसी इलाकों में बोली जाती है। इसमें एक कर्ता मार्कर ने आता है, जो अन ...

                                               

भाषा वियोजक

भाषा वियोजक ऐसी प्राकृतिक भाषा है जिसका किसी भी अन्य भाषा से कोई जातीय सम्बन्ध न हो, यानि जो अपने भाषा परिवार में बिलकुल अकेली हो और जिसका किसी भी अन्य भाषा के साथ कोई सांझी पूर्वज भाषा न हो। यूरोप की बास्क भाषा और एशिया की कोरियाई भाषा इसके उदाह ...

                                               

निहाली भाषा

निहाली भाषा पश्चिम-मध्य भारत के मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र राज्यों के कुछ छोटे भागों में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह एक भाषा वियोजक है, यानि विश्व की किसी भी अन्य भाषा से कोई ज्ञात जातीय सम्बन्ध नहीं रखती और अपने भाषा-परिवार की एकमात्र ज्ञात भाषा ...

                                               

बुरुशस्की

बुरुशस्की एक भाषा है जो पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र के उत्तरी भागों में बुरुशो समुदाय द्वारा बोली जाती है। यह एक भाषा वियोजक है, यानि विश्व की किसी भी अन्य भाषा से कोई ज्ञात जातीय सम्बन्ध नहीं रखती और अपने भाषा-परिवार की एकमात् ...

                                               

साख़ा भाषा

साख़ा या याकूती रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित साख़ा गणतंत्र में साख़ा लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक तुर्की भाषा है। यह एक अभिश्लेषण और स्वर सहयोग इस्तेमाल करने वाली भाषा है। साख़ा गणतंत्र के पास स्थित तैमिर प्रायद्वीप में बोली जाने वाली दोल ...

                                               

कँगनी

कंगनी या टांगुन मोटे अन्नों में दूसरी सबसे अधिक बोई जाने वाली फसल है, खासतौपर पूर्वी एशिया में। चीन में तो इसे ईसा पूर्व ६००० वर्ष से उगाया जा रहा है, इसे चीनी बाजरा भी कहते हैं। यह एकवर्षीय घास है जिसका पौधा ४ - ७ फीट ऊँचा होता है, बीज बहुत महीन ...

                                               

कुटकी

इसका वैज्ञानिक नाम पनिकम अन्तीदोटेल है। यह मुख्य रूप से पंजाब, गंगा के मैदान तथा हिमालय में पाई जाती है, यह भी पनिकम परिवार की घास है। पंजाब में इसे घिरी या घमूर कहते है

                                               

कूटू

कूटू एक प्रकार का पौधा है जिसकी बहुत सी नस्लें हैं, जिनमें से ज़्यादातर जंगली हैं। इसके बीज को पीसकर एक आटा बनाया जाता है जिसके भारतीय और अन्य क्षेत्रों के खानों में कई इस्तेमाल हैं। मिसाल के तौपर अवधी खाने में कूटू परांठा बनाया जाता है। हालाँकि ...

                                               

गेहूँ

गेहूं, मध्य पूर्व के लेवांत क्षेत्र से आई एक घास है जिसकी खेती दुनिया भर में की जाती है। विश्व भर में, भोजन के लिए उगाई जाने वाली धान्य फसलों मे मक्का के बाद गेहूं दूसरी सबसे ज्यादा उगाई जाने वाले फसल है, धान का स्थान गेहूं के ठीक बाद तीसरे स्थान ...

                                               

चना

चने की ही एक किस्म को काबुली चना या प्रचलित भाषा में छोले भी कहा जाता है। ये हल्के बादामी रंग के काले चने से अपेक्षाकृत बड़े होते हैं। ये अफ्गानिस्तान, दक्षिणी यूरोप, उत्तरी अफ़्रीका और चिली में पाए जाते रहे हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में अट्ठारहवीं ...

                                               

चावल

धान के बीज को चावल कहते हैं। यह धान से ऊपर का छिलका हटाने से प्राप्त होता है। चावल सम्पूर्ण पूर्वी जगत में प्रमुख रूप से खाए जाने वाला अनाज है। भारत में भात, खिचड़ी सहित काफी सारे पकवान बनते हैं। चावल का चलन दक्षिण भारत और पूर्वी-दक्षिणी भारत में ...

                                               

चेना

चेना मोटा अन्न है। इसे पुनर्वा भी कहते है। इसे सबसे पहले कहा उगाया गया, यह ज्ञात नही है, किंतु एक फसल के रूप में यह काकेशिया तथा चीन में ७,००० वर्ष पूर्व से उत्पादित किया जा रहा है। माना जाता है की इसे स्वतंत्र रूप से उगाया जाना सीखा गया होगा। इस ...

                                               

जंगली चावल

इसे प्राय अकाल या अन्नाभाव के समय प्रयोग करते हैं, खास तौपर चाड़ तथासूडान में, राजस्थान में इसके बीजो का प्रयोग चावल के रूप में होता है, इसके भारतीय भाषाओ में अनेक स्थानीय नाम है, संस्कृत में इसे श्रामक कहते हैं, अन्य भाषाओं में भी इसके अनेक नाम ...

                                               

जई

जई एक फसल है। इसका उपयोग अनाज, पशुओं के दाने तथा हरे चारे के लिए होता है। भारत में जई की जातियाँ मुख्यत: ऐवना सटाइवा Avena sativa तथा ऐवना स्टेरिलिस A. sterilis वंश की हैं। यह भारत के उत्तरी भागों में उत्पन्न होती हैं। जई की खेती के लिये शीघ्र पक ...

                                               

जापानी बाजरा

वैज्ञानिक नाम एचिनोच्लोया एस्कुलेंता है, जापान, चीन तथा कोरिया में उगाया जाता है, भोजन तथा चारे के रूप में प्रयोग होता है, प्राय वे क्सेत्र जो चावल उत्पान हेतु बहुत ठंडे होते है में इसे उगाया जाता है

                                               

जैस्मिन राइस

जैस्मिन राइस, जिसे कई बार थाई खुश्बूदार चावल भी कहते हैं, चावल की एक लंबा-दाना किस्म है, जिसमें एक नट्टी खुश्बू और पैन्डेनस एमारिफोलियस जैसा फ्लेवर होता है, जो २-एसिटाइल-१-पायरोलाइन के कारण होता है। जैस्मिन राइस मूलतः थाइलैंड से होता है। इसकी खोज ...

                                               

जौ

जौ पृथ्वी पर सबसे प्राचीन काल से कृषि किये जाने वाले अनाजों में से एक है। इसका उपयोग प्राचीन काल से धार्मिक संस्कारों में होता रहा है। संस्कृत में इसे "यव" कहते हैं। रूस, यूक्रेन, अमरीका, जर्मनी, कनाडा और भारत में यह मुख्यत: पैदा होता है।

                                               

ज्वार

ज्वार एक प्रमुख फसल है। ज्वार कम वर्षा वाले क्षेत्र में अनाज तथा चारा दोनों के लिए बोई जाती हैं। ज्वार जानवरों का महत्वपूर्ण एवं पौष्टिक चारा हैं। भारत में यह फसल लगभग सवा चार करोड़ एकड़ भूमि में बोई जाती है। यह खरीफ की मुख्य फसलों में है। यह एक ...

                                               

धान

धान एक प्रमुख फसल है जिससे चावल निकाला जाता है। यह भारत सहित एशिया एवं विश्व के बहुत से देशों का मुख्य भोजन है। विश्व में मक्का के बाद धान ही सबसे अधिक उत्पन्न होने वाला अनाज है। ओराय्ज़ा सैटिवा जिसका प्रचलित नाम एशियाई धान है एक पादप की जाति है। ...

                                               

पोंक

पोंक सूरत गुजरात तथा आसपास के क्षेत्रों में मिलने वाला एक मोटा अन्न है यह विश्व के सिर्फ़ इसी भाग में मिलता है। यह सर्दी में प्रयोग होता है, यह हरे रंग का होता है

                                               

फोनियो

यह पश्चिम अफ्रीका में उगाया जाने वाला अन्न है, इसकी एक नस्ल भारत में भी खासी पहाडियों में उगाई जाती है, यह बहुत महीन दाने वाली फसल है | यह दीजित्रा कुल का पादप है

                                               

बजड़ी

बाजरा- वैज्ञानिक नाम "पेनिसिटम टाईफाॅइडिस " यह एक प्रमुख फसल है। एक प्रकार की बड़ी घास जिसकी बालियों में हरे रंग के छोटे छोटे दाने लगते हैं। इन दानों की गिनती मोटे अन्नों में होती है। प्रायाः सारे उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत में लोग इसे खाते ...

                                               

बासमती चावल

बासमती भारत की लम्बे चावल की एक उत्कृष्ट किस्म है। इसका वैज्ञानिक नाम है ओराय्ज़ा सैटिवा। यह अपने खास स्वाद और मोहक खुशबू के लिये प्रसिद्ध है। इसका नाम बासमती अर्थात खुशबू वाली किस्म होता है। इसका दूसरा अर्थ कोमल या मुलायम चावल भी होता है। भारत इ ...

                                               

मसूर

मसूर एक दलहन है। इसका वानस्पतिक नाम है। इसकी प्रकृति गर्म, शुष्क, रक्तवर्द्धक एवं रक्त में गाढ़ापन लाने वाली होती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज व अनियमित पाचन क्रिया में मसूर की दाल का सेवन लाभकारी होता है। मसूर एक प्रमुख फसल है |

                                               

माल्ट

किसी अन्न को अंकुरित कराकर, फिर उसे गरम हवा की सहायता से सुखाने प्राप्त उत्पाद माल्ट कहलाती है। अन्नों के माल्टन से उनमें एक एंजाइम पैदा होती है जो मूल अन्न के स्टार्च को शर्करा में बदल देती है। इसके अलावा माल्टन से प्रोटिआसेस आदि अन्य एंजाइम भी ...

                                               

मूँग

मूँग एक प्रमुख फसल है। इसका वानस्पतिक नाम बिगना रेडिएटा है। यह लेग्यूमिनेसी कुल का पौधा हैं तथा इसका जन्म स्थान भारत है। मूँग के दानों में २५% प्रोटिन, ६०% कार्बोहाइड्रेट, १३% वसा तथा अल्प मात्रा में विटामिन सी पाया जाता हैं।

                                               

रागी

रागी या मड़ुआ अफ्रीका और एशिया के सूखे क्षेत्रों में उगाया जाने वाला एक मोटा अन्न है। यह एक वर्ष में पक कर तैयार हो जाता है। यह मूल रूप से इथियोपिया के उच्च इलाकों का पौधा है जिसे भारत में कोई चार हजार साल पहले लाया गया। ऊँचे इलाकों में अनुकूलित ...

                                               

सफ़ेद बाजरा

सफ़ेद बाजरा वनस्पति भाषा में इसका नाम एचिनोच्लोया फ्रुमेंतासा Echinochloa frumentacea है, भारत, पाकिस्तान, नेपाल में उन क्षेत्रों में उगाया जाता है जहा पर चावल नही उगाया जा सकता हो

                                               

आटा

आटा, अनाज के दानो को पीस कर प्राप्त हुआ एक पाउडर या चूर्ण है। यह रोटी बनाने के काम आता है, जो कि कई सभ्यताओं में एक प्रधान भोजन है। इतिहास में विभिन्न समय पर आटे की पर्याप्त आपूर्ति एक प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक मुद्दा रहा है। गेहूं का आटा उत्तर भ ...

                                               

ऑमलेट

एक ऑमलेट फेंटे हुए अंडो से बना पदार्थ है जिसे मख्खन या तेल में तवे पर जल्दी बनाया जाता है और कभी कबार इसे चीज़, सब्जियों या मिट के साथ परोसा जाता है। इसे मुलायम बनाने के लिए इसे कभी कबार क्रीम, दूध या पानी में मिलकर फेंटा जाता है जिससे इसमें बुलब ...

                                               

कुलथी

कुलथी तीन पत्तियों वाला पौधा है। जिसे सामान्यतः कुर्थी भी कहा जाता है। इसके बीजों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। इसका उपयोग औषधि के रूप में होता है। इसके बीज पशुओं को खिलाने के काम आते हैं। दक्षिण भारत में इसके अंकुरित दाने त ...

                                               

खाद्य खुम्ब

खाद्य खुम्बी, वे खुम्बियाँ हैं जिन्हें भोजन के रूप में प्रयुक्त कर सकते हैं। इनमें से कुछ जमीन के नीचे रहतीं हैं जबकि कुछ जमीन के बाहर। खाने योग्य का अर्थ यह है कि इनमें विषैले पदार्थ नहीं होते तथा आवश्यक स्वाद एवं गन्ध होती है।

                                               

खाद्य तेल

खाद्य तेल या पाक तेल, वनस्पतियों से प्राप्त वसा का परिशुद्ध रूप होते हैं। यह सामान्य तापमान पर तरल अवस्था में रहते हैं। । खाद्य तेलों के उदाहरण हैं: सरसों का तेल, जैतून का तेल, ताड़ का तेल, सोयाबीन तेल, कनोला तेल, कद्दू के बीज का तेल, मक्का का ते ...

                                               

गुड़

गुड़ एक मीठा ठोस खाद्य पदार्थ है जो ईख, ताड़ आदि के रस को उबालकर सुखाने के बाद प्राप्त होता है। इसका रंग हल्के पीले से लेकर गाढ़े भूरे तक हो सकता है। भूरा रंग कभी-कभी काले रंग का भी आभास देता है। यह खाने में मीठा होता है। प्राकृतिक पदार्थों में स ...

                                               

चटनी

चटनी का अर्थ होता है दो या उससे अधिक चीजों का मिश्रण। आम बोलचाल में चटनी या खिचड़ी शब्द का इस्तेमाल वैसी चीजों के लिये किया जाता है जिसमें आनुपातिक मात्रा का कोई खास खयाल नहीं रखा जाता। चटनी मूल रूप से भारत का सौस है जो मूल रूप से हरी मिर्च और नम ...

                                               

चॉकलेट

चाकलेट कोको के बीजों से निर्मित एक कच्चा या संसाधित भोज्य पदार्थ है। कोको के बीजों का स्वाद अत्यन्त कड़ुवा होता है। इसमें स्वाद उत्पन्न करने के लिए इसका किण्वन करना पड़ता है।

                                               

जंक फूड

जंक फूड आमतौपर विश्व भर में चिप्स, कैंडी जैसे अल्पाहार को कहा जाता है। बर्गर, पिज्जा जैसे तले-भुने फास्ट फूड को भी जंक फूड की संज्ञा दी जाती है तो कुछ समुदाय जाइरो, तको, फिश और चिप्स जैसे शास्त्रीय भोजनों को जंक फूड मानते हैं। इस श्रेणी में क्या- ...

                                               

तली हुई मकड़ियां

तली हुई मकड़ियां कंबोडिया देश का स्वादिष्ट व्यंजन है। इस पकवान को बनाने के लिए टारेंटयुला मकड़ी को मसाले में मिला कर तला जाता है। प्रायः लोग इसे दोपहर के भोजन के बाद खाना पसंद करते हैं।