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अफ़्रीका में धर्म

अफ़्रीका में धर्म बहुआयामी हैं। अधिकांश लोग या तो इस्लाम को मानते हैं या ईसाई धर्म को। इस्लाम और ईसाई धर्म मेंअफ़्रीकी लोग विभिन्न प्रकार की धार्मिक मान्यताओं को स्वीकार करते हैं और इनके धार्मिक आस्था के अंकड़े एकत्कर पाना बहुत ही मुश्किल है, क्य ...

                                               

चीनी राशि

इस चीनी राशि वर्गीकरण है योजना प्रदान करती है कि एक जानवर के लिए प्रत्येक वर्ष में एक दोहरा बारह साल का चक्र है। 12 साल के चक्र की चीनी राशि चक्र के लिए एक सन्निकटन है 11.86 वर्ष के चक्र में बृहस्पति सबसे बड़ा ग्रह सौर प्रणाली के. यह है एक योजना ...

                                               

भारतीय इतिहास की समयरेखा

वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है, जब वेदों की रचना हुई थी। हड़प्पा संस्कृति के पतन के बाद भारत में एक नई सभ्यता का आविर्भाव हुआ। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधापर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। वैदिक काल को दो भागो ...

                                               

2006 भारत अमेरिका परमाणु समझौता

2006 भारत अमेरिका परमाणु समझौता 18 जुलाई 2006 को भारत और अमेरिका के बीच हुआ परमाणु समझौता है। भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज बुश ने इस समझौते पे हस्ताक्षर किये। 18 जुलाई 2005 को वाशिंगटन में मनमोहन सिंह और अमरीकी ...

                                               

अक्ष शक्तियाँ

अक्ष शक्तियाँ या ऐक्सिस शक्तियाँ या धुरी शक्तियाँ उन देशों का गुट था जिन्होनें दूसरे विश्वयुद्ध में जर्मनी और जापान का साथ दिया और मित्रपक्ष शक्तियों ऐलाइड शक्तियों के ख़िलाफ़ लड़े। मध्य १९३० में अपने साम्राज्यवादी हितों को बचाए रखने के लिए जर्मन ...

                                               

अग्निमित्र

अग्निमित्र शुंग वंश के राजा थे। कालिदास ने इसको अपने नाटक का पात्र बनाया है, जिससे प्रतीत होता है कि कालिदास का काल इसके ही काल के समीप रहा होगा।

                                               

अमर्ण पत्र

अमर्ण पत्र मिस्और मित्तानी सम्राटों के बीच मे दूसरी सहस्राब्दि ईपू के हैं जिनसे उस समय के इतिहास पर बहुत प्रकाश पडता है। इनमें से कुछ पत्र तुष्यरथ और अखेनातेन के बीच के हैं।

                                               

अशोकस्तम्भ

अशोक के धार्मिक प्रचार से कला को बहुत ही प्रोत्साहन मिला। अपने धर्मलेखों के अंकन के लिए उसने ब्राह्मी और खरोष्ठी दो लिपियों का उपयोग किया और संपूर्ण देश में व्यापक रूप से लेखनकला का प्रचार हुआ। धार्मिक स्थापत्य और मूर्तिकला का अभूतपर्वू विकास अशो ...

                                               

आधुनिक इतिहास

उत्तर-क्लासिक इतिहास के बाद के काल के इतिहास को आधुनिक इतिहास कहते हैं। आधुनिक इतिहास को निम्नलिखित भागों में विभक्त किया जाता है- पूर्व-आधुनिक काल early modern period - १६वीं शताब्दी से आरम्भ होता है। उत्तर-आधुनिक काल late modern period - १८वीं ...

                                               

आम्भी

आम्भी या आम्भिक या आम्भीकुमार ई. पू. 327-26 में भारत पर सिकन्दर के आक्रमण के समय तक्षशिला आम्भी था। उसका राज्य सिंधु नदी और झेलम नदी के बीच विस्तृत था। आम्भी का पिता था राजा अम्भीराज तथा माता रानी अल्का थी। वह पुरु अथवा पोरस का प्रतिद्वन्द्वी राज ...

                                               

आयुर्विज्ञान का इतिहास

सूत्रबद्ध विचारव्यंजन के हेतु आयुर्विज्ञान के क्रमिक विकास को लक्ष्य में रखते हुए इसके इतिहास के तीन भाग किए जा सकते हैं: 1 आदिम आयुर्विज्ञान 2 प्राचीन आयुर्विज्ञान 3 अर्वाचीन आयुर्विज्ञान

                                               

आर्चर ब्लड

आर्चर केन्ट ब्लड एक अमेरिकी दूत थे। सन् 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान वे ढाका में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में तैनात थे। ढाका, जो आज बांग्लादेश की राजधानी है, उस समय पूर्वी पाकिस्तान का मुख्यालय था। ब्लड उस समय ढाका से अपनी सरकार को पाक ...

                                               

आर्मीनियाई जनसंहार

ऑटोमान सरकार द्वारा योजनाबद्ध रूप से अल्पसंख्यक आर्मीनियों का जो संहार कराया गया वह आर्मीनियाई नरसंहार कहलाता है। । इस दौरान १० लाख से १५ लाख लोगों की हत्या का अनुमान है। यह जनसंहार २४ अप्रैल १९१५ से शुरू हुआ जब ऑटोमान सरकार ने 250 आर्मीनियाई बुद ...

                                               

आर्य प्रवास सिद्धान्त

आर्य प्रवास सिद्धान्त इंडो-आर्यन लोगों के भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर से एक मूल के सिद्धांत के आसपास के परिदृश्यों पर चर्चा करते हैं, एक हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार बोलने वाले एक जातीय जातीय भाषा समूह, जो उत्तर भारत की प्रमुख भाषाएं हैं। भारतीय उपमहा ...

                                               

इण्डिका (मेगस्थनीज द्वारा रचित पुस्तक)

इंडिका ग्रीक लेखक मेगस्थनीज द्वारा मौर्यकालीन भारत का एक लेख है। यह मूल रूप से प्राप्त नहीं हुई है परन्तु इसके कुछ भाग परवर्ती लेखकों के ग्रंथों से प्राप्त हुए है इनमें डियोडोरस, सुकीलस, स्ट्रैबो, प्लिनी और एरियन, प्लूटार्क, जस्टिन के नाम उल्लेखन ...

                                               

इण्डिया हाउस

इण्डिया हाउस १९०५ से १९१० के दौरान लन्दन में स्थित एक अनौपचारिक भारतीय राष्ट्रवादी संस्था थी। इसकी स्थापना ब्रिटेन के भारतीय छात्रों में राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार करने हेतु श्यामजी कृष्ण वर्मा के संरक्षण में हाइगेट, उत्तरी लन्दन के एक छात्र न ...

                                               

इतिहास दर्शन

अतीत तथा उसके इतिहास के दार्शनिक अध्ययन को इतिहास दर्शन कहते हैं। इसमें इतिहास, उसके विभाग विशेष अथवा प्रवृत्ति विशेष की सुव्यवस्थित और दार्शनिक व्याख्या होती है। इतिहास की दशा और दिशा के लिए जिम्मेदार तत्वों की खोज और उनकी मीमांसा की जाती है। इत ...

                                               

असम का इतिहास

प्राचीन भारतीय ग्रंथों में इस प्रदेश को प्रागज्योतिषपुर के नाम से जाना जाता था। पुराणों के अनुसार यह कामरूप राज्य की राजधानी था। महाभारत के अनुसार कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध ने यहां के उषा नाम की युवती पर मोहित होकर उसका अपहरण कर लिया था। हंलांकि यह ...

                                               

इतिहास-लेख

इतिहास-लेख या इतिहास-शास्त्र से दो चीजों का बोध होता है- इतिहास के विकास एवं क्रियापद्धति का अध्यन तथा किसी विषय के इतिहास से सम्बन्धित एकत्रित सामग्री। इतिहासकार इतिहासशास्त्र का अध्ययन विषयवार करते हैं, जैसे- भारत का इतिहास, जापानी साम्राज्य का ...

                                               

ईश्वर विलास

ईश्वरविलास महाकाव्य ईश्वरविलास महाकाव्य’ का दूसरा संस्करण 2006 में छपा।

                                               

उत्तर अमेरिका का इतिहास

उत्तर अमेरिका का इतिहास अपनी संस्कृतियों और सभ्यताओं के मामले में इस महाद्वीप की विशालता के समान ही समृद्ध है, जो अपने में सुदूर उत्तर में एस्किमो से लेकर मेक्सिको की ऐज़टैक सभ्यता तक और दक्षिण में ओल्मेक और माया सभ्यताओं को अपने में समेटे हुए है।

                                               

उदायिन

उदायिन ने एक शासक जिन्होंने 460 ई पू में अजाशत्रु की हत्या करके मगध की गद्दी पर बैठा था। उदायिन ने पाटलिपुत्र /कुसुमपुर की स्थापना की तथा अपनी राजधानी बनायी, जो गंगा और सोन नदियो के संगम पर स्थित थी ।

                                               

उपनिवेशवाद

किसी एक भौगोलिक क्षेत्र के लोगों द्वारा किसी दूसरे भौगोलिक क्षेत्र में उपनिवेश स्थापित करना और यह मान्यता रखना कि यह एक अच्छा काम है, उपनिवेशवाद कहलाता है। इतिहास में प्राय: पन्द्रहवीं शताब्दी से लेकर बीसवीं शताब्दी तक उपनिवेशवाद का काल रहा। इस क ...

                                               

उर का तीसरा राजवंश

उर का तीसरा राजवंश और "नव-सुमेरियन साम्राज्य" 22 वीं से 21 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में यूमेर शहर में स्थित सुमेरियन शासक राजवंश और एक अल्पकालिक क्षेत्रीय-राजनीतिक राज्य दोनों का उल्लेख करता है, जो कुछ इतिहासकार मानते हैं एक नवजात साम्राज्य था। उर क ...

                                               

ऐतिहासिक सामग्री

विश्व के प्राचीन इतिहास को जानना एक कठिन प्रक्रिया है। उस समय आधुनिक विश्व के साधन उपलब्ध नहीं थे। लेकिन पुराण, इतिवृत्त, आख्यायिका, उदाहरण, धर्मशास्त्और अर्थशास्त्र में प्राचीन आर्यों के इतिहास को पाया जा सकता है। किसी देश के इतिहास का अध्ययन कर ...

                                               

ओदिसी

ओदिसी, होमरकृत दो प्रख्यात यूनानी महाकाव्यों में से एक है। इलियड में होमर ने ट्रोजन युद्ध तथा उसके बाद की घटनाओं का वर्णन किया है जबकि ओदिसी में ट्राय के पतन के बाद ईथाका के राजा ओदिसियस की, जिसे यूलिसीज़ नाम से भी जाना जाता है, उस रोमांचक यात्रा ...

                                               

कालु थापा क्षत्री

कालु थापा क्षत्री वा महाराज कालु थापा आत्रेय गोत्री बगाले थापा कुलके मूलपुरुष माने जाते हैं। थापा वंशावलीके अनुसार शक सम्वत ११११ में डोटीके काँडामालिकामें उनहोनें राज्यारोहण किया था। म्याग्दी जिविसके अनुसार उन्होंने ताकम, म्याग्दीमैं राज्य स्थापन ...

                                               

खूनी दरवाजा

खूनी दरवाजा, जिसे लाल दरवाजा भी कहा जाता है, दिल्ली में बहादुर शाह ज़फ़र मार्ग पर दिल्ली गेट के निकट स्थित है। यह दिल्ली के बचे हुए १३ ऐतिहासिक दरवाजों में से एक है। यह पुरानी दिल्ली के लगभग आधा किलोमीटर दक्षिण में, फ़िरोज़ शाह कोटला मैदान के साम ...

                                               

गणित का इतिहास

अध्ययन का क्षेत्र जो गणित के इतिहास के रूप में जाना जाता है, प्रारंभिक रूप से गणित में अविष्कारों की उत्पत्ति में एक जांच है और कुछ हद तक, अतीत के अंकन और गणितीय विधियों की एक जांच है। आधुनिक युग और ज्ञान के विश्व स्तरीय प्रसार से पहले, कुछ ही स् ...

                                               

गिरमिटिया

सत्रहवीं सदी में आये अंगरेज़ों ने आम भारतीयों को एक-एक रोटी तक को मोहताज कर दिया। फिर उन्होंने गुलामी की शर्त पर लोगों को विदेश भेजना प्रारंभ किया। इन मज़दूरों को गिरमिटिया कहा गया। गिरमिट शब्द अंगरेजी के `एग्रीमेंट शब्द का अपभ्रंश बताया जाता है। ...

                                               

गृहयुद्धों की सूची

यहां विश्व में घटित गृहयुद्धों की सूची दी गयी है। जब किसी राष्ट्र के अंदर ही दो या दो से अधिक समूह उस देश की सत्ता से ही हथियारबन्द युद्ध कर रहे हों तो इस प्रकार के युद्ध को गृहयुद्ध कहा गया हैं।

                                               

गॉन्डोफर्नीज

गॉन्डोफर्नीज, अराकेशिया, काबुल और गांधार में शासन करने वाले हिन्द-पहलव राजा थे। कुछ विद्वान इनके नाम गॉन्डोफर्नीज को इनके आर्मेनियाई रूप गेथास्पर या गास्पार भी मानते हैं, जो पूर्व से ईसा मसीह के जन्मोत्सव में पहुँचकर उनकी पूजा करने वाले तीन बुद्ध ...

                                               

गोआ क्रान्ति दिवस

१८ जून को प्रति वर्ष गोवा क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि १८-०६-१९४६ को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ने गोवा के लोगों को पुर्तगालियों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। १८ जून गोवा की आजादी की लडाई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों स ...

                                               

गोथ

गोथ एक मिश्रित प्राचीन जर्मन भाषा बोलनेवाली त्यूतन अथवा जर्मन जाति जिसने ईसा के प्रांरभिक सदियों में यूरापीय इतिहास पर पर्याप्त प्रभाव डाला, विशेष कर, इन्होने रोमन साम्राज्य को नष्ट कर दिया। अपने प्राचीनतम युगों में यह जाति विश्चुला नदी की बीच की ...

                                               

चौथ (शुल्क)

चौथ 17 वीं और 18 वीं शताब्दी में एक-चौथाई राजस्व प्राप्ति को कहा जाता था। यह भारत में एक जिले की राजस्व प्राप्ति या वास्तविक संग्रहण की एक चौथाई उगाही थी। यह कर ऐसे जिले से लिया जाता था, जहां मराठा मार्गाधिकार या स्वामित्व चाहते थे। यह नाम संस्कृ ...

                                               

ट्रॉय का युद्ध

ट्रॉय का युद्ध - प्राचीन यूनानी पुराकथा संग्रह की मुख्य घटना है। यूनानियों ने ट्रॉय नगर को दस सालों के लिए घेरे में डाल दिया। होमर की इलियाड नामक रचना इस युद्ध के केवल 51 दिनों के निर्णायक दृश्यों का विवरण देती है। ट्राय का राजकुमार स्पार्टा की र ...

                                               

त्रिपक्षीय गठबंधन (द्वितीय विश्वयुद्ध)

त्रिपक्षीय गठबंधन, त्रि-शक्तीय गठबंधन, धुरीय गठबंधन या त्रिपक्षीय संधि २७ सितंबर १९४० को बर्लिन जर्मनी में किया हुआ वह समझौता है जिसने द्वितीय विश्वयुद्ध में धुरी राष्ट्रों को एक अलग संघ में स्थापित कर दिया। इस संधि में हस्ताक्षर करने वाले प्रतिन ...

                                               

दंडनायक

दंडनायक प्राचीन भारतीय शासनयंत्र का एक अधिकारी था। प्राय: इस पदवी का प्रयोग किसी सेनाधिकारी के लिये किया जाता था। किंतु दंडनायक से तात्पर्य सर्वदा किसी सैनिक अधिकारीअधिकारी से ही होता हो, ऐसी बात नहीं। उसका प्रयोग आधुनिक मजिस्ट्रेट अथवा मध्यकालीन ...

                                               

दक्षिण एशिया का इतिहास

मुलत भौगोलीक रूपसे इरानसे लेकर बर्मा तक का क्षेत्र दक्षिण एसीया है। इरान से पस्चीम को पस्चीम एसीया या मध्य पुर्व काहा जाताहै, वैसेही बर्मा से पुर्व के देसो को दक्षिण पुर्वी एसीया काहा जाताहै। लेकिन अभी साधारण तया दक्षीण एसिया कहने से भुटान, बंगला ...

                                               

पंजदेह प्रकरण

पंजदेह भारत के पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर स्थित एक गाँव तथा ज़िला। यह मर्व नगर से 100 मील साँचा:मील की दूरी पर दक्षिण में स्थित है। इतिहास में पंजदेह अपने सामरिक महत्त्व के कारण काफ़ी प्रसिद्ध था। एक समय ऐसा भी आया, जब इस जगह को लेकर रूस ...

                                               

पाषाण युग

पाषाण युग इतिहास का वह काल है जब मानव का जीवन पत्थरों पर अत्यधिक आश्रित था। उदाहरणार्थ पत्थरों से शिकार करना, पत्थरों की गुफाओं में शरण लेना, पत्थरों से आग पैदा करना इत्यादि। इसके तीन चरण माने जाते हैं, पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल एवं नवपाषाण का ...

                                               

पीटर महान

पीटर महान या प्रथम - सन् 1682 से रूस का ज़ार तथा सन 1721 से रूसी साम्राज्य का प्रथम सम्राट। वह इतिहास के सबसे विश्वविख्यात राजनीतिज्ञों में से एक था। उसने १८वीँ शताब्दी में रूस के विकास की दिशा को सुनिश्चित किया था। उसका नाम इतिहास में ‘एक क्रांत ...

                                               

प्रागितिहास

प्रागितिहास इतिहास के उस काल को कहा जाता है जब मानव तो अस्तित्व में थे लेकिन जब लिखाई का आविष्कार न होने से उस काल का कोई लिखित वर्णन नहीं है। इस काल में मानव-इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाएँ हुई जिनमें हिमयुग, मानवों का अफ़्रीका से निकलकर अन्य स्थ ...

                                               

प्राचीन आर्य इतिहास का भौगोलिक आधार

भारतीय आर्यों के प्राचीन इतिहास तथा भूगोल का अज्ञान, या तो हमारे आलस्य के कारण या हमारी बहुमूल्य ऐतिहासिक पुस्तकों के शत्रुओं द्वारा नष्ट हो जाने के कारण, अभी तक हमें पूर्ण निश्चय के साथ यह उद्घोषित करने का अवसर नहीं देता कि हमारी प्राचीन आर्य सं ...

                                               

फ़ारस

फ़ारस प्राचीन काल के कई साम्राज्यों के केन्द्र रहे प्रदेशों को कहते हैं जो आधुनिक ईरान से तथा उससे संलग्न क्षेत्रों में फैला था। फ़ारस का साम्राज्य कई बार विशाल बन गया और फिर ढह गया। एक समय इसका विस्तार मध्य यूरोप से लेकर भारत के पश्चिमी छोर तक त ...

                                               

फ़्रांसीसी औपनिवेशिक साम्राज्य

फ़्रांसीसी औपनिवेशिक साम्राज्य से आशय यूरोप से बाहर उन क्षेत्रों से है जो मुख्यतः १६०० से १९६० के अन्त तक फ़्रांसीसी शासन के अधीन थे। १९ वीं और २० वीं शताब्दीयों में, फ़्रांसीसी औपनिवेशिक साम्राज्य, ब्रिटिश साम्राज्य के बाद दूसरे स्थान पर था। १९२ ...

                                               

बाबर

ज़हीरुद्दीन बाबर 14 फ़रवरी 1483 - 26 दिसम्बर 1530 जो बाबर के नाम से कुुख्यत हुआ, वह "मुगल वंश" का शासक था. उसका जन्म मध्य एशिया के वर्तमान उज़्बेकिस्तान में हुआ था। वह भारत में मुगल वंश का संस्थापक था। वो तैमूर लंग का वंशज था, और विश्वास रखता था ...

                                               

बिहार का मध्यकालीन इतिहास

बिहार का मध्यकालीन इतिहास का प्रारम्भ उत्तर-पश्‍चिम सीमा पर तुर्कों के आक्रमण से होता है। मध्यकालीन काल में भारत में किसी की भी मजबूत केन्द्रीय सत्ता नहीं थी। पूरे देश में सामन्तवादी व्यवस्था चल रही थी। सभी शासक छोटे-छोटे क्षेत्रीय शासन में विभक् ...

                                               

बुरंजी

बुरंजी, असमिया भाषा में लिखी हुईं ऐतिहासिक कृतियाँ हैं। अहोम राज्य सभा के पुरातत्व लेखों का संकलन बुरंजी में हुआ है। प्रथम बुरंजी की रचना असम के प्रथम राजा सुकफा के आदेश पर लिखी गयी जिन्होने सन् १२२८ ई में असम राज्य की स्थापना की। आरंभ में अहोम भ ...

                                               

ब्रिटेन की कृषि क्रांति

ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति के पूर्व कृषि क्रांति हुई थी। ब्रिटेन की इस कृषि आधारित व्यवस्था ने उसे दुनिया का पहला देश बनाया था जहाँ अकाल से मौत नहीं हुआ करती थी और ना होने दी जाती थी। ब्रिटेन की औद्योगिक क्रांति को कृषि क्रांति के प्रभावों का ह ...