Blog पृष्ठ 202




                                               

जिब्राल्टर हेरिटेज ट्रस्ट

जिब्राल्टर हेरिटेज ट्रस्ट एक लाभ निरपेक्ष धर्मार्थ संस्था है जिसको संविधि द्वारा 1 मई 1989 में स्थापित किया गया था। संस्था का उद्देश्य औबेरियन प्रायद्वीप के दक्षिणी हिस्से में स्थित ब्रिटिश प्रवासी शासित प्रदेश जिब्राल्टर सांस्कृतिक प्राकृतिक विर ...

                                               

तुर्की की संस्कृति

तुर्की की संस्कृति पूर्वी भूमध्यसागरीय और मध्य एशियाई क्षेत्र की विभिन्न संस्कृतियों और कम डिग्री, पूर्वी यूरोपीय और कोकेशियान परंपराओं से ली गई तत्वों का एक विशाल विविध और विषम सेट जोड़ती है। इनमें से कई परंपराओं को शुरुआत में तुर्क साम्राज्य, ए ...

                                               

उर्दू शायरी

शायरी, शेर-ओ-शायरी या सुख़न भारतीय उपमहाद्वीप में प्रचलित एक कविता का रूप हैं जिसमें उर्दू-हिन्दी भाषाओँ में कविताएँ लिखी जाती हैं। शायरी में संस्कृत, फ़ारसी, अरबी और तुर्की भाषाओँ के मूल शब्दों का मिश्रित प्रयोग किया जाता है। शायरी लिखने वाले कव ...

                                               

कश्मीर की संस्कृति

जम्मू और कश्मीर उत्तर भारत में स्थित राज्य है। कश्मीर के सीमांत क्षेत्र पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सिंक्यांग तथा तिब्बत हैं। कश्मीर प्रदेश को दुनिया का स्वर्ग भी कहा जाता है। अधिकांश राज्य पर्वत, नदियों और झीलों से ढका हुआ है। कश्मीर की संस्कृति कई ...

                                               

चौपाल (सार्वजनिक स्थान)

चौपाल उत्तर भारत और पाकिस्तान में ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भवन अथवा स्थान को कहा जाता है। यह ग्रामीणों, विशेष रूप से पुरुष निवासियों के लिए सामुदायिक जीवन का केन्द्र होता है। छोटे गाँवों में यह नीम, बरगद अथवा पीपल के पेड़ की छाया में साधार ...

                                               

जमूरा

जमूरा एक प्रदर्शक-कलाकार होता है जो भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर भाग के भांड, तमाशा और नौटंकी जैसी लोक-नाटक शैलियों में एक सहायक का काम करता है। जमूरे के साथ उसका मालिक होता है, जिसे अक्सर उस्ताद या मदारी कहते हैं। वैसे तो जमूरे का काम अपने उस्ताद ...

                                               

नौटंकी

नौटंकी उत्तर भारत, पाकिस्तान और नेपाल के एक लोक नृत्य और नाटक शैली का नाम है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीनकाल से चली आ रही स्वांग परम्परा की वंशज है और इसका नाम मुल्तान की एक ऐतिहासिक नौटंकी नामक राजकुमारी पर आधारित एक शहज़ादी नौटंकी नाम के प ...

                                               

पहर

पहर भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बंगलादेश में इस्तेमाल होने वाली समय की एक ईकाई है। भारत में यह उत्तर भारत के क्षेत्र में अधिक प्रयोग होती है। एक २४ घंटे के दिन में ८ पहर होते हैं, यानि एक पहर औसतन ३ घंटों के बराबर होता है।

                                               

पाकिस्तान की संस्कृति

पाकिस्तान की संस्कृति व्यापक भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति के साथ अंतर्निहित है। कई जातीय समूहों का मिश्रण: पंजाबियों, साराकीस, पोथवारिस, कश्मीरी, सिंधी, पूर्व में मुहजिर, दक्षिण में मकरानी; पश्चिम में बलूच, हज़ारस और पश्तूनन्स; और उत्तर में डार् ...

                                               

भांड

भांड उत्तर भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बंगलादेश के पारम्परिक समाजों में लोक-मनोरंजन करने वाले लोगों को कहा जाता है जो समय के साथ एक भिन्न जाति बन चुकी है। भांडों द्वारा किये प्रदर्शन को कभी-कभी स्वांग कहा जाता है। आधुनिक काल में भांड लगभग सभी मुस्ल ...

                                               

भूत-प्रेत

भूत-प्रेत लोककथा और संस्कृति में अलौकिक प्राणी होते हैं जो किसी मृतक की आत्मा से बनते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिस किसी की मृत्यु से पहले कोई इच्छा पूर्ण नहीं हो पाती और वो पुनर्जन्म के लिये स्वर्ग या नरक नहीं जा पाते वो भूत बन जाते हैं। इसका कार ...

                                               

मश्क़

मश्क़ भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बंगलादेश में एक पारम्परिक पानी और अन्य द्रव्यों को ले जाने वाली चमड़े की थैली का नाम होता है। यह चमड़ा अक्सर बकरी की ख़ाल का बनता है जिसे जलरोधक बनाया गया हो, यानि जिसकी ऐसे तेल या रोग़न से मालिश की गई हो जो उसमें ...

                                               

मेहमान ख़ाना

मेहमान ख़ाना या बैठक उत्तर भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के पारम्परिक घरों में वह कमरा होता है जहाँ अतिथियों को बैठाकर उनका सत्कार किया जाता है। इसे संस्कृत में अतिथि कक्ष कहा जाता था। पाकिस्तान व अफ़ग़ानिस्तान के पश्तून इलाक़ों में इसे हुजरा भी क ...

                                               

पूर्वी तिमोर की संस्कृति

पूर्वी तिमोरो वास्तुकला और भूनिर्माण पुर्तगाली और स्वदेशी तिमोरस दोनों का संयोजन है। कई विरासत जिलों, विरासत कस्बों और विरासत संरचनाओं को तिमोर-लेस्ते में रखा गया है, जो अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के विपरीत है, जिनकी वास्तुशिल्प शैलियों को सांस ...

                                               

फिलीपींस की संस्कृति

फिलीपींस की संस्कृति पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों का एक संयोजन है। फिलिपिनो पहचान प्राथमिक रूप से पूर्व औपनिवेशिक संस्कृतियों, औपनिवेशिक प्रभावों और चीनी व्यापारियों के साथ मिलकर बनने के परिणामस्वरूप बनागई थी; धीरे-धीरे एक विशिष्ट फिलिपिनो पहचा ...

                                               

बरांगाय

बरांगाय फ़िलिपीन्ज़ की प्रशासन प्रणाली में सबसे छोटा प्रशासनिक विभाग होता है और अक्सर गाँव, ज़िले या मोहल्ले के लिए प्रयोग होता है। अनौपचारिक भाषा में किसी भी शहर के अंदरूनी मोहल्ले को बरांगाय कहते हैं। यह शब्द कई ऑस्ट्रोनीशियाई भाषाओं के "बलांगा ...

                                               

उपराजा

उपराजा, बर्मा, कम्बोडिया, लओस, थाईलैण्ड तथा कुछ अन्य राज्यों के बौद्ध राजवंशों के राजाओं की पदवी थी। इसे म्यांमार भाषा में ဥပရာဇာ - IPA: ; खमेर में ឧបរាជ, थाई में อุปราช - RTGS: Upparat; लाओ में ອຸປຮາດ कहते थे।

                                               

बांग्लादेश की संस्कृति

बांग्लादेश की संस्कृति बांग्लादेश के लोगों के जीवन के तरीके को संदर्भित करती है। यह सदियों से विकसित हुआ है और बांग्लादेश के कई सामाजिक समूहों की सांस्कृतिक विविधता को शामिल करता है। 19वीं और 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में बंगाल पुनर्जागरण ने उल्ले ...

                                               

ब्रिटिश काउंसिल

ब्रिटिश काउंसिल, यूनाइटेड किंगडम में आधारित एक लघु निकाय है जो अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक और सांस्कृतिक अवसर प्रदान करने में विशेषज्ञ है। यह शाही चार्टर द्वारा निगमित किया गया है और इंग्लैंड और वेल्स दोनों जगहों और स्कॉटलैंड में एक धर्मार्थ संस्था के ...

                                               

भारत की संस्कृति

भारत की संस्कृति बहुआयामी है जिसमें भारत का महान इतिहास, विलक्षण भूगोल और सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान बनी भारत में "कोया संस्कृति" स्वर्ण युग फली-फूली अपनी खुद की प्राचीन गोंडवाना विरासत शामिल हैं। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के रिवाज़, परम्पराओं ...

                                               

अखाड़ा

अखाड़ा शब्द दो अलग-अलग अर्थों में प्रयुक्त होता है- गांव का मैदान, जहां लोग नृत्य करते हैं। व्यायामशाला, जहाँ पहलवान कुश्ती आदि करते/सीखते थे, तथा अखाड़ा साधुओं का वह दल है जो शस्त्र विद्या में भी पारंगत रहता है।

                                               

अन्तरजातीय विवाह

अन्तरजातीय विवाह का अर्थ है दो अलग-अलग जाति के वर और कन्या का विवाह। चाहे वो किसी भी जाति से हो sc st obc gen. परम्परागत रूप से भारत एवं नेपाल के हिन्दुओं में अन्तरजातीय विवाह बहुत कम होते रहे हैं किन्तु अब इसे अपेक्षाकृत अधिक स्वीकृति मिलने लगी ...

                                               

अभयमुद्रा

अभयमुद्रा एक मुद्रा है जो भय से मुक्ति और सुरक्षा की भावना का द्योतक है। यह भारत के सभी प्राचीन धर्मों की मूर्तियों में देखने को मिलती है। इसमें दायें हाथ को ऊपर की ओर करके हथेली बार की ओर दर्शायी जाती है। यह सबसे प्राचीन मुद्राओं में से एक है।

                                               

अवधूत

अवधूतोपनिषद् के आरंभ में अवधूत शब्द की जो व्याख्या दी गई है, उससे इस पद से संकेतित व्यक्ति के वैशिष्ट्य का विवरण हो जाता है। इस उपनिषद् के अनुसार इस शब्द में आए अ का अक्षरत्व अथवा अक्षरपद, व का अर्थ वरेण्य का सर्वश्रेष्ठ पद, धू का अर्थ धूत संसारव ...

                                               

आयुस्

आयुस्‌ ‌ श्चद्रवंशी सम्राटों में पुरुरवा के पुत्र। उनकी माता का नाम उर्वशी था। पुरूरवा और उर्वशी की कहानी शतपथ ब्रह्मण में दी हुई है। उनके संयोग से आयूस्‌ का जन्म हुआ। आयुस्‌ की वंशपरंपरा को आगे ले चलनेवाले राज नहुष छात्रवृद्ध थे। कुछ किवदंतियों ...

                                               

उत्तंक

1. मतंग ऋषि के शिष्य। यह अत्यंत ईश्वरभक्त थे। मतंग ऋषि इन्हें आदेश दिया था कि त्रेतायुग में यह तब तक तपस्या करे जब तक इन्हें राम के दर्शन न हो जाएँ। तदानुसार यह दंडकारण्य में तब तक तप करते रहे जब तक इन्हें वहाँ भगवान्‌ राम के दर्शन नहीं हो गए। 2. ...

                                               

कठ

कठ नाम पाणिनि के अष्टाध्यायी में प्राप्त होता है। एक मुनिविशेष का भी नाम कठ था। यह वेद की कठ शाखा के प्रवर्तक थे। पतंजलि के महाभाष्य के मत से कठ वैशंपायन के शिष्य थे। इनकी प्रवर्तित शाखा काठक नाम से भी प्रसिद्ध है। आजकल इस शाखा की वेदसंहिता नहीं ...

                                               

कल्पवृक्ष

कल्पवृक्ष देवलोक का एक वृक्ष। इसे कल्पद्रुप, कल्पतरु, सुरतरु देवतरु तथा कल्पलता इत्यादि नामों से भी जाना जाता है। पुराणों के अनुसार समुद्रमंथन से प्राप्त 14 रत्नों में कल्पवृक्ष भी था। यह इंद्र को दे दिया गया था और इंद्र ने इसकी स्थापना सुरकानन म ...

                                               

कुम्भ (बर्तन)

कुम्भ एक परम्परागत भारतीय पात्र है। कुम्भ का निर्माण करने वालों को कुम्भकार कहते हैं। कुम्भ को मोटे तौपर घड़ा कह सकते हैं। कबीरदास का कुम्ब से सम्बन्धित प्रसिद्ध दोहा है- गुरू कुम्हार शिष कुंभ है, गढि़ गढि़ काढ़ै खोट। अन्तर हाथ सहार दै, बाहर बाहै ...

                                               

खाप

खाप या सर्वखाप एक सामाजिक प्रशासन की पद्धति है जो भारत के उत्तर पश्चिमी प्रदेशों यथा राजस्थान, हरियाणा, पंजाब एवं उत्तर प्रदेश में अति प्राचीन काल से प्रचलित है। इसके अनुरूप अन्य प्रचलित संस्थाएं हैं पाल, गण, गणसंघ, सभा, समिति, जनपद अथवा गणतंत्र। ...

                                               

गदा

गदा, एक प्राचीन भारतीय पौराणिक आयुध है। इसमें एक लम्बा दण्ड होता है ओर उसके एक सिरे पर भारी गोल लट्टू सरीखा शीर्ष होता है। दण्ड पकड़कर शीर्ष की ओर से शत्रु पर प्रहार किया जाता था। इसका प्रयोग बल सापेक्ष्य और अति कठिन माना जाता था। गदा हनुमान जो क ...

                                               

घूँघट

भारतीय उपमहाद्वीप में हिन्दू, सिख और जैन स्त्रियाँ अपना चेहरा साड़ी के आंचल या पल्लू से या किसी ओढ़नी आदि से ढकतीं हैं, इसे ही घूँघट कहते हैं। घूँघट को घुमटा, ओढ़नी, लाज, चुनरी, झुण्ड आदि नामों से भी जाना जाता है। प्रायः बड़ों के सामनों आने पर स् ...

                                               

अशोक चक्र (प्रतीक)

सम्राट अशोक के बहुत से शिलालेखों पर प्रायः एक चक्र बना हुआ है। इसे अशोक चक्र कहते हैं। यह चक्र धर्मचक्र का प्रतीक है। उदाहरण के लिये सारनाथ स्थित सिंह-चतुर्मुख एवं अशोक स्तम्भ पर अशोक चक्र विद्यमान है। भारत के राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र को स्था ...

                                               

चतुरंगिणी

चतुरंगिणी - प्राचीन भारतीय संगठित सेना। सेना के चार अंग- हस्ती, अश्व, रथ, पदाति माने जाते हैं और जिस सेना में ये चारों हैं, वह चतुरंगिणी कहलाती है। चतुरंगबल शब्द भी इतिहासपुराणों में मिलता है। इस विषय में सामान्य नियम यह है कि प्रत्येक रथ के साथ ...

                                               

चम्पा

चम्पा दक्षिण पूर्व एशिया में) स्थित एक प्राचीन हिन्दू राज्य था। यहाँ भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार था और इसके राजाओं के संस्कृत नाम थे। चम्पा के लोग और राजा शैव थे। अन्नम प्रांत के मध्य और दक्षिणी भाग में प्राचीन काल में जिस भारतीय राज्य की स् ...

                                               

चान्द्रायण

चान्द्रायण एक प्राचीन भारतीय तप, व्रत अथवा अनुष्ठान था। पाणिनि ने इस तप का निर्देश किया है । धर्मसूत्रादि में इसकी प्रशंसा में कहा गया है कि यह सभी पापों के नाश में समर्थ है। जब किसी पाप का कोई प्रायश्चित नहीं मिलता, तब चांद्रायण व्रत ही वहाँ अनु ...

                                               

चायख़ाना

चायख़ाना ऐसे स्थान को बोलते हैं जो ग्राहकों या अतिथियों को चाय पिलाने के कार्य पर केन्द्रित हो। भारतीय उपमहाद्वीप, ईरान, चीन, जापान और बहुत से अन्य समाजों में चायख़ाने लोक-संस्कृति और सामाजिक मिलन का पारम्परिक केंद्र भी हैं या ऐतिहासिक रूप से रह ...

                                               

जगद्गुरु

जगद्गुरु का अर्थ है - विश्व का गुरु। इस शब्द का सनातन धर्म में खूब प्रयोग होता है। पारंपरिक रूप से यह एक पदवी है जो वेदान्त सम्प्रदाय के आचार्यों को दी जाती थी। भारत में विदेशियों के अधिकार के पूर्व भारत को जगद्गुरु का अघोषित दर्जा मिला हुआ था।

                                               

जड़भरत

जड़भरत का प्रकृत नाम भरत है, जो पूर्वजन्म में स्वायंभुव वंशी ऋषभदेव के पुत्र थे। मृग के छौने में तन्मय हो जाने के कारण इनका ज्ञान अवरुद्ध हो गया था और वे जड़वत् हो गए थे जिससे ये जड़भरत कहलाए। जड़भरत की कथा विष्णुपुराण के द्वितीय भाग में और भागवत ...

                                               

जयमाला

स्वयंवर में कन्या द्वारा वर को पहनाई जाने वाली माला, जयमाला कहलाती है। प्राचीन भारत की स्वयंवर प्रथा का ऐतिहासिक महत्व है। आमंत्रित अनेक वर प्रत्याशियों में कन्या इच्छानुकूल व्यक्ति को जयमाला पहनाती थी। यह विजय का प्रतीक समझी जाती थी, इस लिये विज ...

                                               

झण्डा गीत

भारत के झण्डा गीत की रचना श्यामलाल गुप्त पार्षद ने की थी। 7 पद वाले इस मूल गीत से बाद में कांग्रेस नें तीन पद को संशोधित करके ‘झण्डागीत’ के रूप में मान्यता दी। यह गीत न केवल राष्ट्रीय गीत घोषित हुआ बल्कि अनेक नौजवानों और नवयुवतियों के लिये देश पर ...

                                               

दक्षिणपूर्व एशिया में भारतीयकरण

क़रीब पहली शताब्दी से, भारतीय संस्कृति ने दक्षिण-पूर्व एशिया के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ना शुरू कर दिया। इन क्षेत्रों में भारतीय संस्कृति के विस्तार को भारतीयकरण की संज्ञा दी गई। यह शब्द फ्रांसीसी पुरातत्वविद्, जॉर्ज कोएड्स ने अपने काम Histoire ...

                                               

दण्डनीति

दण्ड, राजा के लिए निर्दिष्ट चार उपायों में से एक है। प्राचीन भारतीय संस्कृति में दण्ड के सभी पक्षों पर गहनता से विचार हुआ है। दण्ड देने का अधिकार राजा का था किन्तु राजव्यवस्था के लिए नियुक्त अन्य अधिकारी भी दण्ड दे सकते थे। दण्ड के अलावा प्रायश्च ...

                                               

दर्शन (करना)

भारतीय संस्कृति में किसी देवता या पवित्र व्यक्ति को देखना, दर्शन कहलाता है। इसी प्रकार तर्कपूर्ण गहन विचारों का चिन्तन भी दर्शन कहलाता है। इस दृष्टि से भारतीय दर्शन के न्याय, वैशेषिक आदि छः दर्शन हैं।

                                               

देवता और देव

आजकल हिंदी में देवता शब्द का देव शब्द के समान पुल्लिंग में व्यवहार होता है। स्त्रीलिंग में दोनों का रूप देवी है। इंद्र, रुद्र, गणेश आदि देवता; शची, दुर्गा, लक्ष्मी आदि देवियाँ हैं। सूक्ष्म शरीरधारी और भूलोक से ऊपर के लोकों में निवास करनेवालों के ...

                                               

देहदान

देहदान का अर्थ है देह का दान अर्थात किसी उत्तम कार्य अपना जीवन ही दे देना। राजकुमार सत्त्व ने साथ सावकों को भूख से मरने से बचाने के लिए अपने शरीर का त्याग कर दिया था। दधीचि ने अपना शरीर इसलिए त्याग दिया था ताकि उनकी हड्डियों से धनुष बनाया जा सके ...

                                               

नाग (हिन्दू धर्म)

नाग शब्द संस्कृत और पालि का शब्द है जो भारतीय धर्मों में महान सर्प का द्योतक है । दिव्य, अर्ध-दिव्य देवता, या अर्ध-दिव्य देवता हैं; अर्ध-मानव आधे नागों की जाति जो कि नागलोक में निवास करती है और कभी-कभी मानव रूप ले सकती है। उन्हें मुख्य रूप से तीन ...

                                               

परा विद्या

भारतीय संस्कृति के सन्दर्भ में, परा विद्या से तात्पर्य स्वयं को जानने या परम सत्य को जानने से है। उपनिषदों में इसे उच्चतर स्थान दिया गया है। दूसरी विद्या अपरा विद्या है। वेदान्त कहता है कि जो आत्मज्ञान पा लेते हैं उन्हें कैवल्य की प्राप्ति होती ह ...

                                               

पान

पान भारत के इतिहास एवं परंपराओं से गहरे से जुड़ा है। इसका उद्भव स्थल मलाया द्वीप है। पान विभिन्न भारतीय भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे ताम्बूल, पक्कू, वेटिलाई, नागवेल और नागुरवेल आदि। पान का प्रयोग हिन्दू संस्कार से जुड़ा है, जैसे ...

                                               

प्राचीन भारत की आर्थिक संस्थाएं

सच होने के बावजूद यह तथ्य बहुत-से लोगों को चौंका सकता है कि प्राचीन भारत औद्योगिक विकास के मामले में शेष विश्व के बहुत से देशों से कहीं अधिक आगे था। रामायण और महाभारत काल से पहले ही भारतीय व्यापारिक संगठन न केवल दूर-देशों तक व्यापार करते थे, बल्क ...