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वैद्य की शपथ

भारत में वैद्य १५वीं शताब्दी ईसापूर्व से एक शपथ लेते रहे हैं जिसमें मांसभक्षण न करना, मद्यपान करना और मिलावट न करना सम्मिलित है। इसके अलावा वैद्य को शपथ लेनी होती थी कि वे रोगियों का अहित नहीं करेंगे और अपने जीवन का खतरा लेकर भी उनकी देखभाल करेंग ...

                                               

शंबर

विख्यात वैदिक तथा पौराणिक असुर: वैदिक शंबर पर्वतनिवासी दास था जिसने वृत्र की तरह आकाश में नब्बे, निन्यानवे या सौ दुर्गों का निर्माण किया था । अपने को देवता मान लेने पर इंद्र ने मरुतों और अश्विनियों की सहायता से तथा दिवोदास के अनुरोध पर इसका वध कर ...

                                               

शांडिल्य

शाण्डिल्य नाम गोत्रसूची में है, अत: पुराणादि में शाण्डिल्य नाम से जो कथाएँ मिलती हैं, वे सब एक व्यक्ति की नहीं हो सकतीं। छांदोग्य और बृहदारण्यक उपनिषद् में शाण्डिल्य का प्रसंग है। पंचरात्र की परंपरा में शाण्डिल्य आचार्य प्रामाणिक पुरुष माने जाते ...

                                               

संयुक्त हिन्दू परिवार

हिन्दू संयुक्त परिवार जिसमें एक साथ एक ही घर में कई पीढ़ियों के लोग रहते हैं जिस परिबार मे तीन या अधिक पीढ़ियों के सदस्य साथ साथ निबास करते है जिनकी रसोई, पूजा पाठ एबं संपत्ति सामूहिक होती है उसे ही सयुंक्त परिबार कहते है

                                               

सांस्‍कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्‍द्र

सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है। इसकी स्थापना मई, 1979 में श्रीमती कमलादेवी चट्टोपाध्याय तथा डॉ॰ कपिला वात्स्यायन द्वारा किया गया था। इस केन्द्र का मुख्य सैद्धान्तिक उद्देश्य ब ...

                                               

सिन्दूर

सिन्दूर एक लाल या नारंगी रंग का सौन्दर्य प्रसाधन होता है जिसे भारतीय उपमहाद्वीप में महिलाए प्रयोग करती हैं। हिन्दू, बौद्ध, जैन और कुछ अन्य समुदायों में विवाहित स्त्रियाँ इसे अपनी माँग में पहनती हैं। इसका प्रयोग बिन्दियों में भी होता है। रसायनिक द ...

                                               

सोमनाथ मेला

सोमनाथ मेला एक हिमालयी क्षेत्र की सभ्यता व संस्कृति का ऐतिहासिक मेला है। यह भारतवर्ष के उत्तराखण्ड प्रदेश के कुमाऊँ क्षेत्र के अन्तर्गत तल्ला गेवाड़ नामक घाटी में मॉंसी व मॉंसी के समीप होता है। यह ऐतिहासिक सोमनाथ कहा जाने वाला मेला कनौंणियॉं अथवा ...

                                               

मलेशिया की संस्कृति

मलेशिया की संस्कृति मलेशिया के विभिन्न लोगों की विभिन्न संस्कृतियों पर आकर्षित करती है। क्षेत्र में रहने वाले पहले लोग स्वदेशी जनजाति थे जो अभी भी रहते हैं; उनके बाद मलेशियाई, जो प्राचीन काल में मुख्य भूमि एशिया से वहां चले गए। चीनी और भारतीय सां ...

                                               

कॉसर एल्नील मार्ग

क़ॉसर एल्नील मार्ग, जिसे क़ॉसर अल-नील भी लिखा जाता है, मिस्र की राजधानी काहिरा के काहिरा नगर क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध मार्ग व पर्यटन स्थल है। क़ॉसर एल्नील मार्ग काहिरा शहर क्षेत्र का एक बहुत बड़ा मार्ग है। यहाँ पर बहुत सारे व्यापारिक प्रतिष् ...

                                               

फ़ानूस

फ़ानूस: अर्थात "दिया", "दीप", "चराग" इत्यादी। इस फ़ानूस को पुराने दौर में भी इस्तेमाल किया जाता था। आज इसे फ़ानूस-ए-रमदान या रमदान लान्टेर्न कहा जाता है।

                                               

कातारीना दे सान होआन (चीना पोबलाना)

कातारीना दे सान होआन, जिन्हें चीना पोबलाना के नाम से भी जाना जाता है, मेक्सिको में एक दासी थीं, जो किंवदंती के अनुसार, भारत के एक कुलीन परिवार से आई थीं। उन्हें फिलीपींस से होकर मेक्सिको लाया गया था। पोर्फ़िरीयतो के बाद से उन्हें सबसे पहले चीन पो ...

                                               

सोमब्रेरो

सोमब्रेरो बड़े कगार वाली एक किस्म की गोल टोपी होती है जो मेक्सिको में पाई जाती है। स्पेनी भाषा में "सोमब्रेरो" का अर्थ "टोपी" होता है और यह शब्द "सोम्ब्रा" से आया है, जिसका अर्थ "छाया" होता है। सोमब्रेरो का बीच का हिस्सा उठा हुआ होता है और उसके इ ...

                                               

टाइटन (यूनानी चरित्र)

टाइटन नाम यूनान के पौराणिक साहित्य से लिया गया है। देवी ज़ी यानि पृथ्वी ने अपने पुत्र यूरेनस, एक आकाशीय देवता से छ: पुत्और छ: पुत्रियों को सबसे पहले जन्म दिया। वे सभी बड़े ही बलवान और विशालकाय थे। इन सभी को टाइटन कहा गया। हेसियड की थियोगोनी के अन ...

                                               

प्राचीन यूनानी रंगमंच

प्राचीन यूनानी नाट्यकला एक रंगमंचीय संस्कृति थी जो प्राचीन यूनान में ईसापूर्व ७०० ई में फली-फूली। इस काल में एथेन्स के नगर-राज्य सांस्कृतिक, राजनैतिक और सैन्य दृष्टि से बड़े महत्वपूर्ण हो गये थे। ये नगर-राज्य ही प्राचीन यूनानी नाट्यकला के केन्द्र ...

                                               

हिस्ट्री ऑफ़ एनिमल्स

हिस्ट्री ऑफ़ एनिमल्स यूनानी दार्शनिक अरस्तु द्वारा रचित एक ग्रन्थ है। जीव जंतुओं को खोजने की उनके अलग-अलग नामकरण करने की प्रक्रिया निरंतर चली आ रही है देश-विदेशों के विभिन्न वैज्ञानिकों ने अपने अपने क्षेत्र में विभिन्न उपलब्धियां हासिल की है एनिम ...

                                               

रूस की संस्कृति

कला के कई पहलुओं में रूसी संस्कृति में लाभांश की एक लंबी परंपरा है, विशेष रूप से जब साहित्य की बात आती है, लोक नृत्य, दर्शन, शास्त्रीय संगीत, पारंपरिक लोक संगीत, बैले, वास्तुकला, चित्रकला, सिनेमा, एनीमेशन और राजनीति, जो सभी का विश्व संस्कृति पर क ...

                                               

मध्य शरद त्योहार

मध्य शरद त्योहार अथवा मून केक फेस्टिवल अथवा मध्य शरद उत्सव जिसे चीन में जूंचियो नाम से जाना जाता है, चीन और वियतनाम में फसल कटाई मनाया जाने वाला एक मूनकेक पर्व है। मूनकेक पर्व नाम इसलिए क्योंकि इस पर्व पर मूनकेक उपहार स्वरूप दिये जाते हैं। मध्य श ...

                                               

कोसोवो का शाप

कोसोवो का शाप या राजकुमार का शाप एक किंवदंती के अनुसार कोसोवो की लड़ाई से पहले सर्बिया के राजकुमार लजार द्वारा दिया गया एक अभिशाप है। लजार ने उन सर्बों को शाप दिया है, जिन्होंने उनके उस्मानी साम्राज्य के खिलाफ युद्ध करने के आह्वान को नजरअंदाज कर ...

                                               

कावेइरो के सेंट जॉन

कावेइरो के सेंट जॉन का आश्रम एक गालिसिया, स्पेन का आश्रम है। इसे स्थापना संत रुदेसिन्द ने दसवीण शताब्दी में बनाया था।

                                               

प्लुस उल्त्रा

प्लुस उल्त्रा स्पेन का राष्ट्रवाक्य है। इसे चार्ल्स पंचम, पवित्र रोम सम्राट और स्पेन के राजा, के निजी ध्येयवाक्य से लिया गया है। यह "नोन प्लुस उल्त्रा" वाक्यांश का विपरीत है। कह जाता है कि यह जिब्राल्टर जलसन्धि में मौजूद हरक्यूलिस के स्तंभ में चे ...

                                               

नरेन्द्र सिंह नेगी

नरेन्द्र सिंह नेगी जी उत्तराखण्ड के गढवाल हिस्से के मशहूर लोक गीतकारों में से एक है। कहा जाता है कि अगर आप उत्तराखण्ड और वहाँ के लोग, समाज, जीवनशैली, संस्कृति, राजनीति, आदि के बारे में जानना चाहते हो तो, या तो आप किसी महान-विद्वान की पुस्तक पढ लो ...

                                               

ममता चंद्राकर

ममता चन्द्राकर भारत के छत्तीसगढ़ राज्य की स्वर कोकिला विदुषी महिला कलाकार मोक्षदा चन्द्राकर ममता चंद्राकर सहायक निदेशक /कार्यक्रम प्रमुख आकाशवाणी रायपुर, छत्तीसगढ़ से अपने 36 वर्षों के लम्बे कार्यकाल के बाद दिनांक ३१ मई २०१८ को अधिवर्षिता आयु पूर ...

                                               

कालबेलिया

कालबेलिया, इसी नाम की एक जनजाति द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला राजस्थान का एक भावमय लोक नृत्य है। यह जनजाति खास तौपर इसी नृत्य के लिए जानी जाती है और यह उनकी संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। आनंद और उत्सव के सभी अवसरों पर इस जनजाति के सभी स्त्री और ...

                                               

छलिया नृत्य

छलिया नृत्य उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं क्षेत्र का एक प्रचलित लोकनृत्य है। यह एक तलवार नृत्य है, जो प्रमुखतः शादी-बारातों या अन्य शुभ अवसरों पर किया जाता है। यह विशेष रूप से कुमाऊँ मण्डल के पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में लोकप्रि ...

                                               

अंतरिक्ष ओपेरा

अंतरिक्ष ओपेरा या स्पेस ओपेरा विज्ञान कथा की एक उपशैली है जसमें पृथ्वी से बाहर अन्य ग्रहों में या खुले अंतरिक्ष में में रोमांचकारी घटनाएँ होती हैं और अक्सर कहानी में प्रेमकथा के तत्व भी मिश्रित होते हैं। इसमें अक्सर दो ऐसे प्रतिद्वंदियों के बीच क ...

                                               

वार्प इंजन

वार्प इंजन एक काल्पनिक इंजन है जिसके ज़रिये किसी तारायान को प्रकाश-से-तेज़ गतियों पर चलाया जा सके। सामान्य सापेक्षता सिद्धांत किसी भी वस्तु को साधारण दिक्-काल में प्रकाश की गति से तेज़ जाने की अनुमति नहीं देता। वार्प शब्द का मतलब मरोड़ होता है और ...

                                               

खेत

खेत भूमि का एक उपजाऊ क्षेत्र है, जो भोजन और अन्य फ़सलों के उत्पादन के प्राथमिक लक्ष्य के साथ, प्राथमिक रूप से कृषिक प्रक्रियों में निरत रहता है। वह खाद्य उत्पादन की मूलभूत आवश्यकता है।

                                               

स्माइली

स्माइली एक मुस्कुराते चेहरे का प्रतित है जो चलित संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। १९६३ में बनी पहली स्माइली का रूप सरल था जो एक पीले गोल में दो काले बिन्दु और एक गोलाकार चाप के साथ बना था। ये दो बिन्दु आँखे और गोलाकार चाप मुंह का प्रतिनिधित्व क ...

                                               

रोमन साम्राज्य

रोमन साम्राज्य ; 1453) यूरोप के रोम नगर में केन्द्रित एक साम्राज्य था। इस साम्राज्य का विस्तार पूरे दक्षिणी यूरोप के अलावे उत्तरी अफ्रीका और अनातोलिया के क्षेत्र थे। फारसी साम्राज्य इसका प्रतिद्वंदी था जो फ़ुरात नदी के पूर्व में स्थित था। रोमन सा ...

                                               

जूलिया डोम्ना

जूलिया डोम्ना अरब मूल की एक रोमन साम्राज्ञी महारानी थी, जो सेप्टिमियस सेवेरस की दूसरी पत्नी थी । वह सीरिया के रोमन प्रांत में एमेसा में पैदा हुई थी, देवता एलागाबालस के पुजारियों के परिवार में। एक शक्तिशाली राजनीतिक व्यक्ति और शाही परिवार के सदस्य ...

                                               

इंका सभ्यता

इंका दक्षिण अमेरीका के मूल निवासिओं की एक गौरवशाली उपजाति थी। इंका प्रशासन के सम्बन्ध में विद्वानों का ऐसा मत है कि उनके राज्य में वास्तविक राजकीय समाजवाद था तथा सरकारी कर्मचारियों का चरित्र अत्यंत उज्वल था। इंका लोग कुशल कृषक थे। इन्होंने पहाड़ि ...

                                               

कार्थेज

कार्थेज उत्तर अफ़्रीका के त्यूनिसीया देश में लगभग 3.000 साल से लगातार आबाद एक प्राचीन शहर है। यह शहर प्राचीन काल मे रोमन एवं फ़ोनिसीयन साम्राज्य का एक प्रमुख गढ़ रहा है। सन् 1000 ईसा-पूर्व के आसपास इसकी शुरुआत फ़ोनीशिया द्वारा स्थापित एक दूर-दराज ...

                                               

कालीबंगा

कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थल है। यहां हड़प्पा सभ्यता के बहुत दिलचस्प और महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं। काली बंगा एक छोटा नगर था। यहां एक दुर्ग मिला है। प्राचीन द्रषद्वती और सरस्वती नदी घाटी वर्तमान में घग्गर नदी ...

                                               

दजला-फरात

दजला-फरात मेसोपोटामिया सभ्यता को परिभाषित करने वाली दो नदियों का समुच्चय है। विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक मेसोपोटामिया सभ्यता इन्हीं दो नदियों की घाटियों में पनपी थी। दजला मेसोपोटामिया की पूर्वी और फरात पश्चिमी ओर से बहने वाली नदी थी।

                                               

प्राचीन यूनान

प्राचीन यूनानी सभ्यता उस संस्कृति को कहते हैं जो यूनान और उसके नज़दीकी क्षेत्रों में लगभग आठवी शताब्दी ईसा-पूर्व से लगभग छठी शताब्दी इसाई तक विस्तृत थी। आधुनिक पश्चिमी संस्कृतियों की सब से गहरी जड़ इसी सभ्यता को माना जाता है, इसलिए पश्चिमी इतिहास ...

                                               

फ़ारसी साम्राज्य

फारसी साम्राज्य फारस से शासन करने वाले विभिन्न वंशों के साम्राज्य को सम्मिलित रूप से कहा जाता है। फारस के शासकों ने अपना साम्राज्य आधुनिक ईरान के बाहर कई प्रदेशों तक फैला दिया था - इराक, अर्मेनिया, तुर्की, अज़रबैजान, अफ़गानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ...

                                               

फ़ोनीशिया

फ़ोनीशिया मध्य-पूर्व के उर्वर अर्धचंद्र के पश्चिमी भाग में भूमध्य सागर के तट के साथ-साथ स्थित एक प्राचीन सभ्यता थी। समुद्री व्यापार के ज़रिये यह 1550 से 300 ईसा-पूर्व के काल में भूमध्य सागर के दूर​-दराज़ इलाक़ों में फैल ग​ई। उन्हें प्राचीन यूनानी ...

                                               

माया सभ्यता

अमेरिका की प्राचीन माया सभ्यता ग्वाटेमाला, मैक्सिको, होंडुरास तथा यूकाटन प्रायद्वीप में स्थापित थी। माया सभ्यता मैक्सिको की एक महत्वपूर्ण सभ्यता थी। इस सभ्यता का आरम्भ 1500 ई० पू० में हुआ। यह सभ्यता 300 ई० से 900 ई० के दौरान अपनी उन्नति के शिखर प ...

                                               

रोमन गणराज्य

रोमन गणराज्य प्राचीन रोमन सभ्यता का युग था, जिसकी पारंपरिक रूप से शुरुआत 509 ई.पू. रोमन राज्य को उखाड़ फेंक कर हुई, और 27 ईसा पूर्व में रोमन साम्राज्य की स्थापना के साथ ही इसका समापन हो गया। यह वह अवधि जिसमें कि रोम अपने शहर के ही आसपास एवं पूरे ...

                                               

अग्रोहा (कस्बा)

अग्रोहा हरियाणा का प्राचीन शहर हैं जो हिसार जिला में स्थित हैं। अग्रोहा की स्थापना द्वापर युग की समाप्ति पर महाराजा अग्रसेन ने की थी । महालक्ष्मी् व्रत कथा में अग्रोहा केे सौंदर्य्य्य्य का वर्णन मिलताा है ।रवि प्रकाश रामपुर उत्तर प्रदेश ने अपनीी ...

                                               

एडक्कल गुफाएँ

एडक्कल गुफाएँ एडक्कल स्थित दो प्राकृतिक गुफाएँ हैं, जो कि 25 कि॰मी॰ भारतीय राज्य केरल के वायनाड जिला स्थित कलपेट्टा से 25 कि॰मी॰ की दूरी पर पश्चिमी घाट में स्थित है। ये गुफाएँ समुद्र तल से 1.200 मी॰ की ऊँचाई पर अम्बुकुट्टी माला में स्थित हैं, जो ...

                                               

चनहुदड़ो

चन्हुदड़ो सिंधु घाटी सभ्यता के नगरीय झुकर चरण से सम्बंधित एक पुरातत्व स्थल है। यह क्षेत्र पाकिस्तान के सिंध प्रान्त के मोहेंजोदड़ो से 130 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यहाँ पर 4000 से 1700 से ईशा पूर्व में बसा हुआ माना जाता है और इस स्थान को इंद् ...

                                               

दयाराम साहनी

राय बहादुर दयाराम साहनी भारतीय पुरातत्त्ववेत्ता थे जिन्होंने वर्ष १९२१-२२ में हड़प्पा में खुदाई का नेतृत्व किया जो सिन्धु घाटी की सभ्यता का प्रमुख स्थान है। इस नवीनतम स्थान के प्रकाश में आने के उपरांत यह मान लिया गया कि संभवतः यह सभ्यता सिन्धु नद ...

                                               

धोलावीरा

गुजरात में कच्छ प्रदेश के उतरीय विभाग खडीर में धोलावीरा गांव के पास पांच हजार साल पहले विश्व का यह प्राचीन महानगर था। उस जमाने में लगभग ५०,००० लोग यहाँ रहते थे। ४,००० साल पहले इस महानगर के पतन की शुरुआत हुई। सन १४५० में वापस यहां मानव बसाहट शुरु ...

                                               

नर्तकी (मोहन जोदड़ो)

नर्तकी यह एक कांस्य मूर्ति है जो मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुई थी जो सिन्धु घाटी की सभ्यता का एक स्थल है। माना जाता है की इसे २५०० ईसापूर्व के आसपास बनाया गया होगा। मोहनजोदड़ो के एक घर से एक और कांस्य मूर्ति प्राप्त हुई थी जो लगभग इसी की तरह है। भिर् ...

                                               

फतह सिंह

डॉ फतह सिंह एक आर्यसमाजी थे जिन्होने वेदों का भाषावैज्ञानिक अध्ययन किया एवं वैदिक इटिमोलॉजी नामक महान ग्रन्थ की रचना की।

                                               

बनावली

बनावली एक भारतीय राज्य हरियाणा के फतेहाबाद जिला स्थित एक पुरातत्व स्थल है जो कि सिन्धु घाटी सभ्यता से सम्बन्धित है। यह कालीबंगा से १२० किमी तथा फतेहाबाद से १६ किमी दूर है। यह नगर सूख चुकी सरस्वती नदी के बाएँ तट पर स्थित था। कालीबंगा सरस्वती की नि ...

                                               

बृहत्स्नानागार

बृहत्स्नानागार या विशाल स्नानघर सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है और यह मोहन जोदड़ो में है |यह पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में है और इसे ३००० ईसापूर्व में बनाया गया था| यह मोहन जोदड़ो के दुर्ग में स्थित है | यह विश्व के सबसे ...

                                               

भिरड़ाना

भिरड़ाणा भारत के उत्तरी राज्य हरियाणा के फतेहाबाद जिले का एक छोटा सा गाँव है। भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के दिसम्बर २०१४ के शोध से पता चला है कि यह सिंधु घाटी सभ्यता का अबतक खोजा गया सबसे प्राचीन नगर है जिसकी स्थापना ७५७० ईसापूर्व में हुई थी।

                                               

महास्नानघर (मोहन जोदड़ो)

महास्नानघर सिन्धु घाटी सभ्यता के प्राचीन खंडहर शहर मोहन जोदड़ो में स्थित एक प्रसिद्ध हौज़ है। वर्तमान समय में यह पाकिस्तान के सिंध प्रांत में आता है। यह मोहन जोदड़ो के उत्तरी भाग में स्थित है और एक कृत्रिम टीले के ऊपर बनाया गया था। यह हौज़ ११.८८ ...