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फलों की खेती

साधारणतया लोगों का यह विचार है कि फलों का उत्पादन लाभप्रद नहीं होता। इस धारणा के कई कारण हैं: १ बाग लगाने से पूर्व प्राय: लोग इस बात का सोच विचार नहीं करते कि स्थानविशेष में, वहाँ की भूमि और जलवायु के अनुसार, फल की कौन सी किस्म के पेड़ लगाने चाहि ...

                                               

बाग़बानी

अगर आप इस से मिलते-जुलते नाम की फ़िल्म के बारे में जानकारी ढूंढ रहें हैं तो बाग़बान 2003 फ़िल्म लेख देखिये बाग़बानी पौधों को उगाने व उनकी देख रेख करने की क्रिया को कहते हैं। यह उद्यान विज्ञान का भाग है और इसमें फूलों और अन्य पौधों को सजावट के लिय ...

                                               

घास

घास एक एकबीजपत्री हरा पौधा है। इसके प्रत्येक गाँठ से रेखीय पत्तियाँ निकलती हुई दिखाई देती हैं। साधारणतः यह कमजोर, शाखायुक्त, रेंगनेवाला पौधा है। बाँस, मक्का तथा धान के पौधे भी घास ही हैं।

                                               

अक्षांश रेखाएँ

भूगोल में किसी स्थान की स्थिति को बताने के लिए उस स्थान का अक्षांश तथा रेखांश बताया जाता है। किसी स्थान का अक्षांश, धरातल पर उस स्थान की उत्तर-दक्षिण स्थिति को बताता है। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों का अक्षांश क्रमशः ९० डिग्री उत्तर तथा ९० डिग्री दक ...

                                               

अक्षांश वृत्त

पृथ्वी के भूगोल में अक्षांश वृत्त ऐसी काल्पनिक पूर्व-पश्चिम रेखा होती है जो पृथ्वी पर स्थित एक ही अक्षांश वाले सभी स्थानों को जोड़े। भूमध्य रेखा, आर्कटिक वृत्त, अंटार्कटिक वृत्त, कर्क रेखा और मकर रेखा अक्षांश वृत्तों के कुछ उदाहरण हैं।

                                               

अंटार्कटिक वृत्त

अंटार्कटिक वृत्त पृथ्वी के नक्शे में अक्षांश द्वारा चिह्नित पांच प्रमुख क्षेत्रों में सबसे दक्षिणी क्षेत्र है।. इस वृत्त के दक्षिणी क्षेत्र को अंटार्कटिक के रूप में जाना जाता है और उत्तरी क्षेत्र को दक्षिणी शीतोष्ण क्षेत्र कहा जाता है। अंटार्कटिक ...

                                               

कर्क रेखा

कर्क रेखा उत्तरी गोलार्ध में भूमध्य रेखा‎ के समानान्तर 23°26′22″N 0°0′0″W पर, ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई कल्पनिक रेखा हैं। यह रेखा पृथ्वी पर उन पांच प्रमुख अक्षांश रेखाओं में से एक हैं जो पृथ्वी के मानचित्पर परिलक्षित होती हैं। कर्क ...

                                               

गरजता चालीसा

गरजता चालीसा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में 40 डिग्री दक्षिण और 50 डिग्री दक्षिण के अक्षांशों के बीच चलने वाली शक्तिशाली पछुआ पवन को कहते हैं। पश्चिम-से-पूर्व चलने वाले यह वायु प्रवाह भूमध्य रेखा से वायु दक्षिणी ध्रुव की ओर जाने से और पृथ्वी के घू ...

                                               

दक्षिणी ध्रुव

दक्षिणी ध्रुव पृथ्वी का सबसे दक्षिणी छोर है। इसे अंटार्कटिका के नाम से भी जाना जाता है। तथ्यानुसार दो मुख्य दक्षिणी ध्रुव हैं, एक स्थिऔर दूसरा जो घूमता है। चुम्बकीय उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव वहाँ होते है जहाँ पर कम्पास संकेत करता है। ये ध्रुव वर्ष ...

                                               

ध्रुवीय वृत्त

ध्रुवीय वृत्त पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में 66°33′47.2″ उत्तर के अक्षांश पर स्थित आर्कटिक वृत्त और दक्षिणी गोलार्ध में 66°33′47.2″ दक्षिण के आक्षांश पर स्थित अंटार्कटिक वृत्त में से किसी एक को बोला जाता है। इन से आगे ध्रुवों की ओर जाने पर पृथ्वी क ...

                                               

पछुआ पवन

ये दोनों गोलाद्धों में उपोष्ण उच्च वायुदाब कटिबन्धों से उपध्रुवीय निम्न वायुदाब कटिबन्धों की ओर चलने वाली स्थायी पवन हैं। इनकी पश्चमी दिशा के कारण इन्हे पछुवा पवन कहते हैं। पृथ्वी के दोनों गोलार्धो में उपोष्ण उच्च वायु दाब कटिबंधो से उपध्रुवीय नि ...

                                               

मकर रेखा

मकर रेखा रेखा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में भूमध्य रेखा‎ के समानान्तर २३ डिग्री २६ २२" दक्षिण अक्षांश पर, ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई एक कल्पनिक रेखा हैं। २२ दिसम्बर को सूर्य मकर रेखा पर लम्बवत चमकता है। मकर रेखा या दक्षिणी गोलार्ध पा ...

                                               

दलदल

दलदल ऐसी आर्द्रभूमि होती है जिसमें वृक्ष, क्षुप और अन्य काष्ठीय पौधे उग रहे हों। ऐसा दलदली क्षेत्र जिसमें घास या अन्य छोटे पौधे ही उग रहें हो कच्छभूमि कहलाता है। दलदली क्षेत्रों में अक्सर वन उग रहे होते हैं।

                                               

रामसर सम्मेलन

रामसर सम्मेलन नम भूमि के संरक्षण के लिए विश्व स्तरीय प्रयास है। भविष्य के लिए झीलों एवं नम भूमि का संरक्षण‘ विषय पर आधारित इस सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा राजस्थान सरकार एवं इन्टरनेशनल लेक एन्वायरन्मेंट कमेटी, जा ...

                                               

कालोरिस द्रोणी

कालोरिस द्रोणी या कालोरिस प्लानितिया बुध ग्रह पर स्थित एक बड़ा प्रहार क्रेटर है। इसका व्यास १,५५० किमी है। हमारे सौर मंडल में यह सबसे विशाल प्रहार द्रोणियों में से एक गिना जाता है। बुध ग्रह का एक रुख़​ सदैव सूरज की ओर होता है, जिसके कारण बुध के ए ...

                                               

क्रेटर

क्रेटर किसी खगोलीय वस्तु पर एक गोल या लगभग गोल आकार के गड्ढे को कहते हैं जो किसी विस्फोटक ढंग से बना हो, चाहे वह ज्वालामुखी का फटना हो, अंतरिक्ष से गिरे उल्कापिंड का प्रहार हो या फिर ज़मीन के अन्दर कोई अन्य विस्फोट हो। विस्फोट का कारण प्राकृतिक ह ...

                                               

गयाना शील्ड

गयाना शील्ड, दक्षिण अमेरिकी प्लेट के तीन क्रेटनों में से एक है। यह 1.7 अरब साल पुरानी एक पूर्वकैम्ब्रियन भौगोलिक संरचना है जिसका विस्तार दक्षिण अमेरिका के पूर्वोत्तर में है और यह दक्षिण अमेरिका के उत्तरी तट के एक भाग की रचना करती है। शील्ड के ऊँच ...

                                               

गेल क्रेटर

गेल मंगल ग्रह पर स्थित एक क्रेटर है। यह आइलीज़ियम पलैनिटिया नाम के इलाके के निचले हिस्से में स्थित है। इसका गोल आकार है और इसका व्यास लगभग १५४ किलोमीटर है। माना जाता है कि यह आज से ३.५ से ३.८ अरब साल पहले हुए एक प्रहार से बना था। इसका नाम वॉल्टर ...

                                               

ज्वालामुखीय क्रेटर

ज्वालामुखीय क्रेटर ज़मीन में एक गोल आकार का गड्ढा होता है जो किसी ज्वालामुखी के फटने से बन जाता है। आम तौर से इस गड्ढे का फर्श समतल होता है और उसमें एक छेद से पिघले पत्थर, गैस और अन्य ज्वालामुखीय पदार्थ निकलते हैं। कई दफ़ा ज्वालामुखी के अन्दर लाव ...

                                               

प्रहार क्रेटर

प्रहार क्रेटर वह प्राकृतिक या कृतिम क्रेटर या गोल आकार के गड्ढे होते हैं जो किसी तेज़ रफ़्तार से चलती हुई वस्तु या प्रक्षेप्य के किसी बड़ी वस्तु पर टकराने से बन जाये। खगोलशास्त्र में ऐसे क्रेटर हमारे सौर मण्डल के कई ग्रहों, उपग्रहों और क्षुद्रग्र ...

                                               

स्क्यापारेल्ली क्रेटर (मंगल ग्रह)

स्क्यापारेल्ली मंगल ग्रह पर स्थित एक प्रहार क्रेटर है। लगभग गोल-आकार रखने वाला यह क्रेटर मंगल ग्रह की भूमध्य रेखा के पास साइनस सेबेयस चतुष्कोण नामक क्षेत्र में स्थित है और ४६१ किमी के व्यास का है। इस क्रेटर के अंदर कई परते देखी जा सकती हैं। खगोलश ...

                                               

आर्द्रता

वायुमण्डल में विद्यमान अदृष्य जलवाष्प की मात्रा आर्द्रता कहलाती हैं। यह आर्द्रता पृथ्वी से वाष्पीकरण के विभिन्न रुपों द्वारा वायुमण्डल में पहुंचती हैं। आर्द्रता का जलवायु विज्ञान में सर्वाधिक महत्व होता हैं, क्योंकि इसी पर वर्षा, तथा वर्षण के विभ ...

                                               

ऋतु

ऋतु एक वर्ष से छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएँ एक खास प्रकार की होती हैं। यह कालखण्ड एक वर्ष को कई भागों में विभाजित करता है जिनके दौरान पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा के परिणामस्वरूप दिन की अवधि, तापमान, वर्षा, आर्द्रता इत्यादि मौसमी दशाएँ एक च ...

                                               

कच्चा ओला

कच्चे ओले वर्षण का वह प्रकार हैं जिसके अंतर्गत जल की परमशीतल बूंदें सतह पर हिमकण के उपर गिरकर और जम कर 2 से 5 मिमी व्यास के गोलों की रचना करती हैं और इस प्रक्रिया में हिमकण संघनन के नाभिक के रूप में कार्य करता है। यह छोटे ओलों से भिन्न होता है जो ...

                                               

कपासी बादल

कपासी बादलों की उत्पत्ति वायु की संवहनीय धाराओं के कारण होती है जिसके कारण ये ऊर्ध्वाधर रूप से विकसित होते हैं। इनके कपास के ढेर जैसा दिखने के कारण यह नाम है। शीत वाताग्पर ऐसे बादल, वायु के ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर उठने के कारण बन जाते हैं। इसी प्रका ...

                                               

क्षोभमण्डल

क्षोभमण्डल या ट्रोपोस्फ़ीयर पृथ्वी के वायुमंडल का सबसे निचला हिस्सा है। इसी परत में आर्द्रता, जलकण, धूलकण, वायुधुन्ध तथा सभी मौसमी घटनाएं होती हैं। यह पृथ्वी की वायु का सबसे घना भाग है और पूरे वायुमंडल के द्रव्यमान का ८०% हिस्सा इसमें मौजूद है। भ ...

                                               

खतरनाक मौसम

खतरनाक मौसम उस मौसम को कहते हैं, जब किसी चक्रवात, तूफान आदि के प्रभाव से अधिक गति से तीव्र हवा चलना, तेज बारिश होना, जंगल में आग लगना आदि घटना होती है। जिसे मानव जीवन बहुत प्रभावित होता है अथवा जीवन की क्षति होती है।

                                               

जलवायु

चचणतनज णततदधनध जलवायु किसी स्थान के वातावरण की दशा को व्पक्त करने के लिये प्रयोग किया जाता है। यह शब्द मौसम के काफी करीब है। पर जलवायु और मौसम में कुछ अन्तर है। जलवायु बड़े भूखंडो के लिये बड़े कालखंड के लिये ही प्रयुक्त होता है जबकि मौसम अपेक्षाक ...

                                               

जलवाष्प

जलवाष्प अथवा जल वाष्प पानी की गैसीय अवस्था है और अन्य अवस्थाओं के विपरीत अदृश्य होती है। पृथ्वी के वायुमण्डल में इसकी मात्रा लगातार परिवर्तनशील होती है। द्रव अवस्था में स्थित पानी से जलवाष्प का निर्माण क्वथन अथवा वाष्पीकरण के द्वारा होता रहता है ...

                                               

तापमान

तापमान किसी वस्तु की उष्णता की माप है। अर्थात्, तापमान से यह पता चलता है कि कोई वस्तु ठंढी है या गर्म। उदाहरणार्थ, यदि किसी एक वस्तु का तापमान 20 डिग्री है और एक दूसरी वस्तु का 40 डिग्री, तो यह कहा जा सकता है कि दूसरी वस्तु प्रथम वस्तु की अपेक्षा ...

                                               

भारत की जलवायु

भारत की जलवायु में काफ़ी क्षेत्रीय विविधता पायी जाती है और जलवायवीय तत्वों के वितरण पर भारत की कर्क रेखा पर अवस्थिति और यहाँ के स्थलरूपों का स्पष्ट प्रभाव दृष्टिगोचर होता है। इसमें हिमालय पर्वत और इसके उत्तर में तिब्बत के पठार की स्थिति, थार का म ...

                                               

वाष्प दाब

वाष्प दाब या साम्यावस्था वाष्प दाब, एक वाष्प जो उसके गैर वाष्प चरण के साथ साम्यावस्था मे हो, का दाब होता है। सभी द्रवों और ठोसों की अपनी अवस्था से गैस अवस्था और हर गैस की अपनी अवस्था से वापस मूल अवस्था में संधनित होने की प्रवृति होती है। किसी विश ...

                                               

समदाब रेखा

किसी मानचित्पर सागर तल के बराबर घटाए हुए वायुदाब से तुलनात्मक रूप में समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाकर खीची जाने वाली रेखा, समदाब रेखा या आइसोबार कहलाती हैं।

                                               

अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन

१९२१ में अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन को मूलतः अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण ब्यूरो के रूप में स्थापित किया गया था। इसका वर्तमान नाम १९७० में सदस्य राष्ट्रों के बीच हुए एक संशोधित अंतरराष्ट्रीय समझौते के परिणाम के रूप में अपनाया गया। इसके पूर्व ...

                                               

चेज़ी फ़ॉर्मूला

तरल गतिकी में चेज़ी फ़ॉर्मूला टर्बुलेंट खुली चैनेल प्रवाह के स्थायी अवस्था में माध्य वेग बताता है। इसका नाम फ्रांस के हाइड्रालिक इंजीनियर एंटोनी डी चेजी के नाम पर पड़ा है जिसने सन् १७७५ में इसे प्रतिपादित किया था। v = C R i, {\displaystyle v=C{\s ...

                                               

जलमौसमविज्ञान

जलमौसमविज्ञान या हाइड्रोमेतेरोलोजी मौसमविज्ञान एवं जलविज्ञान की एक शाखा है। इसके अन्तर्गत धरातल और वायुमण्डल की नीचली सतह के बीच जल एवं उर्जा के स्थानान्तरण का अध्ययन किया जाता है। जलमौसमविज्ञान की सहायता से ही मौसम परिवर्तन का पूर्वानुमान लगाया ...

                                               

बन्द जलसम्भर

बंद जलसंभर या समावृत जलसंभर भूगोल में ऐसे जलसंभर क्षेत्र को कहा जाता है जिसमें वर्षा अथवा पिघलती बर्फ़ का पानी एकत्रित हो कर किसी नदी के ज़रिये समुद्र या महासागर में बहने की बजाय किसी सरोवर, दलदली क्षेत्र या शुष्क क्षेत्र में जाकर वहीँ रुक जाता ह ...

                                               

कार्बन चक्र

कार्बन चक्र जैव-भूरासायनिक चक्र है जिसके द्वारा कार्बन का जीवमंडल, मृदामंडल, भूमंडल, जलमंडल और पृथ्वी के वायुमंडल के साथ विनिमय होता है। यह पृथ्वी के सबसे महत्वपूर्ण चक्रों में एक है और जीवमंडल तथा उसके समस्त जीवों के साथ कार्बन के पुनर्नवीनीकरण ...

                                               

पादप भूगोल

पादप भूगोल या वनस्पति भूगोल जैव भूगोल की वह शाखा है जो पृथ्वी के भिन्न क्षेत्रों पर विभिन्न वनस्पति जातियों के फैलाव के अध्ययन पर केन्द्रित है। इसमें मौसम, भूमीय व समुद्री स्थलाकृति, नदियों-झीलों और मिट्टी की उन परिस्थितियों का भी अध्ययन किया जात ...

                                               

पारिक्षेत्र

पारिक्षेत्र या पारिस्थितिक क्षेत्र किसी विशेष पारिस्थितिक या भौगोलिक लक्षणों द्वारा परिभाषित एक ऐसा क्षेत्र होता है जो जैवक्षेत्र से छोटा हो, जो क्रम में प्राणिक्षेत्र से छोटा होता है। पारिक्षेत्र साधारण रूप से बड़े क्षेत्रफल वाले भूमीय या जलीय इ ...

                                               

विशालविविध देश

विशालविविध देश कुछ देशों का समूह है जहाँ पृथ्वी पर पाए जाने वाली अधिकतर प्रजातियाँ उपस्थित है और इसीलिए इन्हें सर्वाधिक जैव विविधता वाला देश माना जाता है। १९९८ में कंज़र्वेशन इण्टरनेशनल ने १७ देशों को विशालविविध माना है जिनमे से अधिकतर उष्णकटिबन् ...

                                               

सार्वत्रिक वितरण

जीव-भूगोल में, किसी वर्गक के वितरण को, सार्वत्रिक वितरण तब कहा जाता है यदि, इसका जीव-भौगोलिक क्षेत्र विश्वव्यापी या विश्व के अधिकतर हिस्सों के उपयुक्त पर्यावासों में हो। उदाहरण के लिए, व्हेल का वितरण, सार्वत्रिक वितरण है, क्योंकि यह दुनिया के लगभ ...

                                               

एल्ब्रुस पर्वत

एल्ब्रुस पर्वत एक सुप्त ज्वालामुखी है जो कॉकस क्षेत्र की कॉकस पर्वत शृंखला में स्थित है। इसके दो शिखर हैं - पश्चिमी शिखर ५,६४२ मीटर ऊंचा है और पूर्वी शिखर उस से ज़रा कम ५,६२१ मीटर ऊंचा है। यूरोप और एशिया की सीमा कॉकस के इलाक़े से गुज़रती है और इस ...

                                               

ओलम्पस मोन्स

ओलम्पस मोन्स, मंगल ग्रह पर एक बड़ा ज्वालामुखी पहाड़ है। करीबन २२ कि॰मी॰ की उंचाई के साथ, यह सौरमंडल के ज्ञात सर्वोच्च पर्वतों में से एक है, और माउंट एवरेस्ट से लगभग तीन गुना जितना उंचा है। ओलम्पस मोन्स मंगल के बड़े ज्वालामुखियों में से सबसे कम उम ...

                                               

ज्वालामुख-कुण्ड

किसी ज्वालामुखी के विस्फोट के परिणाम स्वरूप अस्तित्व में आई एक कुण्ड या पात्र सदृश रचना भूवैज्ञानिक भाषा में ज्वालामुख-कुण्ड कहलाती है। अंग्रेजी और अन्य यूरोपीय भाषायों मे इसे कैल्डेरा कहते हैं, जो एक स्पैनिश शब्द है पर इसका मूल लैटिन भाषा के कैल ...

                                               

ज्वालामुखी शंकु

ज्वालामुखी शंकु, ज्वालामुखी से संबंधित सरलतम संरचनाओं में से एक हैं। इनका निर्माण ज्वालामुखीय उद्गार के समय निकास नलिका से निकले उत्सर्ग के निकास नली के चारों ओर शंक्वाकार रूप में जमने से होता है, जबकि इस शंकु का मध्य भाग एक गर्त के रूप में विकसि ...

                                               

ढाल ज्वालामुखी

ढाल ज्वालामुखी जिसे शील्ड ज्वालामुखी, भी कहा जाता है, ज्वालामुखियों का एक प्रकार है। इन ज्वालामुखियों का निर्माण आमतौपर लगभग पूरी तरह से तरल लावा प्रवाह के द्वारा होता है। इन ज्वालामुखियों का यह विशिष्ट नाम इसलिए पड़ा है क्योंकि, देखने में यह किस ...

                                               

ताऊपो ज्वालामुखीय क्षेत्र

ताऊपो ज्वालामुखीय क्षेत्र न्यू ज़ीलैंड के उत्तर द्वीप में स्थित एक बहुत ही सक्रीय ज्वालामुखीय क्षेत्र है। इसका नाम ताऊपो झील पर पड़ा है जो यहाँ के सबसे बड़े ज्वालामुख-कुण्ड में स्थित एक झील है। यह ज्वालामुखीय क्षेत्र V का आकार रखता है और हर वर्ष ...

                                               

त्वष्ट्र पैटरे

त्वष्ट्र पैटरे, जिसे त्वश्तर पैटरे भी उच्चारित करते हैं, बृहस्पति ग्रह के चंद्रमा आयो पर स्थित एक ज्वालामुखीय क्षेत्र है। यह उस चंद्रमा के उत्तरी ध्रुव के पास स्थित है और इसमें ज्वालामुखीय क्रेटरों की एक शृंखला मौजूद है। इसका नाम त्वष्ट्र नामक हि ...

                                               

नाब्रो ज्वालामुखी

नाब्रो ज्वालामुखी एक मिश्रित ज्वालामुखी है जो पूर्वी अफ़्रीका के इरीट्रिया देश में स्थित है। भौगोलिक दृष्टि से यह अफ़र द्रोणी में स्थित है जो स्वयं महान दरार घाटी का एक हिस्सा है। नाब्रो ज्वालामुखी लाल सागर के काफ़ी पास पड़ता है। ठीक नाब्रो से दक ...