Blog पृष्ठ 229




                                               

उनई दर्रा

उनई दर्रा या उनई कोतल अफ़्ग़ानिस्तान में हिन्दु कुश पर्वतों की संगलाख़ उपशाखा में ३००० मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक प्रमुख पहाड़ी दर्रा है। यह राष्ट्रीय राजधानी काबुल से पश्चिम में है और इसमें से काबुल को हज़ाराजात क्षेत्र के बामियान शहर से जोड़ने व ...

                                               

कोहाट दर्रा

कोहाट दर्रा पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा राज्य में स्थित एक पहाड़ी दर्रा है जो पेशावर को कोहाट ज़िले की राजधानी कोहाट से जोड़ता है। जून २००३ में यहाँ वाहन यातायात बढ़ाने के लिये कोहाट सुरंग बनाई गई।

                                               

बाबूसर दर्रा

बाबूसर दर्रा पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के मानसेहरा ज़िले में स्थित एक पहाड़ी दर्रा है जो काग़ान घाटी को पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र के चिलास शहर से जोड़ता है।

                                               

मलाकंद दर्रा

मलाकंद दर्रा पाकिस्तान में पेशावर के ६० किमी उत्तर, उत्तर-पूर्व स्थित दक्षिणी स्वात क्षेत्र में एक दर्रा है। प्रशासनिक रूप से यह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मलाकंद जिले में स्थित है। सामरिक रूप से यह एक महत्वपूर्ण भौगोलिक संरचना है। इस ...

                                               

हिन्दूताश दर्रा

हिन्दूताश दर्रा या हिन्दूताग़​ दर्रा मध्य एशिया में चीन द्वारा नियंत्रित शिनजियांग क्षेत्र में स्थित कुनलुन पर्वतों का एक ऐतिहासिक पहाड़ी दर्रा है। यह काराकाश नदी की घाटी में स्थित कंगशेवार​ नामक एक उजड़ी हुई बस्ती को योरुंगकाश नदी की घाटी में स् ...

                                               

कोर्सिका

कोर्सिका भूमध्य सागर में स्थित एक द्वीप है। यह फ्रान्स के १३ क्षेत्रों में से एक है। यह दक्षिणी फ्रांस से 105 मील और उत्तर-पश्चिमी इटली से 56 मील की दूरी पर स्थित है। इस द्वीप का दो तिहाई भाग एक ही पर्वत-शृंखला से निर्मित है।

                                               

गैलापागोस द्वीपसमूह

गैलापागोस द्वीप समूह प्रशांत महासागर में भूमध्य रेखा के आसपास फैले ज्वालामुखी द्वीपों का एक द्वीपसमूह है, जो महाद्वीपीय ईक्वाडोर के 972 किमी पश्चिम में स्थित है। यह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है: वन्यजीवन इसकी सबसे प्रमुख विशेषता है। गैलापागोस ...

                                               

ज्वालामुखीय द्वीप

ज्वालामुखीय द्वीप ऐसा द्वीप होता है जो किसी ज्वालामुखी के फटने से निकले हुए पत्थर व चट्टानों से उभरकर पानी की सतह से ऊपर निकल आए। ऐसे द्वीपों की ऊँचाई अक्सर अवसादन या मूँगे द्वारा बने द्वीपों से अधिक होती है, इसलिये इन्हें कभी-कभी ऊँचे द्वीप भी क ...

                                               

द्वीप

द्वीप स्थलखण्ड के ऐसे भाग होतें हैं, जिनके चारों ओर जल का विस्तार पाया जाता हैं। आकार में द्वीप छोटे भी हो सकते हैं तथा बड़े भी। इनका आकार कुछ वर्ग मीटर से लेकर ह्ज़ारों वर्ग किलोमीटर तक पाया जाता हैं।

                                               

माजुली द्वीप

माजुली या माजोली असम के ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य में बसा एक बड़ा नदी द्वीप है। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के ए.जे. मिफेट मिल्स के सर्वेक्षण अनुसार १८५३ में इसका कुल क्षेत्रफल १२४६ वर्ग किमी था परन्तु प्रतिवर्ष बाढ़ और भूकटाव के चलते यह सिमट कर मात ...

                                               

रोज़ द्वीप

रोज़ द्वीप इटली की जल सीमा से 500 मीटर बहार एक समुद्री प्लात्फोर्म पे बना एक लहुराष्ट्र है। यह इटली के शहर रिमिनी के तट से 11 किलोमीटर दूर था।इसे एक इतलियाई इंजिनियर गिओर्गियो रोज़ा ने बनाया था। यहाँ की सरकार गणतांत्रिक थी। इसका कुल छेत्र फल केवल ...

                                               

सन्त मार्टिन

सेंट मार्टिन, आधिकारिक तौपर कलेक्टिविटी ऑफ सेंट मार्टिन कैरेबियन सागर पर स्थित फ्रांस का अलग प्रवासी संघ है। इसका संवैधानिक अस्तित्व 22 फ़रवरी 2007 को आया, जब सेंट मार्टिन द्वीप के उत्तरी हिस्से और छोटे द्वीपों को एक समूह माना गया। द्वीप का दक्षि ...

                                               

काली नदी, उत्तराखण्ड

काली नदी, जिसे महाकाली, कालीगंगा या शारदा के नाम से भी जाना जाता है, भारत के उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश राज्यों में बहने वाली एक नदी है। इस नदी का उद्गम स्थान वृहद्तर हिमालय में ३,६०० मीटर की ऊँचाई पर स्थित कालापानी नामक स्थान पर है, जो उत्तराखण् ...

                                               

कृष्णा नदी

कृष्णा भारत में बहनेवाली एक नदी है। यह पश्चिमी घाट के पर्वत महाबलेश्वर से निकलती है। इसकी लम्बाई प्रायः1400 किलोमीटर है। यह दक्षिण-पुर्व राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगणा, आंध्र प्रदेश में बहती हुई बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। कृष्णा नदी की ...

                                               

क्षिप्रा नदी

क्षिप्रा, मध्यप्रदेश में बहने वाली एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक नदी है। यह भारत की पवित्र नदियों में एक है। उज्जैन में कुम्भ का मेला इसी नदी के किनारे लगता है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वरम् भी यहां ही है। यह इंदौर एवं देवा ...

                                               

गोदावरी नदी

गोदावरी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है| यह नदी दूसरी प्रायद्वीपीय नदियों में से सबसे बड़ी नदी है। इसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है। इसकी उत्पत्ति पश्चिमी घाट में त्रयंबक पहाड़ी से हुई है। यह महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलती है। इसकी लम्बाई प्रा ...

                                               

छिन्दविन नदी

छिंदविन उत्तरी वर्मा के सांगइंग मंडल में बहने वाली नदी है, जो इरावदी की मुख्य सहायक है। यह लगभग 885 किलोमीटर लंबी है। छिंदविन नदी तनाई, ताबान और तारून नदियों के मिलने से बनी है। किंतु इनमें से कौन मुख्य धारा है, यह संदेहास्पद है। इन नदियों के स्र ...

                                               

द्रुमाकृतिक प्रतिरुप

द्रुमाकृतिक प्रतिरुप अथवा वृक्षाकार अपवाह प्रतिरूप एक तरह का अपवाह प्रतिरूप है जिसमें नदी की मुख्य धारा में उसकी शाखायें इस तरह से आकर जुड़ती हैं कि उनसे बनने वाला ज्यामितीय प्रतिरूप किसी पेड़ की शाखाओं की तरह का होता है। आमतौपर यह अपवाह प्रतिरूप ...

                                               

द्रुमाकृतिक प्रतिरूप

द्रुमाकृतिक प्रतिरुप अथवा वृक्षाकार अपवाह प्रतिरूप एक तरह का अपवाह प्रतिरूप है जिसमें नदी की मुख्य धारा में उसकी शाखायें इस तरह से आकर जुड़ती हैं कि उनसे बनने वाला ज्यामितीय प्रतिरूप किसी पेड़ की शाखाओं प्रतिशाखाओं की तरह का होता है। आमतौपर यह अप ...

                                               

नंदाकिनी नदी

नंदाकिनी नदी गंगा नदी की पांच आरंभिक सहायक नदियों में से एक है। यह नदी तथा अलकनंदा नदियों के संगम पर नन्द प्रयाग स्थित है। यह सागर तल से २८०५ फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस नदी का मूल त्रिशूल पर्वत की तलहटी पर स्थित नन्दाघुँघुँटी से है, जिसके पास ...

                                               

पुण्यजल नदी

मिर्जापुऔर विन्ध्याचल के मध्य बहने वाली इस नदी को पुण्यजल अथवा ओझल के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि जिस प्रकार सभी यज्ञों में अश्वमेघ यज्ञ और सभी पर्वतों में हिमालय पर्वत प्रसिद्ध है उसी प्रकार सभी तीर्थो में ओझल सबसे प्रमुख मानी जाती है। इ ...

                                               

फ़ोर्थ नदी

फोर्थ नदी स्कॉटलैंड के केंद्रीय हिस्से के पूर्वी भाग में बहने वाली एक नदी है। इसकी कुल लंबाई 47 किलोमीटर है। यह ट्राॅस्सैश्कस् नमक पहाड़ी क्षेत्र के लाॅच आर्ड से उदित होकर पूरब की ओर उत्तरी सागर से एडिनबर्ग नगर के पास फ़र्थ ऑफ फ़ोर्थ मैं मिलती है ...

                                               

बैगुल नदी

बैगुल या बहगुल एक नदी है जो जलालाबाद के भौगोलिक क्षेत्र से होकर बहती है। अमरीका की नेशनल ज्योस्पैटियल इन्टेलीजेंस एजेंसी के सूत्रों के हवाले से इसे पूर्वी बहगुल नदी भी कहते हैं। यह भारतवर्ष के प्रमुख प्रान्त उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहाँपुर के मैद ...

                                               

वेई नदी

वेई नदी यूनाइटेड किंगडम की पांचवी सबसे लंबी नदी है और इंग्लैण्ड व वेल्स की सीमा को बांटती है। यह प्रकृति संरक्षण और पुनर्निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।

                                               

सिंधु नदी प्रणाली

सिंधु नदी प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी नदी घाटियों में से एक है जो 11, 65.000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रों की यात्रा करती है और इसकी कुल लंबाई 2.880 किमी है। इंडस को सिंधु के रूप में भी जाना जाता है। यह तिब्बत में कैलाश पर्वत श्रंखला से बोखार-चू नाम ...

                                               

आल्टिप्लानो

आल्टीप्लानो पश्चिमी-मध्य दक्षिण अमेरिका में स्थित एक पठार है। यह वह स्थान है जहाँ एण्डीज सबसे चौडा है। तिब्बत के बाद यह विश्व का सबसे बड़ा पठार है।

                                               

पूतोराना पठार

पुतोराना पठार या पुतोराना पहाड़ रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित एक ऊँचा पठार है। यह मध्य साइबेरियाई पठार के पश्चिमोत्तरी छोपर तायमयिर प्रायद्वीप से दक्षिण में स्थित एक पहाड़ी इलाक़ा है। इसका सबसे ऊँचा पहाड़ १,७०० मीटर ऊँचा कामेन पर्वत है। रूस ...

                                               

मैसूर का पठार

मैसूर का पठार का विस्तार कर्नाटक के पूर्वी व मध्यवर्ती भाग, दक्षिणी-पश्चिमी आन्ध्र प्रदेश व पश्चिमी तमिलनाडु राज्यों में पाया जाता है। इस पठार की मूल चट्टानें बहुत ही कठोऔर पुरानी हैं जिनमें प्राचीन जीवाशेषों का पूर्ण अभाव पाया जाता है। ये मुख्यत ...

                                               

अपरशैल

अपरशैल प्राचीन धान्यकटक के निकट का एक पर्वत। भोटिया ग्रंथों से ज्ञात होता है कि पूर्वशैल और अपरशैल धान्यकटक के पूर्व और पश्चिम में स्थित पर्वत थे जिनके ऊपर बने विहार पूर्वशैलीय और अपरशैलीय कहलाते थे। ये दोनों चैत्यवादी थे और इन्हीं नामों से उस का ...

                                               

आठ हज़ारी

आठ हजारी अर्थात समुद्र सतह से 8000 मी. से भी ऊँचे पर्वत। दुनिया में 8000 से भी ऊँचे 14 पर्वत हैं और ये सारे के सारे एशिया के हिमालय और काराकोरम पर्वत शृंखला में स्थित हैं। आठ हजारी पर्वत पर सबसे पहले अल्बर्ट एफ. मम्मेरी और जे नॉरमन कोली ने काश्मि ...

                                               

आयरन (पर्वत)

आयरन पर्वत, संयुक्त राज्य अमरीका के मिसौरी राज्य के पूर्वी भाग में स्थित सेंट फ्रांको पर्वत के दक्षिणी भाग का एक शिखर है । मिसिसिपी नदी यहाँ से पूर्व की ओर लगभग 38 मील की दूरी पर है। आयरन पर्वत हैमेटाइट नामक लोहे के अयस्क का अनुपम भंडार है। यह कच ...

                                               

इस्तोर-ओ-नल

इस्तोर-ओ-नल या इस्तोरो नल हिन्दु कुश पर्वत शृंखला का तीसरा सबसे ऊँचा पहाड़ है और दुनिया का ६८वाँ सबसे ऊंचा पहाड़ है। ७,४०३ मीटर ऊँचा यह पर्वत प्रशासनिक रूप से पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के चित्राल ज़िले में पड़ता है। यह हिन्दु कुश के ...

                                               

ऐन्डीज़ पर्वत शृंखला

ऐण्डीज दुनिया की सबसे लम्बी पर्वत शृंखला है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित है। कुल मिलाकर यह पर्वतमाला ७,००० किमी तक चलती है और लगभग २०० किमी की औसत चौड़ाई रखती है। इस पर्वतमाला की औसत ऊँचाई ४,००० मीटर है। ऐन्डीज़ दक्षिण अमेरिका के सात ...

                                               

कैटादिन

कैटादिन संयुक्त राज्य अमरीका, के उत्तरपूर्व सीमांत पर मेन राज्य के मध्य भाग में पिस्कैटाक्वॉइस जनपद के अंतर्गत स्थित पर्वत जिसकी ऊँचाई ५,२६८ फुट है। यह पूर्णतया ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है और कई भागों में नग्न पत्थर सतह पर उभर आए हैं। बाहर की ...

                                               

कैमूर की पहाड़ी

कैमूर भारत की विध्य पर्वतश्रेणी का पूर्वी भाग जो मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के कटंगी के पास प्रारंभ होकर सर्वोतरी श्रेणी के रूप में रोहतासगढ क्षेत्र तक चली जाती है। इसकी अधिकतम चौड़ाई लगभग 50 मील है। मध्यप्रदेश के जूलेखी स्थान से उत्तर पूर्व की ओर ...

                                               

कैलाश सरोवर

कैलाश पर्वत, 22.028 फीट ऊँचा एक पत्थर का पिरामिड, जिस पर सालभर बर्फ की सफेद चादर लिपटी रहती है। हर साल कैलाश-मानसरोवर की यात्रा करने, शिव-शंभु की आराधना करने, हजारों साधु-संत, श्रद्धालु, दार्शनिक यहाँ एकत्रित होते हैं, जिससे इस स्थान की पवित्रता ...

                                               

कोंगुर ताग़

कोंगुर ताग़ कुनलुन शान पर्वतमाला का सबसे ऊँचा पहाड़ है। वैसे तो यह ७,६४९ मीटर ऊँचा पर्वत अपने समीपी मुज़ताग़ अता पहाड़ के बहुत पास है, लेकिन अधिक दुर्गम स्थल में होने से कम जाना जाता है। आधुनिक काल में काराकोरम राजमार्ग के बन जाने से अब कोंगुर ता ...

                                               

ख़ान तेन्ग्री

ख़ान तेंग्री तियान शान पर्वत शृंखला का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत है। यह मध्य एशिया में क़ाज़ाक़स्तान, किर्गिज़स्तान और चीन की सीमा पर इसिक कुल झील से पूर्व में स्थित है। इसके शिखर की ऊँचाई ६,९९५ मीटर है। उइग़ुर भाषा में इसके नाम का अर्थ आकाश ख़ान है। ...

                                               

जेन्गिश चोकुसु

जेन्गिश चोकुसु तियान शान पर्वत शृंखला का सबसे ऊँचा पर्वत है। यह मध्य एशिया में किर्गिज़स्तान और चीन कि सीमा पर इसिक कुल झील से दक्षिण में स्थित है। इसके शिखर की ऊँचाई ७,४३९ मीटर है। हर भाषा में इसके नाम का अर्थ विजय शिखर है और इसलिए इसे कभी-कभी अ ...

                                               

तिरिच मीर

तिरिच मीर पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त में चित्राल शहर के पास स्थित एक पर्वत है, जो हिन्दु कुश पर्वत शृंखला का सबसे ऊँचा पहाड़ भी है। ७,७०८ मीटर ऊँचा यह पर्वत हिमालय-काराकोरम श्रेणी के बाहर का सबसे ऊँचा पहाड़ है और दुनिया भर का ३३वाँ स ...

                                               

दूनागिरी

दूनागिरी भूमंडल में दक्षिण एशिया स्थित भारतवर्ष के उत्तराखण्ड प्रदेश के अन्तर्गत कुमांऊँ क्षेत्र के अल्मोड़ा जिले में एक पौराणिक पर्वत शिखर का नाम है। द्रोण, द्रोणगिरी, द्रोण-पर्वत, द्रोणागिरी, द्रोणांचल, तथा द्रोणांचल-पर्वत इसी पर्वत के पर्यायवा ...

                                               

नंगा पर्वत

नंगा पर्वत दुनिया की नौवी ऊंची चोटी है। इस की ऊँचाई ८,१२५ मीटर या २६,६५८ फ़ुट है। इसे दुनिया का "क़ातिल पहाड़" भी कहा जाते है क्योंकि इसपर चढ़ने वाले बहुत से लोगों की जाने जा चुकी हैं। बीसवी सदी के पहले हिस्से में आठ हज़ार मीटर से ऊंचे पहाड़ों मे ...

                                               

नूनातक

नूनातक किसी हिमानी, हिमचादर या अन्य बर्फ़ से पूरी तरह ढके हुए विस्तृत क्षेत्र में एक बर्फ़-रहित खुला हुआ पथरीला पहाड़, चट्टान या पर्वत होता है। इन्हें अक्सर हिमानी द्वीप भी कहा जाता है। हिम और बर्फ़ से ढके क्षेत्रों में एक स्थान अक्सर अन्य स्थानो ...

                                               

पर्वतों के प्रकार

सामान्यत: पर्वत चार प्रकार के होते है- 4 विरूपणीय या विवर्त्तनिक पर्वत Deformational or tectonic mountain 1. ज्वालामुखी या संचयन पर्वत Volcanic or Accumulation type mountain 2. लैकोलिथी पर्वत 3. अवशिष्ट पर्वत Ralict Mountain इनके दो निम्न प्रकार ...

                                               

पुंजक

भूविज्ञान में पुंजक या मैसिफ़ किसी ग्रह की भूपर्पटी का ऐसा अंश होता है जिसकी सीमाएँ भ्रंशों या मुड़ावों से स्पष्ट बन गई हों। भूपर्पटी के हिलने पर पुंजक का आंतरिक ढांचा ज्यों-का-त्यों रहता है हालांकि पूरा पूंजक अपने स्थान का बदलाव कर सकता है। कई ब ...

                                               

पैनामिंट श्रेणी

पैनामिंट श्रेणी संयुक्त राज्य अमरीका के दक्षिणी कैलिफॉनिया राज्य के मध्य-पूर्वी भाग में डेथ वैली के पश्चिमी सिरे पर इनया काउंटी के पूर्वी एवं दक्षिणी भाग में १४० मील लंबी एक पर्वतमाला है। इस पर्वतमाला की ऊँचाई ६,००० से ११,००० फुट तक है तथा यह मरु ...

                                               

ब्रोमो पर्वत

ब्रोमो पर्वत जावा द्वीप का पर्वत पूर्व में टेंगर प्रदेश के पास है। 2.32 9 मीटर में यह द्रव्यमान का सबसे ऊंचा शिखर नहीं है, लेकिन सबसे प्रसिद्ध है। मास्टीफ क्षेत्र पूर्वी जावा, इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा दौरा करने वाले पर्यटकों में से एक है। ज्वाल ...

                                               

भारत के पर्वत

भारत में कई अलग-अलग पर्वत श्रृंखलाएं हैं। हिमालय से लेकर नीलगिरि तक उन पर्वतों के आकार, ऊंचाई तथा आयु में भी विविधता है। हिमालय अरावली नीलगिरि विंध्याचल

                                               

मंदर पर्वत

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन में देवताओं ने मन्दराचल को मथनी बनाया था। सदियों से खड़ा मंदार आज भी लोगों की आस्था का पर्वत है। इसे मंदराचल या मंदार पर्वत भी कहते हैं। यह बांका जिला में अवस्थित है।

                                               

मुज़ताग़ अता

मुज़ताग़ अता या मुज़ताग़ाता तिब्बत के पठार के उत्तरी छोर की पहाड़ियों का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत है। इसकी ऊँचाई ७,५४६ मीटर है और उइग़ुर भाषा में इसके नाम मुज़, ताग़ और अता जोड़कर बना है, यानि इसका पूरा मतलब पिता बर्फ़-पर्वत है। मुज़ताग़ अता को कभी- ...