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टामस एडवर्ड लॉरेंस

टामस एडवर्ड लॉरेंस प्रख्यात ब्रिटिश सेना के अफसर, अन्वेषक एवं लेखक थे। १५ अगस्त १८८८ ई. में इनका जन्म वेल्स के ट्रेमाडोक नामक स्थान पर हुआ था। इन्होंने ऑक्सफर्ड में शिक्षा प्राप्त की थी। १९१० ई. में सिरिया गए और इन्होंने चार वर्ष के अपने प्रवास म ...

                                               

दिनेश सिंह

दिनेश सिंह हिंदी गीत-नवगीत साहित्य के प्रसिद्ध हस्ताक्षर हैं। पूर्वाभास, टेढ़े-मेढ़े ढाई आखर, समर करते हुए, मैं फिर से गाऊँगा आदि गीत संग्रह के अलावा इनके गीत, नवगीत, छन्दमुक्त कविताएँ, रिपोर्ताज, ललित निबंध, समीक्षाएँ आदि धर्मयुग, साप्ताहिक हिन् ...

                                               

नंद दास

नंद भवन को भूषण माई। यशुदा को लाल, वीर हलधर को, राधारमण सदा सुखदाई ॥ इंद्र को इंद्र, देव देवन को, ब्रह्म को ब्रह्म, महा बलदाई। काल को काल, ईश ईशन को, वरुण को वरुण, महा बलजाई ॥ शिव को धन, संतन को सरबस, महिमा वेद पुराणन गाई। ‘नंददास’ को जीवन गिरिधर ...

                                               

नज़ीर बनारसी

नज़ीर बनारसी एक भारतीय उर्दू शायर थे। गंगो जमन, जवाहर से लाल तक, गुलामी से आजादी तक, चेतना के स्वर, किताबे गजल, राष्ट्र की अमानत राष्ट्र के हवाले आदि उनकी प्रमुख कृतियाँ है।

                                               

नारायण सुर्वे

जन्म के कुछ दिनों के बाद ही नारायण सुर्वे के माता-पिता का निधन हो गया था। उनका जीवन मुंबई की गलियों में ही बीता। वे रोजी-रोटी चलाने के लिए दिहाड़ी पर छोटे-मोटे काम करते थे। सुर्वे प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। उन्होंने कई मजदूर संगठनों में क ...

                                               

निर्झर प्रतापगढ़ी

निर्झर प्रतापगढ़ी अवधी के प्रसिद्द हास्य कवि व पुरातत्वविद हैं। वें उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद से हैं। इनका वास्तविक नाम राजेश पांडे हैं। वें देश के प्रथम ग्रामीण पुरातत्व संग्रहालय अर्थात अजगरा संग्रहालय के संस्थापक हैं।

                                               

पाल इल्यार

"Courage", 1943 Ralentir travaux, 1930, in collaboration with André Breton and René Char Le Devoir, 1916 Répétitions, 1922 Au défaut du silence, 1925 Facile, 1935 Les Yeux fertiles, 1936 Le Phénix, 1951 La Rose publique, 1934 Défense de savoir, 1 ...

                                               

पावेल फ्रीडमैन

The Butterfly The last, the very last, So richly, brightly, dazzlingly yellow. Perhaps if the suns tears would sing against a white stone. Such, such a yellow Is carried lightly way up high. It went away Im sure because it wished to kiss the worl ...

                                               

पी॰ वी॰ अकिलानंदम

पी. वी. अकिलंदम तमिल भाषा के विख्यात साहित्यकार थे। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास वंगइन मैंधन के लिये उन्हें सन् १९६३ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता भी थे।

                                               

बर्नार्ड मलामड

बर्नार्ड मलामड अमेरिका के राष्ट्रिय पुस्तक पुरस्कार विजेता लेखक थे, इन्होने ये पुरस्कार सन १९५९ में अपनी किताब दे मेजिक बरल और सन १९६७ में दे फिक्सर के लिये जीता। वे २०वि सदी में अमेरिका के कुछ महान यहूदी लेखको में से थे। उनका उपन्यास दे नैचुरल स ...

                                               

भारत भूषण (हिन्दी कवि)

भारत भूषण का जन्म उत्तरप्रदेश के मेरठ में हुआ था। इन्होंने हिन्दी में स्नातकोत्तर शिक्षा अर्जित की और प्राध्यापन को जीविकावृत्ति के रूप में अपनाया। एक शिक्षक के तौपर करियर की शुरुआत करने वाले भारत भूषण बाद में काव्य की दुनिया में आए और छा गए। उनक ...

                                               

भारत में ग़रीबी

भारत में गरीबी बहुत व्यापक है किन्तु बहुत तेजी से कम हो रही है। अनुमान है कि विश्व की सम्पूर्ण गरीब आबादी का तीसरा हिस्सा भारत में है। 2010 में विश्व बैंक ने सूचना दी कि भारत के 32.7% लोग रोज़ना की US$ 1.25 की अंतर्राष्ट्रीय ग़रीबी रेखा के नीचे र ...

                                               

मुकुन्द दास

मुकुन्द दास, भारत से बांग्ला भाषा के कवि, गीतकार, संगीतकाऔर देशभक्त थे, जिन्होने ग्रामीण स्वदेशी आंदोलन के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

                                               

मुरारीलाल शर्मा

डॉ॰ मुरारीलाल शर्मा पश्चिम ओड़िशा के प्रसिद्ध हिंदीविद्‍ माने जाते हैं। इनके पिता प्रसिद्ध गांधीवादी मिश्रिलाल शर्मा रहे। सन. 1966 में मिश्रिलाल हरियाणा का अपना पुश्तेनी गांव पिराणपुरा छोड़ कर उडिशा के अत्यंत पिछड़े जिले कालाहांडी में बस गये। यहा ...

                                               

मुसहफ़ी

ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी उर्दू के बड़े शायर हुए। इनके समकालीन और प्रतिद्वंदी इंशा और जुरअत थे। इंशा के साथ इनके शेरों की प्रतिद्वंदिता बहुत चली जो बाद में तूतू-मैमैं तक उतर गई। शेख़ वली मुहम्मद के बेटे मुसहफ़ी अमरोहा में पैदा हुए। युवावस्था में ही श ...

                                               

मोहम्मद इब्राहिम ज़ौक़

मोहम्मद इब्राहिम ज़ौक़ उर्दू अदब के एक मशहूर शायर थे। इनका असली नाम शेख़ इब्राहिम था। ग़ालिब के समकालीन शायरों में ज़ौक़ बहुत ऊपर का दर्जा रखते हैं। उनका जन्म 1789 में शेख़ मुहम्मद रमज़ान के घर हुआ।

                                               

रघुनन्दन त्रिवेदी

रघुनन्दन त्रिवेदी (१७ जनवरी १९५५-१० जुलाई २००४ हिन्दी के कवि और लेखक हैं। उन्होंने हिन्दी में एम ए तक की शिक्षा प्राप्त की और तीन कहानी संग्रह लिखे- १९८८ में प्रकाशित यह ट्रेजेडी क्यों हुई, १९९४ में वह लड़की अभी जिन्दा है तथा २००१ में हमारे शहर क ...

                                               

लीलाधर मंडलोई

मंडलोई का जन्म भारतीय राज्य मध्यप्रदेश के छिंदवाडा जिले के गुढ़ी नामक गाँव में हुआ। मंडलोई ने भारत में बी.ए. बीएड. अँग्रेज़ी पत्राकारिता में स्नातक और एम.ए. हिन्दी तक शिक्षा ग्रहण किया और इसके बाद वे लन्दन चले गये जहाँ से प्रसारण में उच्च-शिक्षा ...

                                               

विल डुराण्ट

विलियम जेम्स डुरांट या विल डुरांट अमेरिका के प्रसिद्ध लेखक, इतिहाकार एवं दार्शनिक थे। उनकी कृति द स्टोरी ऑफ सिविलाइजेशन बहुत प्रसिद्ध है। इसके पूर्व उन्होने द स्टोरी ऑफ फिलॉसफी लिखी जो बहुत प्रसिद्ध हुई। विल डुरांट एवं उनकी पत्नी एरिएल डुरांट को ...

                                               

वीरेंद्र आस्तिक

वीरेंद्र आस्तिक हिंदी गीत-नवगीत विधा के सशक्त कवि, आलोचक एवं सम्पादक हैं। परछाईं के पाँव, आनंद! तेरी हार है, तारीख़ों के हस्ताक्षर, आकाश तो जीने नहीं देता, दिन क्या बुरे थे, गीत अपने ही सुनें आदि गीत संग्रह के अलावा इनके गीत, नवगीत, ग़ज़ल, छन्दमु ...

                                               

शबनम गोरखपुरी

शबनम गोरखपुरी एक भारतीय उर्दू शायर थे। वे हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा साहित्य में सामान अधिकार रखते थे। उन्होंने दूसरी भाषाओं के साहित्य को उर्दू में अनुवाद करके उर्दू साहित्य को समृद्ध बनाया।

                                               

शौक़ बहराइची

शौक़ बहराइची एक भारतीय उर्दू शायर थे। उनका वास्तविक नाम रियासत हुसैन रिज़वी था। उनकी सबसे मशहूर शायरी बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफी है; हर शाख पे उल्लू बैठे हैं, अंजाम ए गुलिस्ताँ क्या होगा?

                                               

सरोजिनी काक

सरोजिनी काक श्रीनगर, कश्मीर में जन्मी। उनकी कविता का संग्रह "नगर और वैराग्य" बहुत चर्चित रहा। इन्हें कश्मीर की एक प्रमुख कवियित्री माना जाता है।

                                               

सूसन सानटाग

सूसन सानटाग एक अमेरिकी लेखक, फिल्म निर्माता, शिक्षक और राजनीतिक कार्यकर्ता थी। 1964 में, उसने अपना पहला प्रमुख कार्य, "निबंध" नोट्स ऑन "कैंप" प्रकाशित किया था। उनके सबसे प्रसिद्ध कार्यों में ऑन फोटोग्राफ़ी, अगेंस्ट इंटरप्रैटेशन, स्टाईलज़ ऑफ रैडिक ...

                                               

सोम ठाकुर

भारतीय आत्मा पुरस्कार, कानपुर डॉ॰ शिव मंगल सिंह सुमन गीत पुरस्कार, उन्न्नाव काका हाथरसी ट्रस्ट द्वारा ब्रजभाषा पुरस्कार, हाथरस राष्ट्र भाषा परिषद मुंबई द्वारा महीयसी महादेवी वर्मा पुरस्कार प्रगतिशील सांस्कृतिक, साहित्यिक मंच द्वारा सम्मानित तथा अ ...

                                               

हब्बा ख़ातून

हब्बा खातून नाम से जाना जाता था। यूसुफ शाह चक से शादी करने के बाद, जो बाद में कश्मीर के शासक बने, उन्हें हब्बा ख़ातून कहा जाता था। मुग़ल शासक अकबर ने इस प्रांत को अपने कब्जे में लिया इनके पाती को बंदी बनाकर बंगाल लेजाया गाया, वहां उनकी मृत्यु होग ...

                                               

हरमन हेस

हरमन हेस या हेरमान हेस्से एक जर्मन उपन्यासकार, कहानीकाऔर कवि थे।नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जर्मन साहित्यकार हरमन हेस मुख्य रूप से अपने तीन उपन्यासों सिद्धार्थ, स्टेपेनवौल्फ़ और मागिस्टर लुडी के लिये जाने जाते हैं। उन्होनें कविताएँ भी लिखीं और पें ...

                                               

हा जिन

हा जिन अमेरिका के राष्ट्रिय पुस्तक पुरस्कार विजेता लेखक है। इनका जन्म चीन में हुआ व यह बाद में आकर संयुक्त राज्य अमेरिका में बस गए वह इन्होने चीन के बारे में किताबे लिखी जिनसे इनको काफी प्रसिद्धि मिली।

                                               

हृदयेश्वर

हृदयेश्वर हिन्दी नवगीत के स्थापित हस्ताक्षर हैं। इनका जन्म: 10 जनवरी 1946 को पूर्वी चम्पारन के ग्राम ऊँचीभटिया में हुआ। इनकी अनेकों प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित हुयी हैं। अनेक साहित्यिक पत्रों के सम्पादन में इन्होने सहयोग किया है ...

                                               

ए.आर. नटराजन

ए.आर. नटराजन श्री रमण महर्षि के एक शिष्य थे जिन्होंने अपने गुरु पर कई पुस्तकें प्रकाशित की थीं। वे रमण महर्षि सेंटर फॉर लर्निंग के अध्यक्ष एवं संस्थापक के साथ ही, भगवान श्री रमन महर्षी शोध सेंटर और रामन केंद्र के उपाध्यक्ष भी थे। वह द माउंटेन पाथ ...

                                               

काजल

काजल एक श्याम पदार्थ है जो धुंए की कालिख और तेल तथा कुछ अन्य द्रव्य को मिलाकर बनाया जाता है। इसका पारम्परिक हिन्दू श्रृंगार में बहुत प्रयोग किया जाता है। इसमें कार्बन की मात्रा अधिक रहती है।

                                               

फाउण्डेशन

फाउण्डेशन त्वचा के रंग वाला एक सौन्दर्य प्रसाधन है जो चेहरे पर लगाया जाता है। फाउण्डेशन लगाने से त्वचा का रंग एक ही जैसा दिखाई देता है। इससे मेकअप के लिए एक आधार तैयार हो जाता है। इससे चेहरे के दाग, धब्बे एवं निशान आदि च्हिप जाते हैं। इसके अलावा ...

                                               

शैंपू

शैम्पू एक बालों की देखभाल संबंधी उत्पाद है, जिसे बालों से तेल, मिट्टी, त्वचा कण, रूसी, पर्यावरण प्रदूषक और अन्य संदूषण कणों जो बालों में फंस जाते हैं को हटाने के लिए प्रयोग किया जाता है। शैम्पू, जब पानी में घुलकर झाग बनाता है, तब एक पृष्ठसक्रियका ...

                                               

साबुन

साबुन उच्च अणु भार वाले कार्बनिक वसीय अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण है। मृदु साबुन का सूत्र एवं कठोर साबुन का सूत्र है। साबुनीकरण की क्रिया में वनस्पति तेल या वसा एवं कास्टिक सोडा या कास्टिक पोटाश के जलीय घोल को गर्म करके रासायनिक प्रतिक्रिया ...

                                               

प्रसन्नता

प्रसन्नता मानवों में पाई जाने वाली भावनाओं में सबसे सकारात्मक भावना है। इसके होने के विभिन्न कारण हो सकते हैं: किसी परिजन या मित्र की कामियाबी। दिन के कार्य के बाद परिजनों या दोस्तों की संगत। अपने दिन-रात के जीवन की गतिविधियों को अपनी इच्छाओं के ...

                                               

अंजलि मेनन

अंजलि मेनन एक भारतीय फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक है जिन्होंने फिचर फिल्म मंजदिकुरु से अपने लेखन की शुरुआत की थी इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ट मलयालम फिल्म और सर्वश्रेष्ठ भारतीय पर्दापण के लिए एफ०आई०पी०आर०ई०एस०सी०आई० पुरस्कार मिला था। उनकी दूसरी फी ...

                                               

अनिल देवगन

अनिल देवगन अभिनेता अजय देवगन के भाई, वीरू देवगन के बेटे और अभिनेत्री काजोल के देवर हैं। अनिल देवगन ने निर्देशन में भी हाथ आजमाया है और अपने भाई को उन्होंने दो फ़िल्मों में निर्देशित किया है: राजू चाचा और ब्लैकमेल । उन्होंने 2000 में निर्देशक के र ...

                                               

अनुषा रिज़वी

अनुषा रिज़वी, एक भारतीय फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक हैं। उनके निर्देशन में बनी उनकी पहली फिल्म पीपली लाइव ने डरबन फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पहला पुरस्कार जीता है।

                                               

गुरविंदर सिंह

गुरविंदर सिंह एक भारतीय फिल्म निर्देशक है। वे अपनी पंजाबी भाषा की फिल्म, उनकी पहली फीचर फिल्म अन्न्हे घोड़े दा दान के लिए जाना जाता है। गुरविंदर ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ पुणो से फिल्ममेकिंग की पढ़ाई की।

                                               

नागराज मंजुले

नागराज पोपटराव मंजुले एक भारतीय फिल्म निर्माता और पटकथा लेखक हैं, जो फिल्म सैराट के लिए जाने जाते हैं और उनकी पहली लघु फिल्म, पिस्तुल्या, जिसके लिए उन्हें गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ। मंजुले ने मराठी में कविता क ...

                                               

निष्ठा जैन

निष्ठ जैन एक भारतीय फिल्म निर्देशक और निर्माता हैं, जिन्हें गुलाबी गैंग जैसी उनकी वृत्तचित्रों के लिए जाना जाता है। वह एक स्वतंत्र भारतीय फिल्म निर्माता हैं।

                                               

नीरज वोरा

नीरज वोरा, एक भारतीय फिल्म निर्देशक, लेखक, अभिनेता और संगीतकार थे। उन्होंने बॉलीवुड में आमिर खान की फिल्म रंगीला के लिए एक लेखक के रूप में अपना काम किया था। 2000 में उनकी पहली निर्देशित फिल्म खिलाड़ी 420 आई थी। बाद में 2006 में उन्होंने "फिर हेरा ...

                                               

पी भास्करण

पी भास्करण एक भारतीय मलयालम कवि हैं। यह अब तक 250 फिल्मों में 3000 से अधिक गाने लिख चुके हैं। यह आल इंडिया रेडियो में कार्य करते थे। जिसके बाद यह फिल्मों में आए। यह 44 मलयालम फिल्मों को निर्देशित कर चुके हैं और 6 फिल्मों का निर्माण भी किया है। यह ...

                                               

प्रभु देवा

प्रभु देवा एक भारतीय नर्तक, नृत्य दिग्दर्शक, फ़िल्म अभिनेता व निर्देशक है। उन्होंने भिन्न-भिन्न नृत्य के प्रकारों में महारत हासिल की है। उन्हें भारत का माइकल जैक्सन भी कहा जाता है और वे माइकल जैक्सन को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं।

                                               

प्रवीण भट्ट

प्रवीण भट्ट भारतीय फ़िल्म छायाकार, निर्देशक और लेखक हैं। यह कई बार महेश भट्ट के फिल्मों में कार्य कर चुके हैं। इन्होने यह कार्य 1960 में केमरामेन के रूप में शुरू किया। 1962 में अपने पिता विजय भट्ट की फ़िल्म को निर्देशित किया। इसी के बाद 1965 में ...

                                               

के बालाचंदर

कैलाशम बालाचंदर एक भारतीय फिल्म, निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक हैं। इन्होंने तमिल, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और हिन्दी सिनेमा में फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक के रूप में कार्य किया है।

                                               

भूपेन हाजरिका

भूपेन हाजरिका भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम से एक बहुमुखी प्रतिभा के गीतकार, संगीतकाऔर गायक थे। इसके अलावा वे असमिया भाषा के कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे थे। वे भारत के ऐसे विलक्षण कलाकार थे जो अपने ...

                                               

रीमा कागती

रीमा कागती एक भारतीय फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक है जो मुख्य रूप से बॉलीवुड में कार्य करती है। इन्होंने अपने निर्देशन में पहली फिल्म साल २००७ में हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड बनाई थी। जबकि इनकी पहली फिल्म २००१ में बनी लगान थी जिसमें सहायक नि ...

                                               

विपुल अमृतलाल शाह

विपुल अमृतलाल शाह या विपुल शाह भारतीय फिल्मों और धारावाहिकों के निर्माता और निर्देशक हैं। इन्होंने अपने इस सफर की शुरुआत गुजराती थिएटर से शुरू किया था, जिन्हें अच्छे खासे दर्शक मिलते थे। इन्होंने गुजराती फिल्मों में दरिया-छोरु नाम के फिल्म से अपन ...

                                               

संजय मलिक

संजय मलिक हिन्दी फिल्मों के निर्देशक हैं। इन्हें फिल्म इंडस्ट्रीज में 25 वर्ष कार्य करने का अनुभव है। इन्होंने राजस्थानी भाषा में भी फिल्में बनाई हैं, जिनमें पाणी नाम की फिल्म काफी चर्चित है। फिल्म निर्देशक संजय मलिक ने उर्दू लेखिका फरहाना ताज से ...