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तुजिया लोग

तुजिया चीन के एक अल्पसंख्यक समुदाय का नाम है। चीन में इनकी आबादी लगभग ८० लाख की है और यह चीन का छठा सब से बड़ा अल्पसंख्यक गुट है। यह वूलिंग पर्वतों के वासी हैं, जो हूनान, हुबेई और गुइझोऊ प्रान्तों और चोंगकिंग ज़िले की सीमाओं पर विस्तृत हैं। इनकी ...

                                               

नाशी लोग

नाशी दक्षिणी चीन में हिमालय के छोटे पहाड़ों में बसने वाली एक जाति है। यह युन्नान प्रान्त के उत्तर-पश्चिमी भाग और सिचुआन प्रान्त के दक्षिण-पश्चिमी भाग में रहते हैं। युन्नान का लिजिआंग विभाग ख़ासकर इस समुदाय से सम्बंधित है। सन् २००० में इनकी आबादी ...

                                               

बइ लोग

बइ या बइप दक्षिण पश्चिमी चीन में बसने वाली एक मानव जाति है। सन् २००० में इनकी कुल आबादी १८,५८,०६३ थी, जिसमें से ८०% युन्नान प्रांत के दाली बइ स्वशासित विभाग में रहते हैं। कुछ बइ समुदाय युन्नान के अन्य इलाकों में और पड़ोसी गुइझोऊ प्रान्त और हूनान ...

                                               

मांचु लोग

मांचु या मान्चू पूर्वोत्तरी चीन का एक अल्पसंख्यक समुदाय है जिनके जड़े जनवादी गणतंत्र चीन के मंचूरिया क्षेत्र में हैं। १७वीं सदी में चीन पर मिंग राजवंश सत्ता में था लेकिन उनका पतन हो चला था। उन्होंने मिंग के कुछ विद्रोहियों की मदद से चीन पर क़ब्ज़ ...

                                               

मियाओ लोग

मियाओ जनवादी गणराज्य चीन की सरकार द्वारा परिभाषित एक लोक-जाति है। ध्यान रहे कि यह एक चीनी भाषा का नाम है और वहाँ की सरकार ने चीन के दक्षिण में रहने वाले बहुत से समुदायों को मिलकर इस श्रेणी में डाल दिया है। बहुत से मियाओ लोग अपने-आप को यह पहचान नह ...

                                               

यी लोग

यी या लोलो चीन, वियतनाम और थाईलैंड में बसने वाली एक मानव जाति है। विश्व भर में इनकी जनसँख्या लगभग ८० लाख अनुमानित की गई है। यी लोग तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार की यी भाषाएँ बोलते हैं, जिसका एक मानक रूप नोसू भाषा है और जो बर्मी भाषा से काफ़ी मिलती-जु ...

                                               

शान लोग

शान दक्षिणपूर्वी एशिया में बसने वाला एक समुदाय है जो मुख्य रूप से बर्मा के शान राज्य से सम्बन्धित है, हालांकि यह बर्मा के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तरी थाईलैण्ड, लाओस, चीन के युन्नान प्रान्त और, कुछ हद तक, भारत के पूर्वोत्तरी भाग में भी पाये ज ...

                                               

हान चीनी

हान चीनी चीन की एक जाति और समुदाय है। आबादी के हिसाब से यह विश्व की सब से बड़ी मानव जाति है। कुल मिलाकर दुनिया में १,३१,०१,५८,८५१ हान जाति के लोग हैं, यानी सन् २०१० में विश्व के लगभग २०% जीवित मनुष्य हान जाति के थे। चीन की जनसँख्या के ९२% लोग हान ...

                                               

हुई लोग

हुई लोग चीन की सरकार द्वारा मान्य एक जाति है जिसके सदस्य मुख्य रूप से चीनी भाषा अपनी मातृभाषा के रूप में बोलने वाले मुस्लिम लोग हैं। इनमें से बहुत से लोग वे हैं जिनके पूर्वज रेशम मार्ग पर यात्री थे और चीन में आ बसे और जिन्होनें चीनी संस्कृति और भ ...

                                               

ह्मोंग लोग

ह्मोंग दक्षिण-पूर्वी एशिया की एक लोक-जाति है जो चीन, लाओस, वियतनाम और थाईलैंड के कुछ पहाड़ी इलाक़ों में बसती है। जनवादी गणराज्य चीन की सरकार इन्हें मियाओ जाति की एक उपजाति मानती है हालाँकि बहुत से ह्मोंग लोगों को यह स्वीकृत नहीं। ह्मोंग लोग ऐतिहा ...

                                               

चांगपा

चांगपा या चाम्पा तिब्बती मूल का एक बंजारा मानव समुदाय है जो भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के लद्दाख़ क्षेत्र के चांगथंग इलाके में बसते हैं। इनकी कुछ संख्या तिब्बत में आने वाले चांगथंग के भाग में भी रहती है जिनमें से कुछ को चीन की सरकार ने चांगथंग ...

                                               

ल्होबा लोग

ल्होबा चीन द्वारा नियंत्रित तिब्बत के कुछ भागों में बसने वाले मिश्मी समुदाय व आदी समुदाय के लोगों का सामूहिक चीनी सरकारी नाम है। यही बृहत समुदाय अधिक संख्या में भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य में बसा हुआ है। तिब्बत में बसे हुए मिश्मी लोग अधिकांश रू ...

                                               

थाई लोग

थाई लोग दक्षिणपूर्व एशिया के थाईलैण्ड देश की बहुसंख्यक जाति है। यह ताई लोगों का एक उपसमुदाय है जो कि पूर्वोत्तर भारत, दक्षिणी चीन और कई दक्षिणपूर्व एशियाई देशों पर विस्तृत हैं। वे अधिकतर थेरवाद बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं और थाई भाषा व उसकी उपभाषाए ...

                                               

नेग्रिटो

नेग्रिटो कई मानवी जातियों का समूह है जो दक्षिणपूर्वी एशिया के दूर-दराज़ क्षेत्रों में बसते हैं। इन समूहों में भारत के अण्डमान द्वीपों के अण्डमानी लोग, मलेशिया के सेमांग लोग, थाईलैण्ड के मनीक लोग और फ़िलिपीन्ज़ के आती लोग और ३० अन्य जातियाँ शामिल ...

                                               

मोन लोग

मोन दक्षिणपूर्वी एशिया में बसने वाला एक समुदाय है जो मुख्य रूप से बर्मा के मोन राज्य, बगो मण्डल और इरावती नदी के नदीमुख क्षेत्र में और थाईलैण्ड के बर्मा के साथ लगी सीमा के दक्षिणी भाग में रहता है। मोन लोग दक्षिणपूर्वी एशिया में बसने वाली सबसे प्र ...

                                               

लवा लोग

लवा या लोवा दक्षिणपूर्वी एशिया में बसने वाला एक समुदाय है जो मुख्य रूप से उत्तरी थाईलैण्ड में रहता है। उनकी भाषा भी "लवा" कहलाती है और बर्मा व चीन के युन्नान प्रान्त में बोली जाने वाली ब्लांग और वा भाषाओं से सम्बन्धित एक ऑस्ट्रो-एशियाई भाषा है। इ ...

                                               

खोईखोई लोग

खोईखोई, जिन्हें सिर्फ़ खोई भी कहा जाता है, अफ़्रीका के दक्षिणी भाग में बसने वाले खोईसान लोगों की एक शाखा है। यह समुदाय बुशमैन समुदाय से क़रीबी सम्बन्ध रखता है और ५वी सदी से दक्षिणी अफ़्रीका में बसा हुआ है। यहा वे मवेशी पालन और अस्थाई कृषि में लगे ...

                                               

नामा लोग

नामा, जिन्हें पहले नामाका के नाम से जाना जाता था, दक्षिण अफ़्रीका, नामीबिया व बोत्स्वाना का एक लोक-समुदाय है। वे खोई भाषा-परिवार की नामा भाषा बोलते हैं हालांकि आधुनिक युग में उनमें से बहुत से अब आफ़्रीकान्स भाषा भी बोलने लगे हैं। नामा समुदाय खोईख ...

                                               

इगबो लोग

इगबो पश्चिमी अफ़्रीका के नाइजीरिया देश के दक्षिणी भाग में बसने वाला एक समुदाय है। कुछ यूरोपीय भाषाओं में ध्वनीय असमर्थता के कारण इन्हें ग़लती से इबो भी कह दिया जाता है। इगबो लोगों की मातृभूमि को वहाँ से गुज़रने वाली नाइजर नदी एक बड़े पूर्वी और उस ...

                                               

कोच राजबोंग्शी लोग

राजबोंग्शी या कोच राजबोंग्शी पूर्वोत्तरी भारत के असम राज्य का एक समुदाय है जो कुछ हद तक पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग, बिहार, मेघालय, नेपाल, बांग्लादेश व भूटान में भी बसा हुआ है। यह मूल रूप से ब्रह्मपुत्र नदी की घाटी के निचले भाग के वासी हैं और कामत ...

                                               

योल्मो लोग

योल्मो लोगों को कर रहे हैं एक स्वदेशी लोगों के पूर्वी हिमालय क्षेत्रहै। वे खुद को देखें के रूप में "Yolmowa" या "Hyolmopa", और natively में रहते हैं हेलम्बू और Melamchi घाटियों और आसपास के क्षेत्रों के पूर्वोत्तर नेपाल. संयुक्त जनसंख्या के Yolmos ...

                                               

सामी लोग

सामी लोग उत्तरी स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड और रूस के कोला प्रायद्वीप में बसने वाले एक आदिवासी समुदाय का नाम है। यह जिस आर्कटिक क्षेत्र में रहते हैं उसे सापमी भी बुलाया जाता है और इसका क्षेत्रफल लगभग ३,८८,३५० किमी २ है। मूल रूप से यह लोग सामी भाषाएँ ...

                                               

आराइन

आराईं पंजाब और कुछ हद तक सिंध में बसने वाली एक जाति है। आराईं ज़्यादातर कृषि में जुटे हुए हैं और पारम्परिक रूप से अपनी खेती के स्वयं स्वामी रहे हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में इस्लाम आने के पश्चात ये लगभग सभी मुसलमान हो गए। फिर भी इनकी हिन्दू कम्बोह ल ...

                                               

खत्री

खत्री भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तरी भाग में बसने वाली एक जाति है। मूल रूप से खत्री पंजाब से हुआ करते थे लेकिन वह अब राजस्थान, जम्मू व कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरयाणा, बलोचिस्तान, सिंध और ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा के इलाक़ों मे ...

                                               

सुधन लोग

सुधन पाक-अधिकृत कश्मीर के पुंछ, सुधनोती, बाग़ और कोटली ज़िलों में रहने वाले एक समुदाय का नाम है। पुंछ ज़िले में रावलाकोट और सुधनोती ज़िला विशेष रूप से इनकी मातृभूमि है। हालांकि आधुनिक युग में यह धर्म से मुस्लिम हैं, ऐतिहासिक रूप से यह हिन्दू मुहय ...

                                               

अनाल लोग

अनाल भारत के मणिपुर राज्य और उस से सठे हुए बर्मा के सगाइंग मण्डल के कुछ क्षेत्रों में बसने वाला एक समुदाय है। यह नागा समुदाय की एक शाखा है और प्राचीनकाल में मूल रूप से ह्मार समुदाय से अलग होकर आरम्भ हुई थी।

                                               

खोंग

खोंग म्यांमार के अराकान प्रदेश का निवासी एक जनसमाज है। इनकी अपनी भाषा और अपनी लिपि है। इस कारण विद्वानों की धारणा है कि अति प्राचीन काल से एक सुशिक्षित समाज रहा है। ये लोग बौद्ध धर्मावलंबी हैं। विवाह प्रसंग में लड़के का पिता लड़की के घर जाकर अपने ...

                                               

चकमा लोग

चकमा बांग्लादेश के चट्टग्राम पहाड़ी क्षेत्र का सबसे बड़ा समुदाय है। यह चकमा भाषा बोलते हैं जो एक हिन्द-आर्य भाषा है और हिन्दू व थेरवाद बौद्ध धर्मों के अनुयायी होते हैं। यह भारत के मिज़ोरम राज्य और बर्मा के रखाइन राज्य के कुछ क्षेत्रों में भी निवा ...

                                               

टिड्डिम लोग

टिड्डिम या तेदिम लोग म्यान्मा के राज्य चीन स्टेट और भारत की उत्तर-पूर्व पे रहताहै वे तेदिम भाषा बोलते है जो १५५००० के बारे में उन्हें भारत में रहने वाले के साथ १९९० के इन म्यांमार में रहते थे। तेदिम लोग २३०००० के बारे में लोगों में गिने जा रहे है ...

                                               

बमा लोग

बमा या बर्मन बर्मा का सबसे बड़ा जातीय समूह है। बर्मा के के दो-तिहाई लोग इसी समुदाय के सदस्य हैं। बमा लोग अधिकतर इरावती नदी के जलसम्भर क्षेत्र में रहते हैं और बर्मी भाषा बोलते हैं। प्रायः म्यन्मा के सभी लोगों को बमा कह दिया जाता हैं, जो सही नहीं ह ...

                                               

रोहिंग्या लोग

रोहिंग्या लोग के नाम से भी पहचाने जाते हैं) म्यांमार देश के रखाइन राज्य और बांग्लादेश के चटगाँव इलाक़े में बसने वाले राज्यविहीनरखाइन राज्य पर बर्मी क़ब्ज़े के बाद अत्याचार के माहौल से तंग आ कर बड़ी संख्या में रोहिंग्या लोग थाईलैंड में शरणार्थी हो ...

                                               

ह्मार लोग

ह्मार लोग भारत के पूर्वोत्तर भाग के कई राज्यों में बसने वाले एक समुदाय का नाम है। इस नाम में कई चिन-कुकी-मिज़ो समुदाय सम्मिलित हैं। ह्मार का अर्थ "उत्तरी" होता है और ऐतिहासिक रूप से यह समुदाय लुशाई समुदायों से उत्तर में रहा करता था, हालांकि इस ना ...

                                               

तुपी लोग

तुपी दक्षिण अमेरिका के ब्राज़ील देश की सबसे महत्वपूर्ण मूल आदिवासी जातियों में से एक है। यह सबसे पहले अमेज़न वर्षावन में बसे हुए थे लेकिन लगभग २९०० वर्ष पहले दक्षिण की ओर विस्तृत होने लगे और अटलांटिक महासागर से तटस्थ क्षेत्रों पर बस गये।

                                               

कम्मा (जाति)

कम्मा तेलुगु: కమ్మ या कम्मावारु एक सामाजिक समुदाय है जो ज्यादातर दक्षिण भारतीय राज्यों आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में पाया जाता है। वर्ष 1881 में कम्मा जाति की जनसंख्या 795.732 थी। 1921 की जनगणना के अनुसार आंध्रप्रदेश की जनसंख्या में उनका ...

                                               

अंगामी लोग

अंगामी भारत के नागालैण्ड राज्य में बसने वाला एक समुदाय है। यह नागा समुदाय की एक शाखा है। अंगामी पारम्परिक रूप से अंगामी भाषा मातृभाषा के लिए प्रयोग करते हैं। वे नागालैण्ड के कोहिमा ज़िले और दीमापुर ज़िले में तथा पड़ोसी मणिपुर राज्य में निवास करते ...

                                               

अग्रहरि

अग्रहरि या अग्रहरी एक भारतीय उपनाम हैं। यह उपनाम "वैश्य बनिया"पोद्दार समुदाय द्वारा इस्तेमाल किया जाता हैं जो अपने आप को पौराणिक सूर्यवंशी सम्राट महाराजा अग्रसेन के वंशज मानते हैं।

                                               

अग्रोहा का निर्माण, पतन एवं पुनर्निर्माण

अग्रवाल जाति का विकास अग्रोहा से हुआ यह बात निर्विवाद है। इसके लिए किसी इतिहास आदि के प्रमाण की जरूरत नहीं है। अग्रवाल अपने गौत्र को की तरह अपने मूल स्थान को भी पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखता है। महाभारत काल में महाभारत में वर्णित नकूल और कर्ण द्वारा भा ...

                                               

अण्डमानी लोग

वैसे तो अण्डेमान में बसे हुए लोग भारत के प्रत्येक कोने से सबन्धित हैं और आज वे सब के सब अण्डेमान की अपनी हिन्दी बोली बोलते हैं। जिन लोगों ने अण्डेमान की औपनिवेशिक बस्ती को बसाया है उनमें से कुछ का उल्लेख करना आवश्यक प्रतीत होता है -

                                               

अबोटी

आबोटी, गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र की ब्राह्मणों की एक उपजाति है। ‘‘गुजरात के ब्राह्मणों का इतिहास’’ में डो। शिवप्रसाद राजगोर द्वारा प्रकाशित इस सुप्रसिध्‍ध पुस्‍तिकामें ‘‘अबोटी ब्राह्मिनो’’ की उत्‍पत्ति के बारेमें विवरण करते हुए पेज नंबर ५१२ से ...

                                               

अहीर

अहीर प्रमुखतः एक प्राचीन भारतीय जाति समूह है,जिसके सदस्यों को यादव समुदाय के नाम से भी पहचाना जाता है तथा अहीर व यादव या राव साहब कहा जाता हैै, क्योंकि इन शब्दों को एक दूसरे का पर्यायवाची समझा जाता है। अहीर महाराज यदु के वंशज हैं जो एक ऐतिहासिक च ...

                                               

आओ लोग

आओ पूर्वोत्तर भारत के नागालैण्ड राज्य के नागा समुदाय का एक प्रमुख उपसमुदाय है। आओ लोग भिन्न आओ भाषाएँ बोलते हैं। आधुनिक काल में आओ समुदाय के सदस्य भारत के लगभग सभी प्रमुख नगरों में पाये जाते हैं लेकिन ऐतिहासिक रूप से उत्तर-मध्य नागालैण्ड का मोकोक ...

                                               

आगरी समाज

आगरी समाज एक हिंदु-आर्य समाज है। विशेषत: यह महाराष्ट्रीय समूह है जो महाराष्ट्र के उत्तर कोंकण इलाके में मूल भुमिपुत्र है। यह समाज कोली तथा कुणबी जातियों के उपविभाग में आता है। इनकी जो बोलीभाषा है, वह मराठी और कोंकणी की उपभाषा है जिसे आगरी बोली कह ...

                                               

उछलिया

उछलिया भारत के महाराष्ट्र राज्य की एक जाति है। इस जाति के लोगों को भामता या गाँठचोर भी कहते हैं। ये महाराष्ट्री-मिश्रित तेलुगु बोलते हैं। इसी से कुछ विद्वान् इनको मूल तेलुगु प्रांत मानते हैं। लेकिन इनके रीति-रिवाज, मान्यताओं और शारीरिक बनावट से स ...

                                               

एझावा

ईळवा केरल के हिन्दू समुदायों के बीच में सबसे बड़ा समूह है। उन्हें प्राचीन तमिल चेर राजवंश के विलावर संस्थापकों का वंशज माना जाता है, जिनका कभी दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों पर शासन हुआ करता था। मालाबार में उन्हें थिय्या कहा जाता है, जबकि तुलु नाडू म ...

                                               

कहार

कहार भारतवर्ष में हिन्दू धर्म को मानने वाली एक जाति है। इस समुदाय के लोग बिहार, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में ही पाये जाते हैं! कहार जाती में पंजाबी मेहरे कश्यप राजपूतnon brahminभी सम्मनलित हैं। अत्रि गोत्र से तलुकात रख ...

                                               

कान्यकुब्ज ब्राह्मण

कान्यकुब्ज ब्राह्मण जिन्हे कन्नौजिया या कनौजिया भी कहा जाता है, एक ब्राह्मण समुदाय है जो मुख्य रूप से उत्तरी भारत में पाया जाता है। इन्हे विन्ध्याचल पर्वत शृंखला के उत्तरी हिस्से के मूल निवासी पंच गौड़ ब्राह्मण समुदायों में से एक के रूप में वर्गी ...

                                               

कापू (जाति)

कापू मुख्यतः आंध्र प्रदेश तथा तेलंगण निवासी एक जाति है। तेलुगु में कपू या कापू शब्द का मतलब किसान या संरक्षक है। कापू लोग तेलुगु बोलते हैं और मुख्यतः खेती करते हैं। इन्हें कुलनाम नायडू से भी जाना जाता है जिसका अर्थ नेता है। हालांकि कई अन्य कृषि स ...

                                               

कार्बी लोग

कार्बी पूर्वोत्तरी भारत के असम राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में बसने वाला एक समुदाय है। इन्हें कुछ सरकारी दस्तावेज़ों में "मिकिर" कहा जाता था लेकिन यह शब्द अब प्रयोग नहीं होता और कई कार्बियों द्वारा अपमानजनक माना जाता है। कार्बी लोग तिब्बती-बर्मी भा ...

                                               

कुड़मी महतो

कुड़मि आदिवासि, जो आकृति नहीं बल्कि प्रकृति पुजक होते हैं, इस ब्रम्हांड के एकमात्र परम सत्य प्रकृति को ही अपना भगवान मानते हैं और गराम, धरम, बसुमाता के रूप में प्रकृति की ही पुजा अराधना करते हैं। इनके सभी पुजा ये स्वयं द्वारा ही करते हैं एवं सामू ...

                                               

कोरकू लोग

कोरकू जनजाति के लोग मध्यप्रदेश में सतपुड़ा पर्वतमाला के जंगलों से लगे "छिन्दवाड़ा मवासी,बैतूल जिले की भैंसदेही और चिचोली तहसील में, होशंगाबाद जिले में, भिण्ड जिले में, हरदा जिले की टिमरनी और खिड़किया तहसील के गाँवों में निवास करती है। इसके अतिरिक ...