Blog पृष्ठ 331




                                               

गीइज़ लिपि

इथियोपियाई लिपि अथवा गीइज़, एक लिपि है जो इथियोपिया तथा इरित्रिया की कई भाषाओं को लिखने में प्रयुक्त होती है। इसकी विशेष बात यह है कि इस पर ब्राह्मी लिपि का स्पष्ट प्रभाव दिखता है। एक ही व्यंजन को अलग-अलग स्वरों से मिलाने से व्यंजन का स्वरूप थोड़ ...

                                               

आइसलैंडिक लिपि

आइसलैंडिक भाषा जिस लिपि में लिखी जाती है, उसे ही आइसलैंडिक लिपि कहा जाता है। यह वास्तव में लैटिन लिपि ही है जिसमें कुछ वर्ण बदलकर इस लिपि का निर्माण किया गया है। आइसलैण्डिक लिपि में निम्नलिखित 32 वर्ण है- Deleted letter a, á, e, é, i, í, o, ó, u, ...

                                               

लिपियों की सूची

यहाँ विश्व की लेखन पद्धतियों या लिपियों की वर्गीकृत सूची दी गई है। यह वर्गीकरण लिपियों के किसी विशेष गुण के आधापर किया गया है जो उनकोअन्य लिपियों से अलग करता है। पहले लिपि का नाम दिया गया है, इसके बाद उस लिपि में लिखी जाने वाली भाषाओं के नाम कोष् ...

                                               

वियतनामी लिपि

वियतनामी लिपि वियतनामी भाषा को लिखने के लिये प्रयुक्त आधुनिक लिपि है। यह लैटिन लिपि पर आधारित है, और विशेष रूप से पुर्तगाली वर्णमाला पर। इसमें कुछ डाइग्राफ तथा ऐक्सेंत चिह्न जोड़कर यह लिपि बनी है जिसमें चार का प्रयोग अतिरिक्त ध्वनि के लिये किया ज ...

                                               

सुन्द लिपि

साँचा:Sundanese script सुन्द लिपि अक्षर सुन्द, साँचा:Sund एक लिपि है जिसका प्रयोग सुन्द लोग करते हैं। यह प्राचीन सुन्द लिपि अक्षर सुन्द कुनो पर आधारित है जिसका उपयोग १४वीं से १८वीं शताब्दी के मध्य होता था।

                                               

ओसेती भाषा

हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार की सदस्य होने के नाते ओसेती में बहुत से ऐसे शब्द हैं जो इस परिवार की अन्य भाषाओँ मय हिन्दी के शब्दों से मिलते-जुलते हैं उच्चारण रोमन लिपि में दिगए हैं -

                                               

दरी फ़ारसी

दरी या दरी फ़ारसी अफ़ग़ानिस्तान में प्रचलित आधुनिक फ़ारसी का एक रूप है। पश्तो के साथ-साथ यह अफ़ग़ानिस्तान की दो संवैधानिक राजभाषाओं में से एक है। यह अफ़ग़ानिस्तान के लगभग ५०% लोगों की मातृभाषा है और देश की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भी है। अफ़ ...

                                               

हज़ारगी भाषा

हज़ारगी अफ़ग़ानिस्तान में हज़ारा लोगों द्वारा बोली जाने वाली फ़ारसी भाषा का एक रूप है। यह सब से ज़्यादा मध्य अफ़ग़ानिस्तान के हज़ाराजात नामक क्षेत्र में बोली जाती है। हज़ारा लोग इस भाषा को आम तौपर आज़रगी बोलते हैं। हज़ारगी बोलने वालों की संख्या १ ...

                                               

कवि भाषा

कावी इंडोनेशिया के जावा द्वीप की एक प्राचीन साहित्यिक भाषा है। इसकी अपनी लिपि थी। जावा के काव्य इसी भाषा में लिखे गये। इसमें संस्कृत के बहुत से शब्द हैं।

                                               

फ़ोनीशियाई भाषा

फ़ोनीशियाई एक प्राचीन सामी भाषा जो की लगभग विलुप्त हो चुकी है। इस की निकटतम संबंधी इब्रानी भाषा है। प्राचीनकाल में यह भाषा फ़ोनीशिया के लोग बोला करते थे। इसे लिखने के लिए फ़ोनीशियाई वर्णमाला का प्रयोग किया जाता था।

                                               

भारत में स्थानीय वक्ताओं की संख्यानुसार भाषाओं की सूची

भारत कई सौ भाषाओं का घर है। ज़्यादातर भारतीय इंडो-आर्यन परिवार की भाषा बोलते हैं जो इंडो-यूरोपियन की ही एक शाखा है। द्रविड़, ऑस्ट्रोएस्ट्रीएटिक मुंडा और साइनो-तिब्बतन भी बोली जाती हैं इसके अतिरिक्त हिमालय की कुछ भाषाएँ अभी भी वर्गीकृत नहीं हैं। ए ...

                                               

अंगामी भाषा

अंगामी, भारत के नागालैंड की सोलह बोलियों में से एक बोली तथा राज्य की प्रमुख भाषा है। यह तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार की अंगामी-पोचुरी शाखा की अंगामी उपशाखा की एक भाषा है। राज्य के निवासियों के बीच यह संपर्क भाषा के रूप में विकसित हो चुकी हैं। देश की ...

                                               

अनाल भाषा

अनाल या नमफ़ाउ एक कुकी भाषा है जो भारत के मणिपुर राज्य और उसके पड़ोस में बर्मा के सगाइंग मण्डल में अनाल नागा समुदाय द्वारा बोली जाती है।

                                               

अन्दमानी भाषाएँ

अन्दमानी भाषाएँ अन्दमान द्वीपसमूह के आदिवासियों की भाषाएँ है। इसमें भी दो स्पष्ट भाषा परिवार हैं- महाअन्दमानी और ओंगान। इसके अलावा सेन्टीनीली भाषा भी है जिसके बारे में बहुत कम जानकारी है और इसका वर्गीकरण नहीं हुआ है। अन्दमान द्वीप के आदिवासी इन्ह ...

                                               

अर्धमागधी

मध्य भारतीय आर्य परिवार की भाषा अर्धमागधी संस्कृत और आधुनिक भारतीय भाषाओं के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह प्राचीन काल में मगध की साहित्यिक एवं बोलचाल की भाषा थी। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी ने इसी भाषा में अपने धर्मोपदेश किए थे। ...

                                               

असमिया भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

असमिया भाषियों की संख्या के आधापर भारत के राज्यो की सूची जनसंख्या और प्रतिशत दोनों आधारित है। इसका संदर्भ भारत की २००१ के आधापर है। इस सूची में वे राज्य है जहाँ पर असमिया भाषी लोग जनसंख्या का १% से अधिक हैं।

                                               

आइऍसऍम

आइऍसऍम भारत के सी-डैक द्वारा निर्मित एक भाषायी कम्प्यूटर प्रोग्राम है। जो भारतीय भाषाओं को कम्प्यूटर पर लिखनपढ़ने एवं अन्य भाषायी कार्यों में उपयोगी है। यह दो प्रकार का है- 1. ISM publisher 2. ISM Office v.6

                                               

आगरी बोली

आगरी बोली महाराष्ट्र राज्य के उत्तर में तथा मध्य कोंकण में बोली जाने वाली बोली है। यह आगरी, कोली, कुणबी तथा आगर में रहनेवाले बारा बलुतेदार इस भाषा का प्रयोग करते हैं।

                                               

आठवीं अनुसूची

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची भारत की भाषाओं से संबंधित है। इस अनुसूची में २२ भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया है।इसके बाद, कोंकणी भाषा, मणिपुरी भाषा, और नेपाली भाषा को 1992 ई. में जोड़ा गया। हाल में 2003 में बोड़ो भाषा, डोगरी भाषा, मैथिली भाषा, ...

                                               

उड़िया भाषियों की संख्या के आधार पर भारत के राज्यों की सूची

उड़िया भाषियों की संख्या के आधापर भारत के राज्यो की सूची जनसंख्या और प्रतिशत दोनों आधारित है। इसका संदर्भ भारत की २००१ के आधापर है। इस सूची में वे राज्य है जहाँ पर उड़िया भाषी लोग जनसंख्या का १% से अधिक हैं।

                                               

कुकी भाषाएँ

कुकी भाषाएँ या कुकी-चिन भाषाएँ पूर्वोत्तरी भारत, पश्चिमी बर्मा और पूर्वी बंग्लादेश में बोली जाने वाली लगभग ५० तिब्बती-बर्मी भाषाओं का समूह है। इसमें मिज़ो भाषा व हाखा चिन भाषा शामिल हैं।

                                               

केरल की भाषा

केरल की भाषा मलयालम है जो द्रविड़ परिवार की भाषाओं में एक है। मलयालम भाषा के उद्गम के बारे में अनेक सिद्धान्त प्रस्तुत किगए हैं। एक मत यह है कि भौगोलिक कारणों से किसी आदी द्रविड़ भाषा से मलयालम एक स्वतंत्र भाषा के रूप में विकसित हुई। इसके विपरीत ...

                                               

कोनयाक भाषा

कोन्यक भाषाएँ दक्षिण-पूर्वी अरूणाचल प्रदेश तथा उत्तर-पूर्वी नागालैण्ड के क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिन्हें कोनयाक नागा समुदाय के लोग बोलते हैं। इन्हें उत्तरी नागा भाषाएँ भी कहते हैं। ये भाषाएँ तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार की हैं। इसमे ...

                                               

खेज़ा भाषा

खेज़ा भारत के नागालैण्ड राज्य के कुछ भागों में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह एक अंगामी-पोचुरी भाषा है जिसे चखेसंग समुदाय में बोला जाता है। इसे विशेषकर फेक ज़िले में बोला जाता है।

                                               

खोरठा भाषा

खोरठा एक भाषा है जो भारत के झारखण्ड प्रदेश के कुछ भागों और बांग्लादेश के कुछ भागों में बोली जाती है। खोरठा भाषा झारखंड के दो प्रमंडलों उत्तरी छोटानागपुऔर संथाल परगना के अधिकांश की मातृभाषा होने के साथ-साथ झारखंड के चौबीस जिलों मे से पंद्रह जिलों ...

                                               

चकमा भाषा

चाकमा बांग्लादेश के चट्टग्राम पहाड़ी क्षेत्र, बर्मा के रखाइन राज्य और भारत के मिज़ोरम, त्रिपुरा व असम राज्यों में बोली जाने वाली एक हिन्द-आर्य भाषा है। इसे चकमा समुदाय और दाइंगनेत समुदाय के लोग मातृभाषा के रूप में बोलते हैं।

                                               

चांग भाषा

चांग, जो चांगयांगुह और मोचुंगर भी कहलाती है, भारत के नागालैण्ड राज्य के तुएनसांग ज़िले में चांग नागा समुदाय द्वारा बोली जाने वाली एक भाषा है। यह एक ब्रह्मपुत्री भाषा है।

                                               

चोकरी भाषा

चोकरी भारत के नागालैण्ड राज्य के कुछ भागों में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह एक अंगामी-पोचुरी भाषा है जिसे चखेसंग समुदाय में बोला जाता है। इसे विशेषकर फेक ज़िले में बोला जाता है।

                                               

ज़ेमे भाषा

ज़ेमे, जो एम्पुइ, जेमे, काचा और ज़ेमी भी कहलाती है, भारत के पूर्वोत्तर भाग में नागालैण्ड, असम, मणिपुऔर त्रिपुरा राज्यों के कुछ भागों में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह एक उपभाषा सतति का हिस्सा है जिसमें रोंगमेइ और लियांगमेइ भी शामिल हैं।

                                               

जिन्गपो भाषा

जिन्गपो तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार की ब्रह्मपुत्री शाखा की एक भाषा है। यह ज़्यादातर बर्मा के उत्तर में स्थित कचिन राज्य में रहने वाले जिन्गपो समुदाय द्वारा बोली जाती है, हालांकि इसके कुछ मातृभाषी भारत व चीन में भी रहते हैं। यह अधिकतर रोमन लिपि में ...

                                               

तांगखुल भाषा

तांगखुल भारत के पूर्वोत्तर में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह तिब्बती-बर्मी परिवार की भाषा है। तांगखुल अन्य नागा भाषाओं के समीप नहीं है।

                                               

तानी भाषाएँ

तानी भाषाएँ या मिरिच भाषाएँ पूर्वोत्तरी भारत में, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश में, बोली जाने वाली तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार की एक शाखा है। इस उपपरिवार की भिन्न बोलियाँ लगभग ६ लाख लोग बोलते हैं।

                                               

पालि भाषा

पालि प्राचीन उत्तर भारत के लोगों की भाषा थी जो पूर्व में बिहार से पश्चिम में हरियाणा-राजस्थान तक और उत्तर में नेपाल-उत्तरप्रदेश से दक्षिण में मध्यप्रदेश तक बोली जाती थी। भगवान बुद्ध भी इन्हीं प्रदेशो में विहरण करते हुए लोगों को धर्म समझाते रहे। आ ...

                                               

पोउला भाषा

पोउला या पोउमाइ भारत के नागालैण्ड व मणिपुर राज्यों के कुछ भागों में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह एक अंगामी-पोचुरी भाषा है जिसे पोउमाइ समुदाय में बोला जाता है। इसे विशेषकर नागालैण्ड के फेक ज़िले और मणिपुर के सेनापति ज़िले में बोला जाता है।

                                               

प्रमुख टाइप पैड

प्रमुख टाइप पैड एक मुक्तस्रोत प्रोग्राम है जो हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं को लिखने के लिये अत्यन्त उपयोगी है।। इसके विकासकर्ता विशाल मोणपरा हैं जिन्होनें भारतीय भाषाओं के लिये इण्डिक आएमई प्लग-इन, प्रमुख जावास्क्रिप्ट लाइब्रेरी, तथा अन्य कई उपय ...

                                               

प्राकृत

भारतीय आर्यभाषा के मध्ययुग में जो अनेक प्रादेशिक भाषाएँ विकसित हुई उनका सामान्य नाम प्राकृत है और उन भाषाओं में जो ग्रंथ रचे गए उन सबको समुच्चय रूप से प्राकृत साहित्य कहा जाता है। विकास की दृष्टि से भाषावैज्ञानिकों ने भारत में आर्यभाषा के तीन स्त ...

                                               

बरह

बरह एक सॉफ्टवेयर है जो कम्प्यूटर पर भारतीय लिपियों में लिखने की सुविधा देता है। कन्नड भाषा में बरह का अर्थ लिखावट है। इसका प्रथम संस्करण सन् १९९८ में आया था जो क्रमश: अधिक विकसित और उपयोगी होता गया।

                                               

बरह डायरॅक्ट

बरह डायरॅक्ट बरह नामक भारतीय भाषी टाइपिंग सॉफ्टवेयर का एक अंग है। यह एक वर्चुअल कीबोर्ड है जो कि बिना कॉपी-पेस्ट के झंझट के विंडोज़ में किसी भी ऍप्लीकेशन में सीधे हिन्दी में लिखने की सुविधा प्रदान करता है। यह यूनिकोड एवं नॉन-यूनिकोड दोनों तरह की ...

                                               

बिष्णुप्रिया मणिपुरी

बिष्णुप्रिया मणिपुरी ये जाति महाभारत योग के मणिपुर राज्य के प्राचीन जाति के रूप में माने जाते हैं | बिष्णुपुरिया, बिष्णुप्रिया या बिष्णुप्रिया मणिपुरी भारत के मणिपुर, असम, त्रिपुरा तथा बांग्लादेश और म्यांमार के कुछ भागों में बोली जाने वाली भारत-आ ...

                                               

भारत की आधिकारिक भाषाओं में भारत गणराज्य के नाम

निम्नलिखित सूची में भारत की सभी २४ आधिकारिक भाषाओं में भारत के नाम दिगए है।. हिन्दी और अंग्रेज़ी भारत सरकार की आधिकारिक भाषाएँ हैं। कन्नड़ा, संस्कृत, तमिल और तेलुगू आधिकारिक रूप से भारत की शास्त्रीय भाषाएँ हैं। मैथली को भी संवैधानिक मान्यता दी गई है।

                                               

भारत की बोलियाँ

भारत में ‘भारतीय जनगणना 1961’ के अनुसार 1652 मातृभाषाएँ चार भाषा परिवारों में वर्गीकृत की गई हैं। नीचे बोलियों के विवरण में आधार डॉ॰ ग्रियर्सन का ‘भारत भाषा सर्वेक्षण’ है, किंतु नीवनतम शोध अध्ययन सर्वोपरि माने गए हैं। तुलना के लिये जन0 का उल्लेख ...

                                               

भारत की भाषाएँ

भारत बहुत सारी भाषाओं का देश है, लेकिन सरकारी कामकाज में व्यवहार में लायी जाने वाली दो भाषायें हैं, हिन्दी और अंग्रेज़ी। भारत में द्विभाषी वक्ताओं की संख्या 31.49 करोड़ है, जो 2011 में जनसंख्या का 26% है।

                                               

भारतीय पेड़ों पौधों तथा फूलों के नामों की बहुभाषी सूची

भारत एक विशाल देश है जिसमें बहुत सी भाषाएँ बोली जातीं हैं। भारत में पाए जाने वाले पेड़-पौधों एवं फूलों के नाम भी अलग-अलग भाषाओं एवं क्षेत्रों में अलग-अलग हैं। नीचे की सूची में भारत की प्रमुख भाषाओं में विभिन्न पेड़ों, पौधों एवं फूलों के नाम दिगए हैं-

                                               

मिज़ो भाषा

मिजो भाषा मिजोरम की एक प्रमुख भाषा है। इसे लुशाई भी कहते हैं। मिजोरम को 1954 तक लुशाई पर्वतीय जिले के नाम से जाना जाता था मिजोरम के अतिरिक्त यह भाषा मिजोरम से सटे मणिपुर, त्रिपुरा, चटगांव हिल और चिन हिल्स के आसपास के क्षेत्रों में भी बोली जाती है ...

                                               

म्हार भाषा

म्हार भाषा या ह्मार भाषा तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार की कुकी भाषा शाखा की मिज़ो उपशाखा की एक भाषा है। इसे बोलने वाले भी ह्मार लोग कहलाते हैं। ह्मार पूर्वोत्तरी भारत में मिज़ोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, असम व मेघालय में बिखरे समुदायों में बसे हुए हैं, लेक ...

                                               

रेंगमा भाषा

रेंगमा, भारत के नागालैंड राज्य में बोली जाने वाले एक भाषा है। यह तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार की अंगामी-पोचुरी शाखा की बोली है, और सम्भव है कि उस शाखा की पोचुरी उपशाखा की सदस्य है।

                                               

वज्जिका भाषा और साहित्य

वज्जिका उत्तर बिहार के उस क्षेत्र की भाषा है जहाँ भगवान महावीऔर बुद्ध की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि थी तथा प्रथम गणतंत्रात्मक वज्जिसंघ का राज्य था। अत: वज्जिका की प्राचीनता एवं गरिमा वैशाली गणतंत्र के साथ जुड़ी हुई है और शायद इसका पतन भी वैशाली के पतन ...

                                               

वाँचो भाषा

वाँचो पूर्वोत्तर भारत में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग व तिराप ज़िलों और असम व नागालैण्ड के पड़ोसी क्षेत्रों में 36 गाँवों में बोली जाती है। यह बनपारा नागा और जोबोका के नाम से भी जानी जाती है। इस भाषा का कोनयाक भाषा से ...

                                               

वागडी भाषा

वागड़ी Bhil भाषाओं में से एक हैं, यह मुख्य रूप से डूंगरपुऔर बांसवाड़ा जिलों में बोली जाने वाली दक्षिणी राजस्थान की भाषा हैं. साथ ही यह उदयपुर एवं प्रतापगढ़ के भी कुछ स्थानों में बोली जाती हैं लिखने में यह हिंदी/देवनागरी पर आधारित हैं इस भाषा की क ...

                                               

शौरसेनी

शौरसेनी नामक प्राकृत मध्यकाल में उत्तरी भारत की एक प्रमुख भाषा थी। यह नाटकों में प्रयुक्त होती थी । बाद में इससे हिंदी-भाषा-समूह व पंजाबी विकसित हुए। दिगंबर जैन परंपरा के सभी जैनाचार्यों ने अपने महाकाव्य शौरसेनी में ही लिखे जो उनके आदृत महाकाव्य ...