Blog पृष्ठ 352




                                               

शुक्रताल

शुक्रताल प्राचीन पवित्र तीर्थस्थल है। यह मुजफ्फरनगर के समीप स्थित है। यहाँ संस्कृत महाविद्यालय है। यह स्थान हिन्दुओं का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। गंगा नदी के तट पर स्थित शुक्रताल जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कहा जात ...

                                               

इलावृतवर्ष

इस पृष्ठ की विषय वस्तु हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित हैं। इलावृतवर्ष जम्बूद्वीप के केन्द्र में स्थित उसके नौ वर्षों में से एक है। इस वर्ष के केन्द्र में मर्यादापर्वत मेरु है। श्रीमद् भागवत महापुराण तथा विष्णुपुराण आदि पुराणों में पृथ्वी को सात द् ...

                                               

मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन

मिल्वौकी अमेरिकी राज्य विस्कॉन्सिन का सबसे बड़ा शहर, संयुक्त राज्य अमेरिका का 26वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर और अमेरिका का 39वां सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र है। यह मिल्वौकी काउंटी की काउंटी सीट है और यह मिशिगन झील के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित ह ...

                                               

बांग्लादेश का इतिहास

बांग्लादेश में सभ्यता का इतिहास काफी पुराना रहा है। आज के भारत का अंधिकांश पूर्वी क्षेत्र कभी बंगाल के नाम से जाना जाता था। बौद्ध ग्रंथो के अनुसार इस क्षेत्र में आधुनिक सभ्यता की शुरुआत ७०० इसवी इसा पू. में आरंभ हुआ माना जाता है। यहाँ की प्रारंभि ...

                                               

श्रीलंकाई गृहयुद्ध का इतिहास

श्रीलंकाई गृहयुद्ध श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहला और अल्पसंख्यक तमिलो के बीच २३ जुलाई, १९८३ से आरंभ हुआ गृहयुद्ध है। मुख्यतः यह श्रीलंकाई सरकाऔर अलगाववादी गुट लिट्टे के बीच लड़ा जाने वाला युद्ध है। ३० महीनों के सैन्य अभियान के बाद मई २००९ में श्री ...

                                               

ऍल्फगिफु, ईडविग की पत्नी

ऍल्फगिफु ९५५ से ९५७-८ तक अंग्रेज राजा ईडविग की पत्नी और इंग्लैंड की रानी थीं। उनके बारे में जो कुछ थोडा बहुत पता है वो आंग्ल-सैक्सन घोषणापत्र जिसमें एक वसीयत शामिल है, और एंग्लों-सैक्सन गाथाओं में शत्रुतापूर्ण व बैर भाव से भरी लघु कहानियों या उपा ...

                                               

एडमंड प्रथम

एडम्ंड प्रथम, जिसे ज्येष्ठ, न्यायप्रिय व बेहतरीन, कहा जाता था सन ९३९ से अंग्रेजों का राजा था। वो एडवर्ड द एल्डर का बेटा और ऍथेल्स्तन का सौतेला भाई था। ऍथेल्स्तन की 27 अक्टूबर 939 को मृत्यु हो गयी थी और उसके बाद एडमंड उसके बाद राजा बना।

                                               

शांतिदूत एडगर

एडगर प्रथम, जिसे शांतिदूत एडगर, के नाम से भी जाना जाता है, सन ९५९ से ९७५ ई.पू. तक इंग्लैंड का राजा था। वह राजा एडमंड प्रथम और उनकी रानी शाफ्ट्सबरी की ऍल्फ्गिफु का छोटा बेटा था।

                                               

हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी

हकीम अबुल कासिम फिरदौसी तुसी फारसी कवि थे। उन्होने शाहनामा की रचना की जो बाद में फारस की राष्ट्रीय महाकाव्य बन गई। इसमें उन्होने सातवीं सदी में फारस पर अरबी फतह के पहले के ईरान के बारे में लिखा है।

                                               

चीन का इतिहास

चीन के बारेमे कुछ रोचक बाते: यहाँ देखे पुरातात्विक साक्ष्यों के आधापर चीन में मानव बसाव लगभग साढ़े बाईस लाख 22.5 लाख साल पुराना है। चीन की सभ्यता विश्व की पुरातनतम सभ्यताओं में से एक है। यह उन गिने-चुने सभ्यताओं में एक है जिन्होनें प्राचीन काल मे ...

                                               

तुर्की का इतिहास

तुर्की के इतिहास को तुर्क जाति के इतिहास और उससे पूर्व के इतिहास के दो अध्यायों में देखा जा सकता है। सातवीं से बारहवीं सदी के बीच में मध्य एशिया से तुर्कों की कई शाखाएँ यहाँ आकर बसीं। इससे पहले यहाँ से पश्चिम में आर्य और पूर्व में कॉकेशियाइ जातिय ...

                                               

नेपाल का इतिहास

नेपाल का इतिहास भारतीय साम्राज्यों से प्रभावित हुआ पर यह दक्षिण एशिया का एकमात्र देश था जो ब्रिटिश उपनिवेशवाद से बचा रहा। हँलांकि अंग्रेजों से हुई लड़ाई और उसके परिणामस्वरूप हुई संधि में तत्कालीन नेपाली साम्राज्य के अर्धाधिक भूभाग ब्रिटिश इंडिया ...

                                               

पाकिस्तान का इतिहास

पाकिस्तान शब्द का जन्म सन् 1933 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्र चौधरी रहमत अली के द्वारा हुआ। इसके पहले सन् 1930 में शायर मुहम्मद इक़बाल ने भारत के उत्तर-पश्चिमी चार प्रान्तों -सिन्ध, बलूचिस्तान, पंजाब तथा अफ़गान - को मिलाकर एक अलग राष्ट्र क ...

                                               

भारत का इतिहास

भारत का इतिहास कई हजार वर्ष पुराना माना जाता है। मेहरगढ़ पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है जहां नवपाषाण युग के बहुत से अवशेष मिले हैं। सिन्धु घाटी सभ्यता, जिसका आरम्भ काल लगभग ३३०० ईसापूर्व से माना जाता है, प्राचीन मिस्और सुमेर सभ्यता के ...

                                               

मिस्र का इतिहास

उस्मानी मिस्र - 1517 - 1805 तक प्राचीन मिस्र - ईसापूर्व 3100 से ईसापूर्व 525 तक टॉलेमिक मिस्र - 332 ईसापूर्व से लेकर 30 ईसापूर्व तक अरबी मिस्र 639-1517 रोमन मिस्र - ईसापूर्व 30 से लेकर सन् 639 तक हख़ामनी मिस्र - ईसापूर्व 525 से ईसापूर्व 332 तक आध ...

                                               

व्यपगत का सिद्धान्त

व्यपगत का सिद्धान्त या हड़प नीति ।पैतृक वारिस के न होने की स्थिति में सर्वोच्च सत्ता कंपनी के द्वारा अपने अधीनस्थ क्षेत्रों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने की नीति व्यपगत का सिद्धान्त या हड़प नीति कहलाती है। यह परमसत्ता के सिद्धान्त का उपसिद्धांत ...

                                               

श्रीलंका का इतिहास

इतिहासकारों में इस बात की आम धारणा थी कि श्रीलंका के आदिम निवासी और दक्षिण भारत के आदिम मानव एक ही थे। पर अभी ताजा खुदाई से पता चला है कि श्रीलंका के शुरुआती मानव का सम्बंध उत्तर भारत के लोगों से था। भाषिक विश्लेषणों से पता चलता है कि सिंहली भाषा ...

                                               

नवपाषाण युग

नियोलिथिक युग, काल, या अवधि, या नव पाषाण युग मानव प्रौद्योगिकी के विकास की एक अवधि थी जिसकी शुरुआत मध्य पूर्व में 9500 ई.पू. के आसपास हुई थी, जिसे पारंपरिक रूप से पाषाण युग का अंतिम हिस्सा माना जाता है। नियोलिथिक युग का आगमन सीमावर्ती होलोसीन एपि ...

                                               

पुरापाषाण काल

पुरापाषाण काल प्रौगएतिहासिक युग का वह समय है जब मानव ने पत्थर के औजार बनाना सबसे पहले आरम्भ किया। यह काल आधुनिक काल से २५-२० लाख साल पूर्व से लेकर १२,००० साल पूर्व तक माना जाता है। इस दौरान मानव इतिहास का ९९% विकास हुआ। इस काल के बाद मध्यपाषाण यु ...

                                               

मध्यपाषाण काल

मध्यपाषाण काल मनुष्य के विकास का वह अध्याय है जो पुरापाषाण काल और नवपाषाण काल मे मध्य मे आता है। इतिहासकार इस काल को १२,००० साल पूर्व से लेकर १०,००० साल पूर्व तक मानते है।Is samay ke aujar microlith ke bane hote the.is kal mein baagour se 5 hajar ...

                                               

महापाषाण

महापाषाण ऐसे बड़े पत्थर या शिला को कहते हैं जिसका प्रयोग किसी स्तम्भ, स्मारक या अन्य निर्माण के लिये किया गया हो। कुछ ऐतिहासिक व प्रागैतिहासिक स्थलों में ऐसे महापाषाणों को तराशकर और एक-दूसरे में फँसने वाले हिस्से बनाकर बिना सीमेंट या मसाले के निर ...

                                               

शिलावर्त

शिलावर्त या पत्थर का गोला ऐसे पुरातत्व स्थल को कहते हैं जिसमें कई पत्थरों को खड़ा करके ज़मीन पर एक बड़े गोले का आकार बनाया गया हो। ऐसे पत्थर के चक्र विश्व में कई जगहों पर मिलते हैं और अलग-अलग कारणों से बनागए थे। इनमें से अधिकतर पाषाण युग में बने ...

                                               

प्राणी उड़ान और पाल-उड़ान

पृथ्वी पर बहुत से प्राणियों में उड़ान और पाल-उड़ान की क्षमता है जिससे वे धरातल या समुद्रतल से उठकर वायु में यातायात कर सकते हैं। कुछ में पंख मारकर ऊर्जा के व्यय से उड़ान की क्षमता होती है जबकि अन्यों में पाल-उड़ान द्वारा स्थान-से-स्थान बिना अधिक ...

                                               

बेरिंजिया

बेरिंग ज़मीनी पुल या बेरिंजिया एक ज़मीनी पुल था जो एशिया के सुदूर पूर्वोत्तर के साइबेरिया क्षेत्र को उत्तर अमेरिका के सुदूर पश्चिमोत्तर अलास्का क्षेत्र से जोड़ता था। इस धरती के पट्टे की चौड़ाई उत्तर से दक्षिण तक लगभग १,६०० किमी थी यानि इसका क्षेत ...

                                               

सूक्ष्मप्राणी

सूक्ष्मप्राणी ऐसे प्राणी होते हैं जिन्हें केवल सूक्ष्मबीन से देखा जा सके। उदाहरण के लिए किरीटी जल में रहने वाला एक सूक्ष्मप्राणी है। टार्डीग्रेड एक महत्वपूर्ण सूक्ष्मप्राणी है जिसकी शीत, गरम, विकिरण-ग्रस्त, शुष्क और अन्य चरम परिस्थितियों को सहने ...

                                               

कोलोसियम

कोलोसियम या कोलिसियम इटली देश के रोम नगर के मध्य निर्मित रोमन साम्राज्य का सबसे विशाल एलिप्टिकल एंफ़ीथियेटर है। यह रोमन स्थापत्य और अभियांत्रिकी का सर्वोत्कृष्ट नमूना माना जाता है। इसका निर्माण तत्कालीन शासक वेस्पियन ने ७०वीं - ७२वीं ईस्वी के मध् ...

                                               

चीचेन इट्ज़ा

चीचेन इट्ज़ा या चिचेन इत्ज़ा कोलम्बस-पूर्व युग में माया सभ्यता द्वारा बनाया गया एक बड़ा शहर था। चीचेन इट्ज़ा, उत्तर शास्त्रीय से होते हुए अंतिम शास्त्रीय में और आरंभिक उत्तरशास्त्रीय काल के आरंभिक भाग में उत्तरी माया की तराई में एक प्रमुख केंद्र ...

                                               

चीन की विशाल दीवार

चीन की विशाल दीवार मिट्टी और पत्थर से बनी एक किलेनुमा दीवार है जिसे चीन के विभिन्न शासको के द्वारा उत्तरी हमलावरों से रक्षा के लिए पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर सोलहवी शताब्दी तक बनवाया गया। इसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है ...

                                               

पेत्रा

पेत्रा जॉर्डन के मआन प्रान्त में स्थित एक ऐतिहासिक नगरी है जो अपने पत्थर से तराशी गई इमारतों और पानी वाहन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। इसे छठी शताब्दी ईसापूर्व में नबातियों ने अपनी राजधानी के तौपर स्थापित किया था। माना जाता है कि इसका निर्माण कार् ...

                                               

किरात

किरात, प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में हिमालय के कुछ क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत में बसने वाली कुछ जातियों का नाम था। यजुर्वेद में और अथर्ववेद में इनका सबसे प्राचीन उल्लेख मिलता है। संभव है कि यह मंगोल या मंगोल-प्रभावित जन-समुदायों के लिए प्राचीन शब ...

                                               

पह्लव

पह्लव एक प्राचीन जाति। प्रायः प्राचीन पारसी या ईरानी। मनुस्मृति, रामायण, महाभारत आदि प्राचीन पुस्तकों में जहाँ-जहाँ खस, यवन, शक, कांबोज, वाह्लीक, पारद आदि भारत के पश्चिम में बसनेवाली जातियों का उल्लेख है वहाँ-वहाँ पह्लवों का भी नाम आया है। उपर्यु ...

                                               

पारद (प्राचीन जाति)

पारद एक प्राचीन जाति जो पारस के उस प्रदेश में निवास करती थी जो कास्पियन सागर के दक्षिण के पहाड़ों को पार करके पड़ता था। इसके हाथ में बहुत दिनों तक पारस साम्राज्य रहा। महाभारत, मनुस्मृति, बृहत्संहिता इत्यादि में पारद देश और पारद जाति का उल्लेख मिल ...

                                               

बोगजकोई

प्राचीन अभिलेख मध्य एशिया के बोगजकोई नामक स्थान से लगभग १४०० ई॰ पू॰ का प्राप्त हुआ है। इस अभिलेख पर राजाओँ के मध्य एक संधि का उल्लेख है जिसमे राजाओँ ने वैदिक युगीन देवताओं को साक्षी माना था। इसमें इंद्र,वरुण,मित्र,नास्त्य चार देवताओं के नाम है।

                                               

कोन्या-उरगेन्च

कोन्या उरगेन्च या कोन्ये उरगेन्च मध्य एशिया के तुर्कमेनिस्तान देश के पूर्वोत्तरी भाग में उज़बेकिस्तान की सरहद के पास स्थित एक बस्ती है। यह उरगेन्च की प्राचीन नगरी का स्थल है जिसमें १२वीं सदी के ख़्वारेज़्म क्षेत्र की राजधानी के खँडहर मौजूद हैं। २ ...

                                               

ख़ाचीतरख़ान

ख़ाचीतरख़ान या हाजी तरख़ान दक्षिण-पूर्वी यूरोप में वोल्गा नदी के किनारे बसा एक मध्यकालीन शहर था जो आधुनिक आस्त्राख़ान शहर से १२ किमी उत्तर में स्थित था। इस नगर का ज़िक्र ऐतिहासिक वर्णनों में सबसे पहले सन् १३३३ ईस्वी में मिलता है और १३वीं और १४वीं ...

                                               

निसा, तुर्कमेनिस्तान

निसा, ईरानी लोगों की एक प्राचीन बस्ती थी, जो अश्गबत, तुर्कमेनिस्तान से 18 किमी दक्षिण पश्चिम में बागिर गांव के पास स्थित है। निसा को पहलवियों के केंद्रीय सरकार की पहले केन्द्र के रूप में वर्णित किया गया है। परंपरागत रूप से माना जाता है कि इसे आर् ...

                                               

फ़िरोज़कोह

फ़िरोज़कोह या फ़िरूज़कूह आधुनिक अफ़ग़ानिस्तान के ग़ोर प्रान्त में स्थित एक शहर था जो ग़ोरी राजवंश की प्रथम राजधानी थी। कहा जाता है कि अपने समय में यह विश्व के महान नगरों में से एक था लेकिन सन् १२२० के दशक में चंगेज़ ख़ान के पुत्र ओगताई ख़ान के ने ...

                                               

बालासगून

बालासगून मध्य एशिया के किरगिज़स्तान क्षेत्र में एक प्राचीन सोग़दाई शहर था। यह चुय वादी में किरगिज़स्तान की आधुनिक राजधानी बिश्केक और इसिक कुल झील के बीच स्थित था। शुरू में यहाँ सोग़दाई भाषा बोली जाती थी, जो एक ईरानी भाषा थी। १०वीं सदी ईसवी के बाद ...

                                               

सिकन्दरिया

सिकन्दरिया या अलेक्जेंड्रिया, मिस्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहाँँ की जनसंख्या 41 लाख है और यह देश का सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह है जहाँँ मिस्र का लगभग 80% आयात और निर्यात कार्य संपन्न होता है। सिकन्दरिया एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल भी है। सिकन्दर ...

                                               

ओलम्पिया में जियस की मूर्ति

ओलम्पिया में जियस की मू्र्ति प्राचीन विश्व के सात आश्चर्यो में से एक है। इस मूर्ति का निर्माण यूनानी मूर्तिकार फ़िडी्यास ने ईसा से ४३२ साल पहले किया था। इस मूर्ति को यूनान के ओलम्पिया में स्थित जियस के मंदिर में स्थापित किया गया था। इस मूर्ति में ...

                                               

सिकन्दरिया का प्रकाशस्तंभ

ऐलेक्जेन्ड्रिया का रोशनीघर सम्पादन प्राचीन विश्व का सात आश्चर्यो में से एक है। इस रोशनीघर का निर्माण ईसा से ३ शताब्दी पूर्व मिस्र के द्विप फ़ेरोस पर एक प्रतीक चिह्न के रूप में करवाया गया था। विभिन्न सोत्रो के अनुसार इसकी उंचाई ११५ मीटर से १३५ मीट ...

                                               

बेबीलोन के झूलते उपवन

बेबीलोन के हैंगिंग गार्डन प्राचीन दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक थे जो कि हेलेनिक संस्कृति द्वारा सूचीबद्ध है, और विभिन्न प्रकार के वृक्षों, झाड़ियों और दाखलताओं के साथ टियर वाले बगीचों की एक चढ़ाई श्रृंखला के साथ इंजीनियरिंग की एक उल्लेखनीय उ ...

                                               

मिस्र के पिरामिड

मिस्र के पिरामिड वहां के तत्कालीन फैरो गणों के लिए बनागए स्मारक स्थल हैं, जिनमें राजाओं के शवों को दफनाकर सुरक्षित रखा गया है। इन शवों को ममी कहा जाता है। उनके शवों के साथ खाद्यान, पेय पदार्थ, वस्त्र, गहनें, बर्तन, वाद्य यंत्र, हथियार, जानवर एवं ...

                                               

रोड्स का कॉलॉसस

रोडेस कि विशालमूर्ति यूनानी द्विप रोडेस पर यूनानी देवता हेलियोस की एक विशाल मूर्ती है। यह मूर्ती प्राचीन विश्व का सात आश्चर्यो में से एक है। इस का निर्माण ईसा पूर्व २९२ से २८० के बीच किया गया। प्राचीन विश्व की यह सबसे उंची मूर्ती थी जिसकी उंचाई ३ ...

                                               

धन-निष्कासन सिद्धान्त

भारत में ब्रिटिश शासन के समय, भारतीय उत्पाद का वह हिस्सा जो जनता के उपभोग के लिये उपलब्ध नहीं था तथा राजनीतिक कारणों से जिसका प्रवाह इंग्लैण्ड की ओर हो रहा था, जिसके बदले में भारत को कुछ नहीं प्राप्त होता था, उसे आर्थिक निकास या धन-निष्कासन की सं ...

                                               

परगना

परगना, सल्तनत काल, मुगल काल और ब्रिटिश राज के दौरान, भारतीय उपमहाद्वीप की एक पूर्व प्रशासनिक इकाई थी, जिसका उपयोग मुख्य रूप से भूतकाल में किया जाता था। परगना को दिल्ली सल्तनत द्वारा पेश किया गया था, और यह शब्द फारसी मूल का है। एक राजस्व इकाई के र ...

                                               

भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण

भारतीय बैंकिंग प्रणाली में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना भारतवर्ष के कृषकों एवं पिछड़े वर्ग के लोगों के जीवन में क्रांतिकारी घटना मानी जा सकती है क्योंकि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना के पीछे मूल उद्देश्य यही है कि छोटे तथा मझोले स्तर ...

                                               

भारतीय अर्थव्यवस्था की समयरेखा

महाजनपदों द्वारा चाँदी के पंच किए हुए सिक्के punch-marked coins ढाले जाते थे। इन सिक्कों ने सघन व्यापार में तथा नगरीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।. 500 ईसापूर्व 1 ई. विश्व अर्थव्यवस्था में भारतीय अर्थव्यवस्था का हिसा 52.9% था जो एक कीर्तिमा ...

                                               

रैयतवाड़ी

रैयतवाड़ी व्यवस्था १७९२ र्इ. में मद्रास पे्रसीडेन्सी के बारामहल जिले में सर्वप्रथम लागू की गर्इ। थॉमस मुनरो १८२० र्इ. से १८२७ र्इ. के बीच मद्रास का गवर्नर रहा। रैयतवाड़ी व्यवस्था के प्रारंभिक प्रयोग के बाद मुनरो ने इसे १८२० र्इ. में संपूर्ण मद्रा ...

                                               

विऔद्योगीकरण

विऔद्योगीकरण का अर्थ है - किसी देश या क्षेत्र में औद्योगिक क्रियाकलापों का क्रमशः कम होना तथा उससे सम्बन्धित सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन। यह औद्योगीकरण की उलटी प्रक्रिया है। विऔद्योगीकरण में विशेषतः भारी उद्योगों या निर्माण उद्योगों में कमी आती ह ...