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मापन प्रणालियाँ

मापन प्रणाली एक इकाइयों का समूह है, जो कि प्रत्येक उस वस्तु के परिमाण को दर्शाने हेतु प्रयोग होता है, जिसे मापा जा सकता है। क्योंकि यह व्यापाऔर आंतरिक वाणिज्य हेतु महत्वपूर्ण थीं, इसलिये, इन्हें इन्हें संशोधित, नियमित कर मानकीकृत किया गया था। वैज ...

                                               

मील

मील विभिन्न मापन प्रणालियों में लंबाई की एक इकाई है। मील प्रणाली मुख्यत: ब्रिटेन से संबंधित है जहां एक कानूनी मील, 5280 फुट या 1760 गज या 1609.344 मीटर के बराबर होता है। एक सर्वेक्षण मील 5280 फुट या 1609.3472 मीटर के बराबर होता है, जबकि एक समुद्र ...

                                               

संयुक्त राज्य परंपरागत इकाइयाँ

U.S. परंपरागत इकाइयाँ, जिन्हें संयुक्त राज्य में अंग्रेज़ी इकाइयां या इम्पीरियल इकाइयाँ भी कहा जाता है या मानक इकाइयाँ, यह मापन इकाइयाँ वर्तमान में संयुक्त राज्य में प्रयोग हो रही हैं। यह कु्छ मामलों में SI इकाइयों से भिन्न, कुछ में इसके साथ हैं। ...

                                               

रसम पगड़ी

रसम पगड़ी या रसम दस्तार उत्तर भारत और पाकिस्तान के कुछ क्षेत्रों की एक सामाजिक रीति है जिसका पालन हिन्दू, सिख और मुस्लिम सभी धार्मिक समुदाय करते हैं। इस रिवाज में किसी परिवार के सब से अधिक उम्र वाले पुरुष की मृत्यु होने पर अगले सब से अधिक आयु वाल ...

                                               

कलाकंद

कलाकंद बनाने के लिये सामग्री: आधा चम्‍मच इलायची पावडर, तीन चौथाई कप पनीर, आधा कप मलाई, 8 चम्‍मच मि‍ल्‍क पावडर, चौथाई कप शक्कर, १० बादाम वि‍धि‍ एक बर्तन में पनीर, मि‍ल्‍क पावडर, शक्कर, मलाई, आधा चम्‍मच इलायची पावडर का मि‍श्रण तैयाकर उसी हलकी आँच प ...

                                               

दक्षिणपूर्व एशिया पर भारतीय प्रभाव का इतिहास

२०० ईसापूर्व से ही दक्षिणपूर्व एशिया भारत द्वारा प्रभावित होता र्हा है। यह प्रभाव १५वीं शताब्दी तक अनवरत चलता रहा। उसके पश्चात स्थानीय राजनीति अधिक प्रभावी हो गयी। भारत ने दक्षिणपूर्व के राज्यों, जैसे बर्मा ब्रह्मदेश, थाईलैण्ड स्याम, इण्डोनेशिया, ...

                                               

वज्रमुष्टि

वज्रमुष्टि एक शस्त्र भी है और कुश्ती का एक प्रकार भी जिसमें इस हथियार का उपयोग किया जाता है। इस शस्त्र को इन्द्रमुष्टि भी कहते हैं। यह शस्त्र हाथी-दाँत का या भैंसे के सींग का बना होता है। बज्रमुष्टि का प्रथम उल्लेख चालुक्य राजा सोमेश्वर तृतीय 112 ...

                                               

बाउल लोक गायन

बाउल एक प्रकार का लोक गायन है, इसका गायन करने वाले को बंगाल में बाउल कहते हैं। इसी बाउल का दुसरा रूप भाट होता है जो ज्यादातर राजस्थान एवं मध्य-प्रदेश में पाये जाते हैं। उत्तर-प्रदेश में इसे फकीर या जोगी भी कहा जाता है। सामान्यतौपर आउल, बाउल, फकीर ...

                                               

अनी मान्तो

अनी मान्तो पेरिस स्थित इंस्टिट्युट नेशनल डेस् लान्गूज ओरिएण्टलिस / INALCO) में हिन्दी एवं सामान्य भाषाविज्ञान की प्रोफेसर हैं। उन्होने हिन्दी का व्याकरण, ला लान्गू हिन्दी La langue Hindi, Littératures de l’Inde et poétiques plurielles तथा पुरुषार ...

                                               

आंकेतिल द्यूपरों

आंकेतिल द्यूपरों पहला व्यावसायिक फ्रान्सीसी भारतविद था। उसने ही इस विद्या के लिए सांस्थानिक संरचना सम्बन्धी विचार किया। उसकी प्रेरणा से ही उसकी मृत्यु के एक शताब्दी पश्चात अति-पौर्वात्य फ्रान्सीसी विद्यालय स्थापित किया गया। पुद्दुचेरी का फ्रान्सी ...

                                               

आटो फॉन बॉटलिंक

आटो फॉन बॉटलिंक जर्मनी के भारतविद तथा संस्कृत के प्रकांड पंडित थे जिन्होंने संस्कृत साहित्य का विधिपूर्वक अध्ययन करके, वर्षों के परिश्रम के पश्चात् संस्कृत वार्टरबुख नामक एक विशाल शब्दकोश सात भागों में प्रकाशित किया। यह आज भी अद्वितीय ग्रंथ है।

                                               

आर्थर लेवेलिन बाशम

आर्थर लेवेलिन बाशम प्रसिद्ध इतिहासकार, भारतविद तथा अनेकों पुस्तकों के रचयिता थे। १९५० और १९६० के दशक में स्कूल ऑफ ओरिएण्टल ऐण्ड अफ्रिकन स्टडीज के प्रोफेसर के रूप में उन्होने अनेकों भारतीय इतिहासकारों को पढ़ाया, जिनमें आर एस शर्मा, रोमिला थापर तथा ...

                                               

एफ.एस. ग्राउस

एफ.एस. ग्राउस पराधीन भारत में एक अंग्रेज सिविल अधिकारी थे। उन्होने रामचरितमानस का अंग्र्जी में बहुत सुन्दर अनुवाद किया था। वे फारसी-अरबी मिश्रित उर्दू के प्रबल विरोधी तथा देसी शब्दों से भरपूर हिन्दी के समर्थक थे। ग्राउस से पूर्व तुलसी का रामचरितम ...

                                               

चार्ल्स विल्किंस

सर चार्ल्स विल्किंसन एक अंग्रेज भारतविद् थे जो एशियाटिक सोसायटि के संस्थापकों में से एक थे। उन्होने ही सर्वप्रथम भागवत्गीता का अंग्रेजी में अनुवाद किया। पंचानन कर्माकर के साथ मिलकर उन्होने पहला टाइपफेस विकसित किया। 1788 ई में वे रॉयल सोसायटी के स ...

                                               

जगदीश चन्द्र जैन

डॉ जगदीश चन्द्र जैन प्रसिद्ध विद्वान, भारतविद, शिक्षाशास्त्री, लेखक, तथा भारतीय स्वतन्त्रता के सेनानी थे। उन्होने ८० से अधिक पुस्तकों की रचना की जो विविध विषयों की हैं, जैसे जैन दर्शन, प्राकृत साहित्य, बच्चों के लिए हिन्दी की पाठ्यपुस्तकें आदि। उ ...

                                               

डेविड शुल्मन

डेविड डीन शुल्मन इजराइल के एक भारतविद हैं। वे विश्व के भारतीय भाषाओं के सबसे अग्रणी विद्वानों में से एक हैं। उनके अनुसंधान-क्षेत्र में दक्षिण भारत में धर्म का इतिहास, भारतीय काव्यशास्त्र, तमिल इस्लाम, द्रविड़ भाषाएँ, तथा कर्नाटक संगीत आदि सम्मिलि ...

                                               

पांडुरंग दामोदर गुणे

पांडुरंग दामोदर गुणे तुलनात्मक भाषाशास्त्री। 20 मई 1884 ई. को अहमदनगर में जन्म। बंबई विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम. ए. किया। भगवद्गीता पर लिखा हुआ इनका निबंध बंबई विश्वविद्यालय में अब भी सुरक्षित है। गोखले और भंडारकर के अनुरोध पर पूना की दकन एज ...

                                               

पैट्रिक ओलिवेल

पैट्रिक ओलिवेल एक भारतविद हैं। वे एक भाषाविद और संस्कृत साहित्य के विद्वान हैं जिनका कार्य तप, त्याग और धर्म पर केंद्रित है। ओलिवेल, टेक्सास विश्वविद्यालय, आॅस्टिन में एशियाई अध्ययन विभाग में भारतीय धर्म और संस्कृत के प्रोफेसर हैं। ओलिवेल का जन्म ...

                                               

पॉल ब्रास

पॉल रिचर्ड ब्रास हेनरी एम॰ जैक्सन स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, वाशिंगटन विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर एमेरिटस हैं। वहाँ वे 1965 से पढ़ा रहे हैं। 1958 में हार्वर्ड कॉलेज से सरकार में बीए करने के बाद, उन्हों ...

                                               

भारतविद्या

भारतीय उपमहाद्वीप की भाषाओं, ग्रन्थों, इतिहास, एवं संस्कृति का अध्ययन भारतविद्या कहलाती है। यह एशिया अध्ययन का एक भाग है। इसे भारत-अध्ययन या दक्षिण-एशियायी अध्ययन भी कहा जाता है।

                                               

मारिज विण्टरनित्ज

मारिज विण्टरनित्ज आस्ट्रिया के गणमान्य पौर्वात्यविद थे। उन्होने आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में मैक्समूलर के साथ मिलकर भारत विद्या से सम्बन्धित कार्य आरम्भ किया। १९०८ से १९२२ के बीच उन्होने Geschichte der indischen Literatur नामक संस्कृत साहित्य का इ ...

                                               

मैक्स मूलर

फ्रेडरिक मैक्स मूलर एक जर्मनवासी थे जो ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी के कर्मचारी थे। वे एक जर्मन भाषाविद तथा प्राच्य विद्या विशारद थे, जन्म से जर्मन होने के बावजूद उन्होने अप्नी ज्यादातर जिन्दगी बिताई इंगलैंड में और वही अपना अध्ययन भी किया। वे सन्स ...

                                               

मोनियर विलियम्स

मोनियर विलियम्स ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में बोडन-चेयर के प्रोफेसर, संस्कृत व्याकरण, संस्कृत-अंग्रेजी कोश, अंग्रेजी-संस्कृत कोश आदि विश्वविख्यात रचनाओं के प्रणेता थे। उन्होने हिन्दी व्याकरण पर भी कार्य किया है। क रुडीमेन्ट्स ऑफ हिन्दुस्तानी ग्रामर ...

                                               

राफेल फर्नांडीज

राफेल फर्नांडीज एक स्पेनिश शिक्षाविद, वकील और भारतविद हैं। भारत सरकार ने उन्हें 2010 में देश के चौथे उच्चतम नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया था।

                                               

रिचर्ड पिशेल

रिचर्ड पिशेल जर्मनी के भारतविद थे। उनकी पुस्तक Grammatik der Prakrit-Sprachen बहुत प्रसिद्ध है। श्री हेमचन्द जोशी ने इसका हिन्दी अनुवाद किया है।

                                               

लुई रेनु

Hinduism, 1961, George Braziller, ISBN 0-8076-0164-0 Religions of Ancient India, 1968, Schocken Books, ISBN 0-8052-0179-3 History of Vedic India. New Delhi, Sanjay Prakashan, 2004, xi, 216 p., ISBN 81-7453-102-5 A History of Sanskrit Language tra ...

                                               

विलियम जोंस (भाषाशास्त्री)

सर विलियम जोंस), अंग्रेज प्राच्य विद्यापंडित और विधिशास्त्री तथा प्राचीन भारत संबंधी सांस्कृतिक अनुसंधानों का प्रारंभकर्ता। लंदन में 28 सितंबर 1746 को जन्म। हैरो और आक्सफर्ड में शिक्षा प्राप्त की। शीघ्र ही उसने इब्रानी, फारसी, अरबी और चीनी भाषाओं ...

                                               

एंटीलिया (भवन)

एंटीलिया दक्षिण मुम्बई, भारत में एक निजी घर है। यह रिलायन्स इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी और उनके ६०० कर्मचारियों का निवास स्थान है। मुकेश अंबानी का नाम दुनिया के 15 अमीर आदमी के लिस्ट में है, दुनिया का दूसरा और भारत के पहले और सबसे महंगे घ ...

                                               

गोम्पा

गोम्पा या गोम्बा या गोन्पा तिब्बती शैली में बने एक प्रकार के बौद्ध-मठ के भवन या भवनों को कहते हैं। तिब्बत, भूटान, नेपाल और उत्तर भारत के लद्दाख़, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश क्षेत्रों में यह कई स्थानों में मिलते हैं। भिक्षुओं की सुरक् ...

                                               

चेन्नई का स्थापत्य

चेन्नई की स्थापत्यकला कई स्थापत्य शैलियों का मिश्रण है। पल्लव राजवंश निर्मित प्राचीन द्रविड़ शैली के मंदिरों से लेकर इंडो-सेरैनेटिक शैली की ब्रिटिश कालीन इमारतों और आधुनिक इस्पात अओर क्रोमियम के गगनचुम्बी अट्टालिकाओं तक यहां का स्थापत्य विस्तृत है।

                                               

जगन्नाथ मन्दिर, पुरी

पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर एक हिन्दू मंदिर है, जो भगवान जगन्नाथ को समर्पित है। यह भारत के ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। इनकी नगरी ही जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाती है। इस मंदिर को हिन्दुओं क ...

                                               

द्रविड़ स्थापत्य शैली

द्रविड़ शैली दक्षिण भारतीय हिन्दू स्थापत्य कला की तीन में से एक शैली है। यह शैली दक्षिण भारत में विकसित होने के कारण द्रविड़ शैली कहलाती है। तमिलनाडु व निकटवर्ती क्षेत्रों के अधिकांश मंदिर इसी श्रेणी के होते हैं।

                                               

नागर शैली

नागर शैली उत्तर भारतीय हिन्दू स्थापत्य कला की तीन में से एक शैली है। इस शैली का प्रसार हिमालय से लेकर विंध्य पर्वत माला तक देखा जा सकता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार नागर शैली के मंदिरों की पहचान आधार से लेकर सर्वोच्च अंश तक इसका चतुष्कोण होना है। ...

                                               

वेसर शैली

वेसर शैली भारतीय हिन्दू स्थापत्य कला की तीन में से एक शैली है। नागर और द्रविड़ शैली के मिश्रित रूप को वेसर या बेसर शैली की संज्ञा दी गई है। यह विन्यास में द्रविड़ शैली का तथा रूप में नागर जैसा होता है। इस शैली के मंदिर विन्ध्य पर्वतमाला से कृष्णा ...

                                               

हिन्दू मंदिर स्थापत्य

भारतीय स्थापत्य में हिन्दू मन्दिर का विशेष स्थान है। हिन्दू मंदिर में अन्दर एक गर्भगृह होता है जिसमें मुख्य देवता की मूर्ति स्थापित होती है। गर्भगृह के ऊपर टॉवर-नुमा रचना होती है जिसे शिखर कहते हैं। मन्दिर के गर्भगृह के चारों ओर परिक्रमा के लिये ...

                                               

अमर चित्र कथा

इण्डियन बुक हाउस द्वारा प्रकाशित अमर चित्र कथा 1967 से भारत का मनोरंजन करने के साथ -साथ उसे नैतिकता सिखाती आई है। इन चित्र कथाओ को शुरू करने का श्रेय जाता है श्री अनंत पई जी को। राज कॉमिक्स के लिए काम कर चुके श्री दिलीप कदम जी और स्वर्गीय श्री प् ...

                                               

उपाख्यान

उपाख्यान किसी बड़ी कहानी के अन्दर लिखी गई छोटी कहानी को कहते हैं। उदाहरण के रूप में महाभारत जैसे आदि ग्रंथ में कई छोटी-छोटी कहानियाँ या उपाख्यान मौजूद हैं।

                                               

ओड़िया साहित्य

१५०० इसवी तक उड़िया साहित्य में धर्म, देव-देवी के चित्रण ही मुख्य ध्येय हुआ करता था पर साहित्य तो सम्पूर्ण रूप से काव्य पर ही आधारित था। उड़िया भाषा के प्रथम महान कवि झंकड़ के सारला दास रहे जिन्हें उड़िशा के व्यास के रूप में जाना जाता है। इन्होने ...

                                               

तेलुगू साहित्य

तेलुगु का साहित्य अत्यन्त समृद्ध एवं प्राचीन है। इसमें काव्य, उपन्यास, नाटक, लघुकथाएँ, तथा पुराण आते हैं। तेलुगु साहित्य की परम्परा ११वीं शताब्दी के आरम्भिक काल से शुरू होती है जब महाभारत का संस्कृत से नन्नय्य द्वारा तेलुगु में अनुवाद किया गया। व ...

                                               

नागानन्द

नागानन्द राजा हर्षवर्धन द्वारा रचित संस्कृत नाटक है। यह संस्कृत के सर्वश्रेष्ठ नाटकों में से है। यह नाटक पाँच अंकों में है। इसमें गरुड़ देवता को खुश करने के लिये नागों की बलि देने को रोकने के लिये राजकुमार जिमुतवाहन द्वारा अपना शरीर त्याग की कहान ...

                                               

नाट्यकल्पद्रुमम्

नाट्यकल्पद्रुमम् नाट्याचार्य विदूषकाचार्य पद्मश्री गुरू माणि माधव चाकयार द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रन्थ है। इसमें केरल के प्राचीन संस्कृत नाटक केरल कुटियट्टम के सभी पक्षों का विवेचन है। सम्पूर्ण ग्रंथ प्राचीन संस्कृत गद्य में नाट्यशास्त्र का अनुसर ...

                                               

प्राचीन भारतीय ग्रन्थकारों की सूची

संस्कृत छन्दशास्त्र से सम्बन्धित लगभग १५० ग्रन्थ ज्ञात हैं जिनमें कोई ८५० छन्दों की परिभाषा और वर्णन है। पिंगल -- छन्दःसूत्रम् इसकी टीकाएं- जयदेवकृत -- जयदेवछन्द ६ठी शताब्दी अज्ञात -- छन्दोरत्नमञ्जूषा ६ठी शताब्दी रविकर -- पिङ्गलसारविकासिनी चित्रस ...

                                               

फूल बहादुर

फूल बहादुर 1928 में प्रकाशित मगही उपन्यास है। इसके लेखक नवादा के उद्भट विद्वान, स्वतंत्रता सुराजी और मगही के प्रथम उपन्यासकार बाबू जयनाथ पति हैं। मगही उपन्यासों की शृंखला में ‘फूल बहादुर’ प्रकाशन की दृष्टि से दूसरा और उपलब्धता के लिहाज से पहला उप ...

                                               

भारतीय महाकाव्य

भारत में संस्कृत तथा अन्य भाषाओं में अनेक महाकाव्यों की रचना हुई है। भारत के महाकाव्यों में वाल्मीकि रामायण, व्यास द्वैपायन रचित महाभारत, तुलसीदासरचित रामचरितमानस, आदि ग्रन्थ परमुख हैं।

                                               

भारतीय साहित्य

भारतीय साहित्य से तात्पर्य सन् १९४७ के पहले तक भारतीय उपमहाद्वीप एवं तत्पश्चात् भारत गणराज्य में निर्मित वाचिक और लिखित साहित्य से है। दुनिया में सबसे पुराना वाचिक साहित्य आदिवासी भाषाओं में मिलता है। इस दृष्टि से आदिवासी साहित्य सभी साहित्य का म ...

                                               

भारतीय साहित्य अकादमी

भारत की साहित्य अकादमी भारतीय साहित्य के विकास के लिये सक्रिय कार्य करने वाली राष्ट्रीय संस्था है। इसका गठन १२ मार्च १९५४ को भारत सरकार द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य उच्च साहित्यिक मानदंड स्थापित करना, भारतीय भाषाओं और भारत में होनेवाली साहित ...

                                               

मगही उपन्यास

मगही में पद्य साहित्य जितना प्राचीन और समृद्ध है, उतना गद्य साहित्य नहीं। अन्य भारतीय भाषाओं की तरह मगही में भी गद्य साहित्य का आरंभ 19वीं सदी के अंत में हुआ। लेकिन मगही साहित्येतिहासकारों के अनुसार मगही का पहला उपन्यास उपन्यासिका या लंबी कहानी ‘ ...

                                               

मगही साहित्य

मगही साहित्य से तात्पर्य उस लिखित साहित्य से है जो पाली मागधी, प्राकृत मागधी, अपभ्रंश मागधी अथवा आधुनिक मगही भाषा में लिखी गयी है। ‘सा मागधी मूलभाषा’ से यह बोध होता है कि आजीवक तीर्थंकर मक्खलि गोसाल, जिन महावीऔर गौतम बुद्ध के समय मागधी ही मूल भाष ...

                                               

राष्ट्रकूट साहित्य

राष्ट्रकूट राजवंश के राज्यकाल में विशाल मात्रा में कन्नड, संस्कृत, प्राकृत तथा अपभ्रंश साहित्य रचा गया। इस राजवंश का प्रसिद्ध शासक अमोघवर्ष प्रथम ने सबसे पुरानी ज्ञात कन्नड कविता कविराजमार्ग के कुछ खंडों की रचना की थी। उनके शासन काल में जैन गणितज ...

                                               

विजयनगर साहित्य

विजयनगर साहित्य से आशय विजयनगर साम्राज्य में रचित कन्नड, तेलुगु संस्कृत और तमिल साहित्य से है। यह काल दक्षिण भारत के साहित्यिक इतिहास का स्वर्ण काल था। इस काल में राजाओं ने विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों को आश्रय दिया जिन्होने जैन, वीरशैव और वैष् ...