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रामप्रसाद सेन

साधक रामप्रसाद सेन) बंगाल के एक शाक्त कवि एवं सन्त थे। उनकी भक्ति कविताएँ रामप्रसादी कहलातीं हैं और आज भी बंगाल में अत्यन्त लोकप्रिय हैं। रामप्रसादी, बंगला भाषा मेम रचित है जिसमें काली को सम्बोधित करके रची गयीं हैं।

                                               

वामाचार

वामाचार से तात्पर्य एक विशेष प्रकार की पूजापद्धति या साधना से है जो जो न केवल नास्तिक है बल्कि बल्कि अतिवादी भी है। यह एक तान्त्रिक पद्धति थी। वामाचार का विलोम दक्षिणाचार होता है।

                                               

आशा

आशा या उम्मीद किसी व्यक्ति के जीवन की घटनाओं और परिस्थितियों के मामले में सकारात्मक परिणामों में विश्वास है। धार्मिक संदर्भ में, इसे एक शारीरिक भावना के रूप में नहीं माना जाता है बल्कि एक आध्यात्मिक अनुग्रह समझा जाता है। आशा, सकारात्मक सोच से भिन ...

                                               

पे-पर-क्लिक (प्रति क्लिक भुगतान)

पे पर क्लिक, वेबसाइटों पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक इंटरनेट विज्ञापन मॉडल है जहां विज्ञापनदाता अपने विज्ञापन को क्लिक किये जाने पर ही अपने होस्ट को भुगतान करते हैं। खोज इंजनों के साथ, विज्ञापनदाता आमतौपर अपने लक्षित बाजार के लिए प्रासंगिक खोजशब् ...

                                               

मूल्य शृंखला

मूल्य शृंखला अथवा मूल्य शृंखला विश्लेषण व्यवसाय प्रबंधन से एक अवधारणा है जो सबसे पहले 1985 में माइकल पोर्टर द्वारा उनकी सर्वश्रेष्ठ-विक्रयी, कोम्पीटिटिव एडवेंटेज: क्रिएटिंग एंड ससटेनिंग सुपीरिअर परफोर्मैंस में वर्णित और प्रचलित की गई।

                                               

मनोवैज्ञानिक मूल्य-निर्धारण

मनोवैज्ञानिक मूल्य-निर्धारण, मूल्य-निर्धारण और मार्केटिंग की एक रणनीति है जो इस बात पर आधारित है कि क्रेताओं पर कुछ मूल्यों का मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ता है। रू19.99 या £2.98 का मूल्य एक मनोवैज्ञानिक मूल्य-निर्धारण का उदाहरण है।

                                               

मूल्य का श्रम सिद्धान्त

मूल्य के श्रम सिद्धान्त) के अनुसार किसी वस्तु या सेवा का आर्थिक मूल्य उस वस्तु या सेवा के उत्पादन के लिए आवश्यक कुल सामाजिक श्रम से निर्धारित होता है, न कि उस वस्तु या सेवा की उपयोगिता से। वर्तमान समय में प्रायः मार्क्सवादी अर्थशास्त्री ही इस सिद ...

                                               

मूल्य विरोधाभास

मानव जीवन के लिए हीरे की तुलना में जल अधिक उपयोगी है, फिर भी बाजार में हीरे का मूल्य जल की तुलना में बहुत अधिक होता है। यह विरोधाभास मूल्य विरोधाभास कहलाता है।

                                               

व्यक्तिनिष्ठ मूल्य सिद्धान्त

व्यक्तिनिष्ठ मूल्य सिद्धान्त के अनुसार किसी वस्तु का मूल्य उस वास्तु में निहित किसी गुण से निर्धारित नहीं होता, न ही इस बात से निर्धारित होता है कि उसके निर्माण में कितना श्रम लगा है, बल्कि वस्तु का मूल्य इस बात पर निर्भर करता है कि कोई व्यक्ति उ ...

                                               

अन्तरराष्ट्रीय परमाण्विक काल

अन्तरराष्ट्रीय परमाण्विक काल एक उच्च परिशुद्धता वाला समय का मानक है जो भू-आभ पर कल्पित रूप से गुजरने वाले वास्तविक समय पर आधारित है। स्थलीय समय का यह मुख्य प्रत्यक्षीकरण है।

                                               

उपयोगिता अनुपात

कुल समय के जितने भाग के लिए कोई वस्तु या मशीन सक्रिय अवस्था में रहती है उसे उपयोगिता अनुपात कहते हैं। उदाहरण के लिए, २४ घण्टे में कोई मोटर ६ घण्टे चालू रहती है और शेष समय बन्द रहती है तो उसका उपयोगिता अनुपात ६/२४ = १/४ या ०.२५ है। उपयोगिता अनुपात ...

                                               

काल समीकरण

काल समीकरण दो प्रकार के सौर कालों के अन्तर को पारिभाषित करता है। यहाँ समीकरण का अर्थ समयान्तर को समाप्त करने के अर्थ में है जो मध्ययुग में किया जाता था।

                                               

तुल्यकालन

यदि किसी प्रणाली में बहुत सारी घटनाएँ हैं तो उन घटनाओं को को सही समय पर और सही क्रम में करने के लिए आवश्यक प्रयत्न तुल्यकालन कहलाता है। उदाहरण के लिए, किसी आर्केस्ट्रा का संचालक आर्केस्ट्रा को तुल्यकालित रखता है। जिस प्रणाली के सभी घटनाएँ तुल्यका ...

                                               

दिन

दिन, समय की एक इकाई है। आम प्रयोग में यह 24 घंटे के बराबर का अंतराल है। यह एक उजियारे दिवस और एक अंधेरी रात का योग है।दुसरे शब्दो मे पृथ्वी द्वारा अपने अक्ष पर एक घूर्णन के समय के बराबर समयावधि को ही दिन कहते है।

                                               

दिन का समय

दिन का समय, या कभी-कभी केवल दिन, पृथ्वी के किसी स्थान पर उस समयकाल को कहते हैं जिस दौरान उस जगह पर सूरज की सीधी या प्रतिबिंबित रोशनी पड़े। इसी तरह किसी भी तारे की परिक्रमा कर रहे अन्य ग्रहों पर स्थित जगहों भी दिन का समय वह समय होता है जब वे उस स् ...

                                               

दिवालोक बचत समय

दिवालोक बचत समय या ग्रीष्मसमय कुछ देशों की उस प्रथा को कहते हैं जहाँ गर्मियों के मौसम में सुबह जल्दी होने वाली रौशनी का लाभ उठाने के लिए ग्रीष्म ऋतु में घड़ियों को आगे कर दिया जाता है। आमतौपर दि॰ब॰स॰ में हर वर्ष में निर्धारित शुरूआती और अंतिम तिथ ...

                                               

पञ्चाङ्गम्

पञ्चाङ्गम् परम्परागत भारतीय कालदर्शक है जिसमें समय के हिन्दू ईकाइयों का उपयोग होता है। इसमें सारणी या तालिका के रूप में महत्वपूर्ण सूचनाएँ अंकित होतीं हैं जिनकी अपनी गणना पद्धति है। अपने भिन्न-भिन्न रूपों में यह लगभग पूरे नेपाल और भारत में माना ज ...

                                               

परमाणु घड़ी

परमाणु घड़ी एक प्रकार की घड़ी है जो इलेक्ट्रोमेग्नेटिक स्पेक्ट्रम की माइक्रोवेव, ऑप्टिकल या अल्ट्रावायलेट रीजन में इलेक्ट्रान ट्रांजीशन फ्रीक्वेंसी का प्रयोग टाइम कीपिंग के स्टैण्डर्ड एलिमेंट के रूप में करती है। परमाणु घड़ियां ज्ञात सबसे सटीक समय ...

                                               

ब्रह्ममुहूर्त

सूर्योदय के डेढ़ घण्टा पहले का मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है। सही-सही कहा जाय तो सूर्योदय के २ मुहूर्त पहले, या सूर्योदय के ४ घटिका पहले का मुहूर्त। १ मुहूर्त की अवधि ४८ मिनट होती है। अतः सूर्योदय के ९६ मिनट पूर्व का समय ब्रह्म मुहूर्त होता है।

                                               

मानक समय

मानक समय वह समय है, जो किसी देश या विस्तृत भू-भाग के लोगों के व्यवहार के लिये स्वीकृत होता है। यह उस देश के स्वीकृत मानक याम्योत्तर के लिये स्थानीय माध्य समय होता है। हमारे अपने स्थानों के समय स्थानीय समय कहलाते हैं। इनसे हमारी समय संबंधी स्थानीय ...

                                               

यूटीसी अंतर

यूटीसी अंतर या सविस अंतर किसी भी स्थान के मानक समय के यूटीसी से अंतर को बोलते हैं। मसलन किसी भी क्षण में भारत का मानक समय उस समय के यूटीसी से ५.५ घटे आगे होता है, इसलिए भारत का यूटीसी अंतर +५:३० बताया जाता है।

                                               

रजत जयंती

रजत जयंती का प्रयोग पच्चीसवीं जयंती अथवा पच्चीसवीं वर्षगाँठ के लिये किया जाता है। उदाहरण के लिये यदि भारत देश 15 अगस्त 1947 को स्वतन्त्र हुआ तो 15 अगस्त 1972 को स्वतंत्रता प्राप्ति की रजत जयंती होगी। ध्यान देने की बात ये भी है कि इसी उदाहरण मे 15 ...

                                               

रात

रात्रि अथवा रात का समय अथवा रात सूर्यास्त और सूर्योदय के मध्य का समय होता है जब सूर्य क्षितिज से नीचे की ओर होता है। इसका अन्य शब्दों में अर्थ उस समयकाल से होता है जब दिन नहीं होता।

                                               

सार्व निर्देशांकित काल

सार्व निर्देशांकित काल, समय का वह प्राथमिक मानक है जिससे विश्व का समय और घड़ियाँ नियमित होतीं हैं। यह समय, शून्य अंश की देशान्तर रेखा के माध्य सौर समय के बराबर होता है । अंग्रेज लोग प्रायः ग्रीनिच माध्य समय को ही यूटीसी जैसा मानते हैं। समन्वित सा ...

                                               

२६२९ ईसा पूर्व

२६२९ ईसा पूर्व ईसा मसीह के जन्म से पूर्व के वर्षों को दर्शाता है। ईसा के जन्म को अधार मानकर उसके जन्म से २६२९ ईसा पूर्व या वर्ष पूर्व के वर्ष को इस प्रकार प्रदर्शित किया जाता है। यह जूलियन कलेण्डर पर अधारित एक सामूहिक वर्ष माना जाता है। अधिकांश व ...

                                               

गद्दा

गद्दा एक चौकोर वस्तु होती है जिसे मनुष्य के लेटने के लिए बनाया जाता है। गद्दे आम तौपर एक या दो व्यक्तियों के लिए बनाए जाते हैं और इन्हें आम तौपर पलंग पर रखा जाता है, यद्यपि इन्हें फ़र्श जैसी किसी अन्य ठोस सतह पर भी रखा जा सकता है। गद्दे आम तौपर भ ...

                                               

चादर

एक चादर या चद्दर, कपड़े का एक बड़ा चौकोर टुकड़ा होता है जिसका प्रयोग बिस्तर तैयार करते समय एक गद्दे को ढकने के लिए किया जाता है। आम तौपर इसी के उपर एक व्यक्ति लेटता है। चादर दो प्रयोजनो के लिये इस्तेमाल की जाती हैं, ओढ़ने और बिछाने के लिये। पहले ...

                                               

तकिया

तकिया सिर के लिये एक गुदगुदा आलंब या सहारा होता है, जिसका प्रयोग आमतौपर सोते समय किया जाता है, या फिर इसे एक सोफे या कुर्सी पर बैठते समय शरीर को आराम देने के लिए किया जाता है।

                                               

कण

भौतिकी में कण किसी पदार्थ के एक छोटे आकार के टुकड़े को कहते हैं। कणों का आकार ऐसा हो सकता है जो मानवों को दृष्टिगोचर हो अथवा इतना छोटा भी हो सकता है कि उसे देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी की अवश्यकता हो।

                                               

विचित्र पदार्थ

भौतिकी में विचित्र पदार्थ ऐसा कोई पदार्थ होता है जिसमें आधारण पदार्थ की तुलना में कोई विचित्र गुण हो। साधारण पदार्थ उप-परमाणु स्तर पर बैरयॉनों का बना होता है, मसलन प्रोटॉन, न्युट्रॉन, इत्यादि। इसलिए विचित्र पदार्थों की एक परिभाषा यह भी है कि इनकी ...

                                               

बूलीय डाटा प्रकार

कम्प्यूटर विज्ञान और प्रोग्रामिंग में बूलीय डाटा प्रकार एक डाटा प्रकार है जो केवल दो मान ले सकता है, जिन्हें अक्सर "सत्य" और "असत्य" द्वारा दर्शाया जाता है।

                                               

बूलीय फलन

गणित और तर्कशास्त्र में बूलीय फलन, ƒ: Bk → B, के तरह का फलन है, जहाँ B = {0, 1} इसका बूलीय डोमेन है और k एक शून्य या धनात्मक पूर्णांक है। k को फलन का arity कहते हैं। जब k = 0, होने पर यह फलन वस्तुतः B का नियत अवयव होता है। बूलीय फलन को स्विचिंग फ ...

                                               

अपरिमित समुच्चय

इस तरह के समुच्चयों को निरुपित करने के लिए सामान्यतः अनन्त अवस्था. अथवा किसी वाक्य का प्रयोग किया जाता है जो सम्पूर्ण समुच्चय को निरुपित करे। यह आवश्यक नहीं की किसी अपरिमित समुच्चय का उपसमुच्चय अपरिमित हो लेकिन किसी भी अपरिमित समुच्चय का अधिसमुच् ...

                                               

उपसमुच्चय

यदि कोई दो समुच्चय ऐसे हों कि एक का प्रत्येक अवयव दूसरे का भी अवयव हो तो प्रथम समुच्चय को द्वितीय का उपसमुच्चय कहते हैं। इसे ⊂ और ⊃ से निरुपित किया जाता है। उदाहरण के लिए यदि समुच्चय A का प्रत्येक अवयव B का भी अवयव है तो इसे A ⊂ B से निरुपित करते ...

                                               

एकैकी फलन

गणित में ऐसे फलन एकैकी फलन या अंतःक्षेपी कहलाते हैं जो डोमेन के एक से अधिक अवयवों को सहडोमेन के एक ही अवयव से प्रतिचित्रण नहीं करते। दूसरे शब्दों में, सहडोमेन का प्रत्येक अवयव डोमैन के अधिकतम एक अवयव से ही प्रतिचित्रित होता है। यदि कोई फलन एकैकी ...

                                               

गणनीय समुच्चय

गणित में, गणनीय समुच्चय वह समुच्चय है जिसमें प्राकृत संख्याओं के समुच्चय के किसी उपसमुच्चय के समान गणनांक है। गणनीय समुच्चय या तो परिमित समुच्चय होता है अथवा गणनीय अनन्त समुच्चय होता है। या तो अपरिमित या फिर अनन्त, अर्थात किसी गणनीय समुच्चय के अव ...

                                               

मकड़ी आरेख

गणित में ऐकिक मकड़ी आरेख आयलर अथवा वेन आरेख पर अस्तित्व बिन्दु जोड़ता है। बिन्दु आयलर आरेख में कंटूरों का सर्वनिष्ठ की विशेषता के अस्तित्व को निरूपित करता है। ये बिन्दु मिलकर मकड़ी जैसी आकृति निर्मित करते हैं। संयुक्त बिन्दु "अथवा" तर्क को निरूपि ...

                                               

वेन आरेख

वेन आरेख वह आरेख हैं जो समुच्च्यों के परिमित संग्रहों के बीच सभी परिकाल्पनिक रूप से संभव तार्किक संबंधों को दर्शाते हैं। वेन आरेख का आविष्कार 1880 के आसपास जॉन वेन द्वारा किया गया था। इनका कई क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है, जैसे समुच्च्य सिद्धा ...

                                               

संघ (समुच्चय सिद्धान्त)

समुच्चय सिद्धान्त में संघ उस समुच्चय को कहते हैं जो दो या दो से अधिक समुच्चयों के संयोजन से बनता है अर्थात दो या दो से अधिक समुच्चयों के सभी अवयवों को मिलाकर एक समुच्चय बनाय जाये तो उसे संघ समुच्चय कहते हैं। समुच्चय A और B के संघ समुच्चय को A ∪ B ...

                                               

समुच्चय संकेतन

समुच्चय संकेतन समुच्चय को निरुपित करने का तरिका होता है। चूँकि समुच्चय इसके अवयवों का समाहर है। इसे निरूपित करने के लिए अंग्रेज़ी के बड़े अक्षर A, B, C., X, Y, Z काम में लिए जाते हैं और इसके अवयवों को सामान्यतः अंग्रेज़ी के छोटे अक्षरों अथवा संख् ...

                                               

सर्वनिष्ठ (समुच्चय सिद्धान्त)

समुच्चयों का सर्वनिष्ठ अथवा प्रतिच्छेद दो या दो से अधिक समुच्चयों के उभयनिष्ठ अवयवों के समुच्चय को कहते हैं। समुच्चय A और B के सर्वनिष्ठ को A ∩ B से निरुपित किया जाता है एवं इसे A सर्वनिष्ठ B पढ़ा जाता है। यदि दो समुच्चयों का सर्वनिष्ठ समुच्चय रि ...

                                               

सुतीक्ष्ण समुच्चय

गणित में सुतीक्ष्ण समुच्चय अथवा पोइंटेड समुच्चय {\displaystyle } का क्रमित युग्म है जहाँ X {\displaystyle X} एक समुच्चय तथा x 0 {\displaystyle x_{0}} समुच्चय X {\displaystyle X} का एक अवयव है जिसे इसका आधार बिन्दु कहते हैं तथा इसे अधार बिन्दु अथव ...

                                               

चर

बीजगणित की विशेषता के अनुसार बीजगणित में राशियों की जगह चिह्नों अथवा अक्षरों का प्रयोग किया जाता है जिन का मूल्य पृथक स्थानों पर पृथक होता है, उन्हें चर कहते हैं। उदाहरण: y + 5 = 36 में y एक चर है और यहाँ y का मूल्य 31 होगा। पुष्टि के लिए कि क्या ...

                                               

उपप्रमेय

उपप्रमेय वह कथन है जो किसी प्रमेय से सीधे और स्पष्टत: निकल जाता है। इस शब्द का भी कोई औपचारिक परिभाषा नहीं है कि किसे "प्रमेय" कहा जाय और किसे उपप्रमेय।

                                               

अदृश्य

जो वस्तु हमारी आँखों से दिखाई न दे, वह अदृश्य कहलाती है। कुछ और आभास होने वाली चीजें जैसे मन,सुख-दुख,प्राण,ईशवरीय-शक्ति,भूत-प्रेत,आत्मा,आकाश,प्रकाश आदि भी अदृश्य हैं। हिन्दी भाषा का यह शब्द संदर्भित व प्रासंगिक है। वायुमंडल अदृश्य रूप से हमारी पृ ...

                                               

अपवर्तनांक

किसी माध्यम का अपवर्तनांक वह संख्या है जो बताती है कि उस माध्यम में विद्युतचुम्बकीय तरंग की चाल किसी अन्य माध्यम की अपेक्षा कितने गुना कम या अधिक है। यदि प्रकाश के सन्दर्भ में बात करें तो सोडा-लाइम कांच का अपवर्तनांक लगभग 1.5 है जिसका अर्थ यह है ...

                                               

आइन्स्टाइन वलय

किसी स्रोत से आने वाला प्रकाश जब विरूपित होकर एक वलय के रूप में दिखता है जिसे आइन्स्टाइन वलय कहते हैं। ऐसा तब होता है जब स्रोत से निकला प्रकाश किसी अति-द्रव्यमान वाले आकाशीय पिण्ड से होकर गुजरता है जैसे दूसरी गैलेक्सी या कृष्ण विवर । इस अति-द्रव् ...

                                               

आभासी बिम्ब

जब वस्तु से निकलने वाली प्रकाश किरणे अभिसरित हो रहीं हों तो इस प्रकार बने प्रतिबिम्ब को प्रकाशिकी में आभासी बिंब कहते हैं। आभासी बिंब उस बिन्दु पर स्थित मालूम पड़ता है जहाँ से किरणें अभिसरित होती हुई प्रतीत होतीं हैं। । चूंकि इस स्थिति में किरणे ...

                                               

आवर्धक लेन्स

This magnificent glass show in big picture of object. आवर्धक लेन्स magnifying glass या hand lens एक उत्तल लेंस होता है जिसका उपयोग पास की वस्तुओं का आवर्धित प्रतिबिम्ब प्राप्त करने के लिये किया जाता है। प्रायः आवर्धक लेंस को एक गोल फ्रेम में मढ़ा ...

                                               

आवर्धन

किसी वस्तु के वास्तविक आकार को बदले बिना उसको अपने वास्तविक आकार से बड़ा दिखाना आवर्धन कहलाता है। वस्तु जितने गुना बड़ी दिखती है, उसे आवर्धन कहते हैं। यदि आवर्धन १ से अधिक है तो इसका अर्थ है कि वस्तु अपने वास्तविक आकार से बड़ी दिक रही है। यदि आवर ...