Blog पृष्ठ 44




                                               

रामजन्म

रामजन्म अवधी भाषा में रचित संत सूरजदास द्वारा रचित भगवान राम पर आधारित एक संक्षिप्त पुस्तक हैं, जिसकी रचना गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के पूर्व हुआ था। ‘रामजन्म’ को सन 1966 में बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् द्वारा प्रकाशित किया गया।

                                               

रामायण

रामायण हिन्दू राजा राम की गाथा है। । यह आदि कवि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया संस्कृत का एक अनुपम महाकाव्य, स्मृति का वह अंग है। इसे आदिकाव्य तथा इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि भी कहा जाता है। रामायण के सात अध्याय हैं जो काण्ड के नाम से जाने जा ...

                                               

वाल्मीकि रामायण

वाल्मीकीय रामायण संस्कृत साहित्य का एक आरम्भिक महाकाव्य है जो संस्कृत भाषा में अनुष्टुप छन्दों में रचित है। इसमें श्रीराम के चरित्र का उत्तम एवं वृहद् विवरण काव्य रूप में उपस्थापित हुआ है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित होने के कारण इसे वाल्मीकीय रा ...

                                               

श्रीरामचरितमानस

श्री रामचरितमानस अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा १६वीं सदी में रचित एक इतिहास की घटना है। इस ग्रन्थ को अवधी साहित्य की एक महान कृति माना जाता है। इसे सामान्यतः तुलसी रामायण या तुलसीकृत रामायण भी कहा जाता है। रामचरितमानस भारतीय संस्कृति में ...

                                               

संहिता

संहिता हिन्दू धर्म के पवित्रतम और सर्वोच्च धर्मग्रन्थ वेदों का मन्त्र वाला खण्ड है। ये वैदिक वाङ्मय का पहला हिस्सा है जिसमें काव्य रूप में देवताओं की यज्ञ के लिये स्तुति की गयी है। इनकी भाषा वैदिक संस्कृत है। चार वेद होने की वजह से चार संहिताएँ ह ...

                                               

स्मृति

स्मृति हिन्दू धर्म के उन धर्मग्रन्थों का समूह है जिनकी मान्यता श्रुति से नीची श्रेणी की हैं और जो मानवों द्वारा उत्पन्न थे। इनमें वेद नहीं आते। स्मृति का शाब्दिक अर्थ है - "याद किया हुआ"। यद्यपि स्मृति को वेदों से नीचे का दर्ज़ा हासिल है लेकिन वे ...

                                               

हनुमन्नाटक

हनुमन्नाटक संवत १६२३ में संस्कृत भाषा मे रचित कवि हृदयराम द्वारा रचित भगवान राम के जीवन पर आधारित धार्मिक ग्रन्थ हैं। श्री बाली के अनुसार हृदयराम पंजाबी थे, तथा उनके "हनुमन्नाटक" को गुरु गोविन्द सिंह सदा अपने साथ रखते थे। इससे सीखो में भी बड़ा सम ...

                                               

हस्तिनापुर

महाभारत काल में हस्तिनापुर कुरु वंश के राजाओं की राजधानी थी। हिंदू इतिहास में हस्तिनापुर के लिए पहला संदर्भ सम्राट भरत की राजधानी के रूप में आता है। महा काव्य महाभारत में वर्णित घटनाए हस्तिनापुर में घटी घटनाओ पर आधारित है। हस्तिनापुर मुगल शासक बा ...

                                               

बलात् धर्मपरिवर्तन

बलात् धर्मपरिवर्तन वह धर्मपरिवर्तन है जिसमें व्यक्ति या व्यक्तियों की इच्छा के विरुद्ध जबरन धर्मपरिवर्तन करा दिया जाता है। धर्म न बदलने पर उन्हें नौकरी से हटाने, सामाजिक विलगाव, प्रताड़ना और जान से मारने तक की धमकी तक दी जाती है।

                                               

बौद्ध-दलित आंदोलन

बौद्ध-दलित आंदोलन या नवबौद्ध आंदोलन यह हिंदू धर्म की वर्णाश्रम व्यवस्था में सबसे नीचे के पायदान पर रखे गए लोगों द्वारा अपनी सामाजिक स्थिति में परिवर्तन व मानवाधिकार दिलाने के लिए बीसबीं सदी में भारतीय नेता डॉ॰ भीमराव आम्बेडकर द्वारा चलाया गया आंद ...

                                               

धार्मिक अध्ययन

धार्मिक अध्ययन उन्हें कहते जो धर्म के बारे में पढ़ाई होती है। धार्मिक अध्ययन, जिसे धर्म के अध्ययन के रूप में जाना जाता है, एक धार्मिक क्षेत्र है जो धार्मिक मान्यताओं, व्यवहारों और संस्थानों में शोध करने के लिए समर्पित है। यह धर्म का वर्णन, तुलना, ...

                                               

फिदेल कास्त्रो के धार्मिक विचार

फिदेल कास्त्रो के धार्मिक विचार सार्वजनिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के कारावास से भेजे गए पत्र यह दिखाते हैं कि वह एक अद्भुत आध्यात्मिक चिन्तन वाले पुरुष थे और भगवान में सच्ची आ ...

                                               

कॉन्वेंट

कॉन्वेंट, धर्मसंघ अथवा मठ, प्रमुखतः ईसाई धर्म में पादरी, धार्मिक बन्धु अथवा ननों के समुदाय अथवा उनके द्वारा काम में लिये जाने वाले भवन को कहते हैं जो रोमन कैथोलिक गिरजाघरों और ऐंग्लिकन समुदाय में काम में लिये जाते हैं। अंग्रेज़ी भाषा में कॉन्वेंट ...

                                               

चैत्यालय

चैत्यालय तारण पंथ के धार्मिक स्थल को कहते हैं। चैत्यालय देश के पांच राज्यों के १६८ स्थानों पर हैं। सर्वाधिक चैत्यालय बासोदा में हैं। व ज़िला स्तर पर दमोह में हैं। नाम चैत्यालय अवश्य है किंतु इसके भीतर वेदी में जिनवाणी रखातीं हैं जिनवाणी अर्थात जै ...

                                               

गुरमीत राम रहीम सिंह इन्साँ

गुरमीत राम रहीम सिंह इन्साँ हरियाणा के सिरसा में स्थित आध्यात्मिक संस्था डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख है। डेरा सच्चा सौदा की स्थापना १९४८ में शाह मस्ताना जी द्वारा की गई थी। गुरमीत इस संस्था के तीसरे प्रमुख हैं। इनके कार्यकाल में डेरा का अभूतपूर्व प ...

                                               

गोरखनाथ

गोरखनाथ या गोरक्षनाथ जी महाराज प्रथम शताब्दी के पूर्व नाथ योगी के थे गुरु गोरखनाथ जी ने पूरे भारत का भ्रमण किया और अनेकों ग्रन्थों की रचना की। गोरखनाथ जी का मन्दिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर में स्थित है। गोरखनाथ के नाम पर इस जिले का नाम गोरखपुर ...

                                               

जयंत आठवले

जयन्त आठवले एक धार्मिक गुरू एवं सनातन धर्म के प्रचारक हैं। उनके विश्व भर में अरबों अनुयायी हैं तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर की एक संस्था सनातन संस्था के संस्थापक हैं। डॉ. आठवले ने हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सनातन प्रभात नामक नियतकालिकों का प्रका ...

                                               

ओउ्म्

ओ३म् या ओंकार का नामान्तर प्रणव है। यह ईश्वर का वाचक है। ईश्वर के साथ ओंकार का वाच्य-वाचक-भाव संबंध नित्य है, सांकेतिक नहीं। संकेत नित्य या स्वाभाविक संबंध को प्रकट करता है। सृष्टि के आदि में सर्वप्रथम ओंकाररूपी प्रणव का ही स्फुरण होता है। तदनंतर ...

                                               

फ़रवहर

फ़रवहर, जिसे प्राचीन फ़ारसी में प्रवहर लिखते थे, पारसी धर्म का सब से अधिक पहचाने जाने वाला चिह्न है। बीसवीं सदी में ईरान पर राज करने वाले पहलवी राजवंश ने इसे अपने साम्राज्य का और ईरानी राष्ट्र का चिह्न भी चुना था। इसमें एक परों वाले चक्र के बीच ए ...

                                               

स्वस्तिक

स्वस्तिक अत्यन्त प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति में मंगल-प्रतीक माना जाता रहा है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले स्वस्तिक चिह्न अंकित करके उसका पूजन किया जाता है। स्वस्तिक शब्द सु+अस+क से बना है। सु का अर्थ अच्छा, अस का अर्थ सत्ता या अस ...

                                               

निशान साहिब

निशान साहिब या निशान साहब सिखों का पवित्र त्रिकोणीय ध्वज है। यह पर्चम कपास या रेशम के कपड़े का बना होता है, इसके सिरे पर एक रेशम की लटकन होती है। इसे हर गुरुद्वारे के बाहर, एक ऊंचे ध्वजडंड पर फ़ैहराया जाता है। परंपरानुसार निशान साहब को फ़ैहरा रहे ...

                                               

नौरोज़

नौरोज़ या नवरोज़, ईरानी नववर्ष का नाम है, जिसे फारसी नया साल भी कहा जाता है और मुख्यतः ईरानियों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाता है। यह मूलत: प्रकृति प्रेम का उत्सव है। प्रकृति के उदय, प्रफुल्लता, ताज़गी, हरियाली और उत्साह का मनोरम दृश्य पेश करता ...

                                               

मकर संक्रान्ति

मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। मकर संक्रान्ति पूरे भारत और नेपाल में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस पर्व को मनाया जाता है। वर्तमान शताब्दी में यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें या पन्द् ...

                                               

अहुरा मज़्दा

अहुर मज़्दा अवस्ताई भाषा में प्राचीन ईरानी धर्म के एक देवता का नाम है जिन्हें पारसी धर्म के संस्थापक ज़रथुश्त्र ने अजन्मा और सर्वज्ञ परमेश्वर बताया था। इसके अलावा इनके लिए ओह्रमज़्द, होउरमज़्द, हुरमुज़, अरमज़्द और अज़्ज़न्दारा नाम भी प्रयोग किये ...

                                               

मीलाद उन-नबी

मीलाद उन-नबी इस्लाम धर्म के मानने वालों के कई वर्गों में एक प्रमुख त्यौहार है। इस शब्द का मूल मौलिद है जिसका अर्थ अरबी में "जन्म" है। अरबी भाषा में मौलिद-उन-नबी का मतलब है हज़रत मुहम्मद का जन्म दिन है। यह त्यौहार 12 रबी अल-अव्वल को मनाया जाता है ...

                                               

वसन्त पञ्चमी

वसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू का त्योहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करते हैं। प्राचीन भार ...

                                               

क़यामत

क़यामत शब्द का सरल हिन्दी में अर्थ प्रलय होता है। अर्थात क़यामत सामान्यतः उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी पर एक बार जीवन समाप्त हो जायेगा। इसके अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के भिन्न-भिन्न विचार हैं। इस तरह की बहुत भविष्यवाणियाँ भी समय-समय पर ...

                                               

धर्ममीमांसा

किसी धार्मिक संप्रदाय के द्वारा स्वीकृत विश्वासों का क्रमबद्ध संग्रह उस संप्रदाय की धर्ममीमांसा है। धर्ममीमांसा में विज्ञान और दर्शन के दृष्टिकोण की सार्वभौमता नहीं होती, इसकी पद्धति भी उनकी पद्धति से भिन्न होती है। विज्ञान प्रत्यक्ष पर आधारित है ...

                                               

बौद्ध ध्वज

बौद्ध ध्वज या पंचशील ध्वज यह ध्वज बौद्ध धर्म के प्रतीक एवं बौद्धों के सार्वभौमिक प्रतिनिधित्व के लिए 19 वीं सदी में बनाया गया है। यह दुनिया भर में बौद्धों द्वारा प्रयोग किया जाता है।

                                               

इमाम

इमाम एक इस्लामी नेतृत्व की स्थिति है। यह आमतौपर सुन्नी मुसलमानों के बीच एक मस्जिद और मुस्लिम समुदाय की नमाज़ का नेतृत्व करने वाला अथवा शीर्षक के रूप में उपयोग किया जाता है। इस संदर्भ में, इमाम इस्लामिक सलात सेवाओं का नेतृत्व कर सकते हैं, समुदाय क ...

                                               

महंत चांदनाथ

महंत चांदनाथ भारतीय राजनीतिज्ञ और धार्मिक नेता थे। वो हिन्दू धर्म में नाथ सम्प्रदाय के मुखिया थे। २००४ में राजस्थान विधान सभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के बहरोड़ से विधायक निर्वाचित हुये। २०१४ में वो भाजपा के राजस्थान के अलवर लोकसभा क्षेत्र से सा ...

                                               

महंत चेतनाथ

महंत चेतनाथ नाथ पंथ संवत् 1935 से संवत् 1963 में चौथे स्थान में महंत बने थे। अस्थल बोहर स्थान पर बाबा मस्तनाथ ने घोर तपस्या की और इसका जीर्णोद्धार करके ‘अस्थल बोहर मठ’ की स्थापना की।

                                               

महंत तोतानाथ

महंत तोतानाथ नाथ पंथ में सबसे पहले महंत बने थे। अस्थल बोहर स्थान पर बाबा मस्तनाथ ने घोर तपस्या की और इसका जीर्णोद्धार करके ‘अस्थल बोहर मठ’ की स्थापना की।

                                               

महंत पूर्णनाथ

महंत पूर्णनाथ नाथ पंथ संवत् 1963 से सन् 1939 में पांचवें स्थान में महंत बने थे। अस्थल बोहर स्थान पर बाबा मस्तनाथ ने घोर तपस्या की और इसका जीर्णोद्धार करके ‘अस्थल बोहर मठ’ की स्थापना की।

                                               

महंत बालकनाथ

महन्त बालकनाथ एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में अलवर से लोकसभा सांसद हैं। वे बाबा मस्त नाथ विश्वविद्यालय के चांसलर है । वह नाथ सम्प्रदाय के आठवेेें मुख्य महन्त है । महंत चांदनाथ ने 29 जुलाई, 2016, को बालकनाथ को उनके उत्तराधिकारी के रूप में घोष ...

                                               

महंत मेघनाथ

महंत मेघनाथ नाथ पंथ संवत् 1894 से संवत् 1923 में दूसरे महंत बने थे। अस्थल बोहर स्थान पर बाबा मस्तनाथ ने घोर तपस्या की और इसका जीर्णोद्धार करके ‘अस्थल बोहर मठ’ की स्थापना की।

                                               

महंत मोहरनाथ

महंत मोहरनाथ नाथ पंथ संवत् 1922 से संवत् 1935 में तीसरे महंत बने थे। अस्थल बोहर स्थान पर बाबा मस्तनाथ ने घोर तपस्या की और इसका जीर्णोद्धार करके ‘अस्थल बोहर मठ’ की स्थापना की।

                                               

महंत श्रेयोनाथ

महंत तोतानाथ-संवत् 1864 से संवत् 1894 महंत मोहरनाथ-संवत् 1922 से संवत् 1935 महंत चेतनाथ-संवत् 1935 से संवत् 1963 महंत बालकनाथ- सन् 2018 से अभी तक महंत चांदनाथ-सन् 1985 से 2018 महंत श्रेयोनाथ-सन् 1939 से सन् 1985 महंत मेघनाथ-संवत् 1894 से संवत् 19 ...

                                               

योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महन्त तथा राजनेता हैं एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री हैं। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहाँ के 21वें मुख्यमन्त्र ...

                                               

रमेश भाई ओझा

रमेश भाई ओझा एक आध्यात्मिक हिन्दू धर्मोपदेशक हैं, जो वेदान्त दर्शन पर धाराप्रवाह व्याख्यान देते हैं। उनकी रामकथा सुनने भारी संख्या में श्रोता पहुँचते हैं। गुजरात के देवका में पैदा हुए रमेश भाई ने अपनी जन्मभूमि में देवका विद्यापीठ की स्थापना की है ...

                                               

तावीज़

तावीज़ या जंतर ऐसी किसी वस्तु को कहते हैं जो सौभाग्य लाने के लिए या दुर्भाग्य और बुरी नज़र से बचाने के लिए रखी जाए। यह किसी भी प्रकार की वस्तु हो सकती है, जैसे की काला धागा, रत्न, मूर्तियाँ, रुद्राक्ष, सिक्के, चित्र, अंगूठियाँ, पौधे, वग़ैराह। भार ...

                                               

मानव बलि

किसी धार्मिक अनुष्ठान के भाग के रूप में किसी मानव की हत्या करने को मानव बलि कहते हैं। इसके अनेक प्रकार पशुओं को धार्मिक रीतियों में काटा जाना तथा आम धार्मिक बलियों जैसे ही थे। इतिहास में विभिन्न संस्कृतियों में मानव बलि की प्रथा रही है। इसके शिका ...

                                               

सामूहिक पूजन

सामूहिक पूजन किसी धार्मिक समुदाय के लोगों द्वारा अपनी मान्यताओं के अनुसार पारम्परिक व औपचारिक रूप से मंदिर या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर एकत्रित होकर पूजा समारोह में भाग लेने की क्रिया को कहते हैं। कई धार्मिक सम्प्रदायों में इसका बहुत महत्व होत ...

                                               

ईशनिंदा

ईशनिंदा ईश्वर की श्रद्धा, धार्मिक या पवित्र लोगों से सम्बंद्ध चीज़ें या धार्मिक रूप से अनुल्लंघनीय कार्य का अपमान या अवमानना को कहते हैं। विभिन्न देशों में ईशनिंदा से सम्बंधित क़ानून भी बने हुए हैं जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी पूजा करन ...

                                               

नरक

नरक, स्वर्ग का विलोमार्थक है। विश्व की प्राय: सभी जातियों और धर्मों की आदिम तथा प्राचीन मान्यता के अनुसार मरणोत्तर अधौलोक, स्थान या अवस्था जहाँ किसी देवता, देवदूत या राक्षस द्वारा अधर्मी, नास्तिक, पापी और अपराधी दुष्टात्माएँ दंडित होती हैं।

                                               

मसीहा

मसीहा इब्राहीमी धर्मों में आत्मा को पाप से मोक्ष दिलाने वाला या मुक्तिदाता है। मसीहा का मूल यहूदी धर्म और हिब्रू बाइबिल में है। उसके अनुसार मसीहा वह मनुष्य है जो दाऊद और सुलेमान के वंश का है और यहूदियों का मुख्य पुजारी है। साथ ही उसका अभिषेक पवित ...

                                               

क्रिया योग

क्रिया योग की साधना करने वालों के द्वारा इसे एक प्राचीन योग पद्धति के रूप में वर्णित किया जाता है, जिसे आधुनिक समय में महावतार बाबाजी के शिष्य लाहिरी महाशय के द्वारा 1861 के आसपास पुनर्जीवित किया गया और परमहंस योगानन्द की पुस्तक ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ...

                                               

चक्र

चक्र, ; पालि: हक्क चक्का) एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ पहिया या घूमना है। भारतीय दर्शन और योग में चक्र प्राण या आत्मिक ऊर्जा के केन्द्र होते हैं। ये नाड़ियों के संगम स्थान भी होते हैं। यूँ तो कई चक्र हैं पर ५-७ चक्रों को मुख्य माना गया है। यौगिक ...

                                               

योग

योग भारत और नेपाल में एक आध्यात्मिक प्रकिया को कहते हैं जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है। यह शब्द - प्रक्रिया और धारणा - हिन्दू धर्म,जैन धर्म और बौद्ध धर्म में ध्यान प्रक्रिया से सम्बन्धित है। योग शब्द भारत से बौद्ध धर्म के ...

                                               

संध्यावन्दनम्

संध्यावंदनम् या संध्यावंदन या संध्योपासनम् उपनयन संस्कार द्वारा धार्मिक अनुष्ठान के लिए संस्कारित हिंदू धर्म में गुरू द्वारा उसके निष्पादन हेतु दिगए निदेशानुसार की जाने वाली महत्वपूर्ण नित्य क्रिया है। संध्यावंदन में महान वेदों से उद्धरण शामिल है ...