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नारायण आप्टे

नारायण दत्तात्रय आप्टे हिन्दू महासभा के एक कार्यकर्ता थे।ब्राह्मण परिवार से थे। इन्हें गांधी-हत्या के मामले में नाथूराम गोडसे के साथ फाँसी दे दी गयी थी। अदालत में जब गांधी-हत्या का अभियोग चला तो मदनलाल पाहवा ने उसमें स्वीकार किया कि जो भी लोग इस ...

                                               

नीहाररंजन गुप्त

डॉ नीहाररंजन गुप्त भारत के चर्मरोगविज्ञानी तथा लोकप्रिय बंगाली उपन्यासकार थे। उन्होने किरीटि राय नामक एक काल्पनिक जासूसी चरित्र का सृजन किया।

                                               

पियारा सिंह गिल

पियारा सिंह गिल एक महान भारतीय नाभिकीय भौतिकशास्त्री थे जो ब्रह्मांडीय किरण नाभिकीय भौतिकी में अग्रणी थे। इन्होने अमेरिका की मैनहट्टन परियोजना में काम किया था। इसी परियोजना ने विश्व के प्रथम परमाणु बम और इसकी तकनीक की खोज की थी। वह केंद्रीय वैज्ञ ...

                                               

प्रीतिलता वादेदार

प्रीतिलता वादेदार भारतीय स्वतंत्रता संगाम की महान क्रान्तिकारिणी थीं। वे एक मेधावी छात्रा तथा निर्भीक लेखिका भी थी। वे निडर होकर लेख लिखती थी।

                                               

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, भारतीय उपमहाद्वीप के एक विख्यात पंजाबी शायर थे, जिन्हें अपनी क्रांतिकारी रचनाओं में रसिक भाव के मेल की वजह से जाना जाता है। सेना, जेल तथा निर्वासन में जीवन व्यतीत करने वाले फ़ैज़ ने कई नज़्में और ग़ज़लें लिखी तथा उर्दू शायरी में ...

                                               

फियाताउ पेनिताला टीओ

सर फियाताउ पेनिताला टीओ तुवालू के एक राजनेता हैं। उन्हें 1 अक्टूबर 1978 से 1 मार्च 1986 के बीच, तुवालू की रानी, एलिज़ाबेथ द्वितीय द्वारा, तुवालू के गवर्नर-जनरल यानि महाराज्यपाल के पद पर नियुक्त किया गया था। इस काल के दौरान वे महारानी के प्रतिनिधि ...

                                               

बलबीर सिंह "रंग"

बलबीर सिंह "रंग" एक भारतीय हिंदी कवि थे। वे अधिकतर कवितायेँ किसानों की स्थिति पर लिखा करते थे। उन्होंने अपनी कविताओं में भारतीय किसानो की स्थिति का सही वर्णन किया है।

                                               

ब्रुनो क्रेइस्क्य

ब्रुनो क्रेइस्क्य ने १९७० से लेकर १९८३ के बीच ऑस्ट्रिया के कुलाधिपति के रूप में सेवा की। ७२ साल की उम्र में इन्होंने जब पद छोड़ा तब वे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे अधिक उम्र के कुलाधिपति थे। वर्ष १९८३ में इन्हें जवाहर लाल नेहरू पुरस्कार से ...

                                               

भीमनिधि तिवारी

उनका पहली रचना वि. सं. १९९१मे गोरखापत्रमे कविता हरायो शीर्षकके कविता प्रकाशित हुआ था। उन्होंने नाटक, काव्य र कथा बढी कलम चलाया था। उनके काव्यात्मक कृतिएँ; तर्पण शोककाव्य, वि.सं. १९९४, कवितानन्द कवितासंग्रह, वि.सं. २०१०, वरशिक्षा औपदेशिक काव्य, वि ...

                                               

मान सिंह द्वितीय

सवाई मान सिंह द्वितीय कछवाहा वंश से संबन्धित जयपुर के अंतिम शासक थे। उन्होंने 1922 से लेकर राज्य के भारत में विलय तक शासन किया। इसके बाद उन्होंने 1949 से लेकर 1956 तक राजस्थान के राजप्रमुख के रूप में कार्य संभाला। बाद के सालों में इन्होंने स्पेन ...

                                               

मारिया उल्फा सैंटोसो

मारिया उल्लाह सोइबादियो सस्त्रोसतोमो - 15 अप्रैल 1988), जो कि अपने पहले विवाहित नाम मारिया उल्फा सेंटोसो से जानी जाती थीं, एक इंडोनेशियाई महिला अधिकार कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थीं। वह पहली इंडोनेशियाई महिला थीं, जिन्होंने कानून की उपाधि प्राप्त क ...

                                               

मार्शल मैक्लुहान

मार्शल मैक्लुहान एक कनाडाई प्रोफेसर, दार्शनिक और बौद्धिक थे। उनका काम मीडिया अध्ययन के मुख्य स्तंभों में से एक के रूप में देखा जाता है, साथ ही विज्ञापन और टेलीविजन उद्योगों में व्यावहारिक तरीके से उपयोग में भी आता है। वे वाक्यांश "ग्लोबल विलेज" क ...

                                               

राजिंदर सिंह स्पैरो

राजिंदर सिंह एक भारतीय सेना प्रमुख जनरल और द्वितीय लोकसभा के सदस्य थे। सेना में उनका उपनाम स्पैरो पड़ा था। उन्होंने भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में 3 अक्टूबर 1932 से 31 जनवरी 1938 तक कार्य किया। बाद में वे भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में शाम ...

                                               

राधामोहन गडनायक

राधामोहन गडनायक ओड़िया भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह सूर्य ओ अंधकार के लिये उन्हें सन् 1975 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

रामगोपाल माहेश्वरी

रामगोपाल माहेश्वरी प्रमुख हिंदी दैनिक नवभारत के संस्थापक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने हिंदी भाषा के संवर्धन के लिए अथक प्रयास किया। उन्हें मध्य और पश्चिमी भारत में पत्रकारिता के भीष्म पितामह के रूप में जाना जाता था। रामगोपाल माहेश्व ...

                                               

लाला अमरनाथ

लाला अमरनाथ या नानिक अमरनाथ भारत के क्रिकेट के खिलाड़ी थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से पहला शतक जमाया था। वे भारत के पहले आलराउंडर थे जिन्होंने बल्ले के अलावा गेंद से भी अपने विरोधियों की नाक में दम किया। उन्हें भारत सरकार द् ...

                                               

वाटक कुरुपत नारायण मेनन

वाटक कुरुपत नारायण मेनन को शास्त्रीय नृत्य और शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६९ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये केरल से हैं।

                                               

विजय मर्चेंट

विजय सिंह माधवजी मर्चेंट, असली नाम विजय माधव ठाकरसे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी थे। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और कभी-कभी दाएं हाथ से मध्यम गति की गेंदबाज करते थे। विजय ने बॉम्बे क्रिकेट टीम के साथ-साथ 1929 और 1951 के बीच भारत के लिए 10 टेस्ट मैच खेलें। ...

                                               

वीरेन्द्र वीर

दिल्ली, पंजाब तथा हरियाणा की पत्रकारिता में महाशय कृष्ण एवं उनके समाचार पत्र ‘दैनिक प्रताप’ का विशेष योगदान है। इन्हीं महाशय जी के घर में 15 जनवरी 1911 को वीरेन्द्र वीर का जन्म हुआ। आर्य समाज से प्रभावित परिवार होने के कारण उन्हें देश एवं धर्म के ...

                                               

वैलोप्पिली श्रीधर मेनन

वैलोप्पिळ्ळि श्रीधरमेनोन् - एक विख्यात मलयालम कवि थे। केरल के ऍर्नाकुलम् जिला में ११ मेय, १९११ में उनका जन्म हुआ था। २२ दिसंबर १९८५ को उनका देहांत हो गया। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह विदा के लिये उन्हें सन् 1971 में साहित्य अकादमी पुरस्कार स ...

                                               

अनंतराय एम. रावल

अनंतराय एम. रावल गुजराती भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक समालोचना तारतम्य के लिये उन्हें सन् 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

एस. के. त्रिमूर्ति

सोरास्त्री कर्म त्रिमूर्ति, जिन्हें एसके त्रिमुति के रूप में जाना जाता था, एक इंडोनेशियाई पत्रकार, लेखक और शिक्षक, जिन्होंने नीदरलैंड द्वारा औपनिवेशिक शासन के खिलाफ इंडोनेशियाई स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था । बाद में उन्होंने इंडोनेशिया के पह ...

                                               

का. ना. सुब्रह्मण्यम्

का. ना. सुब्रह्मण्यम् तमिल भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक समालोचना इलक्कियतुक्क ओरु इयक्कम के लिये उन्हें सन् 1986 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

किम इल-सुंग

किम इल-सुंङ १९४८ से १९९४ उत्तर कोरिया का सर्वोच्च नेता थे। १९४८ से १९७२ तक वह प्रधानमंत्री के पद पर रहे और १९७२ से १९९४ तक राष्ट्रपति के पद पर।

                                               

केशवराव कृष्णराव दाते

केशवराव कृष्णराव दाते भारत के अग्रणी हृदरोगविज्ञानी थे। वे केईएम अस्पताल मुम्बई के हृदरोग विभाग के निदेशक थे। वे अखिल भारतीय हृदय फाउण्डेशन के संस्थापक निदेशक तथा रॉयल कॉलेज ऑफ फिजीशियन्स के फेलो भी थे। उन्हें चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र में भारत सर ...

                                               

उस्ताद अमीर खान

उस्ताद अमीर खान को कला के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा, सन १९७१ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ये मध्य प्रदेश राज्य से हैं। प्रतिवर्ष इनकी स्मृति में अलाउद्दीन खान संगीत अकादमी के सहयोग से इंदौर में अमीर खां संगीत समारोह आयोजित किया जाता है।

                                               

खेतेश्वर

खेतेश्वर महाराज राजपुरोहित समाज के सन्त तथा आराध्य महात्मा थे। JAGDISH RAJPUROHIT MENGALWA श्री खेतेश्वर दाता का जीवन परिचय नाम: श्री खेतारामजी उदेच राजपुरोहित ब्रह्म अंश अवतार पिता: श्री शेरसिंह जी राजपुरोहित माता: श्रीमती सणगारी देवी जन्म: 22 अ ...

                                               

जगन्नाथ प्रसाद चौबे वनमाली

जगन्नाथ प्रसाद चौबे वनमाली हिन्दी साहित्यकार थे। वे चालीस से साठ के दशक के बीच हिंदी के कथा जगत के एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर थे। उन्होंने करीब सौ से ऊपर कहानियाँ, व्यंग्य लेख एवं निबंध लिखे। 1934 में उनकी पहली कहानी "जिल्दसाज" कलकत्ते से निकलने वाल ...

                                               

डेविड पैकर्ड

डेविड पैकर्ड एक अमेरिकी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और विलियम हेवलेट के साथ, हैवलेट-पैकर्ड के सह-संस्थापक थे। वे HP के अध्यक्ष, CEO, और बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में सेवारत थे। उन्होंने निक्सन प्रशासन के दौरान 1969 से 1971 तक अमेरिकी रक्षा उप सचिव के रूप ...

                                               

तकजि शिवशंकर पिल्लै

तकाजी शिवशंकरा पिल्लै मलयालम भाषा के विख्यात साहित्यकार थे। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास चेम्मीन के लिये उन्हें सन् १९५७ में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। १९८४ में उन्हे ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1950 में उनकी मां और ...

                                               

दुर्गाचरण महान्ति

दुर्गाचरण महान्ति ओडिशा, कोणार्क, पूरी जिले गोप थाने के अंतर्गत बीरतुंग ग्राम में १९१२ की कार्तिक त्रयोदशी तिथि में जन्म ग्रहण केए थे | उनके द्वारा लिखित भगवान् शंकराचार्य पुस्तक को ओडिशा साहित्य अकादमी की और से, १९५७-५८, में प्रथम पुरस्कार प्राप ...

                                               

नागराज नागप्पा

नागराज नागप्पा भारत के प्रसिद्ध हिन्दीसेवी थे। गाँधीजी के आह्वान पर उन्होने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय आकर हिन्दी सीखी और दक्षिण भारत में इसका प्रचार-प्रसार किया। उन्हें हिन्दी नागप्पा के नाम से जाना जाता है। उनकी सेवाओं के लिये केन्द्रीय हिन्दी स ...

                                               

नित्यांनद महापात्र

नित्यांनद महापात्र ओड़िया भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास घरडीह के लिये उन्हें सन् 1987 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

पैट्रिक व्हाइट

पैट्रिक विक्टर मार्टिनडेल व्हाइट इंग्लैंड में जन्मे ऑस्ट्रेलियाई लेखक थे, जिन्हें व्यापक रूप से 20वी सदी के अंग्रेजी भाषा के सबसे महत्वपूर्ण उपन्यासकारों में से एक माना जाता है। 1935 से लेकर अपनी मृत्यु तक इन्होंने कुल 12 उपन्यास, दो छोटी कहानी स ...

                                               

बनारसी दास

बाबू बनारसी दास का जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के बुलंदशहर जिले में सन् 1912 में हुआ था। वे 28 फरवरी 1979 से 17 फरवरी 1980 तक उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री का पद पर आसीन रहे थे।

                                               

बासप्पा दनप्पा जत्ती

बी डी जत्ती भारत के उपराष्ट्रपति थे। उनका कार्यकाल ३१ अगस्त १९७४ से ३० अगस्त १९७९ तक पाच सालोंका रहा। १९७७ में राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद के निधन के बाद छह माह तक जत्ती भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति थे। ७ जून २००२ को बंगलोर में उनकि मृत्यु हो ...

                                               

बिमल मित्र

विमल मित्र ख्यात बांग्ला लेखक व उपन्यासकार थे। विमल ने सन्‌ 1938 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से बांग्ला साहित्य में एम.ए. की उपाधि ली और रेलवे में विभिन्न पदों पर नौकरी की। जून 1956 में डिप्टी चीफ कंट्रोलर के पद से इस्तीफा दे दिया और स्वतंत्र लेखन ...

                                               

बी॰ नागि रेड्डी

बी॰ नागि रेड्डी तेलुगू, तमिल एवं हिन्दी सिनेमा के निर्माता एवं निर्देशक थे। उनका पूरा नाम बोम्मिरेड्डी नागि रेड्डी था। इन्होंने चेन्नई में विजय वाहिनी स्टूडियो की स्थापना की थी, जो अपने समय में एशिया का सबसे बड़ा स्टूडियो माना जाता था। इनके बड़े ...

                                               

मात्रिका प्रसाद कोइराला

मात्रिका प्रसाद कोइराला वा मातृका प्रसाद कोईराला एक नेपाल के प्रधानमंत्री थे, ये दो बार प्रधानमंत्री पद पर रहे थे जो और १५ जून १९५३ से १४ अप्रैल १९५५) तक नेपाल के प्रधानमंत्री रह चूके है। इनका निधन १९९७ को नेपाल के विराटनगर में हुआ था।

                                               

मीराजी

मीराजी: में पैदा हुए. उनका नाम मुहम्मद सनाउल्ला सनी दार, मीराजी के नाम से मशहूर हुए. उर्दू के अक प्रसिद्द शायर माने जाते हैं. वह केवल बोहेमियन के जीवन में रहते थे, केवल अंतःक्रियात्मक रूप से काम करते थे।

                                               

मु. वरदराजन

मु. वरदराजन तमिल भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास अगल विळक्कु के लिये उन्हें सन् 1961 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

राजेंद्र नारायण सिंह देव

राजेंद्र नारायण सिंह देव के राजनीतिज्ञ थे। वो १९५० से १९६२ तक गणतंत्र परिषद् राजनैतिक दल के अध्यक्ष थे। १९६२ में गणतंत्र परिषद् का विलय समाजवादी पार्टी में हो गया और वो समाजवादी पार्टी की ओडिशा शाखा के अध्यक्ष बने। १९६७ से १९७१ तक वो ओडिशा के मुख ...

                                               

रामविलास शर्मा

डॉ॰ रामविलास शर्मा आधुनिक हिन्दी साहित्य के सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि थे। व्यवसाय से अंग्रेजी के प्रोफेसर, दिल से हिन्दी के प्रकांड पंडित और महान विचारक, ऋग्वेद और मार्क्स के अध्येता, कवि, आलोचक, इतिहासवेत्ता, भाषाविद, राजनीति-वि ...

                                               

विष्णु प्रभाकर

विष्णु प्रभाकर हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक थे जिन्होने अनेकों लघु कथाएँ, उपन्यास, नाटक तथा यात्रा संस्मरण लिखे। उनकी कृतियों में देशप्रेम, राष्ट्रवाद, तथा सामाजिक विकास मुख्य भाव हैं।

                                               

सआदत हसन मंटो

सआदत हसन मंटो उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं, बू, खोल दो, ठंडा गोश्त और चर्चित टोबा टेकसिंह के लिए प्रसिद्ध हुए। कहानीकार होने के साथ-साथ वे फिल्म और रेडिया पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे। अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने बाइस लघु कथा संग्रह, एक ...

                                               

सरस्वती गोरा

सरस्वती गोरा एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता थी। कई सालों तक नास्तिक केंद्र के नेता के रूप में उल्लेखनीय काम किये हैं, उन्होंने अस्पृश्यता और जाति व्यवस्था के खिलाफ प्रचार किया हैं। उनका जन्म २८ सितम्बर १९१२ आंध्र प्रदेश में विजयनगरम में हुआ था। वह ...

                                               

सी. एस. चेल्लप्पा

सी. एस. चेल्लप्पा तमिल भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास सुतंतिर दाकम के लिये उन्हें सन् 2001 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

सीताराम लालस

सीताराम लालस भारत के प्रख्यात कोशकर्मी तथा भाषाविज्ञानी थे। उन्होने राजस्थानी का पहला शब्दकोश निर्मित किया जिसका नाम राजस्थानी शब्दकोश हैं। उन्होने राजस्थानी-हिन्दी वृहद कोश की भी रचना की। जोधपुर के मूलनिवासी। एनसाइक्लोपीडिया ऑफ ब्रिटेनिका ने सीत ...

                                               

हयातुल्लाह अंसारी

हयातुल्लाह अंसारी उर्दू भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास लहू के फूल के लिये उन्हें सन् 1970 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

                                               

चौधरी दिगम्बर सिंह

चौधरी दिगम्बर सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी थे और मथुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार तथा एटा से एकबार लोकसभा के सांसद रहे। इन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। किसानों की भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन का सबसे पहला प्रयास ...