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रेडियोजैविकी

रेडियोजैविकी आयुर्विज्ञान की एक शाखा है जिसमें जीवों के ऊपर आयनकारी विकिरण के प्रभाव का अध्ययन करा जाता है। आयनकारी विकिरण जीवों की कोशिकाओं और ऊतकों पर बहुत हानिकारक या जानलेवा प्रभाव रखती हैं लेकिन कुछ सन्दर्भों में उनकी सीमित मात्रा से चिकित्स ...

                                               

अनुरूप एलेक्ट्रॉनिकी

अनुरूप एलेक्ट्रॉनिकी के अन्तर्गत वे एलेक्ट्रानिक प्रणालियाँ आतिं हैं जिनमें पाये जाने वाले संकेत क्रमश: या सतत बदलते हैं । इसके विपरीत आंकिक एलेक्ट्रॉनिकी में पाये जाने वाले संकेत केवल द्विस्तरीय होते हैं - शून्य या एक। एलेक्ट्रानिकी के आरम्भिक द ...

                                               

अर्धचालक डायोड

डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्टर में होल कि अधिकता रहती है और N टाइप सेमीकंडक्टर में एलेक्ट्रोंस की। हमें ये भी पता है क ...

                                               

अर्धचालक युक्ति

अर्धचालक युक्तियाँ उन एलेक्ट्रानिक अवयवों को कहते हैं जो अर्धचालक पदार्थों के गुण-धर्मों का उपयोग करके बनाये जाते हैं। सिलिकॉन, जर्मेनियम और गैलिअम आर्सेनाइड मुख्य अर्धचालक पदार्थ हैं। अधिकांश अनुप्रयोगों में अब उन सभी स्थानों पर अर्धचालक युक्तिय ...

                                               

अवक्षय क्षेत्र

डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्टर में होल कि अधिकता रहती है और N टाइप सेमीकंडक्टर में एलेक्ट्रोंस की. हमें ये भी पता है क ...

                                               

इलेक्ट्रॉनिक इंजिनीयरी का इतिहास

इलेक्ट्रॉनिकी का आधुनिक रूप रेडियो एवं दूरदर्शन के विकास के रूप में सामने आया। साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध में प्रयुक्त रक्षा उपकरणों एवं रक्षा-तन्त्रों से भी इसका महत्व उभरकर सामने आया। किन्तु इलेक्ट्रॉनिकी की नीव बहुत पहले ही रखी जा चुकी थी। इले ...

                                               

इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर

एलेक्ट्रॉनिक निस्यन्दक या इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर ऐसे परिपथों को कहते हैं जो, संकेत प्रसंस्करण का काम करते हैं। ये विद्युत संकेतकों में से अवांछित आवृत्ति वाले अवयवों को कम करते हैं; वांछित आवृत्ति वाले अवयवों को बढ़ाते हैं; या ये दोनो ही कार्य करते ...

                                               

अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी

अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी या डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स की एक शाखा है जिसमें विद्युत संकेत अंकीय होते हैं। अंकीय संकेत बहुत तरह के हो सकते हैं किन्तु बाइनरी डिजिटल संकेत सबसे अधिक उपयोग में आते हैं। शून्य/एक, ऑन/ऑफ, हाँ/नहीं, लो/हाई आदि बाइनर ...

                                               

इलैक्ट्रॉनिक्स

विज्ञान के अन्तर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स या इलेक्ट्रॉनिकी विज्ञान और प्रौद्योगिकी का वह क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार के माध्यमों से होकर आवेश के प्रवाह एवं उन पर आधारित युक्तिओं का अध्ययन करता है। प्रौद्योगिकी के रूप में इलेक्ट्रॉनिकी वह क्षेत्र है जो ...

                                               

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स या गृह इलेक्ट्रॉनिक्स दैनिक प्रयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएँ होती हैं जो विशेष रूप से निजी घरों में इस्तेमाल होती हैं। इनमें टेलिविज़न जैसी मनोरंजन के लिए, दूरभाष जैसी संचार के लिए और संगणक जैसी कार्यों के लिए प्रय ...

                                               

एकीकृत परिपथ

एलेक्ट्रॉनिकी में एकीकृत परिपथ या एकीपरि) को सूक्ष्मपरिपथ, सूक्ष्मचिप, सिलिकॉन चिप, या केवल चिप के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अर्धचालक पदार्थ के अन्दर बना हुआ एलेक्ट्रॉनिक परिपथ ही होता है जिसमें प्रतिरोध, संधारित्र आदि पैसिव कम्पोनेन्ट के अला ...

                                               

एन-प्रकार अर्धचालक

जब हम प्योर सेमीकंडक्टर में पेंटावलेंट इम्पुरिटी मिलते है तो सेमीकंडक्टर के बाहरी ऑर्बिट के चार एलेक्ट्रोंस इम्पुरिटी के चार एलेक्ट्रोंस के साथ बोंड बना लेता है। इसके बाहरी ऑर्बिट में आठ एलेक्ट्रोंस पुरे होने के बाद भी इसके पास एक एलेक्ट्रोन बच ज ...

                                               

ऐविओनिकी

ऐविओनिकी शब्द का अर्थ है उड़ान में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स| इसमें मुख्यतः संचार, नेविगेशन, नियंत्रण और डिजिटल प्रदर्शन से सम्बंधित हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर का निर्माण और संचालन सम्मिलित होता है|

                                               

ओममापी

ओममापी एक वैद्युत उपकरण जो प्रतिरोध मापने के काम आता है। वे ओममापी जो अत्यन्त कम प्रतिरोध को मापने के हिसाब से डिजाइन किये गये होते हैं उन्हें माइक्रोओममापी कहते हैं। इसी प्रकार बहुत अधिक प्रतिरोध के मापन के लिये मेगोममापी का उपयोग किया जाता है ज ...

                                               

ट्रांजिस्टर

ट्रान्जिस्टर एक अर्धचालक युक्ति है जिसे मुख्यतः प्रवर्धक तथा इलेक्त्रॉनिक स्विच के रूप में प्रयोग किया जाता है। कुछ लोग इसे बीसवीं शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण खोज मानते हैं। ट्रान्जिस्टर का उपयोग अनेक प्रकार से होता है। इसे प्रवर्धक, स्विच, वोल्टे ...

                                               

डोपिगं

जैसा की हम जानते हैं कि सेमीकंडक्टर को हम चालक या अर्धचालक किसी भी रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन शुद्ध रूप में एक सेमीकंडक्टर एक कुचालक के तरह काम करता है। शुद्ध रूप का मतलब है कि उसके बाहरी ऑर्बिट में पुरे चार एलेक्ट्रोंस रहते है जैसा कि आप ...

                                               

पी एन जंक्शन

डायोड एक P टाइप सेमीकंडक्टर और N टाइप सेमीकंडक्टर का जंक्शन होता है इसलिए डायोड को हम P-N जंक्शन डायोड भी कहते हैं। जैसा की हम जानते हैं कि P टाइप सेमीकंडक्टर में होल कि अधिकता रहती है और N टाइप सेमीकंडक्टर में एलेक्ट्रोंस की। हमें ये भी पता है क ...

                                               

पी-प्रकार अर्धचालक

जब हम प्योर सेमीकंडक्टर में ट्राईवलेंट इम्पुरिटी मिलते है तो सेमीकंडक्टर के बाहरी ऑर्बिट के चार एलेक्ट्रोंस इम्पुरिटी के तीन इलेक्ट्रोंस के साथ बोंड बना लेता है। जैसा कि हम जानते हैं कि कोई भी परमाणु अपने बहरी ऑर्बिट में आठ एलेक्ट्रोन पूरा करना च ...

                                               

प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड

एलेक्ट्रॉनिकी के सन्दर्भ में मुद्रित परिपथ बोर्ड या प्रिन्टेड सर्किट बोर्ड या पीसीबी एक विद्युत अवयव है जो एलेक्ट्रानिक अवयवों को आधार/आश्रय प्रदान करने के लिये तथा इन्हें आपस में सुचालक मार्गों के माध्यम से जोड़ने के लिये उपयोग में लाया जाता है। ...

                                               

फ्लिप-फ्लॉप

एलेक्ट्रॉनिकी में द्विमानित्र एक अंकीय परिपथ है जिसका निर्गम दो स्थाई अवस्थाओं में से किसी एक में बना रहता है में कुछ न किया जाय)। इसे लैच भी कहते हैं। इस परिपथ में एक या एक से अधिक निवेश होते हैं जिन पर संकेत का उचित परिवर्तन करके निर्गम के अवस् ...

                                               

माइक्रोकंट्रोलर

माइक्रोकन्ट्रोलर एक आइ॰ सी॰ है जिसमें पूरा कम्प्यूटर समाहित होता है; अर्थात् एक ही आई॰ सी॰ के अन्दर कम्प्यूटर के चारों भाग निर्मित होते हैं। वस्तुतः यह भी एक प्रकार का माइक्रोप्रोसेसर ही है किन्तु इसकी डिजाइन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है ...

                                               

माइक्रोप्रोसेसर

माइक्रोप्रोसेसर एक ऐसा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जिसमें लाखों ट्रांजिस्टरों को एकीकृत परिपथ के रूप में प्रयोग कर तैयार किया जाता है। इससे कंप्यूटर के केन्द्रीय प्रक्रमण इकाई की तरह भी काम लिया जाता है। इंटीग्रेटेड सर्किट के आविष्कार से ही आगे ...

                                               

विद्युत संकेत

संचार, संकेत प्रसंस्करण और सामान्य रूप से विद्युत इंजीनियरी के सन्दर्भ में समय के साथ परिवर्तनशील या अवकाश के साथ परिवर्तनशील कोई भी राशि संकेत कहलाती है। उदाहरण के लिये किसी तापयुग्म से प्राप्त वोल्टता एक संकेत है जो तापमान की सूचना देती है।

                                               

वोल्टता नियंत्रक

वोल्टता नियंत्रक वह एलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जो स्वत: वोल्टता को एक निश्चित मान के पास बनाकर रखती है। यह प्रत्यावर्ती वोल्तता के नियंत्रण के लिये बनायी जा सकती है या दिष्ट वोल्टता के लिये। इसमें विद्युतयांत्रिक युक्तियाँ लगी होतीं हैं; या ये आधुनिक ...

                                               

श्रव्य प्रवर्धक

ऐसे एलेक्ट्रानिक प्रवर्धक को श्रव्य प्रवर्धक या आडियो एम्प्लिफायर कहते हैं जो कम शक्ति के श्रव्य संकेतों का प्रवर्धन कर सकें। श्रव्य-आवृत्‍ति शक्ति प्रवर्धक वह एलेक्ट्रॉनिक प्रवर्धक है जो कम शक्ति के श्रव्य आवृत्ति वाले विद्युत संकेतों को प्रवर्ध ...

                                               

संकर एकीकृत परिपथ

अलग-अलग एलेक्ट्रॉनिक अवयवों को किसी उपयुक्त आधापर जोडकर निर्मित लघु आकार के परिपथ को संकर एकीकृत परिपथ कहते हैं। संकर परिपथों को प्रायः ऊपर से एपॉक्सी से ढक दिया जाता है। संकर एकीकृत परिपथ, सामान्य एकीकृत परिपथ जैसे ही उपयोग किये जाते हैं - अर्था ...

                                               

संकेत प्रसंस्करण

यद्यपि संकेत गैर-विद्युत प्रकृति के भी हो सकते हैं किन्तु अधिकांश संकेत विद्युत संकेत होते हैं या उन्हें संवेदक, संसूचक या परिवर्तक की मदद से विद्युत स्वरूप में बदल दिया जाता है। इसके बाद विद्युत संकेतों को अधिक उपयोगी बनाने के लिये उन्हें अनेक प ...

                                               

संधारित्र

संधारित्र या कैपेसिटर, विद्युत परिपथ में प्रयुक्त होने वाला दो सिरों वाला एक प्रमुख अवयव है। यदि दो या दो से अधिक चालकों को एक विद्युत्रोधी माध्यम द्वारा अलग करके समीप रखा जाए, तो यह व्यवस्था संधारित्र कहलाती है। इन चालकों पर बराबर तथा विपरीत आवे ...

                                               

संस्थिति (विद्युत परिपथ)

किसी विद्युत परिपथ के अवयव जिस रूप में परस्पर परस्पर जुड़े होते हैं उसे संस्थिति कहते हैं। इसमें अवयवों के अलग-अलग मान होने से टोपोलोजी नहीं बदलती बल्कि इसका सम्बन्ध केवल इस बात से है कि अवयवों के बीच में कौन से कनेक्सन हैं। एक ही टोपोलोजी होने क ...

                                               

स्पंद-विस्तार मॉडुलन

स्पंद-विस्तार मॉडुलन विद्युत-शक्ति के प्रवाह के नियन्त्रण की वह विधि है जिसमें किसी स्विच के चालू रहने का समय को कम या अधिक करके आउटपुट होने वाली विद्युत को नियन्त्रित किया जाता है। अर्थात इस विधि में स्विच को न तो पूरे समय ऑन रखा जाता है न पूरे ...

                                               

शैक्षिक प्रौद्योगिकी

शैक्षिक प्रौद्योगिकी उचित तकनीकी प्रक्रियाओं और संसाधनों के सृजन, उपयोग तथा प्रबंधन के द्वारा अधिगम और कार्य प्रदर्शन सुधार के अध्ययन और नैतिक अभ्यास को कहते हैं। शैक्षिक प्रौद्योगिकी शब्द के साथ प्रायः अनुदेशात्मक सिद्धांत तथा अधिगम सिद्धांत संब ...

                                               

पर्यावरण अभियांत्रिकी

इसे जीओइंजीनियरिंग, संकल्पित जलवायु परिवर्तन, के साथ भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए. पर्यावरण इंजीनियरिंग पर्यावरण में सुधार करने, मानव निवास और अन्य जीवों के लिए स्वच्छ जल, वायु और ज़मीन प्रदान करने और प्रदूषित स्थानों को सुधारने के लिए विज्ञान और ...

                                               

अनुप्रयुक्त विज्ञान

विज्ञान की वे शाखायें जो पहले से विद्यमान वैज्ञानिक ज्ञान का का उपयोग और अधिक व्यावहारिक कार्यों के सम्पादन के लिये करतीं हैं, उन्हें अनुप्रयुक्त विज्ञान कहते हैं। शुद्ध विज्ञान, अनुप्रयुक्त विज्ञान का उल्टा है जो प्रकृति की परिघटनाओं की व्याख्या ...

                                               

अन्वेषणों की समय-रेखा

1.4 Ma: Knife in Ethiopia 2.4 Ma BP: Olduwan - struck stone tools, in East Africa 500 ka: Shelter construction 1 Ma: Controlled fire and sterilization of food and water cooking in East Africa 1.65 Ma: Acheulean - struck and reworked stone tools, ...

                                               

आविष्कारक

आविष्कारक उस व्यक्ति को कहते हैं जो कोई नया यन्त्र बनाए; कोई नया सिद्धान्त दे; किसी कार्य को करने की कोई नयी विधि या प्रक्रम निकाले; या किसी भौतिक घटना की खोज करे। पेटेन्ट प्रदान करने का काम आविष्कार या अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिये ही बना ...

                                               

उदीयमान तकनीकों की सूची

नीचे कुछ उदीयमान प्रौद्योगिकी की सूची दी गयी है। उदीयमान तकनीकें, नवीन तकनीकें होती हैं; इनमें तकनीकी जगत में उथल-पुथल मचाने की क्षमता होती है - ये पहले से जड़ जमायी तकनीकों को पिछाड सकती हैं। उदाहरण के लिये सूचना प्रौद्योगिकी ऐसी ही एक तकनीकी है ...

                                               

औषधि एवं स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी का इतिहास

300 BC - Charaka writes the Ayurvedic text Charaka Samhita which uses a rational approach to the causes and cure of disease and uses objective methods of clinical examination. 220 - Zhang Zhongjing publishes Shang Han Lun On Cold Disease Damage, ...

                                               

कार्दाशेव मापनी

कार्दाशेव मापनी किसी सभ्यता के प्रौद्योगिकीय विकास के स्तर को मापने की एक विधि है। इसमें सभ्यता द्वारा संचार के लिये उपयोग में ली जाने वाली ऊर्जा को आधार के रूप में लिया जाता है। इस आधापर सभ्यताओं की तीन श्रेणीया बतायी गयी हैं- श्रेणी-१, श्रेणी-२ ...

                                               

क्रांजबर्ग के प्रौद्योगिकी के नियम

मेलिन क्रांजबर्ग ने छ: "प्रौद्योगिकी के नियम" प्रतिपादित किये हैं जो निम्नवत् हैं- प्रथम - प्रौद्योगिकी न अच्छा है, न बुरा और न ही तटस्थ neutral। द्वितीय - अनुसंधान, आवश्यकता की जननी है। तृतीय - प्रौद्योगिकी छोटे-बड़े पैकेजों के रूप में आती है। च ...

                                               

ग्रामीण प्रौद्योगिकी

ग्रामीण प्रौद्योगिकी उन प्रौद्योगिकियों को कहते हैं, जिनका संबंध मुख्यतः ग्रामीण जनता से होता है। गाँवों के लिए उपयोगी प्रौद्योगिकियों की सूची बहुत बड़ी है जिसमें से कुछ ये हैं- टिकाऊ जैविक खेती, जल संसाधन का प्रबन्धन, कृषि पर आधारित ग्रामीण सूक् ...

                                               

डिज़ाइन

अभिकल्प या डिजाइन शब्द का उपयोग प्रयुक्त कलाओं, अभियांत्रिकी, वास्तुशिल्प एवं इसी तरह के अन्य सृजनात्मक कार्यों एवं क्षेत्रों में किया जाता है। इसे क्रिया के रूप में एवं संज्ञा के रूप में प्रयोग किया जाता है। क्रिया के रूप में डिजाइन का अर्थ उस प ...

                                               

तन्त्र अभियान्त्रिकी

तन्त्रीय अभियान्त्रिकी या तंत्रीय प्रौद्योगिकी या सिस्टम्स इंजिनीयरिंग प्रौद्योगिकी का एक ऐसा क्षेत्र है जो ज्ञान की अलग-अलग विधाओं को परस्पर जोड़ता है। जटिल कृत्रिम तंत्रों के विकास एवं समन्वय के लिये इसकी आवश्यकता होती है।

                                               

धातुकर्म

धातुकर्म पदार्थ विज्ञान और पदार्थ अभियांत्रिकी का एक क्षेत्र है, जिसके अंतर्गत धातुओं, उनसे बनी मिश्रधातुओं और अंतर्धात्विक यौगिकों के भौतिक और रासायनिक गुणों का अध्ययन किया जाता है।

                                               

नवाचार का विसरण

नवाचार का विसरण एक सिद्धान्त है जो इस बात की व्याख्या करने का प्रयत्न करता है कि नये विचारों तथा नयी प्रौद्योगिकी का प्रसार कैसे, क्यों और किस गति से होता है? एवरेट रोजर्स ने इस सिद्धान्त को डिफ्यूजन ऑफ इन्नोवेशन्स नामक अपनी पुस्तक के द्वारा प्रस ...

                                               

निर्माण

वास्तुकला और सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में निर्माण एक प्रक्रिया है, जिसमें निर्माण या बुनियादी सुविधाओंका एकत्रीकरण किया जाता है। एकल गतिविधि से दूर, बड़े पैमाने पर निर्माण का अर्थ कई तरह के कार्य पूरे करना है। सामान्य रूप से काम का प्रबंध प ...

                                               

नौइंजीनियरी

नौइंजीनियरी प्रौद्योगिकी की वह शाखा है जिसमें समुद्री जहाजों एवं अन्य मशीनों के डिजाइन एवं निर्माण में विशिष्टि प्रदान की जाती है। इसके अलावा किसी जलयान पर नियुक्त उन व्यक्तियों को भी नौइंजीनियर कहा जाता है जो उस जहाज को चलाने एवं रखरखाव के लिये ...

                                               

पर्यावरण प्रौद्योगिकी

पर्यावरण प्रौद्योगिकी या हरित प्रौद्योगिकी या स्वच्छ प्रौद्योगिकी प्राकृतिक पर्यावरण और संसधानों के संरक्षण और मानव हस्तक्षेप के फलस्वरूप हुए नकारात्मक प्रभावों को रोकने हेतु पर्यावरणीय विज्ञान का एक अनुप्रयोग है। सतत विकास ही पर्यावरणीय प्रौद्यो ...

                                               

प्रौद्योगिकी का प्रभाव

आगे बढते रहने के लिये प्रौद्योगिकी बहुत ही महत्वपूर्ण है। आज कल प्रगमन बढवार, विकास और लगातार सुधार का अर्थ है। यदि समाज और मनुष्य को एक समान एक परत से किसी वरिष्ठ परत की ओर चलना है तो प्रौद्योगिकी का उपयोग करना बहुत ही ज़रूरी है। मानव हमेशा अपने ...

                                               

प्रौद्योगिकी के सिद्धान्त

प्रौद्योगिकी के सिद्धान्त से आशय उन सिद्धान्तों से है जो प्रौद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देने वाले कारकों की तथा समाज एवं संस्कृति पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव की व्याख्या करते हैं। वर्तमान समय के अधिकांश प्रौद्योगिकी सिद्धान्त पहले के दो प्रचलित सिद्ध ...

                                               

प्रौद्योगिकी प्रबन्धन

प्रौद्योगिकी प्रबन्धन से आशय प्रबन्धन के उन विधाओं और कार्यों से है जिनकी सहायता से संगठन अपने प्रौद्योगिकी-सम्बन्धी आधारभूत बातों का प्रबन्धन करते हैं ताकि अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बढ़क बनाए रख सकें। प्रौद्योगिकी के प्रबन्धन के लिए उपयो ...