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संगठन

संगठन वह सामाजिक व्यवस्था या युक्ति है जिसका लक्ष्य एक होता है, जो अपने कार्यों की समीक्षा करते हुए स्वयं का नियन्त्रण करती है, तथा अपने पर्यावरण से जिसकी अलग सीमा होती है। संगठन तरह-तरह के हो सकते हैं - सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, सैनिक, व्यावसाय ...

                                               

संगठन सिद्धान्त

संगठन सिद्धान्त के अन्तर्गत राष्ट्रीय सामाजिक संगठन एक स्वयं सेवी एवं सामुदायिक संगठन है।जो की समाजशास्त्रीय अध्ययन किया जाता है। संगठन तथा मानव सेवा प्रकृत निर्मित प्राणियों की सेवा ही परम कर्तव्य है राष्ट्रीय सामाजिक संगठन की कार्य सम्पूर्ण भार ...

                                               

संगठनात्मक व्यवहार

संगठन व्यवहार संगठनों के अन्तर्गत ‘मानवीय व्यवहार‘ का अध्ययन है। सामान्य शब्दों में संगठनात्मक व्यवहार से तात्पर्य संगठन में कार्यरत व्यक्तियों के व्यवहार के अध्ययन से है। संगठनात्मक व्यवहार में अध्ययन किया जाता है कि व्यक्ति संगठन मे ‘क्या‘ तथा ...

                                               

संगठनात्मक संरचना

संगठनात्मक संरचना, संगठन का एक महत्वपूर्ण पक्ष है जो यह परिभाषित करती है कि संगठन में कार्यों का आबंटन, समन्वय, पर्यवेक्षण आदि सही तरह से हों ताकि यह संगठन के लक्ष्यों की पूर्ति में सहायक हों। संगठनों की संरचना ऐसी होनी चाहिए कि कार्यों में दक्षत ...

                                               

संघ लोक सेवा आयोग

संघ लोक सेवा आयोग -यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन), भारत के संविधान द्वारा स्थापित एक संवैधानिक निकाय है जो भारत सरकार के लोकसेवा के पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का संचालन करती है। संविधान के भाग-14 के अंतर्गत अनुच्छेद 315-323 में एक संघ ...

                                               

संयुक्त राष्ट्र महासभा

संयुक्त राष्ट्र महासभा, संयुक्त राष्ट्र के छः अंगों में से एक हैं और यहीं केवल सर्वांगीण संस्था है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के समस्त सदस्य राष्ट्रों का सम प्रतिनिधित्व है। महासभा संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र के अंतर्गत आनेवाले समस्त विषयों पर तथा ...

                                               

संयुक्त रोजगार परीक्षा

संयुक्त रोजगार परीक्षा - जॉइंट एम्प्लॉयमेंट टेस्ट) व्यापाऔर वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार अंतर्गत स्वायत्त संस्थान द्वारा संचालित एक प्रतियोगी परीक्षा हैं, जिसके माध्यम से तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों के सामानांतर जैसे लेखपाल, लिपिक कर्मचारी इत ...

                                               

सर्व सेवा संघ

सर्व सेवा संघ महात्मा गाँधी द्वारा या उनकी प्रेरणा से स्थापित रचनात्मक संस्थाओं तथा संघों का मिलाजुला संगठन है, जो उनके बलिदान के बाद आचार्य विनोबा भावे के मार्गदर्शन में अप्रैल 1948 में गठित किया गया। संशोधित नियमों के सन्दर्भ में यह देशभर में फ ...

                                               

सहकार

अनेक व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा किसी समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिये मिलकर प्रयास करना सहकार कहलाता है। समान उद्देश्य की पूर्ति के लिये अनेक व्यक्तियों या संस्थाओं की सम्मिलित संस्था को सहकारी संस्था कहते हैं।

                                               

सहयोग

सहयोग का अर्थ दो या अधिक व्यक्तियों या संस्थाओं का मिलकर काम करना है। सहयोग की प्रक्रिया में ज्ञान का बारंबार तथा सभी दिशाओं में आदान-प्रदान होता है। यह एक समान लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में उठाया गया बुद्धि विषयक कार्य है। यह जरूरी नहीं है कि स ...

                                               

सोपानिक संगठन

सोपानिक संगठन उस संगठन को कहते हैं जिसकी संरचना इस प्रकार हो कि केवल एक ब्यक्ति को छोड़कर शेष सभी किसी न किसी के अधीन हों। सोपान का अर्थ सीढ़ी है। अधिकांश बड़े संगठन सोपानिक ही होते हैं।

                                               

स्टॉपसेलक्लब

एक स्टॉपसेलक्लब एक सामाजिक क्लब है, जिसके सदस्य हमेशा उनके साथ एक प्लग लेना चाहते हैं जब भी इस तरह के एक क्लब के दो सदस्य मिलते हैं, तो उनमें से प्रत्येक मांग कर सकता है कि दूसरे को अपना प्लग दिखाना होगा। एक सदस्य जो प्लग को नहीं दिखा सकता, उदाहर ...

                                               

स्वदेशी जागरण मंच

स्वदेशी जागरण मंच, का एक आर्थिक संगठन है जो स्वदेशी उद्योगों एवं संस्कृति के विकास के लिये जनता में जागरूकता पैदा करता है। इसकी पहचान संघ परिवार के एक घटक के रूप में है।

                                               

हरिजन सेवक संघ

पाठ=|अंगूठाकार|हरिजन सेवक संघ हरिजन सेवक संघ की स्थापना 30 सितम्बर 1932 को एक अखिल भारतीय संगठन के रूप में हुई थी। पहले इस संगठन का नाम अस्पृश्यता निवारण संघ रखा गया था, जिसे 13 सितम्बर 1933 को हरिजन सेवक संघ नाम दिया गया| इसके प्रथम अध्यक्ष प्रस ...

                                               

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग हरियाणा सरकार के अंतर्गत एक संगठन है, जो हरियाणा सरकाऔर अधीनस्थ कार्यालयोंके विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों के लिए कर्मचारियों की भर्ती करता है।

                                               

संधारणीयता

संधारणीयता का अर्थ पारिस्थितिकी विज्ञान में होता है कि कोई जैविक तंत्र कैसे विविधता बनाये रखते हुए लंबे समय तक उत्पादन करता रह सकता है। दीर्घ अवधि से क्रियाशील और जैविक रूप से स्वस्थ आर्द्रभूमियाँ और वन इसके प्रमुख उदाहरण हैं। सामान्य अर्थों में ...

                                               

कृषि पारिस्थितिकी

कृषि पारिस्थितिकी कृषि उत्पादन प्रणालियों से सम्बन्धित पर्यावरणीय प्रक्रियाओं के व्यवस्थित अध्ययन को कहते हैं। इसमें खेती से होने वाली पर्यावरणीय हानि - चाहे वह प्रदूषण हो, या वनों व वान्य जीवन को क्षति, या अन्य कोई दुषप्रभाव - को कम करने के उपाय ...

                                               

सक्रियतावाद

सक्रियतावाद सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, या पर्यावरण परिवर्तन, या ठहराव, को बढ़ावा देने मंं बाधा, या निर्देशित करने का होता हैं। सक्रियतावाद अखबारों या राजनेता, आतंकवाद, राजनीतिक चुनाव प्रचार, इस तरह के बहिष्कार या रियायत के संरक्षण व्यवसायों, रैलि ...

                                               

अल्वा म्यर्दल

अल्वा रेइमेर म्यर्दल एक स्वीडिश समाजशास्त्री और राजनीतिज्ञ थीं। वह १९८२ में नोबेल शांति पुरस्कार मिला। इन्होंने १९२४ में गुन्नार म्यर्दल से शादी की। उप्साला में जन्मी अल्वा १९३० के दशक में पहली बार लोगों की निगाह में आईं। अल्वा ने स्वीडन कल्याणका ...

                                               

आनंद कुमार (समाजशास्त्री)

आनंद कुमार एक भारतीय समाज वैज्ञानिक, राजनीति विश्लेषक और राजनीतिज्ञ हैं। आनंद कुमार आम आदमी पार्टी के संस्‍थापक सदस्‍य हैं। आनंद कुमार दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। इन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय म ...

                                               

इमाईल दुर्खीम

डेविड इमाईल दुर्खीम फ्रांस के महान समाजशास्त्री थे। कार्ल मार्क्स तथा मैक्स वेबर के साथ वे भी आधुनिक समाज विज्ञान के मुख्य शिल्पी एवं समाजशास्त्र के जनक कहे जाते हैं।

                                               

उलरिक़ बेक

उलरिक़ बेक प्रसिद्ध जर्मन समाजशास्त्री तथा अपने जीवनकाल में सबसे अधिक उद्धृत सामाजिक वैज्ञानिकों में से एक थे। उनका कार्य आधुनिक काल में असहनीयता, अनभिज्ञता और अनिश्चितता के प्रश्नों पर केन्द्रित था। उन्होंने "रिस्क सोसाइटी" और "सेकण्ड मोडर्नीटी" ...

                                               

डेविड सी. लेन

डेविड क्रिस्टोफर लेन का जन्म 29 अप्रैल 1956 में, बर्बैंक, कैलीफोर्निया में हुआ और वे वाल्नेट, कैलीफोर्निया के माऊंट सैन एंटोनियो कालेज में दर्शनशास्त्और समाजशास्त्र के प्रोफेसर हैं। इन्हें अपनी पुस्तक द मेकिंग ऑफ अ स्पिरीचुअल मूवमेंट: द अनटोल्ड स ...

                                               

पूरनचंद जोशी

पूरनचंद जोशी भारत के एक जाने-माने समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री और हिन्दी साहित्यकार हैं। उन्होंने भारतीय समाज की समस्याओं, उसके चरित्र एवं उसकी गतिविधियों का आर्थिक दृष्टिकोण से गहन अध्ययन किया है, भारतीय समाज एवं भारतीय अर्थ-व्यवस्था के विभिन्न पह ...

                                               

बेंजामिन किड

बेंजामिन किड ब्रिटेन के समाजशास्त्री थे जिनकी सामाजिक विकास नामक पुस्तक १८९४ में बहुत प्रसिद्ध हुई। इस पुस्तक में उन्होने तर्क दिया है कि समाज एवं आधुनिक सभ्यता का विकास तर्क अथवा विज्ञान से नहीं होता बल्कि धार्मिक विश्वासों के बल से होता है।

                                               

मार्क ज्यर्गंसमेयेर

मार्क ज्यर्गंसमेयेर समाजशास्त्और वैश्विक अध्ययन के प्रोफेसर हैं, धार्मिक अध्ययन के संबद्ध प्रोफेसर हैं और कैलीफोर्निया यूनीवर्सिटी, सांता बारबरा में वैश्विक और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन केंद्र के निदेशक हैं। उनकी प्राथमिक शोध रुचि के विषय हैं धर्म, ध ...

                                               

योगेन्द्र यादव

योगेन्द्र सिंह यादव एक भारतीय सामाजिक वैज्ञानिक, चुनाव विश्लेषक हैं। योगेन्द्र दिल्ली स्थित सीएसडीएस के वरिष्ठ शोध फेलो भी रहे हैं।योगेन्द्र 2015 तक आम आदमी पार्टी के राजनीतिज्ञ रहे और जब उन्हें २०१५ में आम आदमी पार्टी से निकला गया तब उन्होंने प् ...

                                               

श्रीधर व्यंकटेश केतकर

डॉ॰ श्रीधर व्यंकटेश केतकर मराठी भाषा के प्रथम ज्ञानकोश के सुविख्यात जनक-संपादक, समाजशास्त्रज्ञ, कादंबरीकार, इतिहास-संशोधक व विचारक थे। मराठी ज्ञानकोश के महनीय कार्य के कारण उन्हें ज्ञानकोशकार केतकर नाम से जाना जाता है।

                                               

सहजानन्द सरस्वती

स्वामी सहजानन्द सरस्वती भारत के राष्ट्रवादी नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे भारत में किसान आन्दोलन के जनक थे। वे आदि शंकराचार्य सम्प्रदाय के दसनामी संन्यासी अखाड़े के दण्डी संन्यासी थे। वे एक बुद्धिजीवी, लेखक, समाज-सुधारक, क्रान्तिकारी, ...

                                               

उत्तरदायित्व

उत्तरदायित्व का निम्न अर्थ हो सकता हैं - वैयक्तिक दायित्व ज़िम्मेदाराना व्यवहार करने की स्वेच्छा - एक ज़िम्मेदार व्यक्ति कैबिनेट सामूहिक दायित्व कर्तव्य पेशेवर दायित्व वैयक्तिक मंत्रालयी दायित्व दायित्व नैतिक दायित्व माध्यम दायित्व उत्तरदायित्व ध ...

                                               

जीवन की गुणवत्ता

जीवन की गुणवत्ता व्यक्तियों और समाज की सामान्य भलाई हैं, जो जीवन के नकारात्मक और सकारात्मक विशेषताओं को दर्शाती हैं। इस में जीवन की संतुष्टि देखने को मिलती हैं, जिस में शारीरिक स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा, रोजगार, धन, धार्मिक विश्वास, वित्त और पर्य ...

                                               

अवव्याख्यावाद

दर्शनशास्त्र में अवव्याख्यावाद ऐसी विचारधारा होती है जो यह दावा करे कि किसी भी जटिल परिघटना को समझने के लिये केवल उस से सम्बधित सबसे सरल भौतिक भागों के गुणों व व्यवहारों की समझने की ही आवश्यकता है। मसलन अवव्याख्यावादी मनोवैज्ञानिक यह कहते हैं की ...

                                               

ऐक्टर-नेटवर्क सिद्धान्त

ऐक्टर-नेटवर्क सिद्धान्त) सामाजिक सिद्धान्त एवं अनुसंधान की वह विधि है जो वस्तुओं को सामाजिक नेटवर्क का भाग मानती है। नेटवर्क की अवधारणा के इर्द-गिर्द हुआ चिन्तन अभी तक प्रौद्योगिकीय और सामाजिक चिन्तन के बीच संबंध-सूत्र कायम करने की समस्या का संतो ...

                                               

प्राधिकार

प्राधिकार किसी व्यक्ति, गुट या संस्थान के किसी विषय या क्षेत्र में निर्णय लेने व निर्णायक कार्य करने की ऐसी क्षमता को कहते हैं जो किसी राज्य द्वारा प्रदान की गई हो। ऐसी स्थितियों में राज्य अपनी राजशक्ति प्राधिकारित व्यक्ति या संस्थान के निर्णयों ...

                                               

विधि

विधि किसी नियमसंहिता को कहते हैं। विधि प्रायः भलीभांति लिखी हुई संसूचकों के रूप में होती है। समाज को सम्यक ढंग से चलाने के लिये विधि अत्यन्त आवश्यक है। विधि मनुष्य का आचरण के वे सामान्य नियम होते हैं जो राज्य द्वारा स्वीकृत तथा लागू किये जाते है, ...

                                               

सर्वहित

दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्और राजनीति में सर्वहित किसी संगठन, समुदाय, राज्य, राष्ट्र या अन्य जन-समूह के सभी या अधिकांश सदस्यों की भलाई के ध्येय को कहते हैं, जिसे नागरिकता, सामूहिक प्रयास, सरकरी परियोजनाओं या अन्य विधियों द्वारा प्राप्त करने की कोशिश ...

                                               

भेदभाव

भेदभाव या विभेदन किसी व्यक्ति या अन्य चीज़ के पक्ष में या उस के विरुद्ध, उसके व्यक्तिगत गुणों-अवगुणों को न देखते हूए, उसके किसी वर्ग, श्रेणी या समूह का सदस्य होने के आधापर भेद करने की प्रक्रिया को कहते हैं। भेदभाव में अक्सर किसी व्यक्ति को केवल उ ...

                                               

महिला सशक्तीकरण

महिला सशक्तीकरण से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और कानूनी मुद्दों पर संवेदनशीलता और सरोकार व्यक्त किया जाता है। सशक्तीकरण की प्रक्रिया में समाज को पारंपरिक पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण के प्रति जागरूक किया जाता है, जिसने महिलाओं की स्थिति को सदैव क ...

                                               

गोरक्षकों द्वारा हिंसा

भारत में गोरक्षकों द्वारा गुंडागर्दी एक ज्वलंत सामजिक समस्या है | पिछले कुछ वर्षों में गोरक्षकों ने कई निर्दोष लोगों की हत्या कर दी है | २०१६ में गोरक्षकों द्वारा निर्दोष दलितों की पिटाई के बाद माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गोराक्षस ...

                                               

भ्रष्टाचार (आचरण)

सार्वजनिक जीवन में स्वीकृत मूल्यों के विरुद्ध आचरण को भ्रष्ट आचरण समझा जाता है । आम जन जीवन में इसे आर्थिक अपराधों से जोड़ा जाता है।

                                               

क्लब

क्लब दो या उस से अधिक लोगों के ऐसे सामाजिक समुदाय को कहते हैं जिसके सदस्य आपस में कोई सांझी दिलचस्पी या ध्येय रखते हैं। उदाहरण के लिये किसी क्रिकेट क्लब के सदस्य सभी क्रिकेट के खेल में रुचि रखते हैं और उस से सम्बन्धित कार्यक्रम आयोजित करते हैं। य ...

                                               

चमार

चमार भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली जाति समूह है। वर्तमान समय में यह जाति अनुसूचित जातियों की श्रेणी में आती है। यह जाति अस्पृश्यता की कुप्रथा का शिकार भी रही है। इस जाति के लोग परंपरागत रूप से चमड़े के व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। भारत में चमा ...

                                               

चांडाल

चांडाल भारत में व्यक्तियों का एक ऐसा वर्ग है, जिसे सामान्यत: जाति से बाहर तथा अछूत माना जाता है। यह एक प्राचीन अन्त्यज, नीच और बर्बर जाति है। इसे श्मशान पाल, डोम, अंतवासी, थाप, श्मशान कर्मी, अंत्यज, चांडालनी, पुक्कश, गवाशन, चूडा, दीवाकीर्ति, मातं ...

                                               

जाति

भारतीय समाज जातीय सामाजिक इकाइयोंआदिवासी समाज वास्तव में एक ऐसा समाज है, जिसने अपनी परम्पराएं, संस्काऔर रीति-रिवाज संरक्षित रखे है। हॉ यह बात सही है कि अपने जल, जंगल-जमीन में सिमटा यह समाज शैक्षिक आर्थिक रूप से पिछड़ा होने के कारण राष्ट्र की विका ...

                                               

भीड़

भीड़ ऐसे लोगों को कहा जाता है, जब लोग बिना किसी पंक्ति के जहाँ-तहाँ एकत्रित हो जाते हैं। जिससे अन्य लोगों के आने जाने का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। इस तरह के हालत कई जगह बनते हैं। जब कोई राजनीतिक रैली हो या कोई खेल प्रतियोगिता, या किसी प्रकार का म ...

                                               

अत्याधिक आत्मचेतना

अत्यधिक आत्मचेतना​ स्वयं के बारे में अत्यधिक चेतना को कहते हैं। यह साधारण आत्मबोध और आत्मचेतना से भिन्न दशा है। इसमें दूसरों द्वारा साधारण स्तर से अधिक परखे जाने या देखे जाने की अप्रिय भावना हो सकती है। मनोविज्ञान में अत्यधिक आत्मचेतना को कभी-कभी ...

                                               

व्यक्तिपरकता

व्यक्तिपरकता चेतना, वास्तविकता और सत्य के बोध से सम्बन्धित वह दार्शनिक अवधारणा है जिसमें किसी व्यक्ति या अन्य बोध करने वाले जीव को वास्तविकता वसी प्रतीत होती है जैसे उसके अपने स्वयं के गुणों द्वारा प्रभावित हो। यह वस्तुनिष्ठता के विपरीत होती है ज ...

                                               

शिथिलता

शिथिलता एक ऐसा व्यवहार है जिसे किन्हीं क्रियाओं या कार्यों को परवर्ती समय के लिए स्थगन द्वारा परिलक्ष्यित किया जाता है। मनोवैज्ञानिक प्रायः शिथिलता को किसी कार्य या फैसले के आरंभ या समाप्ति से जुड़ी चिंता के साथ मुकाबला करने की एक क्रियाविधि के र ...

                                               

ओड़िसी

ओड़िसी ओडिशाप्रांत भारत की एक शास्त्रीय नृत्य शैली है। अद्यतन काल में गुरु केलुचरण महापात्र ने इसका पुनर्विस्तार किया। ओडिसी नृत्य को पुरातात्विक साक्ष्यों के आधापर सबसे पुराने जीवित नृत्य रूपों में से एक माना जाता है। इसका जन्म मन्दिर में नृत्य ...

                                               

कोहबर

कोहबर भारत के झारखंड की लोककला है। कोहबर चित्रकला में नैसर्गिक रंगों का प्रयोग होता है, मसलन लाल, काला, पीला, सफेद रंग पेड़ की छाल व मिट्टी से बनाए जाते हैं। सफेद रंग के लिए दूधी मिट्टी का प्रयोग किया जाता है। काला रंग भेलवा पेड़ के बीज को पिस कर ...