Blog पृष्ठ 77




                                               

सत्संग

सत्संग का अर्थ भारतीय दर्शन में है "परम सत्य" की संगति, गुरु की संगति, या व्यक्तियों की ऐसी सभा की संगति जो सत्य सुनती है, सत्य की बात करती है और सत्य को आत्मसात् करती है। इसमें विशिष्ट बात है कि इसमें प्राचीन ग्रंथों को सुना या पढ़ा जाता है, उस ...

                                               

समवाय सम्बन्ध

वैशेषिक दर्शन में स्वीकृत सात पदार्थों में छठा पदार्थ समवाय संबंध है। संबंध नित्य और अनित्य होते हैं। संयोग अनित्य संबंध है जैसे कलम का कागज से। पर कलम का कलम के रंग से नित्य संबंध है। अत: ऐसे संबंध को जिसके बिना वस्तु की सत्ता ही न रहे समवाय संब ...

                                               

सात्विक गुण

सात्विक गुण, प्रकृति के तीन गुणों में एक है। यह गुण हल्का या लघु और प्रकाश करने वाला है। प्रकृति से पुरुष का संबंध इसी गुण से होता है। बुद्धिगत सत्य में पुरुष अपना बिम्ब देखकर अपने को कर्ता मानने लगता है। सत्वगत मलिनता आदि का अपने में आरोप करने ल ...

                                               

सौत्रान्तिक

सौत्रांतिक मत हीनयान परंपरा का बौद्ध दर्शन है। इसका प्रचार भी लंका में है। इस मत के अनुसार पदार्थों का प्रत्यक्ष नहीं, अनुमान होता है। अत: उसे बाह्यानुमेयवाद कहते हैं। सौत्रान्तिक पाठशाला की शुरुआत बौद्ध मुनि कुमारलात से मानी जाती है। ये बाह्यार् ...

                                               

हिन्दू आदर्शवाद

प्राचीन तथा अर्वाचीन दोनो हिन्दू दर्शनों में आदर्शवादी धारा के दर्शन होते हैं। हेगेल के निरपेक्ष आदर्शवाद की तरह ही हिन्दू आदर्शवाद भी एकात्मवादी है।

                                               

हिरण्यगर्भ

हिरण्यगर्भ शब्द भारतीय विचारधारा में सृष्टि का आरंभिक स्रोत माना जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ है – प्रदीप्त गर्भ । इस शब्द का प्रथमतः उल्लेख ऋग्वेद में हुआ है। हिरण्यगर्भ: समवर्तताग्रे भूतस्य जात: पतिरेक आसीत्। स दाधार पृथिवीं द्यामुतेमां कस्मै देव ...

                                               

निर्वचन (तर्क)

तर्कशास्त्र, गणित व कम्प्यूटर विज्ञान में निर्वचन किसी औपचारिक भाषा के चिन्हों के साथ अर्थ जोड़ने की प्रक्रिया को कहते हैं। अधिकांश औपचारिक भाषाएँ केवल वाक्यविन्यास द्व्रारा ही परिभाषित होती हैं और उनमें कोई निहित अर्थ नहीं होता। अर्थ समझने के लि ...

                                               

परिभाषा

परिभाषा किसी भी विषय या वस्तु या चीज का संक्षिप्त और तार्किक वर्णन है, जो वस्तुओं के मूलभूत विशिष्ट गुण या संकल्पनाओं के अर्थ, अंतर्वस्तु और सीमाएं बताता है। किसी शब्द या वाक्यांश या संकेत की व्याख्या करने वाले गद्यांश को भी परिभाषा कह सकते हैं। ...

                                               

प्रतिज्ञप्ति

दर्शनशास्त्र व तर्कशास्त्र में प्रतिज्ञप्ति या प्रकथन ऐसा वाक्य या कथन होता है जो या तो सत्य हो या फिर असत्य हो। यह आवश्यक नहीं है कि हमें यह ज्ञात हो कि प्रतिज्ञप्ति सत्य है या असत्य। उदाहरण के लिए "पृथ्वी के अलावा अन्य ग्रहों पर भी जीवन है।" यह ...

                                               

भाषाई सापेक्षता

भाषाई सापेक्षता या भाषागत सापेक्षतावाद की परिकल्पना के अनुसार किसी भाषा की संरचना, उस भाषा के बोलने वालों की विश्वदृष्टि या को प्रभावित करती है। दूसरे शब्दों में, भाषा विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है वरन् विचार के स्वरूप को नियन्त्रण करने ...

                                               

वाक्यविन्यास

किसी भाषा में जिन सिद्धान्तों एवं प्रक्रियाओं के द्वारा वाक्य बनते हैं, उनके अध्ययन को भाषा विज्ञान में वाक्यविन्यास, वाक्यविज्ञान या सिन्टैक्स कहते हैं। वाक्य के क्रमबद्ध अध्ययन का नाम वाक्यविज्ञान कहते हैं। वाक्य विज्ञान, पदों के पारस्परिक संबं ...

                                               

संकेतविज्ञान

भाषाविज्ञान में, संकेत प्रक्रियाओं, या अभिव्यंजना और संप्रेषण, लक्षण और प्रतीक का अध्ययन संकेतविज्ञान कहलाता है। इसे आम तौपर निम्नलिखित तीन शाखाओं में विभाजित किया जाता है: अर्थ-विज्ञान semantics: संकेतों और जिनका वे हवाला देते हैं उनके बीच संबंध ...

                                               

स्फोट

स्फोट भारतीय व्याकरण की परम्परा एवं पाणिनि दर्शन का महत्वपूर्ण विषय है। कुछ लोग इसी स्फोट को संसार का कारण मानते हैं। जो स्फोट या नित्य शब्द को ही संसार का मूल हेतु या कारण मानते हैं उन्हें स्फोटवादी कहा जाता है। पाणिनि दर्शन में वर्णो का वाचकत्व ...

                                               

आलस

आलस किसी भी काम में देर करने या उसके करने से बचने, बेदिली से करने या अपर्याप्त ढंग से करने को कहा जाता है। एक आलसी व्यक्ति जीवन में सक्रिय नहीं होता और समय पर अपना काम नहीं करता। इस स्वभाव के लोग काम से बचने के बहाने ढूँडते हैं या फिर अपना काम दू ...

                                               

जन्म चिह्न

जन्म चिन्ह त्वचा की असामान्यताएं होती हैं जो बच्चे के जन्म से मौजूद होती हैं। जन्म चिन्ह शरीर के किसी भी अंग पर सम्भव है। जैसे: चेहरे पर छेद-जैसे निशान; आदि। दाग लाल निशान तिल

                                               

शिशु

शिशु पृथ्वी पर किसी भी मानव की सबसे पहली अवस्था है। जन्म से एक मास तक की आयु का शिशु नवजात कहलाता है जबकि एक महीने से तीन साल तक के बच्चे को सिर्फ शिशु कहते हैं। आम बोल चाल की भाषा मे नवजात और शिशु दोनो को ही बच्चा कहते हैं। एक दूसरी परिभाषा के अ ...

                                               

स्थानापन्न मातृत्व

स्थानापन्न मातृत्व या सरोगसी एक ऐसा कार्य है जिसमे नारी अपनी गर्भावस्था किसी और अनुर्वर दम्पति के लिए लेती है। वर्तमान युग में इस प्रतिक्रिया के प्रयोग ने भाव रूप से काफी प्रसिद्धी पायी है। सम्भावित सरोगट माताओ; अन्तरराष्ट्रीय माँग और चिकित्सा की ...

                                               

मानवता धर्म

मानवता धर्म ऑगस्ते कॉमते द्वारा स्थापित धर्मनिर्पेक्ष धर्म है। इस धर्म के अनुयायिओं ने फ्रांस और ब्राज़ील में मानवता के प्रार्थना कक्ष या मंदिर बनाए हैं।

                                               

मानवता (सद्गुण)

मानवता ही नैतिकता का आधार है।सभी नैतिक मूल्य सत्य अहिंसा प्रेम सेवा शांति का मूल मानवता ही है। मनुष्य को चाहिए कि मानवता के मार्ग पर चलता हुआ सत्कर्म करे ।मानव कल्याण के लिए जिये और मरे तभी किसी भी मानव का जीवन सार्थक हो सकता है। मानव मूल्यों के ...

                                               

नेति नेति

नेति नेति एक संस्कृत वाक्य है जिसका अर्थ है यह नहीं, यह नहीं या यही नहीं, वही नहीं या अन्त नहीं है, अन्त नहीं है। ब्रह्म या ईश्वर के संबंध में यह वाक्य उपनिषदों में अनंतता सूचित करने के लिए आया है। उपनिषद् के इस महावाक्य के अनुसार ब्रह्म शब्दों क ...

                                               

भौतिक निकाय

भौतिकी में, भौतिक पिण्ड या भौतिक वस्तु पदार्थ के अभिज्ञेय संग्रह है, जो त्रिविम अवकाश में कुछ सीमा-शर्तों का पालन करते हुए स्थानान्तरण या घूर्णन गति करता है। साँचा:Composition

                                               

मात्रा

मात्रा एक गुण है जो बहुलता या परिमाण के रूप में अस्तित्व में हो सकता है। मात्राओं की तुलना "अधिक", "कम", या "बराबर" के संदर्भ में, या "कोई मापन के मात्रक के संदर्भ में संख्यात्मक मूल्य निर्दिष्ट करके" की जा सकती हैं। गुण, पदार्थ, परिवर्तन, और संब ...

                                               

हिचन्स का उस्तरा

हिचेन्स का उस्तरा एक ज्ञानमीमांसा की संकल्पना है। यह कहता है कि दावे की सत्यता के बारे में प्रमाण देने की ज़िम्मेदारी दावा करने वाले के साथ निहित है; यदि यह ज़िम्मेदारी नहीं निभाई जाए, तो दावा निराधार है, और इसके विरोधियों को इसे खारिज करने के लि ...

                                               

जलवायु विज्ञान

जलवायु विज्ञान भौतिक भूगोल की एक शाखा है जिसके अंतर्गत सम्पूर्ण पृथ्वी अथवा किसी स्थान विशेष की जलवायु का अध्ययन किया जाता है। भौतिक पर्यावरण के विभिन्न घटकों में जलवायु महत्वपूर्ण घटक है। जलवायु को प्रादेशिक विभिनता की कुंजी कहते हैं। मानव एवं उ ...

                                               

जैव भूगोल

जैव भूगोल, विभिन्न जीवधारियों और प्रजातियों के भूस्थानिक वितरण, स्थानिक वितरण के कारण और वितरण के प्रतिरूपों और उनमें समय के सापेक्ष होने वाले बदलावों का अध्ययन करता है। जैव भूगोल का उद्देश्य किसी जीव के आवास का प्रकटन, किसी प्रजाति की जनसंख्या क ...

                                               

भूमितिकी

भूमितिकी अथवा भूगणित विज्ञान की वह शाखा है जो भौगोलिक रूप से संदर्भित आंकड़ों के संग्रहण, समायोजन, परिरक्षण, विश्लेषण व्याख्या का कार्य करती है। यह मुख्यतः भूगोल, सर्वेक्षण और भू-सूचना विज्ञान जैसी शाखाओं के साथ अपनी विषय-वस्तु शेयर करने वाली शाख ...

                                               

मानचित्रकला

मानचित्र तथा विभिन्न संबंधित उपकरणों की रचना, इनके सिद्धांतों और विधियों का ज्ञान एवं अध्ययन मानचित्रकला कहलाता है। मानचित्र के अतिरिक्त तथ्य प्रदर्शन के लिये विविध प्रकार के अन्य उपकरण, जैसे उच्चावचन मॉडल, गोलक, मानारेख आदि भी बनाए जाते हैं। मान ...

                                               

अनातोलिया का पठार

यह एक प्रमुख पठार हैं जो तुर्की में पेंटिक एवं टाॅरस श्रेणियों के बीच एजियन तट से आर्मीनिया गांठ तक विस्तृत है। इसे तुर्की का पठार भी कहते हैं। यह कहीं सपाट और कहीं लहरदार है तथा इसकी औसत ऊँचाई 800 मीटर है। इसके बीचो-बीच में ज्वालामुखी निक्षेप के ...

                                               

उत्तरी गोलार्ध

उत्तरी गोलार्ध पृथ्वी का वह भाग है जो भूमध्य रेखा के उत्तर में है। अन्य सौर मण्डल के ग्रहों की उत्तर दिशा पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव के स्थिर समतल में लिया जाता है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव की वजह से उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु, दक्षिणायन से वसंत विषुव ...

                                               

तृतीय कल्प

तृतीय कल्प पृथ्वी के भौमिकीय इतिहास से सम्बन्धित पुराना शब्द है किन्तु अब भी बहुत से लोग इसका प्रयोग करते हैं। यह पृथ्वी के भौमिकीय इतिहास का अंतिम प्रकरण हैं। मध्यजीव महाकल्प का अंत खटीयुग या क्रिटेशस युग के पश्चात्‌ हो गया। यूरोप में खटीयुग के ...

                                               

दक्षिणी गोलार्ध

दक्षिणी गोलार्ध किसी ग्रह का वह आधा भाग होता है, जो उसकी विषुवत रेखा के नीचे होता है। गोलार्ध का शाब्दिक अर्थ है आधा गोला। हमारा ग्रह अक्षवत् दो भागों में बंटा है, जिन्हे उत्तरी गोलार्ध व दक्षिणी गोलार्ध कहते हैं। उत्तरी गोलार्ध का उत्तरी ‌छोर तथ ...

                                               

पूर्वी गोलार्ध

पूर्वी गोलार्ध ग्रीनवीच रेखा से पूर्व में स्थित पृथ्वी के आधे भाग के लिए प्रयुक्त भौगोलिक पद है। इस भाग में यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया शामील है। इस गोलार्द्ध "ओरिएंटल गोलार्द्ध" भी कहा जाता है। एक सांस्कृतिक या भू राजनीतिक भावना में इसे ...

                                               

पृथ्वी

पृथ्वी, लातिन:"टेरा") जिसे विश्व भी कहा जाता है, सूर्य से तीसरा ग्रह और ज्ञात ब्रह्माण्ड में एकमात्र ग्रह है जहाँ जीवन उपस्थित है। यह सौर मंडल में सबसे घना और चार स्थलीय ग्रहों में सबसे बड़ा ग्रह है। रेडियोधर्मी डेटिंग और साक्ष्य के अन्य स्रोतों ...

                                               

पृथ्वी का गुरूत्व

पृथ्वी के सतह के निकट किसी पिण्ड के इकाई द्रव्यमान पर लगने वाला पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी का गुरुत्व कहलाता है। इसे g के रूप में निरूपित किया जाता है। यदि कोई पिण्ड धरती के सतह के निकट गुरुत्वाकरण बल के अतिरिरिक्त किसी अन्य बल की अनुपस्थि ...

                                               

पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र

भूचुंबकत्व पृथ्वी के चुम्बकत्व का विवेचन करनेवाली विज्ञान की शाखा है। पृथ्वी एक विशाल चुंबक की तरह कार्य करती है, जिसका अक्ष लगभग पृथ्वी के घूर्णन अक्ष पर पड़ता है। पृथ्वी के भूचंबकीय क्षेत्र का स्वरूप प्रधानत: द्विध्रुवी है और यह पृथ्वी के गहरे ...

                                               

पृथ्वी की आतंरिक संरचना

पृथ्वी की आतंरिक संरचना शल्कीय है, जैसे प्याज के छिलके परतों के रूप में होते हैं। इन परतों की मोटाई का सीमांकन रासायनिक अथवा यांत्रिक विशेषताओं के आधापर किया जा सकता है। पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत भूपर्पटी एक ठोस परत है, मध्यवर्ती मैंटल अत्यधिक गाढ़ ...

                                               

पृथ्वी की कक्षा

पृथ्वी की कक्षा वह पथ है जिसमें पृथ्वी सूर्य के चारों ओर यात्रा करती है। पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी 149.60 मिलियन किलोमीटर है। एक पूरी कक्षा हर 365.256 दिन में समाप्त होती है, जिस समय के दौरान पृथ्वी 940 मिलियन किलोमीटर यात्रा करती है। पृ ...

                                               

पृथ्वी गान

पृथ्वी गान एक अधिकारिक गान हैं, जो पृथ्वी को समर्पित हैं। पृथ्वी गान के रचनाकार भारतीय राजनयिक और कवि अभय कुमार हैं। पृथ्वी गान में हिंदुस्तानी, अंग्रेजी, नेपाली, बंगाली, उर्दू, सिंहल, जोंगखा और धीवेही भाषा की पंक्तियों का इस्तेमाल किया गया है, ज ...

                                               

पृथ्वी त्रिज्या

पृथ्वी त्रिज्या पृथ्वी के केन्द्रीय बिन्दु से पृथ्वी की सतह तक की दूरी है, जो कि लगभग 6.371 किलोमीटर है। यह पृथ्वी ग्रह के गोले की त्रिज्या है। इस संख्या का प्रयोग खगोलशास्त्और भूविज्ञान में बहुत होता है और इसे R ⊕ द्वारा चिन्हित किया जाता है।

                                               

पृथ्वी द्रव्यमान

पृथ्वी द्रव्यमान, द्रव्यमान की वह इकाई है जिसका मान पृथ्वी के द्रव्यमान के बराबर है | १ M ⊕ = ५.९७२२ × १० २४ कि.ग्रा. | पृथ्वी द्रव्यमान अक्सर चट्टानी स्थलीय ग्रहों के द्रव्यमान का वर्णन करने के लिए प्रयोग किया जाता है | सौर मंडल के चार स्थलीय ग् ...

                                               

पृथ्वी प्रणाली विज्ञान

पृथ्वी प्रणाली विज्ञान के अंतर्गत पृथ्वी के विभिन्न घटकों, अर्थात वातावरण, समुद्रों, क्रायोस्फीयर, भूमंडल और जीवमंडल के बीच जटिल संबंधों की समझ शामिल है। पृथ्वी प्रणाली के बारे में जानकारी से, जलवायु, मौसम और प्राकृतिक खतरों की भविष्यवाणी में सुध ...

                                               

भूमध्य रेखा

भूमध्य रेखा पृथ्वी की सतह पर उत्तरी ध्रुव एवं दक्षिणी ध्रुव से सामान दूरी पर स्थित एक काल्पनिक रेखा है। यह पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में विभाजित करती है। दूसरे शब्दों में पृथ्वी के केंद्र से सर्वाधिक दूरस्थ भूमध्यरेखीय उभापर स्थित बिन्द ...

                                               

भूवैज्ञानिक समय-मान

भूवैज्ञानिक समय-मान कालानुक्रमिक मापन की एक प्रणाली है जो स्तरिकी को समय के साथ जोड़ती है। यह एक स्तरिक सारणी है। भूवैज्ञानिक, जीवाश्मवैज्ञानिक तथा पृथ्वी का अध्ययन करने वाले अन्य वैज्ञानिक इसका प्रयोग धरती के सम्पूर्ण प्राकृतिक इतिहास में हुई सभ ...

                                               

विषुव

विषुव ऐसा समय-बिंदु होता है, जिसमें दिवस और रात्रि लगभग बराबर होते हैं। इसका शब्दिक अर्थ होता है - समान। विषुव शब्द संस्कृत से है और इसका अर्थ दिन और रात्रि के समान होने से है | इक्वीनॉक्स शब्द लैटिन भाषा के शब्द एक्वस और नॉक्स से लिया गया है। कि ...

                                               

स्थलमण्डल

स्थलमंडल या स्थलमण्डल भूगोल और भूविज्ञान में किसी पथरीले ग्रह या प्राकृतिक उपग्रह की सबसे ऊपरी पथरीली या चट्टान निर्मित परत को कहते हैं। पृथ्वी पर इसमें भूपटल और भूप्रावार की सबसे ऊपर की परत शामिल हैं जो कई टुकड़ों में विभक्त है और इन टुकड़ों को ...

                                               

पृथ्वी के ताप कटिबन्ध

पृथ्वी को अनेक आधारों पर अलग-अलग क्षेत्रों में बाँटा जा सकता है । औसत वार्षिक तापमान के आधापर मोटे-तौपर पृथ्वी को पाँच क्षेत्रों में बाँटा गया है। ये क्षेत्र भूमध्य रेखा से दूरी के अनुसार बाँटे जाते हैं। पृथ्वी के विभिन्न क्षेत्रों में सूरज की कि ...

                                               

भूमि उपयोग

भूमि उपयोग पृथ्वी के किसी क्षेत्र का मनुष्य द्वारा उपयोग को सूचित करता है। सामान्यतः जमीन के हिस्से पर होने वाले आर्थिक क्रिया-कलाप को सूचित करते हुए उसे वन भूमि, कृषि भूमि, परती, चरागाह इत्यादि वर्गों में बाँटा जाता है। और अधिक तकनीकी भाषा में भ ...

                                               

भूगोलीय निर्देशांक प्रणाली

भूगोलीय निर्देशांक प्रणाली एक प्रकार की निर्देशांक प्रणाली होती है, जिसके द्वारा पृथ्वी पर किसी भी स्थान की स्थिति तीन निर्देशांकों के माध्यम से निश्चित की जा सकती है। ये गोलाकार निर्देशांक प्रणाली द्वारा दिये जाते हैं। पृथ्वी पूर्ण रूप से गोलाका ...

                                               

"वी" आकार की घाटी

नदी द्वारा अपनी घाटी में की गई ऊर्ध्वा धर कटाव के कारण घाटी पतली, गहरी और अंग्रेजी के व्ही के आकार की हो जाती है। यह नदी द्वारा अपने ऊपरी भाग में अपरदन से निर्मित स्थलाकृति है। आकार के अनुसार ये दो प्रकार की होती हैं- "गार्ज" और "कैनियन"। Ak

                                               

अंगोला

अंगोला दक्षिणी-पश्चिमी अफ्रीका में देश है जिसकी सीमा अटलांटिक समुद्र से लगी है। अंगोला में पेट्रोलियम तेल और सोना जैसे खनिजों का भंडार है। 1975 में पुर्तगाल से स्वतंत्र होने के बाद यहाँ एक 27 सालों का गृहयुद्ध चला जिसमें पुर्तगाल समेत रूस, क्यूबा ...