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रासायनिक अभियान्त्रिकी - तकनीकी और अभियान्त्रिकी ..




                                               

रासायनिक अभिक्रिया अभियान्त्रिकी

                                               

रासायनिक उद्योग के उत्पाद

                                               

परिवहन परिघटनाएँ

                                               

पर्यावरण अभियांत्रिकी

                                               

रासायनिक प्रक्रिया अभियान्त्रिकी

                                               

विशाल अणुकणिका रसायन शास्त्र

                                               

आणुविक स्व-संयोजन

आणुविक स्व-संयोजन प्रणालियों के निर्माण की वह प्रक्रिया है, जिसमे उस प्रणाली के बाहर से संयोजन में किसी प्रकार का सहयोग या संचालन नही किया जाता। किसी भी प्रणाली या यंत्र को बनाने की प्रक्रिया यदी वह प्रणाली खुद ही जान ले, तो वह अपने ही नकशे पर प्रतिलिपिकरण कर सकती है। आणुविक स्तर पर कोशिकाओं के अन्दर डी एन ए के नकशे की बदोलत सम्पूर्ण कोशिका का स्व-संयोजन हो जाता है। न सिर्फ यह, शरीर के लिये महत्वपूर्ण प्रोटीन का निर्माण भी यूँ ही होता है। इस प्राकृतिक प्रतिभास का प्रयोग यदी जान लिया जाये, तो आणुविक पैमाना पर यंत्र बनाये जा सकेंगे। इन प्रणालियों पर अध्ययन शुरू हुआ नैनोतकनीकी जैसे शास्त्रों ...

                                               

अभिक्रिया की दर

अभिक्रिया की दर का मतलब यह है कि किसी दी हुई रासायनिक अभिक्रिया में किसी अभिकारक या उत्पाद की मात्रा कितना धीमे या कितनी तेजी से बदल रही है। भौतिक रसायन के अन्तर्गत रासायनिक गतिकी Chemical kinetics में अभिक्रिया की दर का अध्ययन किया जाता है। अभिक्रिया की दर का रासायनिक इंजीनियरी एवं अन्य रासायनिक विधाओं में बहुत महत्व है। == अभिक्रिया की दर की औपचारिक परिभाषा_-_इकाई समय में अभिकारकों या उत्पादों की सांद्रता में परिवर्तन अभिक्रिया की दर या वेग कहलाती है ¦ अभिक्रिया दर = अभिक्रिया या उत्पात की सांद्रता में परिर्तन / समय अवधि 2021

                                               

परिवहन परिघटना

अभियान्त्रिकी, भौतिकी और रसायनिकी में परिवहन परिघटना किन्ही दो या दो से अधिक भौतिक तंत्रों के बीच में द्रव्यमान, ऊर्जा, आवेश, संवेग या कोणीय संवेग के आदान-प्रदान को कहते हैं। द्रव्यमान, ताप, ऊर्जा और संवेग के गणितीय विश्लेषण में बहुत-सी समानताएँ होती हैं जिनका परिवहन परिघटनाओं के अध्ययन में व्यवस्थित रूप से लाभ उठाया जाता है।

                                               

विशाल अणुकणिका रसायन शास्त्र

विशाल-अणुकणिका रासायन शास्त्र, रसायन शास्त्र का वह शाखा़ है, जिसमे अणुकणिकाओं के बीच गैर सह-संयुज बोन्डिंग का अध्ययन किया जाता है। सामान्य तौपर रसायन शास्त्र में ध्यान सह-संयुज बोन्डिंग पर रहा है, किन्तु विशाल-अणुकणिका रासायन शास्त्र में ध्यान अणुकणिकाओं के बीच शक्तिहीन और उत्त्क्रमात्मक अंतःक्रियाओं पर होता है। ये शक्तियाँ हैं हाइड्रोजन बाँड, धातु तालमेल, जल विरोधी बल, वॉन डर वॉल बल, pi-pi अंतःक्रिया और स्थिरविद्युत प्रभावें। यह शास्त्र महत्वपूर्ण सिद्धांतों का स्पष्टीकरण करता है, जैसे कि आणुविक स्व-संयोजन, रासायनिक बलन, आणुविक अभिज्ञान, परिचारक-अतिथि रसायन, यांत्र-आलिंगित आणुविक ढांचे और ...