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फ़िल्म. फ़िल्म या चलचित्र में तस्वीरों को इस तरह एक के बाद एक प्रदर्शित किया जाता है जिससे गति का आभास होता है। फ़िल्में अकसर विडियो कैमरे से रिकार्ड करके बनाई ..




                                               

वीभत्स फ़िल्म

वीभत्स फ़िल्म एक फ़िल्मी विधा है जो दर्शकों की मौलिक आशंका के साथ खेलते हुए दर्शकों के लिए नकारात्मक भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रकाश में लाकर डर का महौल तैयार किया जाता है। वीभत्स फ़िल्मों में सामान्यतः वो दृश्य प्रदर्शित किए जाते जाते हैं जिससे फ़िल्म शुरूआत से ही डरावनी दीखने लगे, जिसमें भयानक और पराप्राकृतिक दृश्य लगातार दीखये जाते हैं। अतः यह स्वैरकल्पना, पराप्राकृतिक, रहस्यमय विधाओं का अतिछादन होता है।

                                               

सुपरहीरो फ़िल्म

सुपरहीरो फ़िल्म, सुपरहीरो मुवी अथवा सुपरहीरो मोशन पिक्चर वह विषय आधारित फ़िल्म हैं जिनमें एक या उससे कई ज्यादा सुपरहीरो किरदारों के एक्शन पर केंद्रित किया जाता है: यहां तात्पर्य उस अमानवीय एवं विलक्षण शक्तियों वाले किरदार से है जो साधारण मानवों के रूप में रहकर गुप्त तौर से अपनी शक्तियों का उपयोग लोगों के परोपकार या रक्षा करने के लिए करता है। इस तरह की फ़िल्मों में मिसाल के तौपर एक्शन, काल्पनिक फंतासी और विज्ञान फंतासी जैसे तत्व जोड़े जाते है, जहाँ अपनी पहली फ़िल्म में बतौर एक विशेष किरदापर उसकी शक्तियों की मूल उद्गम पर केंद्र में रखकर और फ़िल्म का चरम पर उसका किसी बेहद कट्टर दुश्मन या सुपर ...

                                               

लघु फ़िल्म

लघु फ़िल्म विश्वभर में बनते तथा प्रदर्शित होते हैं मजे की बात यह है कि इन्हें प्रदर्शित करने के लिए सेंसर बोर्ड की अनुमति की भी कोई आवश्यकता नहीं होती फिर भी कई लघु फ़िल्म सेंसर बोर्ड के द्वारा पास करवाए गये हैं। कई देशों में लघु फ़िल्मों की अवधि अलग भी तय की गई है भारत में एक घंटे से कम अवधि का फ़िल्म लघु फ़िल्म माना जाता है।

                                               

हास्य फ़िल्म

                                               

नाटक

नाटक, काव्य और गध्य का एक रूप है। जो रचना श्रवण द्वारा ही नहीं अपितु दृष्टि द्वारा भी दर्शकों के हृदय में रसानुभूति कराती है उसे नाटक या दृश्य-काव्य कहते हैं। नाटक में श्रव्य काव्य से अधिक रमणीयता होती है। श्रव्य काव्य होने के कारण यह लोक चेतना से अपेक्षाकृत अधिक घनिष्ठ रूप से संबद्ध है। नाट्यशास्त्र में लोक चेतना को नाटक के लेखन और मंचन की मूल प्रेरणा माना गया है।

                                               

रतिचित्रण

पॉर्न या रतिचित्रण या रति चित्रण किसी पुस्तक, चित्र, फिल्म या अन्य किसी माध्यम से संभोग का चित्रण करना रतिचित्रण कहलाता है। रतिचित्रण भारत मे प्रतिबंधित है । रतिचित्रण के कलाकार, रतिचित्रणकर्ता, इसकी बिक्री करने की सजा भारत मे 50 करोड़ जुर्माना तथा 40 साल की कैद अथवा उम्रकैद है।

फ़िल्म
                                     

फ़िल्म

फ़िल्म या चलचित्र में तस्वीरों को इस तरह एक के बाद एक प्रदर्शित किया जाता है जिससे गति का आभास होता है। फ़िल्में अकसर विडियो कैमरे से रिकार्ड करके बनाई जाती हैं, या फ़िर एनिमेशन विधियों या स्पैशल इफैक्ट्स का प्रयोग करके। आज ये मनोरंजन का महत्त्वपूर्ण साधन हैं लेकिन इनका प्रयोग कला-अभिव्यक्ति और शिक्षा के लिए भी होता है। भारत विश्व में सबसे अधिक फ़िल्में बनाता है। फ़िल्म उद्योग का मुख्य केन्द्र मुंबई है, जिसे अमरीका के फ़िल्मोत्पादन केन्द्र हॉलीवुड के नाम पर बॉलीवुड कहा जाता है। भारतीय फिल्मे विदेशो में भी देखी जाती है

                                     

1. परिचय

सिनेमा बीसवीं शताब्दी की सर्वाधिक लोकप्रिय कला है जिसे प्रकाश विज्ञान, रसायन विज्ञान, विद्युत विज्ञान, फोटो तकनीक तथा दृष्टि क्रिया विज्ञान खोज के अनुसार आंख की रेटिना किसी भी दृश्य की छवि को सेकेंड के दसवें हिस्से तक अंकित कर सकती है के क्षेत्रों में हुए तरक्की ने संभव बनाया है। बीसवीं शताब्दी के संपूर्ण दौर में मनोरंजन के सबसे जरूरी साधन के रूप में स्थापित करने में बिजली का बल्ब, आर्कलैंप, फोटो सेंसिटिव केमिकल, बॉक्स-कैमरा, ग्लास प्लेट पिक्चर निगेटिवों के स्थान पर जिलेटिन फिल्मों का प्रयोग, प्रोजेक्टर, लेंस ऑप्टिक्स जैसी तमाम खोजों ने सहायता की है। सिनेमा के कई प्रतिस्पर्धी आए जिनकी चमक धुंधली हो गई। लेकिन यह अभी भी लुभाता है। फिल्मी सितारों के लिए लोगों का चुंबकीय आकर्षण बरकरार है। एक पीढ़ी के सितारे दूसरी पीढ़ी के सितारों को आगे बढ़ने का रास्ता दे रहे हैं। सिनेमा ने टी. वी., वीडियों, डीवीडी और सेटेलाइट, केबल जैसे मनोरंजन के तमाम साधन भी पैदा किए हैं। अमेरिका में रोनाल्ड रीगन, भारत में एम.जी.आर. एन.टी.आर. जंयललिता और अनेक संसद सदस्यों के रूप में सिनेमा ने राजनेता दिए हैं। कई पीढ़ियों से, युवा और वृद्ध, दोनों को समान रूप से सिनेमा सेलुलाइड की छोटी पट्टियां अपने आकर्षण में बांधे हुए हैं। दर्शकों पर सिनेमा का सचमुच जादुई प्रभाव है।

सिनेमा ने परंपरागत कला रूपों के कई पक्षों और उपलब्धियों को आत्मसात कर लिया है – मसलन आधुनिक उपन्यास की तरह यह मनुष्य की भौतिक क्रियाओं को उसके अंतर्मन से जोड़ता है, पेटिंग की तरह संयोजन करता है और छाया तथा प्रकाश की अंतर्क्रियाओं को आंकता है। रंगमंच, साहित्य, चित्रकला, संगीत की सभी सौन्दर्यमूलक विशेषताओं और उनकी मौलिकता से सिनेमा आगे निकल गया है। इसका सीधा कारण यह है कि सिनेमा में साहित्य पटकथा, गीत, चित्रकला एनीमेटेज कार्टून, बैकड्रॉप्स, चाक्षुष कलाएं और रंगमंच का अनुभव, अभिनेता, अभिनेत्रिया और ध्वनिशास्त्र संवाद, संगीत आदि शामिल हैं। आधुनिक तकनीक की उपलब्धियों का सीधा लाभ सिनेमा लेता है।

सिनेमा की अपील पूरी तरह से सार्वभौमिक है। सिनेमा निर्माण के अन्य केंद्रों की उपलब्धियों पर यद्यपि हालीवुड भारी पड़ता है, तथापि भारत में विश्व में सबसे अधिक फिल्में बनती हैं। सिनेमा आसानी से नई तकनीक आत्मसात कर लेता है। इसने अपने कलात्मक क्षेत्र का विस्तार मूक सिनेमा मूवीज से लेकर सवाक् सिनेमा डी. डब्ल्यू. ग्रिफिथ क्लोजअप और नितिन बोस पार्श्व गायन जैसे दिग्गजों के योगदान से विश्व सिनेमा समृद्ध हुआ है। दूसरे देशों की तकनीकी प्रगति का मुकाबला भारत सिर्फ़ अपने हुनर और नए-नए प्रयोगों से कर पाया है। सिनेमा आज विश्व सभ्यता के बहुमूल्य खजाने का अनिवार्य हिस्सा है। हालीवुड से अत्यधिक प्रभावित होने के बावजूद भारतीय सिनेमा ने अपनी लंबी विकास यात्रा में अपनी पहचान, आत्मा और दर्शकों को बचाए रखा है।

                                     

2. हिन्दी सिनेमा

प्रमुख अभिनेता

अमिताभ बच्चन - अभिषेक बच्चन - अनिल कपूर - अमरीश पुरी - अमोल पालेकर - आमिर ख़ान - ओम पुरी - दिलीप कुमार - देव आनन्द - नाना पाटेकर - रजनीकान्त नसीरुद्दीन शाह - राज कपूर - राजेश खन्ना - विनोद खन्ना - शत्रुघन सिन्हा - शम्मी कपूर - शशि कपूर - सुनील दत्त - जैकी श्रॉफ - अनिल कपूर - संजय दत्त - संजीव कुमार - मिथुन चक्रवर्ती - सलमान ख़ान - शाहरुख खान - अजय देवगन - अक्षय खन्ना - सुनील शेट्टी - ह्रितिक रोशन- अक्षय कुमार- आमिर खान- इमरान हाशमी- गोविन्दा- रणवीर कपूर- रणवीर सिंह, राजकुमार राव- वरुण धवन- आयुष्मान खुराना.

प्रमुख अभिनेत्रियाँ

मीना कुमारी - आशा पारेख- वैजयन्ती माला- नूतन - मधुबाला - माधुरी दीक्षित - श्री देवी - प्रीती ज़िंटा - रानी मुखर्जी - काज़ोल - स्मिता पाटिल - ऐश्वर्या राय - हेमा मालिनी - ईशा देओल - बिपाशा बसु - मल्लिका शेरावत - उर्मिला मातोंडकर - प्रियंका चोपड़ा - करीना कपूर - महिमा चौधरी - साधना। कटरीना

प्रमुख निर्देशक

यश चोपड़ा - सत्यजीत रे बिमल राय - करण जौहर - श्याम बेनेगल - मणिरत्नम्- रमेश सिप्पी- गोविंद निहलानी