पिछला

राजधानी - शहर. राजधानी वह नगरपालिका होती है, जिसे किसी देश, प्रदेश, प्रान्त या अन्य प्रशासनिक ईकाई अथवा क्षेत्र में सरकार की गद्दी होने का प्राथमिक दर्जा हास ..




                                               

पनामा शहर

                                               

दिल्ली-मुम्बई

                                               

गोदर पट्टी

मथुरा जिले की राया तहसील में गोदारा जाटो के 60 गांवों का समूह है। गोदारा जाटों को ब्रज भाषा मे गोधर भी बोला जाता है।इनकी राजधानी राया नामक कस्बा थी। 1857 की क्रांति में राया के राजा देवीसिंह गोदारा ने अपनी कुर्बानी देश की रक्षा में दी थी।

                                               

दक्षिण कोरिया में राजधानियों की सूची

सियोल 1945 में कोरिया के विभाजन के बाद से दक्षिण कोरिया की राजधानी रहा है। 20 दिसंबर 1997 को सुदोगवोन के आस-पास के असंतुलित घटनाक्रम की भरपाई के लिए राष्ट्रीय सरकार के कुछ कार्यालय डैजेन गवर्नमेंट कॉम्प्लेक्स में ले जाया गया। 2004 में, पूर्व राष्ट्रपति रोह मू-ह्यून ने राष्ट्रीय राजधानी को कोरियाई डिमिलिटरीकृत ज़ोन से दूर ले जाने की योजना बनाई। हालांकि नेशनल असेंबली के भीतर विवाद और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से स्थानांतरण को रोक दिया गया। 2 जुलाई 2012 को सरकार के कुछ कार्यालय सेजोंग चले गए और यह दक्षिण कोरिया की वास्तविक प्रशासनिक राजधानी बन गई है।

                                               

मैसूर पठार

मैसूर पठार भारतीय राज्य कर्नाटक के चार भौगोलिक क्षेत्रों में से एक है। इसकी कई सारी तरंगणें हैं और इसके पश्चिम और दक्षिण में पश्चिमी घाट स्थित है। कावेरी नदी का अधिकांश भाग मैसूर पठार में कर्नाटक से होकर बहता है। इस क्षेत्र में औसत ऊंचाई 600-900 मीटर के बीच है। पठार में बैंगलोर, बैंगलोर ग्रामीण, चामराजनगर, हासन, कोडागू, कोलार, मंड्या, मैसूऔर तुमकुर जिले शामिल हैं। पठार का नाम करुनाडु से लिया गया है। पठार का क्षेत्रफल लगभग 73.000 वर्ग मील है और औसत ऊंचाई लगभग 2.600 फीट है। इसमें ज्वालामुखीय चट्टानों, क्रिस्टलीय शिस्ट और ग्रेनाइटों की धारवाड़ प्रणाली शामिल है। प्रमुख नदियों में गोदावरी, कृष् ...

                                               

खेतसिंह खंगार

महाराजा खेतसिंह खंगार राजवंश के चंद्रवंशीय हिन्दू क्षत्रिय राजा थे इनका जन्म गुजरात राज्य के जूनागढ़ में खंगार वंश के राजा एवं इनके पिता राजा कटाव-2 रूढ़देव जी के परिवार में विक्रम संवत 1197 फाल्गुन मास चैत्र शुक्ल पक्ष में एवं ईसवी संवत 27 दिसम्बर 1140ई में हुआ इनकी मां का नाम किशोर कुँवर बाई था। इन्होंने अपना राज्य जिझौतिखण्ड वर्तमान बुन्देलखण्ड एवं राजधानी गढ़कुंडार में बनाई। कई पुस्तकों द्वारा पता चलता है कि ये प्रथम स्वतंत्र हिन्दू गणराज्य था, इन्हें प्रथम सिंह राजपूत भी कहा जाता है। !!था अधिपति वो भूप जिसकी कृति ये कुंडार!! !!राजपूतों में प्रथम सिंह जय महाराजा खेत खंगार!! यह अंतिम हि ...

                                               

कच्छ राज्य

कच्छ राज्य 1947 से 1956 तक भारत के भीतर एक राज्य था। इसकी राजधानी भुज थी। वर्तमान समय का गुजरात का कच्छ जिला, कच्छ राज्य के क्षेत्र से ही बना है। कच्छ की रियासत अंग्रेज शासन काल मे बड़ी रियासतों मे गिनी जाती थी। ये गुजरात राज्य के आधुनिक कच्छ ज़िले के क्षेत्र मे थी। इस रियासत का क्षेत्र फल १७,६१६ वर्ग मील था और आबादी ४८८,०२२ १९०१ जनगणना के अनुसार। कच्छ के शासक जडेजा राजपूत थे। कच्छ के शासक को १७ तोपों की सलामी का अधिकार था। १९४८ मे ये रियासत भारतीय संघ मे शामिल हो गयी।

                                               

पटियाला एवं पूर्वी पंजाब राज्य संघ

पेप्सू से आता है। इसका मतलब है पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ। यह अंग्रेजों के अधीन पंजाब प्रांत का एक हिस्सा था, जो 1948 से 1956 तक भारत का एक प्रांत रहा था। यह आठ जिलों पटियाला, जींद, नाभा, फरीदकोट, कलसिया, मलेरकोटला, कपूरथला और नालागढ़ से मिलकर बना था। इसका गठन 15 जुलाई, 1948 को किया गया था और 1950 में यह भारत का एक प्रांत बन गया। इसकी राजधानी पटियाला थी और क्षेत्रफल 26.208 वर्ग किलोमीटर था, और शिमला, कसौली, कंडाघाट, धरमपुऔर चैल इसका हिस्सा थे। जब 1947 में अंग्रेजों ने भारत छोड़ा, तो पंजाब में कई रियासतें थीं, जिनमें प्रमुख थीं पटियाला, कपूरथला, जींद, फरीदकोट, मालेरकोटला, नालागढ़। पं ...

                                               

लाट के गुर्जर

लाट के गुर्जर भारत का एक राजवंश था जिसने ५८० ई से लेकर ७३८ ई तक लाट प्रदेश पर शासन किया। लाट के गुर्जरों को नंदिपुरी के गुर्जर और भरूच के गुर्जर भी कहते हैं। भरूच के गुर्जर राजवंश के बारे में जो भी सूचना प्राप्त है वह सब ताम्रपत्रों से मिली है। ये सारे ताम्रपत्र दक्षिण गुजरात से मिले हैं। जिस प्रकार समकालीन चालुक्य राजाओं के दानपत्रों पर तिथियाँ त्रैकूटक संवत में लिखी गयी हैं, उसी प्रकार इस क्षेत्र से प्राप्त सभी विश्वसनीय ताम्रपत्रों पर त्रैकूटक संवत में ही तिथियाँ अंकित हैं। त्रैकूटक संवत् २४९-२५० ई. से आरम्भ होता है। ऐसा प्रतीत होता है कि भरूच के गुर्जरों की राजधानी नान्दिपुरी या नान्दो ...

                                               

झोटवाड़ा

झोटवाड़ा भारतीय राज्य राजस्थान की राजधानी जयपुर के उत्तर-पश्चिम दिशा में जयपुर का एक उपनगरीय क्षेत्र है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से जयपुर रियासत के अधीन एक छोटी रियासत थी।

राजधानी
                                     

राजधानी

राजधानी वह नगरपालिका होती है, जिसे किसी देश, प्रदेश, प्रान्त या अन्य प्रशासनिक ईकाई अथवा क्षेत्र में सरकार की गद्दी होने का प्राथमिक दर्जा हासिल होता है। राजधानी मिसाली तौपर एक शहर होता है, जहाँ संबंधित सरकार के दफ़्तर और सम्मेलन -टिकाने स्थित होते हैं और आम तौपर अपने क़ानून या संविधान द्वारा निर्धारित होती है।

                                     

1. अनोखे राजधानी इंतज़ाम

बहुत सारे सूबों की दो से ज़्यादा राजधानियाँ हैं और कुछ ऐसे भी हैं जिन की कोई राजधानी नहीं है।

  • फ़्रांस: फ़्रांसीसी संविधान किसी भी सहर को राजधानी के तौपर मान्यता नहीं देता। क़ानून मुताबिक़ पैरिस संसद के दोनों सदनों राशटरी सभा और सैनेट का ठिकाना है लेकिन उनके सांझे महांसंमेलन "वरसेये के शाही-महल में होते हैं। संकट की घड़ी में संवैधानिक ताकतों किसी ओर सहर में बदली जा सकतीं हैं जिससे संसदों के टिकाने राष्ट्रपती और मंत्री-मंडल वाले स्थानों पर ही रह सकें।
  • चेक गणराज्य: प्राग एक ही संवैधानिक राजधानी है। ब्रनो में देश की तीनों इचाचासर्व-उच्च अदालतों स्थित हैं जो इसको चेक अदालती शाखा की यथार्थ राजधानी बनाते हैं।
  • चिली: चाहे देश का राष्ट्रिय महा-सम्मेलन बालपारायसो में होता है परन्तु राजधानी सैन्टियागो है।
  • फ़िनलैंड: गर्मियाँ के दौरान पर राष्ट्रपति नानतली में कुलतारांता में निवास करता है और सरकार की सभी राष्ट्रपति बैठकों भी वहाँ ही होती हैं।