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पुस्तक - साहित्य. पुस्तक या किताब लिखित या मुद्रित पन्नो के संग्रह को कहते हैं। डिजिटल पुस्तकों को ई-पुस्तक कहते हैं जबकि हस्तलिखित पुस्तकोँ को पांडुलिपियां ..




                                               

ई-पुस्तक

ई-पुस्तक का अर्थ है डिजिटल रूप में पुस्तक। ई-पुस्तकें कागज की बजाय डिजिटल संचिका के रूप में होती हैं जिन्हें कम्प्यूटर, मोबाइल एवं अन्य डिजिटल यंत्रों पर पढ़ा जा सकता है। इन्हें इण्टरनेट पर भी छापा, बाँटा या पढ़ा जा सकता है। ये पुस्तकें कई फाइल फॉर्मेट में होती हैं जिनमें पी॰डी॰ऍफ॰, ऍक्सपीऍस आदि शामिल हैं, इनमें पी॰डी॰ऍफ॰ सर्वाधिक प्रचलित फॉर्मेट है। जल्द ही पारंपरिक किताबों और पुस्तकालयों के स्थान पर सुप्रसिद्ध उपन्यासों और पुस्तकों के नए रूप जैसे ऑडियो पुस्तकें, मोबाइल टेलीफोन पुस्तकें, ई-पुस्तकें आदि उपलब्ध होंगी।।

                                               

नाथूराम प्रेमी

नाथूराम प्रेमी एक लेखक, प्रकाशक, कवि, सम्पादक, भाषाविद एवं विद्वान, चिन्तक, समाजसुधारक थे। वे जैन धर्म एवं हिन्दी साहित्य के विद्वान थे। यद्यपि वे दिगम्बर जैन थे, किन्तु उन्होने दिगम्बर एवं श्वेताम्बर दोनों ही सम्प्रदायों के अनेकों ग्रन्थों का अनुवाद एवं प्रकाशन किया। उन्होने हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर नामक एक पुस्तकों की दुकान खोली जो अब हिन्दी ग्रन्थ कार्यालय नाम का पुस्तक प्रकाशन गृह है।

                                               

रमाकान्त राय

गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में जन्म। प्रारम्भिक शिक्षा दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल से। उच्च शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से। भारतवादी। युवा आलोचक और चिंतक। प्राध्यापक। हिन्दू-मुस्लिम रिश्तों के बहाने राही के उपन्यास शीर्षक पुस्तक लोकभारती प्रकाशन, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश से प्रकाशित। डॉ रमाकान्त राय के राही मासूम रज़ा पर केंद्रित शोधकार्य को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली से अनुदानित किया गया है। उन्होंने साम्प्रदायिकता पर उल्लेखनीय काम किया है। उनका साम्प्रदायिकता, दंगे और महिलाओं की बदलती भूमिका विषयक लेख बहुचर्चित हुआ है। उन्होंने विभिन पत्र-पत्रिकाओं और पुस्त ...

                                               

वाचन

किसी पाठ को या पुस्तक के किसी भाग को सस्वर अथवा मौनरूप से पढ़ना वाचन या पठन कहलाता है। दूसरे शब्दों में, किसी भाषा में लिखित सामग्री को पढ़ना और समझना ही वाचन है। वाचन एक जटिल संज्ञानात्मक प्रक्रिया है जिसमें संकेतों का प्रसंस्करण करते हुए उनसे अर्थग्रहण किया जाता है। वस्तुतः यह भाषा प्रसंस्करण का एक रूप है। इस प्रक्रिया में कोई कितना सफल है, इसका मापन ही पठनबोध कहलाता है।

                                               

प्रियनाथ मुखोपाध्याय

प्रियनाथ मुखोपाध्याय एक बंगाली लेखक और कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग के निरीक्षक थे। वह अपनी जासूसी पुस्तक दरोगार दफ्तर के लिए प्रसिद्ध थे।

                                               

अभिषेक कुमार अम्बर

अभिषेक कुमार अम्बर उर्दू कवि और लेखक है. इस प्रसिद्ध कवि राजेन्द्र नाथ रहबर के आश्रित हैं.और गढ़वाली कविता कोश के संस्थापक है । शब्द सेतु सम्मान 2018. साहित्य सम्मान, 2019. (Literature respect, 2019) NASCAR साहित्य सम्मान 2017.

पुस्तक
                                     

पुस्तक

पुस्तक या किताब लिखित या मुद्रित पन्नो के संग्रह को कहते हैं। डिजिटल पुस्तकों को ई-पुस्तक कहते हैं जबकि हस्तलिखित पुस्तकोँ को पांडुलिपियां कहते हैँ। एक स्थूल पदार्थ के रूप में पुस्तक सामान्यतः आयताकार पृष्ठों का एक पुलिंदा है जिसे कागज़, पेपिरस, चर्मपत्र या भोजपत्र से निर्मित किया जाता है और जिसे एक ओर से बाँधकर या सीं कर या फिर किसी अन्य माध्यम से एक साथ इस प्रकार से दृढ कर दिया जाता है कि उसे सरलता से पढ़ा जा सके।

आज पुस्तकें सिर्फ स्थूल रूप में ही उपलब्ध नहीं हैं, बल्कि संचार क्रांति के फलस्वरूप वह ई-पुस्तकों और दूसरे रूपों में भी उपलब्ध हैं। जिस स्थान पर बहुत सी पुस्तकों को व्यवस्थित और क्रमबद्ध ढंग से रखा जाता है, उसे पुस्तकालय कहते हैं।

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