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हैंडबॉल - खेल. हैंडबॉल एक टीम खेल है जिसमें सात खिलाड़ियों की दो टीमें आपस में खेलती हैं। खिलाड़ियों का उद्देश्य विरोधी टीम के गोल में बॉल फ़ेकना होता है। सा ..




                                               

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हैंडबॉल

ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हैंडबॉल दो अलग-अलग खेल का उल्लेख करता है। बर्लिन में 1936 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में पुरुषों के लिए फ़ील्ड हैंडबाल पेश किया गया था, लेकिन उसके बाद गिरा दिया। हैंडबाल पुरुषों के लिए 1972 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में पेश किया गया था, जर्मन क्षेत्पर भी। 1976 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में महिला हैंडबाल प्रतियोगिता पेश की गई थी।

हैंडबॉल
                                     

हैंडबॉल

हैंडबॉल एक टीम खेल है जिसमें सात खिलाड़ियों की दो टीमें आपस में खेलती हैं। खिलाड़ियों का उद्देश्य विरोधी टीम के गोल में बॉल फ़ेकना होता है। सात खिलाड़ियों में से छह आपस में बॉल करते हुए विरोधी टीम के गोल की तरफ़ बढ़ते हैं जबकि बचा हुआ खिलाड़ी गोलकीपर या गोलरक्षक की भूमिका अदा करता है। एक मानक मैच 30 मिनट की दो अवधियों में बटा होता है।

आधुनिक हैंडबॉल आमतौपर इंडोर स्टेडियम में खेली जाती है, परन्तु बाह्य प्रकार भी उपलब्ध हैं जैसे फ़ील्ड हैंडबॉल, चेक हैंडबॉल जो भूतकाल में अधिक प्रसिद्ध थी और बीच हैंडबॉल जिसे सैंडबॉल भी कहा जाता है।

यह खेल काफ़ी तेजी से खेला जाता है जिसमें शरीर संपर्क भी शामिल है क्योंकि रक्षक खिलाड़ी हमला करने वाले खिलाड़ीयों को अपने गोल की तरफ़ जाने से रोकते हैं। इस प्रकार के संपर्क की केवल उसी स्थिति में अनुमति दी जाती है जब रक्षक खिलाड़ी आक्रामक खिलाड़ी के सामने पूरी तरह से आ जाए, मतलब गोल और आक्रामक खिलाड़ी के बीच में। इसे खिलाड़ी सैंडविच कहा जाता है। सामने के आलावा किसी और दिशा से किया गया सम्पर्क विशेष रूप से पीछे से खतरनाक माना जाता है और इसके लिए आमतौपर दंड मिलता है।

                                     

1. मूल और विकास

रोमन महिलाओं के हैंडबाल खेलने के सबूत मिले है जो इसे ``expulsim ludere`` कहती थी। फ्रांस, ग्रीनलैंड, डेनमार्क, जर्मनी, चेक गणराज्य, स्लोवाकिया और यूक्रेन मे 19वीं सदी मे भी इसी तरह के खेलों का अस्तित्व था। आज के हैंडबाल खेल को उत्तरी यूरोप-मुख्य रूप से डेनमार्क, जर्मनी, नार्वे और स्वीडन में 19 वीं सदी के अंत में संहिताबद्ध किया गया था। हैंडबॉल के नियमों का प्रथम लिखित स्वरूप डेनिश जिम शिक्षक, लेफ्टिनेंट और ओलंपिक पदक विजेता होल्गर नीलसन द्वारा 1906 में प्रकाशित हुआ था। नियमों का आधुनिक स्वरूप 29 अक्टूबर 1917 को जर्मनी के मैक्स हेसर, कार्ल सलेनज और एरिक कोनाइ द्वारा प्रकाशित किया गया था। 1919 के बाद नियमों मे कार्ल सलेनज द्वारा सुधार किया गया। इन नियमों के तहत पुरुषों का पहला अन्तर्राष्ट्रीय मैच जर्मनी और बेल्जियम के बीच 1925 मे खेला गया। महिलाओं का पहला अन्तर्राष्ट्रीय मैच 1930 मे जर्मनी और ऑस्ट्रिया के बीच खेला गया था। सन् 1926 में, अन्तर्राष्ट्रीय एमेच्योर एथलेटिक्स फेडरेशन की कांग्रेस मे हैंडबाल के अन्तर्राष्ट्रीय नियमों को गठित करने के लिए एक समिति बनाई गई। अन्तर्राष्ट्रीय एमेच्योर हैंडबाल फेडरेशन का गठन 1928 मे किया गया था और अंतर्राष्ट्रीय हैंडबाल महासंघ का गठन 1946 किया गया था। पुरुषों की हैंडबाल प्रतियोगिता पहली बार 1936 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में बर्लिन में खेली गई। 1972 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक से हैडंबाल ओलंपिक का स्थायी खेल है। अंतर्राष्ट्रीय हैंडबाल महासंघ द्वारा 1938 में पुरुषों की विश्व चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया और तब से हर चार साल कभी कभी तीन मे द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर 1995 तक होता रहा। आइसलैंड में सन् 1995 की विश्व चैम्पियनशिप के बाद से, यह हर दो साल मे होती है। महिला विश्व चैम्पियनशिप 1957 के बाद से खेली गयी है।