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रासायनिक इंजीनियरी - तकनीकी और अभियान्त्रिकी. रासायनिक अभियान्त्रिकी रसायन शास्त्र, भौतिकी, अर्थशास्त्र वगैरह और उनके सिद्धान्तों को औद्योगिक उपयोगों में प्र ..




                                               

क्रिस्टलन

प्राकृतिक या कृत्रिम विधि से ठोस क्रिस्टल बनने/बनाने की क्रिया को क्रिस्टलन या क्रिस्टलीकरण कहते हैं। क्रिस्टलन के लिये विलयन या गलित का प्रयोग किया जाता है या कभी-कभी सीधे गैस से ही क्रिस्टल जमा लिये जाते हैं। क्रिस्टलन एक रासायनिक ठोस-द्रव विलगीकरण तकनीक है जिसमें विलेय, द्रव विलयन से स्थानान्तरित होकर शुद्ध ठोस पर चला जाता है। रासायनिक इंजीनियरी में क्रिस्टलन के लिये क्रिस्टलकारी का प्रयोग किया जाता है।

रासायनिक इंजीनियरी
                                     

रासायनिक इंजीनियरी

English version: Chemical engineering

रासायनिक अभियान्त्रिकी रसायन शास्त्र, भौतिकी, अर्थशास्त्र वगैरह और उनके सिद्धान्तों को औद्योगिक उपयोगों में प्रयुक्त कराने वाला विज्ञान या व्यवसाय है। इसका मुख्य हिस्सा प्रक्रम अभियान्त्रिकी कहलाता है, जिसमें भारी मात्रा में निर्मित रसायनों को औद्योगिक स्तर पर सहज तरीके से बनाने का अध्ययन किया जाता है। लेकिन आज रासायनिक अभियान्त्रिकी सिर्फ़ इसी तक सीमित नहीं है। आज रासायनिक अभियन्ता जैवप्रौद्योगिकी विषयों पर काम और शोध करते हैं और विमान, अन्तरिक्ष यान, खाद्य पदार्थ, जैवमेडिकल संयन्त्र, सिलिकॉन तकनीकी. नैनोतकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक्स वगैरह के क्षेत्रों में नये और उच्च कोटि के पदार्थों का निर्माण भी सहज तरीके से करते हैं।

                                     

1. उपयोग

रासायनिक इंजीनियरी अनेकानेक प्रकार के उत्पादों के निर्माण में प्रयुक्त होती है। अकार्बनिक एवं कार्बनिक रसायनों का निर्माण करना, सिरैमिक्स, ईंधन, पेट्रोरसायन, कृषिरसायन), प्लास्टिक एवं एलास्टोमर, विस्फोटक, डिटरजेंत एवं डिटरजेन्ट उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण food processing, पर्यावरण तकनीकी environmental technology, तथा पेट्रोलियम, काँच, पेंट, चिपकाने वाले पदार्थ adhesives आदि