पिछला

गैस प्रौद्योगिकियाँ - ऊर्जा प्रौद्योगिकी ..




                                               

गैस प्रदीपन

गैस प्रदीपन का आशय किसी गैसीय ईंधन को जलाकर प्रकाश उत्पन्न करने की प्रौद्योगिकी से है। इसमें हाइड्रोजन, मिथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड, प्रोपेन, ब्यूटेन, एसिटिलीन और इथिलीन सहित अन्य गैसीय ईंधन प्रयोग किये जाते हैं। जब तक बिजली का प्रयोग आर्थिक और तकनीकी रूप से व्यापक नहीं हो पाया था, तब तक नगरों और उपनगरों में प्रकाश करने के लिये गैसों का ही सर्वाधिक प्रयोग होता था।

                                               

गृहोपयोगी सामान

वे यांत्रिक/वैद्युत उपकरण जो कोई न कोई घरेलू कार्य करते हैं, गृहोपयोगी सामान कहलाते है। उदाहरण के लिये गैस चूल्हा, निर्वात कूकर, फ्रिज, सिलाई मशीन आदि।

                                               

संकर रॉकेट

जिस रॉकेट का मोटर प्रोपेलेन्ट ईंधनों को दो अलग-अलग अवस्थाओं में उपयोग करता है उसे संकर रॉकेट या हाइब्रिड रॉकेट कहते हैं। ईंधन की ये दो अवस्थाओं में पहली ठोस अवस्था होती है और दूसरी या तो गैस अवस्था या द्रव अवस्था। संकर रॉकेट का कांसेप्ट कम से कम ७५ वर्ष पुराना है।

                                               

सूर्य में सुरंग प्रभाव

एक अन्य संदर्भ जिसमें सुरंग प्रभाव उभर के आता है, वह है दो अल्प द्रव्यमान के नाभिकों का संलयन| इस घटना का प्रौद्योगिक दृष्टि से नाभिकीय ऊर्जा के क्षेत्र में विशेष महत्व है| तारों का आंतरिक तापमान कुछ 10 7 K के करीब होता है| उदाहरण के लिए, सूर्य का भीतरी तापमान 2x10 7 K है| इस अत्यधिक मान का कारण गुरुत्वाकर्षण संकुचन है| जब तापमान इतने ऊँचे स्तर पर पहुँच जाता है, तब विभिन्न नाभिक, उच्च दाब की आयनीकृत गैस प्लाज़्मा में रहते हुए अपना अस्तित्व खो देते हैं, तथा उनके भीतर उपस्थित प्रोटॉन्स स्वतंत्र हो जाते हैं| इस तापमान पर एक प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा काइनेटिक एनर्जी का मान 3/2 KT यानि 1.9 keV के ब ...

                                               

अवशोषण प्रशीतक

अमोनिया अवशोषण यंत्र एक प्रकार का प्रशीतक रिफ़िजरेटर यंत्र है। जो घरों और कारखानों में ठंडक उत्पन्न करने के काम आता है। अवशोषण यंत्रों की उपयोगिता का क्षेत्र बहुत सीमित है लेकिन जब बहुत निम्न ताप अपेक्षित हो तो ऐसे यंत्रों का महत्व अधिक हो जाता है। इस यंत्र की कार्यप्रणाली चित्र द्वारा समझागई है। जनित्र जेनेरेटर क में अमोनिया का सांद्र कांसेंट्रेटेड जलीय ऐकुअस घोल भरा होता है और ज्वालक से या भाप की नलियों से इसको गरम किया जाता है। घोल में से अमोनिया गैस निकलकर संघनित्र ख में डूबी सर्पिल में से जाती है। ख में शीतल पानी निरंतर प्रवाहित होता रहता है। अत: सर्पिल में गैस स्वयं अपनी ही दाब से सं ...

                                               

निम्नतापी ईंधन

निम्नतापी ईंधन या क्रायोजेनिक इंधन उन ईंधनों को कहते हैं जिनको अत्यन्त कम ताप पर भण्डारित करना पड़ता है ताकि वे द्रव अवस्था में बने रहें। ये ईंधन उन यानों एवं मशीनों में प्रयुक्त होते हैं जो अन्तरिक्ष में जाते हैं । सामान्य ईंधन अन्तरिक्ष में प्रयोग नहीं किया जा सकता क्योंकि वहाँ साधारण ईंधन के जलने लिये आवश्यक वातावरण नहीं होता । निम्नतापी ईंधन प्रायः द्रवीकृत गैसें होतीं हैं, जैसे द्रव हाइड्रोजन।

                                               

कोच इंडस्ट्रीज

कोच इंडस्ट्रीज, इंक. विचिटा, कंसास में स्थित एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निगम है। इसकी सहायक कंपनियां पेट्रोलियम, रसायन, ऊर्जा, फाइबर, मध्यवर्ती और पॉलिमर, खनिज, उर्वरक, लुगदी और कागज, रासायनिक प्रौद्योगिकी उपकरण, खेत, वित्त, वस्तुओं के व्यापाऔर निवेश के निर्माण, शोधन और वितरण में शामिल हैं। कोच के पास इनविस्टा, जॉर्जिया-पैसिफिक, मोलेक्स, फ्लिंट हिल्स रिसोर्सेज, कोच पाइपलाइन, कोच फर्टिलाइजर, कोच मिनरल्स, मैटाडोर कैटल कंपनी और गार्जियन इंडस्ट्रीज हैं। यह फर्म 60 देशों में 120.000 लोगों को रोजगार देती है, और इसका आधा व्यापार संयुक्त राज्य अमेरिका में है। कंपनी Athabasca oil sands में सबसे बड़ी ज ...