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खाद्य प्रौद्योगिकी - प्रकारानुसार प्रौद्योगिकी ..




                                               

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान) भारत का एक सार्वजनिक अनुसंधान एवं शिक्षा केन्द्र है जो उद्यमियों, खाद्य प्रसंस्करन उद्योग, निर्यातकों, नीतिनिर्माताओं आदि की आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। यह हरियाणा के सोनीपत जिले में कुंडली में स्थित है और भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा स्थापित है।

                                               

केन्द्रीय खाद्य प्रोसैसिंग प्रौद्योगिकी संस्थान

केन्द्रीय खाद्य प्रोसैसिंग प्रौद्योगिकी संस्थान मैसूर में स्थित वैज्ञाणिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की एक प्रयोगशाला है। केन्द्रीय खाद्य प्रोसैसिंग प्रौद्योगिकी संस्थान- आधिकारिक जालस्थल

                                               

श्री शक्थी अभियांत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संसथान

श्री शक्ति इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान एक अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा मंजूरी प्राप्त कोयम्बटूर, तमिलनाडु, भारत, में स्थित एक अभियांत्रिकी संसथान है

                                               

लेडी इरविन कॉलेज

लेडी इरविन कालेज दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एक महिला महाविद्यालय है। यह नई दिल्ली में स्थित है। इसकी स्थापना १९३२ में हुई थी। यहाँ खाद्य प्रौद्योगिकी में स्नातक पाठ्यक्रम तथा गृह विज्ञान में स्नातक तथा परास्नातक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।

                                               

टैंग (पेय)

टैंग अमेरिका का एक मीठा और तीखा, नारंगी के जायके वाला पेय है। इसके नाम को टैंगरीन के नाम पर रखा गया था ; संतरे के जायके वाले मूल टैंग को 1957 में जनरल फूड्स कॉरपोरेशन के लिए विलियम ए. मिशेल द्वारा तैयार किया गया था और इसे 1959 में पहली बार पाउडर के स्वरूप में बाजार में उतारा गया था। शुरुआत में इसे एक नाश्ते के पेय के रूप में व्यवहार का इरादा था लेकिन नासा NASA द्वारा 1965 में जेमिनी फ्लाइटों पर इसका इस्तेमाल किये जाने से पहले इसकी बिक्री कुछ खास नहीं थी नैटिक सोल्जर सिस्टम्स सेंटर में इसपर शोध किया गया; टैंग का जॉन ग्लेन की मरकरी फ्लाईट पर इस्तेमाल किये जाने वाले प्रथम पेय के रूप में काफी ...

                                               

जीवबहुलक

जीवबहुलक जीवित जन्तुओं द्वारा उत्पन्न बहुलक होते हैं। सेलूलोज, स्टार्च, काइटिन, प्रोटीन, पेप्टाइड, डीएनए और आरएनए, ये सभी जीवबहुलकों के उदाहरण हैं, जिनमें मोनोमेरिक इकाईयों के रूप में क्रमशः शर्करा, अमीनो अम्ल और न्यूक्लियोटाइड होते हैं। सेलूलोज धरती पर पाया जाने वाला सबसे आम बायोपॉलिमर और कार्बनिक यौगिक है। समस्त वनस्पति पदार्थ का 33 प्रतिशत सेलूलोज होता है। उदा. सेलूलोज की मात्रा कपास में करीब 90 प्रतिशत और लकड़ी में करीब 50 प्रतिशत होती है। कुछ बायोपॉलिमरों का जैव अवक्रमीकरण किया जा सकता है। अर्थात, उन्हें सूक्ष्मजीवाणुओं द्वारा CO 2 और पानी में विच्छेदित किया जा सकता है। इसके अलावा इनम ...

                                               

गोखले राजनीति एवं अर्थशास्त्र संस्थान

आम तौपर गोखले संस्थान के नाम से मशहूर गोखले राजनीति एवं अर्थशास्त्र संस्थान अर्थशास्त्र के क्षेत्र में भारत के सबसे पुराने अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। यह महाराष्ट्र के पुणे के डेक्कन जिमखाना क्षेत्र में बीएमसीसी रोड पर स्थित है - इस शहर को अक्सर पूर्व का ऑक्सफोर्ड कहा जाता है।

                                               

आर्थिक मॉडल

अर्थशास्त्र के सन्दर्भ में, किसी आर्थिक प्रक्रम का मॉडल उस प्रक्रम में निहित चरों के बीच एक तार्किक/संख्यात्मक सम्म्बन्ध है। अन्य मॉडलों की भांति आर्थिक मॉडल प्रायः जटिल आर्थिक प्रक्रम का एक सरलीकृत गणितीय निरूपण होता है। मॉडलों का उपयोग करके इस बात की जाँच की जा सकती है आर्थिक प्रक्रिया के किसी चर को बदलने पर अर्थतन्त्पर क्या प्रभाव होगा। अवलोकन सामान्य शब्दों में, आर्थिक मॉडल के दो कार्य भाग है: पहला अर्थमितीय अध्ययन के एक प्रतिमान के आधापर डेटा का चयन करने का एक साधन के रूप के सरलीकरण और दूसरा मनाया डेटा से अमूर्त के रूप मे। सरलीकरण आर्थिक प्रक्रियाओं की भारी जाटिलता को देखते हुए अर्थशा ...