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श्रवणविज्ञान - स्वास्थ्यविज्ञान ..




                                               

श्रवण तंत्र

श्रवण तंत्र जीवों के शरीर की वह प्रणाली होती है जिनके प्रयोग से उसे सुनाई देता है। इसमें कान की ज्ञानेन्द्रिय और संवेदक तंत्रिका तंत्र के श्रवण-सम्बन्धी भाग शामिल होते हैं।

                                               

श्रवणविज्ञान

श्रवणविज्ञान विज्ञान की वह शाखा है जिसमें श्रव्यता तथा कानों के प्रयोग से शारीरिक संतुलन और इन से सम्बन्धित रोगों व विकारों का अध्ययन करा जाता है। श्रवणवैज्ञानिकों का एक मुख्य कार्य सुनने की शक्ति कम होने या खो जाने वाले लोगों की सहायता करना व श्रव्यता की रक्षा करना है।

                                               

श्रव्यता

श्रव्यता ध्वनि का बोध होने की क्षमता को कहते हैं। यह वायु, जल या अन्य किसी माध्यम में ध्वनि की कम्पन को कान जैसे अंगों द्वारा भाँप लेने से सम्भव होता है। श्रव्यता के अध्ययन को श्रवणविज्ञान कहते हैं।